: बालको फोटोग्राफी प्रदर्शनी ‘मल्हार’ ने कर्मचारियों के रचनात्मकता को दी नई उंचाई
Fri, Sep 20, 2024
*बालकोनगर, 19 सितंबर, 2024।* वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने विश्व फोटोग्राफी के अवसर पर ‘मल्हार 2.0’ फोटो प्रदर्शनी व हिंदी दिवस का संयुक्त आयोजन किया। बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने फीता काटकर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में वेदांता समूह के प्रतिभाशाली कर्मचारियों द्वारा खींची गई तस्वीरों का संग्रह प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम में आये आगंतुकों ने मनमोहक फोटोग्राफी की सराहना की।
बालको टाउनशिप में आयोजित दो दिवसीय फोटोग्राफी कार्यशाला को 'मल्हार' नाम दिया गया। 'वाह क्या व्यू है' थीम के इर्द-गिर्द घूमती प्रदर्शनी में प्राकृतिक सुंदरता को दर्शाने वाली मनमोहक चित्र प्रदर्शित की गईं। सभी कलात्मक छायाचित्र बालको के साथ-साथ वेदांता समूह के विभिन्न यूनिट के कर्मचारियों द्वारा खींचे गए थे। कर्मचारी एवं उनके परिवारजन तथा स्कूल के छात्रों सहित आगंतुकों के लिए खुली यह प्रदर्शनी दर्शकों के लिए अविस्मरणीय आनंददायक अनुभव रहा।
दो दिवसीय मल्हार कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। कंपनी ने स्थानीय छात्रों के लिए हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी में स्वरचित काव्य लेखन एवं काव्य पाठ आयोजित किया। कार्यक्रम में 10वीं, 11वीं और 12वीं के लगभग 80 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने अपनी कविताएँ प्रस्तुत कर अपनी साहित्यिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। छात्रों ने बहुत ही उत्साह एवं उमंग के साथ देशभक्ति, सामाजिक एवं मार्मिक कविता से श्रोताओं पर अमिट छाप छोड़ी। सभी प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को हिंदी भाषा में काव्य पाठ करने के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में 'सेल्फी कॉर्नर' के साथ-साथ बच्चों के लिए 'किड्स कॉर्नर' बनाया गया था जिसमें बच्चों के लिए स्केच बनाने तथा बनी हुई आकृति में रंग भरने की व्यवस्था थी। बालको कर्मचारियों को पीपीटी प्रेजेंटेशन का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में बताया गया कि कैसे दर्शकों को ध्यान में रखते हुए फ़ॉन्ट चुनाव, उपयोगी बुलेट पॉइंट, रंगों का प्रयोग, प्रभावशाली चित्रों एवं चार्ट और ग्राफ़ का प्रयोग करना चाहिए।मल्हार कार्यक्रम की सराहना करते हुए बालको के सीईओ एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि इस तरह के आयोजन हमारी तकनीकी प्रगति को समृद्धि प्रदान करने तथा नवाचार करने के लिए प्रेरित करते हैं। ऐसे कार्यक्रम हमारे संगठन के भीतर कर्मचारियों के लिए प्रेरणा स्रोत तथा उनमें रचनात्मकता को बढ़ावा देता है। बच्चों की कविता की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि सामंजस्यपूर्ण समाज की साहित्यिक नींव को आकार देने में आने वाली युवा पीढ़ी की भूमिका महत्वपूर्ण हैं। हिंदी भाषा को बढ़ावा देना हमारी संस्कृति की समृद्ध विरासत को संजोये रखने का प्रयास है जो एक बेहतर और समावेशी समाज की ओर सराहनीय कदम है।-----------------------------------------
: बालको के इंजीनियर विकसित भारत के सपने को दे रहे हैं आकार
Fri, Sep 20, 2024
*बालकोनगर, 18 सितंबर 2024।* वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने विश्व इंजीनियरिंग दिवस पर अपने प्रतिभाशाली इंजीनियरिंग कर्मचारियों को सशक्त बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। यह प्रतिबद्धता नवाचार और प्रचालन उत्कृष्टता की संस्कृति को बढ़ावा देने में कंपनी की भूमिका को दर्शाता है जिससे वैश्विक विनिर्माण लीडर के रूप में भारत की स्थिति और मजबूत होती है।
मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और सिविल इंजीनियरिंग जैसे मुख्यधारा के इंजीनियरिंग से लेकर मेटलर्जिकल, मैटेरियल्स, माइनिंग, सिरेमिक, पॉवर और एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग जैसे विशिष्ट क्षेत्रों में लगभग 1500 इंजीनियर कपंनी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ये व्यक्ति सामूहिक रूप से बालको की प्रचानल क्षमता, नवाचार को बढ़ावा देने और लगातार विकसित हो रहे औद्योगिक परिदृश्य में कंपनी की निरंतर सफलता सुनिश्चित करने का आधार हैं।इंजीनियर कंपनी के लिए रीढ़ की हड्डी की तरह महत्वपूर्ण हैं इस पर बात करते हुए बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि हमारे इंजीनियर वेदांता बालको के नवाचार और सफलता के केंद्र में हैं। हम अपने इंजीनियरिंग प्रतिभा के विकास और कौशल वृद्धि की प्रतिबद्धता को पूरा करके कंपनी और उनकी क्षमताओं को बढ़ा रहे हैं तथा भारत के औद्योगिक विकास में भी योगदान दे रहे हैं। ये इंजीनियर देश को वैश्विक विनिर्माण क्षेत्र में अग्रणी रहने के लिए सशक्त बना रहे हैं तथा नवाचार, कौशल विकास और तकनीकी निपुणता की अपनी यात्रा को भी आगे बढ़ा रहे हैं।लगभग दो दशकों से बालको कार्यस्थल पर टीम लीडर के रूप में काम कर रहे इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियर अनुज सूद ने कहा बताया कि 18 साल पॉटलाइन जहां इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया के माध्यम से एल्युमिना पाउडर से एल्यूमिनियम बनाया जाता है। मैंने देखा है कि कैसे बालको ने प्रचालन दक्षता की सीमाओं को लगातार आगे बढ़ाया है। हम जिन मैकनिकल सिस्टम के साथ काम करते है उनकी जटिलता- गलाने की तकनीक से लेकर पॉटलाइन उपकरणों की सटीक इंजीनियरिंग तकनीकी विशेषज्ञता के साथ निरंतर नवाचार की मांग करती है। हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं कि हमारी प्रक्रियाएं वैश्विक एल्यूमिनियम क्षेत्र में आगे रहें।एक साल पहले ही बालको परिवार में शामिल हुए मेटलर्जिकल इंजीनियर ईशान चतुर्वेदी ने कहा कि वेदांता बालको में अपना करियर शुरू करना एक अविश्वसनीय अवसर रहा है। पॉटलाइन्स स्मेलटिंग प्रक्रिया के मूल में हैं और अनुभवी इंजीनियरों से सीखते हुए ऐसी उन्नत प्रणालियों के साथ काम करना रोमांचक रहा है। मेरे लिए सबसे खास बात है कि बालको ने सस्टेनबिलिटी की मजबूत प्रतिबद्धता के साथ अत्याधुनिक तकनीक को एकीकृत करके भारत के प्रतिष्ठित एल्यूमिनियम उत्पादक के रूप में अपनी विरासत को कायम रखा है। मैं इस क्षेत्र में अपने तकनीकी ज्ञान का विस्तार करते हुए कंपनी की भविष्य की सफलता में योगदान देने के लिए उत्सुक हूं।बालको पॉटलाइन के प्रोसेस कंट्रोल में प्रोडक्शन इंजीनियर निशा मांझी अपने दो साल के सफर के अनुभव साझा करते हुए कहा कि कि पॉटलाइन्स के प्रोसेस कंट्रोल में इच्छानुसार काम करना तथा पुरस्कृत होना मेरे लिए गौरव की बात है। एल्यूमिनियम प्रोडक्शन प्रोसेस की एफिशिएंसी सुनिश्चित करने के लिए सटीक निगरानी और अनुकूलन की आवश्यकता होती है। इंजीनियर के रूप में मैं लगातार डेटा का विश्लेषण कर हमारे सिस्टम के परफार्मेंस और सेफ्टी को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण कार्य को अंजाम देती हूँ। इस भूमिका में आने वाली चुनौतियों के बावजूद मैं हमेशा अपनी टीम द्वारा उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित रही हूँ। बालको लोगों के इस धारणा को तोड़ने में सहायक बना कि महिलाएँ आपरेशन क्षेत्र में कामयाब नहीं हो सकती हैं। कंपनी तकनीकी कौशल और नवाचार को सबसे अधिक महत्व देती है जिससे मुझे प्रचालन में आगे बढ़ने और सार्थक योगदान देने अवसर मिला है।विभिन्न विषयों के इंजीनियरों की विशेषज्ञता का उपयोग करके बालको प्रचालन उत्कृष्टता में नए मानक स्थापित कर रहा है। कंपनी देश में एल्यूमिनियम उत्पादन में सबसे आगे रहने के अपने मिशन को आगे बढ़ाते हुए विकसित भारत के विज़न में महत्वपूर्ण योगदान निभा रहा है।
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: बालको अस्पताल उत्कृष्ट उपचार सुविधा के साथ क्षेत्र में अग्रणी
Sun, Sep 15, 2024
*बालकोनगर, 12 सितंबर 2024।* वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपने बालको अस्पताल में हाइड्रोसेफलस और फेकोइमल्सीफिकेशन के न्यूरोसर्जरी प्रक्रियाओं के लिए उन्नत चिकित्सा तकनीकों को शामिल किया है। ऐसे जटिल बीमारी के लिए अक्सर उन्नत देखभाल की आवश्यकता होती है जिसके लिए मरीज को उपचार के लिए शहर जाना पड़ता है। ये तकनीक अस्पताल की सेवा क्षमताओं को बढ़ाएँगी और समुदाय में उन्नत स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के सहायक होंगी। हर साल बालको अस्पताल की कुशल चिकित्सा टीम छत्तीसगढ़ के कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर और जांजगीर चांपा जिलों के 2,10,000 से अधिक रोगियों की सेवा करती है।
बालको अस्पताल के डॉक्टरों ने हाइड्रोसेफलस के लिए एक्सटर्नल वेंट्रिकुलर ड्रेन (ईवीडी) का उपयोग करके न्यूरोसर्जरी की। यह ऐसी स्थिति जिसमें मस्तिष्क की गुहाओं में तरल पदार्थ जमा होने से मस्तिष्क क्षति का कारण बन सकता है। फेकोइमल्सीफिकेशन एक मोतियाबिंद सर्जरी है जो दृष्टि स्पष्टता में तेज़ी से सुधार प्रदान करती है। यह तकनीक सटीक लेंस प्लेसमेंट की करता है, जिससे दृश्यता बहुत बेहतर होता है। पारंपरिक तरीकों की तुलना में पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल और रिकवरी समय को कम करता है, जिससे मरीज को बेहतर उपचार मिलता है।फेकोएमल्सीफिकेशन एक आधुनिक, सिलाई-मुक्त मोतियाबिंद सर्जरी है जो दृष्टि स्पष्टता में तेजी से सुधार प्रदान करती है। यह तकनीक सटीक लेंस प्लेसमेंट की अनुमति देती है, जिससे दृश्य परिणाम काफी बेहतर होते हैं। इसके अलावा, यह पारंपरिक तरीकों की तुलना में पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल और रिकवरी के समय को कम करता है, जिससे रोगियों को तेज़ और अधिक कुशल उपचार मिलता है।
बालको अस्पताल ने आर्थ्रोप्लास्टी भी शुरू की है जो जोड़ों के प्रतिस्थापन पर केंद्रित एक उन्नत सर्जिकल प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य गठिया, फ्रैक्चर या जोड़ों के अध:पतन जैसे जोड़ों के विकारों से पीड़ित रोगियों के लिए गतिशीलता तथा पुराने दर्द को कम करना है। इस तकनीक से क्षतिग्रस्त या घिसे हुए जोड़ों को कृत्रिम प्रत्यारोपण की सुविधा तथा रिकवरी समय काफी कम है। पूरी तरह से स्वचालित पैथोलॉजी विश्लेषक के जुड़ाव से निदान सटीकता बढ़ी है। इन सभी से मरीजों के परिणाम बेहतर तथा उपचार उचित तरीके से हो पाती है।अस्पताल में चिकित्सा उपचार में नई तकनीक के प्रगति पर बात करते हुए बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि बालको अस्पताल कोरबा में उन्नत उपचार विकल्प प्रदान कर रहा है जो स्थानीय समुदाय को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए बालको की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बालको अस्पताल की यह प्रगति निरंतर हमारे किये गए प्रयासों को दर्शाती है कि उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा देखभाल सभी के लिए सुलभ हो। यह तकनीकी पहल सामुदायिक स्वास्थ्य को बढ़ाने में हमारी भूमिका और मजबूत होगी।बालको अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक सिन्हा ने स्वास्थ्य सेवा में अत्याधुनिक तकनीक के उपयोग पर कहा कि तकनीकी प्रगति ने बेहतर निदान प्रदान करने की हमारी क्षमता को काफी बढ़ाया है जो प्रभावी उपचार की आधारशिला है। इन नई क्षमताओं के साथ हमने अपनी स्वास्थ्य सुविधा का विस्तार किया है, जिससे हम समुदाय की सेवा करने तथा मरीजों के जीवन पर सार्थक प्रभाव डाल सकते हैं।डॉ. प्रदीप त्रिपाठी द्वारा सफलतापूर्वक न्यूरोसर्जरी का इलाज करवाने वाले मरीज श्री राम नाथ ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं बालको अस्पताल के डॉक्टरों को उनकी असाधारण देखभाल और उपचार के लिए आभारी हूँ। सर्जरी के बाद की उनकी निरंतर जांच प्रतिक्रिया और देखभाल ने बहुत आराम दिया। मुझे किसी दूसरे शहर की यात्रा नहीं करनी पड़ी जो हमारे परिवार के लिए बेहद सुविधाजनक था। मैं अपनी रिकवरी के लिए उनकी विशेषज्ञता और अच्छे तरीके से ख्याल रखने का आभारी हूँ।100 आधुनिक बेड से युक्त बालको अस्पताल कंपनी के कर्मचारियों एवं उनके परिवारजन और विभिन्न जिलों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए कटिबद्ध है। हमारी विशेषज्ञ की टीम है जिसमें सामान्य चिकित्सक, नेत्र रोग विशेषज्ञ, ईएनटी विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, एनेस्थेसियोलॉजिस्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, दंत चिकित्सक, स्त्री रोग विशेषज्ञ और आर्थोपेडिक सर्जन के साथ 09 विजिटिंग कंसल्टेंट शामिल हैं। इसके साथ ही अस्पताल को 14 रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर, 60 नर्स और 113 स्टाफ सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। नियमित जांच शिविर, जागरूकता शिविर आयोजित करने के साथ ही आयुष्मान भारत और सरकार द्वारा निर्धारित समस्त टीकाकरण कार्यक्रमों का अनुसरण बालको अस्पताल में किया जाता है।
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