: बालको ने मच्छर जनित बीमारियों से बचने के लिए चलाया जागरूकता अभियान
Mon, Sep 2, 2024
*बालकोनगर, 30 अगस्त, 2024।* बरसात के बाद कई संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ जाता है। बारिश के बाद घर के आसपास पानी के इकट्ठा होने से मच्छर पैदा हो जाते हैं इससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बालको अस्पताल के डॉक्टर के अनुसार बरसात के बाद संक्रामक मच्छर के काटने से डेंगू बीमारी की घटनाओं का खतरा सबसे ज्यादा देखने को मिलता है। डॉक्टर ने बताया इसे लेकर लापरवाही करना जानलेवा हो सकता है।
बालको अपने समुदायिक विकास कार्यक्रमों की मदद से समुदाय के स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत को पूरा करने के लिए कटिबद्ध है। कंपनी की मोबाइल हेल्थ वैन ने मलेरिया, डायरिया और कृमि से बचाव पर 12 जागरूकता सत्र आयोजित किये गए। इस जागरूकता अभियान में लगभग 5500 लोग शामिल हुए। सत्र का आयोजन 12 स्कूल और 18 समुदाय में आयोजित किए गए जिनमें क्रमशः 1485 स्कूली छात्र और 4000 समुदाय के सदस्य शामिल थे। इसके साथ ही 33 नंद घर में आंगनवाड़ी और समुदाय के लगभग 600 सदस्यों को मलेरिया और डायरिया की रोकथाम के बारे में शिक्षित किया गया। कंपनी की मोबाइल हेल्थ वैन टीम ने मरीजों के घर जाकर व्यक्तिगत स्वास्थ्य सेवा सहायता और आगे के चिकित्सा उपचार के लिए बालको अस्पताल की सुविधा से अवगत कराया।बालको अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक सिन्हा ने कहा कि डेंगू वेक्टर जनित रोग है जो मच्छरों के काटने से इंसानों में फैलता है। डेंगू का शिकार होने पर व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, मसल्स और जॉइंट्स में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, उल्टी और स्किन पर रैशेज जैसे लक्षण नजर आने लगते हैं। सही समय पर इलाज ना मिलने से डेंगू घातक साबित हो सकता है। डेंगू होने पर लोगों का प्लेटलेट काउंट तेजी से कम हो जाता है तथा कई गंभीर मामलों में ब्लीडिंग भी हो सकती है। इसमें से किसी भी लक्षण पर डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।डॉ. सिन्हा ने कहा कि 100 आधुनिक बेड से युक्त बालको अस्पताल कंपनी के कर्मचारियों एवं उनके परिवारजन और विभिन्न जिलों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए कटिबद्ध है। हमारी विशेषज्ञ की टीम है जिसमें सामान्य चिकित्सक, फिजियोथेरेपिस्ट, दंत चिकित्सक, नेत्र रोग विशेषज्ञ, ईएनटी विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, एनेस्थेसियोलॉजिस्ट, स्त्री रोग विशेषज्ञ और आर्थोपेडिक सर्जन के साथ 09 विजिटिंग कंसल्टेंट शामिल हैं। इसके साथ ही अस्पताल को 14 रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर, 60 नर्स और 113 स्टाफ सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। नियमित जांच शिविर, जागरूकता शिविर आयोजित करने के साथ ही आयुष्मान भारत और सरकार द्वारा निर्धारित समस्त टीकाकरण कार्यक्रमों का अनुसरण बालको अस्पताल में किया जाता है। बालको अस्पताल छत्तीसगढ़ के कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर और जांजगीर चांपा जिलों से हर साल 2 लाख 10 हजार से अधिक रोगियों को सेवा प्रदान करता है।
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: बालको ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर वितरित किये स्पोर्ट्स किट
Fri, Aug 30, 2024
*बालकोनगर, 28 अगस्त 2024।* वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर समुदाय के युवाओं को स्पोर्ट्स किट वितरित किये। कंपनी ने इस पहल से खेल को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पहल का उद्देश्य युवाओं में खेल क्षमता का विस्तार और खेल भावना की संस्कृति को बढ़ावा देना है। कंपनी निरंतर समुदाय के युवाओं की प्रतिभाओं में बढ़ावा देने के लिए कटिबद्ध है।
स्पोर्ट्स किट में बैडमिंटन, हॉकी, क्रिकेट, फुटबॉल, बास्केटबॉल और वॉलीबॉल जैसे विभिन्न खेलों के समान शामिल थे। वित्तवर्ष 2025 में कंपनी ने 5 समुदाय स्पोर्ट्स किट वितरित किए गए हैं। किट वितरण के साथ ही निकट भविष्य में खेलों को बढ़ावा देने तथा अधिक क्षेत्रों में विस्तारित करने की योजना है। कंपनी के इस पहल से अभी तक 3,700 से अधिक लाभान्वित हुए हैं। पहल की मदद से उन्हें अपने खेल कौशल को विकसित करने के लिए आवश्यक उपकरण और अवसर प्राप्त हुए हैं। कंपनी का उद्देश्य है कि इस पहल का लाभ ऐसे क्षेत्रों के युवाओं को मिले जहाँ ऐसे संसाधनों तक पहुँच सीमित है। इससे उन्हें नियमित खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हों। अगली पीढ़ी के एथलीटों में खेल भावना और स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। इस प्रोत्साहन से मौजूदा खेल समितियों को पुनर्जीवित और मजबूत किया है। स्थानीय स्टेकहोल्डर के समर्थन से नई समितियों के गठन को भी बढ़ावा दिया है।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि ओलंपिक में भारतीय एथलीटों के उल्लेखनीय प्रदर्शन ने एक बार फिर हमारे युवाओं की अपार क्षमता को उजागर किया है। हम विभिन्न अवसर, संसाधन और प्रशिक्षण क्षमताओं को बढ़ाकर जमीनी स्तर पर खेलों को प्रोत्साहित करने में विश्वास करते हैं। उचित खेल संसाधन तक पहुँच सुनिश्चित करने तथा नियमित खेल अवसरों से हम भविष्य के चैंपियन के लिए नींव रख रहे हैं। ऐसे पहल एक स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने के साथ युवाओं को खेलों में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करती है। खेल में प्रतिभाशाली युवाओं के प्रोत्साहन और सशक्तिकरण से वैश्विक मंच पर हमारे देश को स्पोर्ट्स क्षेत्र में मजबूती मिलेगी।पहल की सराहना करते हुए सोनपुरी की सरपंच मीना बाई कंवर ने कहा कि बालको हमेशा स्थानीय समुदाय की जरूरतों को पूरा करने के लिए समर्पित रहा है। कंपनी अपने विकास परियोजनाओं स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने में सफल रहा है। उन्होंने कहा कि समुदाय में खेल उपकरण वितरित करने का कार्य सराहनीय है क्योंकि यह शारीरिक गतिविधि और खेलों को प्रोत्साहित करेगा जिससे स्वस्थ समुदाय का निर्माण होगा।बालको ने हमेशा समुदाय के युवाओं में खेल और शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बालको बालकोनगर में डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्टेडियम का प्रबंधन करता है जो स्थानीय युवाओं और बच्चों को अपने खेल कौशल को विकसित करने और निखारने के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान प्रदान करता है। स्टेडियम खेलने की सुविधा प्रदान करने के साथ युवाओं और बच्चों का प्रिय स्थान है। स्टेडियम में हर महीने लगभग 9,000 खेलप्रेमी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं। खिलाड़ी क्रिकेट, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी और तायक्वोंडो आदि खेलों के लिए इसका उपयोग करते हैं। बालको महत्वाकांक्षी एथलीटों को अपने संबंधित खेलों में आगे बढ़ने के लिए मदद कर रहा है। उन्हें सफल होने के लिए आवश्यक कौशल और आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को आगे बढ़ाने के लिए सशक्त बना रहा है। शारीरिक गतिविधि एवं खेल प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ स्टेडियम युवाओं के एथलेटिक क्षमता को विकसित करने के लिए बेहतर मंच प्रदान करता है।
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: बालको ने विश्व स्तनपान सप्ताह पर समुदाय में चलाया जागरूकता अभियान
Mon, Aug 26, 2024
बालकोनगर, 21 अगस्त 2024। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने समुदाय की गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से जागरूकता अभियान के साथ विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया। इस वर्ष की थीम ‘क्लोजिंग द गैप: ब्रेस्टफीडिंग सपोर्ट फॉर ऑल’ के अनुरूप महिला एवं बाल स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए सत्र आयोजित की गई। इस अवसर पर ‘आरोग्य परियोजना’ के अंतर्गत शिशुवती माताओं और गर्भवती महिलाओं को बच्चों के पोषण और स्तनपान के महत्व से परिचित कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चे के लिए पहले 1,000 दिनों में मां के दूध का महत्व और कंगारू देखभाल जैसी उन्नत देखभाल तकनीकों पर जागरूकता प्रदान की गई। अभियान में मातृ एवं शिशु दोनों के बेहतर स्वास्थ्य और स्तनपान को अनुकूलित करने के लिए प्रसव से पहले महिलाओं के शरीर को तैयार करने पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम में 500 से अधिक गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं ने भाग लिया।कार्यक्रम के समापन में कंपनी ने स्तनपान कराने वाली माताओं को सम्मानित और समर्थन देने का काम किया। अभियान ने स्तनपान प्रथाओं को बढ़ावा देने तथा इसे बनाए रखने में परिवार, समुदाय और स्वास्थ्य सेवा कार्यकर्ता की महत्वपूर्ण भूमिका को बताया गया। साप्ताहिक पहल में माताओं और गर्भवती महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देखी गई।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा तक सभी की पहुँच एक समृद्ध समुदाय बनाने के हमारे दृष्टिकोण का केंद्र है। विभिन्न पहल के माध्यम से हम महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के साथ लोगों को एक स्वस्थ जीवन, आत्मनिर्भर भविष्य तथा सशक्त बनाने के लिए कटिबद्ध हैं। मातृ एवं बाल स्वास्थ्य का समर्थन करके हम अपने समुदाय की भलाई को बढ़ावा दे रहे हैं। हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि समुदाय के प्रत्येक माता एवं शिशु एक स्वस्थ और समृद्ध जीवन व्यतीत कर सके।कोरबा की महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी सुश्री रेणु प्रकाश ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि बच्चे का पोषण माँ की भलाई से जुड़ा हुआ है। महिला एवं बाल विकास लक्ष्यों के अनुरूप बालको की पहल माताओं को अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए सशक्त बनाती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि उनके बच्चों को उनकी ज़रूरत के अनुसार पोषण मिले। मुझे विश्वास है कि प्रतिभागी इन सीखों को स्वयं तथा अपने बच्चों की देखभाल के लिए अधिक प्रभावी ढंग से लागू करेंगी।पथरीपारा की लाभार्थी रेजिना लिंगा ने बताया कि इस सत्र से कंगारू केयर तकनीक ने मातृत्व के प्रति मेरे दृष्टिकोण को बदल दिया है। कंगारू केयर पद्धति में सिखाया गया की अपने बच्चे को शरीर से लगाकर रखने से मातृ एवं शिशु के रिश्ते मजबूत होते हैं साथ ही मेरे बच्चे की समग्र विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। सत्र के दौरान मिले मार्गदर्शन ने एक माँ के रूप में मेरा आत्मविश्वास बढ़ाया है जिससे मुझे अपने बच्चे की उचित देखभाल करने में मदद मिली है।समुदाय के प्रति समर्पित बालको की आरोग्य और नंद घर पहल, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति सामाजिक-आर्थिक विकास और कल्याण को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। आरोग्य व्यापक स्वास्थ्य देखभाल सेवाएँ प्रदान करता है जो मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण, एनीमिया और एचआईवी, टीबी और नशामुक्ति के बारे में जागरूकता पर केंद्रित है। नंद घर, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सहयोग से प्री-स्कूल पोषण, उच्च-स्तरीय पाठ्यक्रम के साथ शिक्षा, डिजिटल शिक्षण उपकरण और बेहतर सुविधाओं को बढ़ाता है जिससे बच्चों के संज्ञानात्मक विकास और स्कूल उपस्थिति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
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