: सनातन है देश की एकता का आधार - पीएम मोदी
Thu, Sep 14, 2023
सागर - सनातन देश की एकता का आधार है। गांधीजी केआखिरी शब्द थे - हे राम ! वे जीवन भर सनातन के पक्ष में रहे। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई इस सनातन के लिये लड़ाई लड़ी , जिस सनातन से प्रेरित होकर स्वामी विवेकानंद ने पूरे जीवन काम किया। आज उसी सनातन को ये इंडिया गठबंधन खत्म करना चाहता है।
विपक्ष सनातन पर लगातार हमला कर रहा है , देश को गुलाम बनाना चाहता है। वह सनातन को खंड - खंड करना चाह रहा है और संस्कृति को समाप्त करना इनका संकल्प है।सनातन को खत्म करने की साज़िश रची जा रही है। हर सनातनी को सतर्क रहने की जरूरत है, विपक्ष के मंसूबे को हमें मिलकर नाकाम करना है। ये घमंडिया गठबंधन जान ले कि सनातन को ना कोई खत्म कर पाया है और ना ही कोई कर पायेगा।
उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीना के समीप हड़कलखाती गांव में आयोजित जनसभा में सनातन धर्म के अपमान वाले बयानों पर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर निशाना साधते हुये कही। उन्होंने कहा बुंदेलखंड की धरती वीरों-शूरवीरों की धरती है , इस भूमि को बीना-बेतवा का आशीर्वाद मिला हुआ है। मुझे तो महीने भर में दूसरी बार सागर आकर आप सभी के दर्शन का सौभाग्य मिला। बुंदेलखंड की धरती पर आना मुझे अच्छा लगता है। मैं शिवराज सरकार का भी अभिनंदन करता हूं कि आज आप सभी के बीच आकर आपके दर्शन का अवसर दिया। पीएम ने बताया पिछले बार मैं संत रविदास जी की उस भव्य स्मारक के अवसर पर आपके बीच आया था। आज मुझे मध्यप्रदेश के विकास को नई गति देने वाली अनेक परियोजनाओं का भूमि पूजन करने का अवसर मिला। ये परियोजनायें इस क्षेत्र के ओद्यौगिक विकास को नई ऊर्जा देगी। इन परियोजनाओं पर केंद्र सरकार पचास हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च करने वाली है। हमारे देश के बहुत सारे राज्यों का पूरे साल का बजट भी इतना नहीं होता है , जितना आज एक ही कार्यक्रम के लिये भारत सरकार लगा रही है। ये दिखाता है कि मध्यप्रदेश के लिये हमारे संकल्प कितने बड़े हैं। ये सारे प्रोजेक्ट्स आने वाले समय में मध्यप्रदेश में हजारों युवाओं को रोजगार देंगे। ये परियोजनायें गरीब , मध्यम वर्गीय परिवार के सपनों को सच करने वाली हैं। मैं बीना रिफाइनरी के विस्तार और अनेक सुविधाओं के शिलान्यास के लिये मध्यप्रदेश के कोटि-कोटि जनों को बहुत बधाई देता हूं। आजादी के इस अमृत काल में हर देश वासी अपने भारत को विकसित बनाने का संकल्प लिया है। इस संकल्प की सिद्धि के लिये ये जरूरी है कि भारत आत्मनिर्भर हों और हमें विदेशों से कम से कम चीजें मंगानी पड़ें। प्रधानमंत्री ने कहा आज भारत पेट्रोल - डीजल तो बाहर से मंगाता ही है , हमें पेट्रो - केमिकल प्रोडक्ट्स के लिये भी दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता है। आज बीना रिफाइनरीस में पेट्रो केमिकल कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास हुआ है , वो भारत को ऐसी चीजों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने का काम करेगा। बहुत से लोगों को यह पता ही नहीं होता कि प्लास्टिक पाइप , बाल्टी-मग , कुर्सी - टेबल , पेंट , पैकिंग मटीरियल , मेडिकल उपकरण में पेट्रो केमिकल की बहुत बड़ी भूमिका होती है। उन्होंने कहा अब बीना में बनने वाला यह कॉम्प्लेक्स इस पूरे क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाई पर ला देगा। यह मैं आपको गारंटी देने आया हूं , यहां नई इंडस्ट्री आयेंगी। किसानों , छोटे उद्यमियों को मदद मिलेगी ही, सबसे बड़ी बात है मेरे नौजवानों को भी रोजगार के हजारों मौके मिलने वाले हैं। नये भारत में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर का भी कायाकल्प हो रहा है। जैसे-जैस देश की जरूरत बढ़ रही है , जरूरतें बदल रही है। मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर को भी आधुनिक बनाना उतना ही जरूरी है। इसी सोच के साथ आज यहां इस कार्यक्रम में एमपी के दस नये इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि बीना में पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स आने से ये क्षेत्र विकास के नये आयाम लिखेगा। पीएम ने कहा कि बीना के साथ पूरे एमपी का विकास होगा। जनसभा को संबोधित करते हुये पीएम मोदी ने कहा हमने मध्यप्रदेश को भय से मुक्ति दिलाई , क़ानून व्यवस्था को स्थापित किया। लोगों को ध्यान होगा कि कैसे कांग्रेस ने बुंदेलखंड को पानी के लिये तरसा रहा था , आज की सरकार में हर घर तक सड़क , बिजली पहुंच रही है। आज बड़े-बड़े निवेशक मध्यप्रदेश आना चाहते हैं और नई-नई फैक्ट्री लगाना चाहते हैं। अगले कुछ सालों में मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास की नई ऊंचाईयां छूने जा रहा है। इस दौरान उन्होंने कहा एमपी के विकास को नई गति देनी है। एमपी के लिये हमारे लिये संकल्प बड़े हैं , परियोजनाओं से लोगों को फायदा होगा। विदेशों से आयात कम करना हमारा लक्ष्य है , गरीबों के सपने पूरे होंगे। पीएम मोदी ने आगे कहा कि जी -20 शिखर सम्मेलन की सफलता का श्रेय 140 करोड़ भारतीयों को जाता है। यह हमारे देश की सामूहिक शक्ति का प्रमाण है। जी -20 प्रतिनिधि देश की विविधता और विरासत से प्रभावित हुये। उन्होंने कहा कि किसी देश या राज्य के विकास के लिये महत्वपूर्ण है कि सरकार पूरी तरह पारदर्शिता के साथ चले और भ्रष्टाचार पर अंकुश रहे। एक समय था , जब एमपी की पहचान पिछड़े राज्यों में से एक के रूप में की जाती थी। आजादी के बाद जिन लोगों ने सबसे लंबे समय तक मध्यप्रदेश में शासन किया , उन्होंने इसे भ्रष्टाचार और अपराध के अलावा कुछ नहीं दिया।बदलेगी बुंदेलखंड की तस्वीर - सीएम शिवराजकार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर साधा निशाना साधते हुये कहा - कमलनाथ प्रदेश के लिये अभिशाप थे और आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रदेश के लिये वरदान बनकर आये हैं पीएम मोदी का जीवन उनके स्वयं के लिये नहीं है , बल्कि वे देश और जनता के लिये जीते हैं। वे दीर्घायु हों , स्वस्थ हों और देश का नेतृत्व करते रहें। सीएम ने कहा प्रधानमंत्री जी-20 की ऐतिहासिक सफलता के बाद यहां आये हैं , वे विश्व कल्याण का काम कर रहे हैं। हमारा चंद्रयान चंद्रमा पर उतरा , वैज्ञानिकों को प्रणाम , प्रधानमंत्री का वंदन-अभिनंदन। यहां पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स बनने से बुंदेलखंड की तस्वीर बदल जायेगी। पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट्स और इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स से चार लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे।सीएम ने कहा कांग्रेस ने बुंदेलखंड को हमेशा सूखा रखा। लेकिन मुझे खुशी है कि केन-बेतवा परियोजना मंजूर हो गई है। बुंदेलखंड की बीस लाख एकड़ जमीन में इससे सिंचाई होगी। प्रधानमंत्री से प्रार्थना है कि वे केन-बेतवा के भूमिपूजन के लिये भी यहां पधारें।भारत में पेट्रोल-डीजल दूसरे देशों से सस्ता - हरदीप सिंहवहीं इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुये केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले भारत में 45 प्रतिशत परिवार को गैस सिलेंडर नहीं मिलता था , लाईन लगाना पड़ती थी। आज देश भर में 32 करोड़ गैस सिलेंडर के कनेक्शन हैं। विकसित देशों में कच्चे तेल के पेट्रोल-डीजल का दाम 30 से 50 प्रतिशत बढ़ा। पड़ोसी देशों में 60 से 70 प्रतिशत तक दाम बढ़े। पीएम मोदी ने यहां ऐसे कदम उठाये कि पेट्रोल का दाम 5 प्रतिशत और डीजल का दाम 0.2 प्रतिशत कम हुआ।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंचे , जहां विमानतल पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा , मंत्री विश्वास सारंग , मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस , अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार और अन्य जन-प्रतिनिधियों , सेना व पुलिस अधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। पीएम मोदी इसके बाद भोपाल से सागर (बीना)के लिये रवाना हुये। बीना रिफाइनरी से वे खुली जीप में तीन किलोमीटर दूर कार्यक्रम स्थल पहुंचे। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीएम मोदी को स्मृति चिन्ह के तौर पर सांचि स्तूप भेंट किया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। पीएम मोदी जब कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे तो हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। पीएम मोदी के इस कार्यक्रम में सीएम शिवराज सिंह चौहान , केंद्रीय पेट्रोल केमीकल मंत्री हरदीप सिंह पुरी , राज्य औद्योगिक मंत्री राजवर्धन सहित जिले के तीनों मंत्री , प्रभारी मंत्री और विधायक-सांसद मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने यहां 50700 करोड़ रुपये की पेट्रो केमिकल प्लांट का उद्घाटन और इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स का वर्चुअली शिलान्यास भी किया। इनमें नर्मदापुरम के ऊर्जा एवं नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन प्रक्षेत्र, आईटी पार्क-3 व 4 इंदौर, मेगा इंडस्ट्रियल पार्क रतलाम, 6 इंडस्ट्रियल पार्क (नर्मदापुरम, गुना, शाजापुर, मऊगंज, आगर-मालवा और मक्सी) शामिल हैं।छह माह में प्रधानमंत्री का छठवीं एमपी दौराप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बीते छह महीने में आज छठवीं बार मध्यप्रदेश पहुंचे। इनके सभी दौरे पर नजर डालें तो सबसे पहले 01 अप्रैल को भोपाल में पीएम ने भोपाल-दिल्ली वंदे भारत को हरी झंडी दिखाई। दूसरी बार 25 अप्रैल को रीवा में पंचायती राज सम्मेलन में शामिल हुये। तीसरी बार 27 जून को भोपाल में भोपाल-जबलपुर और भोपाल-इंदौर वंदे भारत को हरी झंडी दिखाई। चौथी बार 01 जुलाई को शहडोल में राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन 2047 लॉन्च किया। पांचवीं बार 12 अगस्त को सागर में संत रविदास मंदिर और स्मारक की आधारशिला रखी। और छठवीं बार आज 14 सितंबर को सागर में बीना रिफाइनरी में पेट्रो केमिकल प्लांट की आधारशिला रखने पहुंचे।
: सिंगापुर को एक बार फिर मिला भारतवंशी राष्ट्रपति
Sun, Sep 3, 2023
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टसिंगापुर - भारतीय मूल के थरमन शणमुगारत्नम ने सिंगापुर राष्ट्रपति चुनाव में भारी मतों से जीत हासिल की है , इसी के साथ वे सिंगापुर के नौवें राष्ट्रपति बन गये हैं। इस चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला था लेकिन सिंगापुर में जन्मे भारतीय मूल के थर्मन ने 70.4 फीसदी वोटों के साथ राष्ट्रपति चुनाव जीता। वहीं उनके खिलाफ लड़े उम्मीद्वारों सिंगापुर सरकार इन्वेस्टमेंट कॉर्प के पूर्व मुख्य निवेश अधिकारी एनजी कोक सॉन्ग को 15.72 फीसदी और सरकारी स्वामित्व वाले बीमा समूह एनटीयूसी इनकम के पूर्व प्रमुख टैन किन लियान को 13.88 प्रतिशत वोट मिले। शणमुगरत्नम वर्तमान राष्ट्रपति हलीमा याकूब का स्थान लेंगे जिनका छह साल का कार्यकाल 13 सितंबर को समाप्त होगा। हलीमा देश की आठवीं और पहली महिला राष्ट्रपति हैं। हलीमा वर्ष 2017 में निर्विरोध राष्ट्रपति चुनी गई थीं। सिंगापुर में वर्ष 2017 का राष्ट्रपति चुनाव एक आरक्षित चुनाव था , जिसमें केवल मलय समुदाय के सदस्यों को चुनाव लड़ने की अनुमति थी। उस दौरान हलीमा को राष्ट्रपति नामित किया गया था , क्योंकि कोई अन्य उम्मीद्वार नहीं था। सिंगापुर में राष्ट्रपति पद के लिये पहला चुनाव 28 अगस्त 1993 को हुआ था। वर्ष 1991 में निर्वाचित राष्ट्रपति पद की शुरुआत के बाद से यह तीसरी बार था कि सिंगापुरवासियों ने अपने राष्ट्रपति के लिये मतदान किया। इस तरह का पहला चुनाव 1993 में हुआ था , उसके बाद 2011 में दूसरा चुनाव हुआ था।भूमिकाओं और जिम्मेदारियों का उपयोग करना मेरा कर्त्तव्य - थर्मनथर्मन ने अपनी जीत के बाद मीडिया से अपनी पहली टिप्पणी में कहा कि मैं प्रतिज्ञा करता हूं और सिंगापुरवासियों के बीच आशावाद और एकजुटता के इस भविष्य को आगे बढ़ाने के लिये राष्ट्रपति की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों का उपयोग करना मेरा कर्तव्य होगा , यह मेरा संकल्प है।भारतीय प्रधानमंत्री ने दी बधाईभारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने थर्मन को जीत की बधाई देते हुये ट्विट किया है - थर्मन शनमुगरत्नम को सिंगापुर के राष्ट्रपति चुने जाने पर हार्दिक बधाई। मैं भारत और सिंगापुर की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिये आपके साथ मिलकर काम करने के लिये उत्सुक हूं।थर्मन तीसरे भारतवंशी राष्ट्रपतिथर्मन मतदान से राष्ट्रपति पद तक पहुंचने वाले पहले भारतीय हैं। वहीं, सिंगापुर में भारतीय मूल के तीसरे राष्ट्रपति बने हैं। वर्ष 1981 में संसद में चुने गये देवेन नायर राष्ट्रपति बने थे। एस. आर. नाथन 1999 से 2011 तक ग्यारह साल तक राष्ट्रपति रहे , वे निर्विरोध चुने गये थे। वर्ष 1991 के बाद से आम लोग वोटिंग से राष्ट्रपति चुनते हैं।कौन है थर्मन शनमुगरत्नम ?थर्मन 25 फरवरी 1957 को सिंगापुर में जन्मे हैं। उनके दादा तमिलनाडु से जाकर सिंगापुर में बसे थे। थर्मन के पिता प्रो.के. शनमुगरत्नम चिकित्सा वैज्ञानिक थे , जिन्हें सिंगापुर में पैथोलॉजी का जनक माना जाता है।
कैम्ब्रिज के अर्थशास्त्री थर्मन सिंगापुर के ‘पॉलिसी मेकर’ रहे हैं।शनमुगरत्नम ने लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में बीएससी की डिग्री हासिल की। इसके बाद वो यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैम्ब्रिज के वुल्फ़सन कॉलेज गये , जहां से उन्होंने अर्थशास्त्र में ही एम० फिल किया। इसके बाद उन्होंने हार्वर्ड विश्वविद्यालय के हार्वर्ड कैनेडी स्कूल से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में एमपीए किया। यहां उन्हें लूसियस एन. लिटाउर फेलो पुरस्कार मिला , जो कि एमपीए में सबसे अच्छा एकेडेमिक प्रदर्शन और नेतृत्व करने वाले छात्रों को दिया जाता है। वर्ष 2011 में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स ने उन्हें मानद फेलोशिप से सम्मानित किया था। ये वर्ष 2011 से 2019 तक सिंगापुर के उप प्रधानमंत्री रहे।थर्मन की पत्नी जेन इटोगी चीनी-जापानी मूल की हैं , जो उन्हें कैंब्रिज में मिली थीं। उनकी एक बेटी और तीन बेटे हैं। बेटी माया वकील , बेटा आकाश सॉफ्टवेयर टेक कंपनी क्रियोन डेटा के सह संस्थापक हैं। वहीं कृष्ण इकोनॉमिक्स , जबकि अर्जुन सिंगापुर अमेरिकन स्कूल के छात्र हैं।
: तीन दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में आज शामिल होंगे पीएम मोदी
Wed, Aug 23, 2023
जोहान्सबर्ग - प्रधानमंत्री मोदी आज से दक्षिण अफ्रीका गणराज्य के राष्ट्रपति माटामेला सिरिल रामफोसा के निमंत्रण पर जोहान्सबर्ग की यात्रा पर रहेंगे। वे दक्षिण अफ्रीका में होने वाले पंद्रहवें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिये 22 से 24 अगस्त तक जोहान्सबर्ग में रहेंगे। इस शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स समूह द्वारा शुरू की गई पहलों की प्रगति की समीक्षा की जायेगी और गतिविधियों के भविष्य के क्षेत्रों की पहचान की जायेगी। पंद्रहवें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी दक्षिण अफ्रीका द्वारा की जा रही है , इस वर्ष का विषय 'ब्रिक्स और अफ्रीका' रखा गया है। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में पांच सदस्यीय देशों ब्राजील , रूस , भारत , चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ 45 से अधिक प्रतिनिधिमंडलों के शामिल होने की उम्मीद है। पीएम मोदी सम्मेलन में ब्राजील चीन और दक्षिण अफ्रीका के नेताओं के साथ शामिल होंगे। वहीं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन वर्चुअल मीटिंग में शामिल होंगे जबकि रूसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव करेंगे। इसके अलावा पीएम मोदी ''ब्रिक्स'' अफ्रीका आउटरीच और ब्रिक्स प्लस डाॅयलाग्स'' थीम पर एक स्पेशल प्रोग्राम में भी भाग लेंगे। यह ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बाद आयोजित किया जा रहा है और इसमें दक्षिण अफ्रीका द्वारा आमंत्रित दर्जनों देश शामिल होंगे , जिनमें ज्यादातर अफ्रीकी महाद्वीप के हैं। तीन दिवसीय आयोजित इस सम्मेलन में पीएम मोदी डेढ़ साल से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने और बातचीत और कूटनीति के जरिये हल करने पर जोर दे सकते हैं। सम्मेलन में आर्थिक और सुरक्षा हित के अलावा कई मुद्दों पर भारत का फोकस रहेगा। इस सम्मेलन में कई मुद्दों पर भारत का फोकस होने वाला , जिसमें आर्थिक और सुरक्षा हित ही सर्वोपरि होंगे। आर्थिक सहयोग , खाद्य सुरक्षा और ब्रिक्स विस्तार से संबंधित मुद्दों पर चर्चा में भाग लेने के अलावा पीएम मोदी द्वारा शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों को एक-दूसरे के सुरक्षा हितों का सम्मान करने और आतंकवाद के खिलाफ एक स्वर में बोलने की आवश्यकता पर भी जोर देने की उम्मीद है। विदेश मंत्रालय के सचिव विनय क्वात्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री 22 अगस्त की सुबह जोहान्सबर्ग के लिये रवाना होंगे। जहां वह 22 से 24 अगस्त तक चलने वाले पंद्रहवें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। उन्होंने आगे बताया कि इस वर्ष ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का विषय 'ब्रिक्स और अफ्रीका: पारस्परिक रूप से त्वरित विकास, सतत विकास और समावेशी बहुपक्षवाद के लिये साझेदारी' है। यह कोविड-19 महामारी के कारण लगातार तीन वर्षों के बाद पहला व्यक्तिगत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन होगा। वर्ष 2019 के बाद पीएम मोदी पहली बार व्यक्तिगत रूप से ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। भारत-चीन के सीमा पर तनावपूर्ण संबंधों के बीच दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में पीएम मोदी की मुलाकात शी जिनपिंग से हो सकती है। इस शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी रूस - यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को भी खत्म करने पर जोर दे सकते हैं। दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण रिश्ते के बीच मोदी इस सम्मेलन में रूस-यूक्रेन को युद्ध समाप्त कर बातचीत और कूटनीति के जरिये हर चीज हल करने पर जोर दे सकते हैं।ब्रिक्स और इसका उद्देश्य -ब्रिक्स पहले ब्रिक यानि ब्राजील , रूस , भारत और चीन था। इन चार देशों के नेताओं ने जुलाई 2006 में जी 8 आउटरीच शिखर सम्मेलन के दौरान रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में मुलाकात की , फिर सितंबर 2006 में इसे औपचारिक रूप दिया गया। इसके बाद इसमें दक्षिण अफ्रीका शामिल हुआ तो ये ब्रिक्स ग्रुप हुआ।
ब्रिक्स का पहला उद्देश्य राजनीतिक और सुरक्षा है। इसके तहत ब्रिक्स में शामिल देशों में वैश्विक , क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक राजनीतिक क्षेत्रों में संवाद बढ़ाना है। दूसरा उद्देश्य आर्थिक और वित्तिय है , इसके मुताबिक व्यापार , कृषि और बुनियादी ढांचे सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है। इसके अलावा सांस्कृतिक , शेक्षणिक , युवा और खेल क्षेत्र में ब्रिक्स में शामिल देश के लोगों के संपर्क को मजबूत करना है।पीएम मोदी का 25 अगस्त को यूनान दौरा -ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के बाद पीएम मोदी 25 अगस्त को यूनान जायेंगे। वे वहां के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस के आमंत्रण पर जा रहे हैं। चालीस साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री वहां जा रहा है। भारत और यूनान के बीच सभ्यतागत संबंध हैं , जो हाल के वर्षों में समुद्री परिवहन , रक्षा , व्यापार , निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग से मजबूत हुये हैं। पीएम मोदी दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने के लिये प्रधानमंत्री मित्सोटाकिस के साथ बातचीत करेंगे। इस द्विपक्षीय वार्ता के अलावा पीएम मोदी बिजनेस लीडरों और भारतीय समुदाय से भी मुलाकात करेंगे।