: बालको से जुड़ी कृपा राठिया लाल किला समारोह में शामिल
Mon, Aug 26, 2024
*बालकोनगर, 17 अगस्त, 2024।* बेला गांव की निवासी श्रीमती कृपा राठिया लाल किला समारोह में शामिल होने के बाद अपनी खुशी को बयां करते हुए``` कहा कि भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने एसएचजी महिलाओं की बात करके हमारे हौंसलों को बढ़ाया है। जहां चाह वहां राह कहावत को चरितार्थ करते हुए श्रीमती कृपा 78 वें स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में हुई शामिल। जीवन में खुद के पहचान एवं आर्थिक चुनौतियों को मात देते हुए कृपा राठिया ने अपनी खुद की पहचान बनाई हैं।
हम सभी के लिए गर्व की बात की मिनिस्ट्री ऑफ माइंस की तरफ से देश भर से चुनिंदा औद्योगिक कंपनियों को ही बुलाया गया था। कार्यक्रम में शामिल होने वाली बालको छत्तीसगढ़ की एकमात्र कंपनी थी। देश भर के विभिन्न संस्थानों से 11 लोगों को इस समारोह में बुलाया गया जिसमें बालको, छत्तीसगढ़ की ओर से श्रीमती कृपा को शामिल होने का अवसर मिला।मजबूती से घर की जिम्मेदारियों को पूरा करते हुए आगे बढ़ने के लिए बालको की परियोजना मोर जल मोर माटी से जुड़ी। 11 साल के बच्चे की मां श्रीमती कृपा ने सामुदायिक परियोजना से जुड़कर विभिन्न प्रशिक्षण प्राप्त किये हैं। कई वर्षो में इन्होंने अपनी सफलता की कहानी को स्वयं आकार दिया है। सफल उद्यमी बनकर आज समुदाय की महिलाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत भी हैं। परियोजना की मदद से इन्होंने मुर्गी पालन का व्यवसाय शुरू किया जिससे साल में 50 हजार की आमदनी होती है। इसके साथ ही अपने मेहनत और लगन से कृषि क्षेत्र में भी उत्कृष्ट योगदान दे रही है। अपनी आर्थिक आत्मनिर्भरता की कहानी से इन्होंने विकसित भारत के सपने को साकार किया है मिसाल पेश की है।श्रीमती कृपा राठिया ने लाल किला समारोह की चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को ध्वजारोहण करते देखकर मन आनन्दित हो गया। कार्यक्रम को व्यक्तिगत रूप से अनुभव करना तथा प्रधानमंत्री और पूरे मंत्रालय को आमने-सामने से देखना मेरे लिए सबसे खास था। उन्होंने कहा कि मैं इस अनुभव के लिए बालको को धन्यवाद कहना चाहूंगी की उन्होंने मुझे इस कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर दिया। बालको की सामुदायिक परियोजना ने मुझे सशक्त बनाने के साथ हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने बताया कि सरपंच ने पूरे गांव को बताया है कि वह दिल्ली गई हैं और उनके पूरे गांव से बधाई संदेशों की बाढ़ आ गई है।लाल किला से प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ने वाली हमारी बहनों की संख्या 10 करोड़ तक पहुंच गई। उन्हीं में से एक श्रीमती कृपा राठिया स्वयं सहायता समूह से जुड़ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं। बालको की उन्नति परियोजना जीपीआर स्ट्रैटेजीज़ एंड सॉल्यूशंस (जीपीआरएसएस) के साथ साझेदारी में चल रही है। इस परियोजना से कोरबा के 45 शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 535 स्वयं सहायता समूहों की लगभग 5751 महिलाओं को विभिन्न कार्यक्रमों से लाभ मिल रहा है। परियोजना के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों के फेडरेशन विकास की दिशा में कार्य जारी है। महिलाओं को क्षमता निर्माण, वित्तीय प्रबंधन, सूक्ष्म उद्यमों के प्रचालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।मोर जल मोर माटी परियोजना 32 गांवों में 1800 एकड़ से अधिक भूमि के साथ 4749 किसानों तक अपनी पहुंच बना चुका है। किसान आजीविका के लिए कृषि के साथ पशुपालन, बागवानी और वनोपज जैसी गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। बालको अपने सामुदायिक विकास कार्यों की मदद से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, जल एवं स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, स्थायी आजीविका और पर्यावरण, संरक्षण में उल्लेखनीय भूमिका निभा रहा है।
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: बालको ने ‘विकसित भारत’ विजन के साथ मनाया 78वां स्वतंत्रता दिवस
Mon, Aug 26, 2024
*बालकोनगर, 16 अगस्त 2024।* वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने कर्मचारियों एव बिजनेस पार्टनर की उपस्थिति में 78वां स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने प्रशासनिक भवन परिसर में ध्वजारोहण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। राष्ट्रगान के उपरांत उन्होंने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए ‘विकसित भारत’ के विजन के प्रति बालको की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। बालको प्रबंधन ने समारोह में राष्ट्र निर्माण में स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद किया।भारत की विकास गाथा में कंपनी के योगदान के पर बोलते हुए श्री राजेश कुमार ने कहा कि हम 78वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मना रहे हैं। करीब छह दशकों से बालको देश के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हमारी यात्रा में ऐसे मील के पत्थर शामिल हैं जो प्रचालन उत्कृष्टता और सतत् विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। विस्तार परियोजना के माध्यम से बालको वैश्विक ‘वन मिलियन टन क्लब’ में शामिल होने और देश को दुनिया की एल्यूमिनियम राजधानी के तौर पर स्थापित करने के लिए तैयार है। 'विकसित भारत' के लिए कंपनी के हमारे कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ने के लिए कटिबद्ध हैं। हम प्रचालन उत्कृष्टता, नवाचार का उपयोग, सामुदायिक विकास और पर्यावरण संरक्षण को आगे बढ़ाकर एल्यूमिनियम उद्योग को मजबूत कर रहे हैं। हम अपने इन्हीं प्रयासों से भावी पीढ़ी के लिए एक आत्मनिर्भर, समृद्ध राष्ट्र का निर्माण कर रहे हैं।कार्यक्रम में एक विशेष स्वतंत्रता दिवस वीडियो को प्रदर्शित किया जिसमें 'विकसित भारत' थीम के साथ बालको के प्रयासों को दिखाया गया। वीडियो में बालको की व्यावसायिक प्रथाओं के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में इसके योगदान के प्रयासों को दर्शाया गया है। सामुदायिक जुड़ाव की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्री राजेश एवं कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने बालको अस्पताल के मरीजों को फल वितरित किया। सीईओ ने व्यक्तिगत रूप से सभी का हालचाल पूछा और उन्हें शीघ्र स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं। श्री राजेश सभी के लिए स्वास्थ्य सेवा को सुलभ बनाने की दिशा में निस्वार्थ समर्पण के लिए बालको अस्पताल के चिकित्सकों, चिकित्साकर्मियों के प्रति आभार और प्रशंसा व्यक्त की।
भारत सरकार के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का जश्न मनाते हुए बालको परिवार के सदस्यों ने अपने-अपने घरों पर तिरंगा लगाने के उत्सव में बढ़-चढ़ के हिस्सा लिया। अभियान का हिस्सा बनकर सभी ने अपनी देशभक्ति की भावना और राष्ट्र के प्रति समर्पण को प्रदर्शित किया।
बालको का स्वतंत्रता दिवस समारोह लोकतंत्र और राष्ट्रीय विकास के सिद्धांतों के प्रति कंपनी के समर्पण का एक प्रदर्शन था जिसमें ‘विकसित भारत’ की यात्रा में योगदान देने की झलक दिखाई दी।
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: नदियों व जलस्रोतों की रक्षा और संरक्षण का प्रयास हर व्यक्ति को करना जरूरी: पार्षद नरेंद्र देवांगन
Fri, Aug 16, 2024
कोरबा। शिवशक्ति सेवा परिवार द्वारा हसदेव नदी में चुनरी विसर्जन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वॉर्ड क्रमांक 16 के पार्षद श्री नरेंद्र देवांगन शामिल हुए।
हर वर्ष शिवनगर रुमगड़ा के शिवशक्ति सेवा परिवार द्वारा हसदेव नदी की पूजन अर्चना कर नदी में चुनरी चढ़ाई जाती है। इस अवसर पर शामिल हुए पार्षद श्री नरेंद्र देवांगन ने कहा की समिति की यह विशेष पहल है। इस तरह के आयोजन से हम प्रकृति से सीधे तौर पर जुड़ते हैं।
कोरबा की जीवनदायनी हसदेव नदी से खेतों, उद्योग और असंख्य लोगों की प्यास बुझती है।अपनी नदियों व अन्य जलस्तोत्र की रक्षा और संरक्षण का प्रयास हर किसी को करना चाहिए।
कार्यक्रम में भरतलाल सिंह, मुकेश सागर, विजय धीवर, प्रकाश देवांगन, कमल साहू, संदीप साहू, संजू राठौर, शेर बहादुर , विजय साहू, चिंताराम साहू समेत अधिक संख्या में आम जनमानस उपस्थित रहे।