: छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में भाग लेने ग्रामीणों में दिखा उत्साह
Mon, Jul 17, 2023
कोरबा जिले में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक सीजन 02 की शुरूआत के साथ ही ग्रामीणों में खेलों के प्रति विशेष उत्साह दिखा। बच्चों ने खेलों में बढ़चढ़ कर भाग लिया। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा छत्तीसगढ़िया पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित करने, खेलों के प्रति जागरूकता फैलाने, खिलाड़ियों को मंच प्रदान करने और खेल भावना का विकास करने के उद्देश्य से शुरू किए गए छत्तीसगढ़ीया ओलम्पिक में इस वर्ष 14 खेलों की जगह 16 खेलो का आयोजन होना है। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में गिल्ली-डंडा, पिठ्ठुल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी, बांटी (कंचा), बिल्लस, फुगड़ी, गेड़ी दौड़, भंवरा, 100 मीटर दौड़, लंबीकूद तथा रस्सीकूद एवं कुश्ती को शामिल किया गया है। ये सभी खेल दलीय एवं एकल श्रेणी में आयु वर्ग 18 से कम, 18-40 और 40 से उपर महिला तथा पुरुष दोनो समूह के लिए होगा। राजीव युवा मितान क्लब से शुरू होकर राज्य स्तर तक 6 चरणों मे आयोजित होने वाली प्रतियोगिता का समापन 27 सितम्बर को होगा।
: मुख्य अतिथि ने किया छत्तीसगढ़िया ओलंपिक सीजन 2 की शुरूआत
Mon, Jul 17, 2023
मुख्य अतिथि डॉ. जायसवाल ने ग्राम बुंदेली में जिला स्तरीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक सीजन 02 की औपचारिक घोषणा कर खेलों की शुरूआत की। इस दौरान डॉ. जायसवाल और विधायक श्री कंवर सहित अन्य अतिथियों में गेड़ी चढ़कर गेड़ी दौड़ का शुभारंभ किया। उन्होंने फुगड़ी, गेड़ी दौड, कबड्डी, रस्साकशी, गिल्ली-डंडा आदि खेलों के विजेता खिलाड़ियों के पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
: किसानों, पशुपालकों का किया गया सम्मान
Mon, Jul 17, 2023
जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ जायसवाल ने बुंदेली गौठान में सर्वाधिक गोबर बिक्री करने वाले गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों, पशुपालकों, सर्वाधिक वर्मी खाद खरीदी करने वाले किसानों को शॉल-श्रीफल देकर सम्मानित किया। उन्होंने श्रीमती ईश्वरी बाई, हेमेन बाई, सुनीता बाई, उर्मिला बाई, झूलबाई तथा किसान मनहरण लाल, शंभुनाथ, घनश्याम को सम्मानित किया। इसके साथ ही आजीविका संवर्धन हेतु जय माँ शक्ति स्वसहायता समूह के सदस्यों को मछली जाल एवं आइस बॉक्स तथा जिला खनिज न्यास अंतर्गत किसान, संतोष कुमार, मालिक राम, पुराइन बाई को 03 हॉर्स पॉवर का ओपन वॉल विद्युत पंप प्रदान किया। ग्रामीण रामकृष्ण, सुरेश, दिलेश्वर, समारू, चंद्रिका आदि को कटहल के पौधों का वितरण किया गया।