: बालको के इंजीनियर विकसित भारत के सपने को दे रहे हैं आकार
Fri, Sep 20, 2024
*बालकोनगर, 18 सितंबर 2024।* वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने विश्व इंजीनियरिंग दिवस पर अपने प्रतिभाशाली इंजीनियरिंग कर्मचारियों को सशक्त बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। यह प्रतिबद्धता नवाचार और प्रचालन उत्कृष्टता की संस्कृति को बढ़ावा देने में कंपनी की भूमिका को दर्शाता है जिससे वैश्विक विनिर्माण लीडर के रूप में भारत की स्थिति और मजबूत होती है।
मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और सिविल इंजीनियरिंग जैसे मुख्यधारा के इंजीनियरिंग से लेकर मेटलर्जिकल, मैटेरियल्स, माइनिंग, सिरेमिक, पॉवर और एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग जैसे विशिष्ट क्षेत्रों में लगभग 1500 इंजीनियर कपंनी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ये व्यक्ति सामूहिक रूप से बालको की प्रचानल क्षमता, नवाचार को बढ़ावा देने और लगातार विकसित हो रहे औद्योगिक परिदृश्य में कंपनी की निरंतर सफलता सुनिश्चित करने का आधार हैं।इंजीनियर कंपनी के लिए रीढ़ की हड्डी की तरह महत्वपूर्ण हैं इस पर बात करते हुए बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि हमारे इंजीनियर वेदांता बालको के नवाचार और सफलता के केंद्र में हैं। हम अपने इंजीनियरिंग प्रतिभा के विकास और कौशल वृद्धि की प्रतिबद्धता को पूरा करके कंपनी और उनकी क्षमताओं को बढ़ा रहे हैं तथा भारत के औद्योगिक विकास में भी योगदान दे रहे हैं। ये इंजीनियर देश को वैश्विक विनिर्माण क्षेत्र में अग्रणी रहने के लिए सशक्त बना रहे हैं तथा नवाचार, कौशल विकास और तकनीकी निपुणता की अपनी यात्रा को भी आगे बढ़ा रहे हैं।लगभग दो दशकों से बालको कार्यस्थल पर टीम लीडर के रूप में काम कर रहे इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियर अनुज सूद ने कहा बताया कि 18 साल पॉटलाइन जहां इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया के माध्यम से एल्युमिना पाउडर से एल्यूमिनियम बनाया जाता है। मैंने देखा है कि कैसे बालको ने प्रचालन दक्षता की सीमाओं को लगातार आगे बढ़ाया है। हम जिन मैकनिकल सिस्टम के साथ काम करते है उनकी जटिलता- गलाने की तकनीक से लेकर पॉटलाइन उपकरणों की सटीक इंजीनियरिंग तकनीकी विशेषज्ञता के साथ निरंतर नवाचार की मांग करती है। हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं कि हमारी प्रक्रियाएं वैश्विक एल्यूमिनियम क्षेत्र में आगे रहें।एक साल पहले ही बालको परिवार में शामिल हुए मेटलर्जिकल इंजीनियर ईशान चतुर्वेदी ने कहा कि वेदांता बालको में अपना करियर शुरू करना एक अविश्वसनीय अवसर रहा है। पॉटलाइन्स स्मेलटिंग प्रक्रिया के मूल में हैं और अनुभवी इंजीनियरों से सीखते हुए ऐसी उन्नत प्रणालियों के साथ काम करना रोमांचक रहा है। मेरे लिए सबसे खास बात है कि बालको ने सस्टेनबिलिटी की मजबूत प्रतिबद्धता के साथ अत्याधुनिक तकनीक को एकीकृत करके भारत के प्रतिष्ठित एल्यूमिनियम उत्पादक के रूप में अपनी विरासत को कायम रखा है। मैं इस क्षेत्र में अपने तकनीकी ज्ञान का विस्तार करते हुए कंपनी की भविष्य की सफलता में योगदान देने के लिए उत्सुक हूं।बालको पॉटलाइन के प्रोसेस कंट्रोल में प्रोडक्शन इंजीनियर निशा मांझी अपने दो साल के सफर के अनुभव साझा करते हुए कहा कि कि पॉटलाइन्स के प्रोसेस कंट्रोल में इच्छानुसार काम करना तथा पुरस्कृत होना मेरे लिए गौरव की बात है। एल्यूमिनियम प्रोडक्शन प्रोसेस की एफिशिएंसी सुनिश्चित करने के लिए सटीक निगरानी और अनुकूलन की आवश्यकता होती है। इंजीनियर के रूप में मैं लगातार डेटा का विश्लेषण कर हमारे सिस्टम के परफार्मेंस और सेफ्टी को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण कार्य को अंजाम देती हूँ। इस भूमिका में आने वाली चुनौतियों के बावजूद मैं हमेशा अपनी टीम द्वारा उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित रही हूँ। बालको लोगों के इस धारणा को तोड़ने में सहायक बना कि महिलाएँ आपरेशन क्षेत्र में कामयाब नहीं हो सकती हैं। कंपनी तकनीकी कौशल और नवाचार को सबसे अधिक महत्व देती है जिससे मुझे प्रचालन में आगे बढ़ने और सार्थक योगदान देने अवसर मिला है।विभिन्न विषयों के इंजीनियरों की विशेषज्ञता का उपयोग करके बालको प्रचालन उत्कृष्टता में नए मानक स्थापित कर रहा है। कंपनी देश में एल्यूमिनियम उत्पादन में सबसे आगे रहने के अपने मिशन को आगे बढ़ाते हुए विकसित भारत के विज़न में महत्वपूर्ण योगदान निभा रहा है।
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: बालको अस्पताल उत्कृष्ट उपचार सुविधा के साथ क्षेत्र में अग्रणी
Sun, Sep 15, 2024
*बालकोनगर, 12 सितंबर 2024।* वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपने बालको अस्पताल में हाइड्रोसेफलस और फेकोइमल्सीफिकेशन के न्यूरोसर्जरी प्रक्रियाओं के लिए उन्नत चिकित्सा तकनीकों को शामिल किया है। ऐसे जटिल बीमारी के लिए अक्सर उन्नत देखभाल की आवश्यकता होती है जिसके लिए मरीज को उपचार के लिए शहर जाना पड़ता है। ये तकनीक अस्पताल की सेवा क्षमताओं को बढ़ाएँगी और समुदाय में उन्नत स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के सहायक होंगी। हर साल बालको अस्पताल की कुशल चिकित्सा टीम छत्तीसगढ़ के कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर और जांजगीर चांपा जिलों के 2,10,000 से अधिक रोगियों की सेवा करती है।
बालको अस्पताल के डॉक्टरों ने हाइड्रोसेफलस के लिए एक्सटर्नल वेंट्रिकुलर ड्रेन (ईवीडी) का उपयोग करके न्यूरोसर्जरी की। यह ऐसी स्थिति जिसमें मस्तिष्क की गुहाओं में तरल पदार्थ जमा होने से मस्तिष्क क्षति का कारण बन सकता है। फेकोइमल्सीफिकेशन एक मोतियाबिंद सर्जरी है जो दृष्टि स्पष्टता में तेज़ी से सुधार प्रदान करती है। यह तकनीक सटीक लेंस प्लेसमेंट की करता है, जिससे दृश्यता बहुत बेहतर होता है। पारंपरिक तरीकों की तुलना में पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल और रिकवरी समय को कम करता है, जिससे मरीज को बेहतर उपचार मिलता है।फेकोएमल्सीफिकेशन एक आधुनिक, सिलाई-मुक्त मोतियाबिंद सर्जरी है जो दृष्टि स्पष्टता में तेजी से सुधार प्रदान करती है। यह तकनीक सटीक लेंस प्लेसमेंट की अनुमति देती है, जिससे दृश्य परिणाम काफी बेहतर होते हैं। इसके अलावा, यह पारंपरिक तरीकों की तुलना में पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल और रिकवरी के समय को कम करता है, जिससे रोगियों को तेज़ और अधिक कुशल उपचार मिलता है।
बालको अस्पताल ने आर्थ्रोप्लास्टी भी शुरू की है जो जोड़ों के प्रतिस्थापन पर केंद्रित एक उन्नत सर्जिकल प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य गठिया, फ्रैक्चर या जोड़ों के अध:पतन जैसे जोड़ों के विकारों से पीड़ित रोगियों के लिए गतिशीलता तथा पुराने दर्द को कम करना है। इस तकनीक से क्षतिग्रस्त या घिसे हुए जोड़ों को कृत्रिम प्रत्यारोपण की सुविधा तथा रिकवरी समय काफी कम है। पूरी तरह से स्वचालित पैथोलॉजी विश्लेषक के जुड़ाव से निदान सटीकता बढ़ी है। इन सभी से मरीजों के परिणाम बेहतर तथा उपचार उचित तरीके से हो पाती है।अस्पताल में चिकित्सा उपचार में नई तकनीक के प्रगति पर बात करते हुए बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि बालको अस्पताल कोरबा में उन्नत उपचार विकल्प प्रदान कर रहा है जो स्थानीय समुदाय को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए बालको की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बालको अस्पताल की यह प्रगति निरंतर हमारे किये गए प्रयासों को दर्शाती है कि उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा देखभाल सभी के लिए सुलभ हो। यह तकनीकी पहल सामुदायिक स्वास्थ्य को बढ़ाने में हमारी भूमिका और मजबूत होगी।बालको अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक सिन्हा ने स्वास्थ्य सेवा में अत्याधुनिक तकनीक के उपयोग पर कहा कि तकनीकी प्रगति ने बेहतर निदान प्रदान करने की हमारी क्षमता को काफी बढ़ाया है जो प्रभावी उपचार की आधारशिला है। इन नई क्षमताओं के साथ हमने अपनी स्वास्थ्य सुविधा का विस्तार किया है, जिससे हम समुदाय की सेवा करने तथा मरीजों के जीवन पर सार्थक प्रभाव डाल सकते हैं।डॉ. प्रदीप त्रिपाठी द्वारा सफलतापूर्वक न्यूरोसर्जरी का इलाज करवाने वाले मरीज श्री राम नाथ ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं बालको अस्पताल के डॉक्टरों को उनकी असाधारण देखभाल और उपचार के लिए आभारी हूँ। सर्जरी के बाद की उनकी निरंतर जांच प्रतिक्रिया और देखभाल ने बहुत आराम दिया। मुझे किसी दूसरे शहर की यात्रा नहीं करनी पड़ी जो हमारे परिवार के लिए बेहद सुविधाजनक था। मैं अपनी रिकवरी के लिए उनकी विशेषज्ञता और अच्छे तरीके से ख्याल रखने का आभारी हूँ।100 आधुनिक बेड से युक्त बालको अस्पताल कंपनी के कर्मचारियों एवं उनके परिवारजन और विभिन्न जिलों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए कटिबद्ध है। हमारी विशेषज्ञ की टीम है जिसमें सामान्य चिकित्सक, नेत्र रोग विशेषज्ञ, ईएनटी विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, एनेस्थेसियोलॉजिस्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, दंत चिकित्सक, स्त्री रोग विशेषज्ञ और आर्थोपेडिक सर्जन के साथ 09 विजिटिंग कंसल्टेंट शामिल हैं। इसके साथ ही अस्पताल को 14 रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर, 60 नर्स और 113 स्टाफ सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। नियमित जांच शिविर, जागरूकता शिविर आयोजित करने के साथ ही आयुष्मान भारत और सरकार द्वारा निर्धारित समस्त टीकाकरण कार्यक्रमों का अनुसरण बालको अस्पताल में किया जाता है।
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: बालको ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए आयोजित किया 2 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
Wed, Sep 11, 2024
*बालकोनगर, 10 सितंबर, 2024।* वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने ईसीसीई कार्यक्रम को बढ़ावा देने हेतु आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की क्षमता निर्माण के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित किया। प्रशिक्षण नंद घर परियोजना के व्यापक उद्देश्य, बच्चों के बेहतर देखभाल को सुनिश्चित करते हुए नंद घर में पोषण और बेहतर वातावरण बनाने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को आवश्यक कौशल तथा ज्ञान प्राप्त करने पर केंद्रित था। महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से आयोजित कार्यशाला आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच अच्छी प्रथाओं को शामिल करने और व्यवहार परिवर्तन की शुरुआत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की क्षमता निर्माण से ईसीएस कार्यक्रमों को लागू करने में सहायक हैं। 2 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं (एडब्ल्यूडब्ल्यू) के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं को लागू करने का एक मंच के रूप में काम किया तथा नंद घर के बेहतर उपयोग को बढ़ाने के लिए विचारों के आदान-प्रदान को सुनिश्चित किया गया। 3 नंद घर के सदस्यों तथा 29 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
क्षमता निर्माण कार्यक्रम का उद्देश्य प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा में इसकी भूमिका को समझना। नंद घर, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ईसीसीई) के मॉडल को अपनाते हुए सर्वांगीण बाल विकास को बढ़ावा दे रहा है। प्रारंभिक बाल्यावस्था में बच्चों का उद्दीपन (ईसीएस), 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों के संज्ञानात्मक, शारीरिक और सामाजिक विकास को उद्दीपन करने की तकनीक और अभ्यास में इसके महत्व के बारे में जानना। ऐसी तरीकों की खोज जो बच्चों के सर्वांगीण विकास का समर्थन करती हैं जिसमें नैतिक और भावनात्मक विकास भी शामिल है। नंद घर में अनुकूल सीखने का माहौल बनाने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दिशा-निर्देश। निरंतर उद्दीपन और सीखने को सुनिश्चित करने के लिए एक मासिक कार्यक्रम कैलेंडर तैयार करना। आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को आकार देने में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका और बचपन के विकास को बढ़ावा देने में उनकी जिम्मेदारी सुनिश्चित करना।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि सामुदायिक विकास कार्यक्रम कंपनी के दृष्टिकोण में शामिल है। हम छत्तीसगढ़ में विभिन्न नंद घर की मदद से बाल विकास का समर्थन कर समुदाय की भलाई को बढ़ावा दे रहे हैं। बच्चे इस देश की भविष्य है, कंपनी उनके विकास के लिए विभिन्न पहल संचालित करता है। वेदांता समूह दिल्ली हाफ मैराथन आयोजित कर रहा है जिसमें 'रन फॉर जीरो हंगर' के तहत वन किलोमीटर वन मील (भोजन) का प्रावधान है। कंपनी ने संकल्प लिया है कि प्रत्येक किलोमीटर पर नंद घर के बच्चों को वन मील (भोजन) मुहैया कराया जाएगा।सुश्री रेणु प्रकाश, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला और बाल विकास ने वेदांता बालको द्वारा संचालित नंद घर परियोजना की सराहना की। उन्होंने प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा के लिए टीम के समर्पण की सराहना की जो एकीकृत बाल विकास सेवाओं को बेहतर तरीके से लागू करता है। 2 दिवसीय ईसीसीई प्रशिक्षण नंदघरों में बच्चों के अनुकूल माहौल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बच्चों को वह समग्र सहायता मिले जिसकी उन्हें बढ़ने के लिए आवश्यकता है। कार्यशाला बाल विकास को बढ़ाने के लिए कार्यकर्ताओं की उपस्थिति और सहभागिता को बढ़ावा दे रही है।
खटखटियापारा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मीना देवांगन ने कहा कि मैं नंद घर प्रोजेक्ट द्वारा आयोजित दो दिवसीय ईसीसीई प्रशिक्षण के लिए बहुत आभारी हूं। कार्यशाला से हमने विभिन्न उपयोगी तरीके सीखे, जैसे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए दर्पण का उपयोग करना। प्रशिक्षण से नंद घर में बच्चों के साथ काम करने के नए आयाम का पता चला। मैं इसे उपयोग करने के लिए उत्साहित हूं। मुझे यकीन है कि इससे बच्चों की उपस्थिति बढ़ेगी और उनके विकास में भी सुधार होगा।
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