: लंबे इंतजार के बाद महाराष्ट्र मंत्रीमंडल का विस्तार , अठारह मंत्रियों ने ली शपथ
Sat, Aug 13, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टमुम्बई - करीब सवा महीने के इंतजार के बाद आखिरकार महाराष्ट्र में आज एकनाथ शिंदे की कैबिनेट का विस्तार हुआ , मंत्रिमंडल विस्तार में 50-50 का फार्मूला रहा यानि दोनों गुटों से 09-09 विधायक मंत्री बनाये गये। इनमें भाजपा और एकनाथ शिंदे दोनों गुटों के नौ - नौ यानि कुल अठारह विधायकों को मंत्रिपद की शपथ दिलाई गई। भाजपा की तरफ से बनाये गये मंत्रियों में चंद्रकांत पाटिल , सुधीर मुनगंटीवार , गिरीश महाजन , राधाकृष्ण विखे पाटिल , सुरेश खाड़े , अतुल सावे , रवींद्र चह्वाण , मंगल प्रभात लोढ़ा और विजय कुमार गावित हैं। वहीं एकनाथ शिंदे गुट की तरफ से बनाये गये मंत्रियों में उदय सामंत , संदीपन भुमरे , गुलाबराव पाटिल , शंभुराज देसाई , संजय राठौड़ , तानाजी सावंत , अब्दुल सत्तार , दादा भूसे और दीपक केसरकर शामिल हैं। सबसे पहले भाजपा के सीनियर नेता और राधाकृष्ण विखे पाटिल ने और उसके बाद भाजपा के सुधीर मुंगटीवार ने शपथ ली। प्रदेश के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राजभवन में इन सभी मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही महाराष्ट्र के मंत्रिमंडल में सदस्यों की संख्या 20 हो जायेगी , जो अधिकतम 43 सदस्यों की संख्या से आधी से भी कम है। इस शपथग्रहण समारोह में सीएम शिंदे , डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस और एनसीपी नेता अजीत पवार भी राजभवन में मौजूद रहे।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में सियासी घमासान के बीच शिवसेना से बगावत करके एकनाथ शिंदे ने भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाई थी। गत 30 जून को एकनाथ शिंदे ने सीएम पद की और देवेंद्र फडणवीस ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी। उस वक्त से राज्य सरकार सिर्फ दो सदस्यीय मंत्रिमंडल के साथ ही काम कर रही थी , जिसे लेकर विपक्ष अक्सर सवाल उठाते हुये तंज कसता रहा है। उद्धव ठाकरे गुट द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किये जाने के मद्देनजर मंत्रिमंडल विस्तार रुका हुआ था। कोर्ट में यह मामला जल्दी सुलझता नहीं दिख रहा , इसके मद्देनजर मंत्रिमंडल विस्तार का फैसला लेते हुवे आज पहला मंत्रिमंडल विस्तार किया गया। शिंदे कैबिनेट में पूर्ववर्ती उद्धव ठाकरे सरकार में मंत्री रहे शिवसेना के बागी विधायकों को भी जगह मिली है , वहीं इस मंत्रीमंडल में एक भी महिला विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया है। अब इसके अगले विस्तार में निर्दलियों को शपथ दिलाये जाने की जानकारी मिली है। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शिंदे की नई टीम के सभी मंत्री करोड़पति हैं। वहीं अगर हम शिक्षा की बात करें तो शिंदे कैबिनेट में एक मंत्री दसवीं और पांच मंत्री बारहवीं पास हैं। इसके अलावा एक इंजीनियर, 07 ग्रेजुएट , 02 पोस्ट ग्रेजुएट और एक डॉक्टरेट की उपाधि ले चुके हैं। बीजेपी के विधायक सुरेश खाडे सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे हैं। वहीं राज्य के सीएम एकनाथ शिंदे दसवी पास हैं और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने ग्रेजुएशन किया है। वैसे ये कैबिनेट विस्तार जो इतने दिन बाद किया जा रहा है , अगर समय रहते बागी विधायकों की सदस्यता पर फैसला आ जाता तो ये काम काफी पहले भी किया जा सकता था। वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा लगातार तर्क दिया गया है कि इस मंत्रिमंडल विस्तार में देरी का सरकार चलाने पर कोई असर नहीं पड़ा है। अभी भी राज्य के विकास को ही प्राथमिकता दी जा रही है और लोगों की सेवा करने पर सारा जोर है। शिंदे मंत्रिमंडल का गठन होने के बाद इस पर पहली प्रतिक्रिया राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से आई है। पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा एकनाथ शिंदे ने अपने मंत्रिमंडल में आधी आबादी यानि महिलाओं को जगह नहीं दी है जो बहुत गलत है। आदित्य ठाकरे के करीबी आनंद दुबे ने भी किसी भी महिला को मंत्री नहीं बनाने का मुद्दा उठाते हुये कहा कि सरकार का कहना है - सब का साथ , सबका विकास , लेकिन हमारी आधी आबादी के साथ सौतेला व्यवहार करती है। वहीं महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता अजित पवार ने दावा किया कि शिंदे ने उनके खेमे में आने वाले प्रत्येक विधायक को मंत्री पद देने का वादा किया था। उन्होंने कहा अब शिंदे अपना वादा पूरा नहीं कर पा रहे हैं इसलिये मंत्रिमंडल विस्तार में देरी हुई है। मुख्यमंत्री को देरी की सही वजह बतानी चाहिये। हालांकि वर्ष 2019 में जब शिवसेना , कांग्रेस और एनसीपी के गठबंधन की महाविकास अघाड़ी सरकार ने शपथ ली थी तो उसके बाद 32 दिनों तक राज्य में कोई कैबिनेट नहीं थी। उसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपनी कैबिनेट का ऐलान किया था।विधानसभा का मानसून सत्र कल सेमहाराष्ट्र विधानसभा का मानसून सत्र कल 10 से 18 अगस्त तक आयोजित किया जायेगा। विधानमंडल सचिवालय ने मानसून सत्र से पहले की तैयारियों के लिये छुट्टियां कैंसिल कर दी हैं। सचिवालय की ओर से जारी एक आदेश के मुताबिक 09 से 18 अगस्त के बीच कर्मचारियों की सभी छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और उन्हें कार्यालय में उपस्थित रहने को कहा गया है।
: ममता मंत्रीमंडल में नौ नये मंत्रियों को मिली जगह
Sat, Aug 6, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टकोलकाता - पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार पार्थ चटर्जी को हाल में मंत्री पद से हटाये जाने के बाद आखिरकार टीएमसी मुखिया वमुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी घोषणा के मुताबिक बुधवार को अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल किया। पांच कैबिनेट , दो स्वतंत्र प्रभार व राज्यमंत्री के रूप में कुल नौ नये मंत्रियों ने राजभवन में आयोजित समारोह में शपथ ली , इनमें से आठ नये चेहरे हैं। कार्यवाहक राज्यपाल एल गणेशन ने सभी नये मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। मंत्रिपरिषद विस्तार को लेकर आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री व बालीगंज से विधायक बाबुल सुप्रियो समेत नैहाटी के पार्थ भौमिक , दुर्गापुर पूर्व से विधायक डा० प्रदीप मजूमदार , दिनहाटा के उदयन गुहा और जंगीपाड़ा विधायक स्नेहाशीष चक्रवर्ती ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। वहीं बीरबाहा हांसदा और विप्लव राय चौधरी ने कैबिनेट मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ ली। इनमें बीरबाहा हांसदा पहले राज्य मंत्री थी और अब उनका प्रमोशन कर उन्हें स्वतंत्र प्रभार का मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा तजमुल हुसैन और सत्यजीत राय चौधरी ने राज्यमंत्री के रूप में शपथ ली। वर्ष 2021 में सरकार बनाने के बाद ममता का यह सबसे बड़ा फेरबदल है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार ममता बनर्जी की नजर लोकसभा 2024 के चुनाव पर है , जातीय और धार्मिक संतुलन को बनाये रखने के लिये वो काफी सक्रिय नजर आ रही हैं। उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में कई मंत्रियों के पद लंबे समय से रिक्त हैं। सुब्रत मुखर्जी , साधन पांडे सरीखे नेताओं की मौत के बाद उनकी जगह किसी को मंत्री नहीं बनाया गया। इसी बीच अभी पार्थ चटर्जी भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किये गये हैं। स्कूल सर्विस कमीशन (एसएससी) भर्ती घोटाला में पार्थ की गिरफ्तारी हुई तो उन्हें मंत्रिमंडल से हटा दिया गया।ममता सरकार ने यह कैबिनेट फेरबदल ऐसे वक्त में किया है जब टीएमसी पार्टी मंत्री रहे पार्थ चैटर्जी ईडी यानि प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में चल रहे हैं। पार्थ और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी का नाम शिक्षक घोटाले में आया है। दोनों इस वक्त ईडी की हिरासत में हैं। ईडी के एक्शन के बाद पार्थ चटर्जी को मंत्रीपद से हटा दिया गया था। तब ममता बनर्जी ने पहले ही इशारा दिया था कि वह अपने मंत्रिमंडल में कुछ नये चेहरों को शामिल कर सकती हैं। सीएम ममता बनर्जी पंचायत , जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी , उपभोक्ता मामले और स्वयं सहायता समूह विभाग का कार्यभार वर्तमान में खुद सम्हाल रही हैं। ममता सरकार में अभी 21 कैबिनेट मंत्री , 10 स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्री और नौ राज्यमंत्री हैं। विधानसभा की सदस्य संख्या के अनुसार राज्य में 44 मंत्री बनाये जा सकते हैं।
: मालद्वीप के राष्ट्रपति सोलिह की चार दिवसीय भारत यात्रा
Wed, Aug 3, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टनई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर एक उच्च स्तरीय अधिकारी और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह अपने चार दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंचे हुये हैं। केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने दिल्ली हवाईअड्डे पर सोलिह की अगवानी की। उनकी यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई गति प्रदान करना है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट करते हुये कहा कि हिंद महासागर की लहरों से बंधी एक साझेदारी जो ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों से जुड़ी है।दिल्ली में आधिकारिक कार्यक्रमों के अलावा राष्ट्रपति सोलिह मुंबई भी जायेंगे और व्यावसायिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे।इस यात्रा के तहत मालदीव के राष्ट्रपति सोलिह ने सोमवार को विदेश मंत्री एस० जयशंकर के साथ मुलाकात की थी। बैठक के बाद जयशंकर ने कहा कि भारत की 'पड़ोसी पहले' नीति के तहत मालदीव भी उसका अहम हिस्सा है। दोनों पक्षों में कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ दिल्ली में मुलाकात की। राष्ट्रपति बनने के बाद किसी देश के राष्ट्र प्रमुख के साथ मुर्मू की यह पहली मुलाकात है। इसी कड़ी में आज मंगलवार को उन्होंने हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह के बीच विशेष साझेदारी को और गहरा करने पर चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश समेत कई द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विस्तृत बातचीत भी हुई। दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच व्यापक साझेदारी में प्रगति की समीक्षा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह के बीच शिखर वार्ता के बाद भारत और मालदीव ने छह समझौतों पर हस्ताक्षर किये हैं। भारत और मालदीव के बीच क्षमता निर्माण , साइबर सुरक्षा , आवास , आपदा प्रबंधन और बुनियादी ढांचे में सहयोग बढ़ाने को लेकर छह समझौते हुये। मालदीव के राष्ट्रपति के साथ शिखर वार्ता के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मालदीव के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों में नया जोश देखने को मिला है , हमारे बीच नजदीकियां बढ़ीं हैं। हैदराबाद हाउस में संयुक्त प्रेस वक्तव्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा पिछले कुछ सालों में भारत-मालदीव के रिश्तों में नया जोश आया है। महामारी के बाद हमारा रिश्ता व्यापक हुआ है। मैंने राष्ट्रपति सोलिह के साथ कई विषयों पर चर्चा की। महत्वपूर्ण वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों पर आदान-प्रदान किया। पीएम मोदी ने ग्रेटर माला कनेक्टिविटी प्रोजक्ट की शुरुआत का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि भारत इसके अतिरिक्त 2000 सोशल हाउसिंग यूनिट्स के लिये वित्तीय सहायता भी देगा और 100 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त लाइन ऑफ क्रेडिट देने का भी फैसला किया गया ताकि प्रोजक्ट्स पूरे हो सकें। उन्होंने कहा हिंद महासागर में देशों के बीच अपराध , आंतकवाद , ड्रग्स तस्करी का खतरा गंभीर है। इसलिये रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में भारत और मालदीव के बीच करीबी संपर्क और समन्वय पूरे क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिये अहम है। मालदीव के सुरक्षा बलों को भारत कैपिसिटी बिल्डिंग और ट्रेनिंग में मदद देगा। वहीं मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह ने कहा भारत के रिश्तों को मालदीव सबसे अधिक महत्ता देता है , हमारे रिश्ते नई ऊंचाईयों पर पहुंच रहे हैं। भारत - मालदीव संबंध कूटनीति से परे है , यह यात्रा दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंध की पुष्टि है। प्रधानमंत्री मोदी और मैंने आतंकवाद के मुद्दे और समुद्री सुरक्षा को लेकर चर्चा की। हम आंतकवाद के खिलाफ सभी क्षेत्रों में मिल कर काम करने और आपसी रिश्ते मजबूत करने के लिये प्रतिबद्धता दोहराते हैं।उन्होंने कहा कोरोना का असर दोनों देशों के लोगों और अर्थव्यवस्था पर पड़ा। कोरोना के दौरान भारत की तरफ से मालदीव को बहुत मदद की गई। मैंने इस विजिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी से कई मुद्दों पर बात की। एक्ज़िम बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से मालदीव को वित्तीय मदद दी जा रही है। मालदीव भारत का सच्चा दोस्त है और रहेगा , मैं भारत की मदद के लिये धन्यवाद देता हूं।
भारत और मालदीव के बीच साइबर सिक्योरिटी को लेकर हस्ताक्षर किये गये एमओयू के ज़रिए हमारा करीबी सहयोग बढ़ेगा। इस एमओयू के ज़रिये हमारे देश में क्षमता निर्माण और ट्रेनिंग में मदद मिलेगी। मालदीव में भारत के रूपे कार्ड के उपयोग से मालदीव में भारत की तरफ से पर्यटन में मदद मिलेगी।