: अबू धाबी पहुंचने पर हुआ पीएम मोदी का भव्य स्वागत
Sun, Jul 16, 2023
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टअबू धाबी (यूएई) - पेरिस की अपनी दो दिवसीय सफल यात्रा के बाद भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज एकदिवसीय आधिकारिक यात्रा पर अबू धाबी पहुंचे। यहां पहुंचते ही हवाईअड्डे पर संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति और अबू धाबी के शासक शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने उनका गर्मजोशी से भव्य स्वागत किया। वहीं दुबई के बुर्ज खलीफा ने भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के रंग प्रदर्शित किये। अपनी स्वागत पर आभार व्यक्त करते हुये पीएम मोदी ने ट्विटर पर पोस्ट किया कि आज हवाई अड्डे पर मेरा स्वागत करने के लिये क्राउन प्रिंस एचएच शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का आभारी हूं। अबू धाबी में राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री का जोरदार स्वागत किया गया। यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने पीएम मोदी की कलाई पर फ्रेंडशिप बैंड भी बाधा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूएई पहुंचने पर वहां के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नायहान ने एक शाही भोज का आयोजन किया , जिसमें पीएम मोदी के सामने सिर्फ शाकाहारी व्यंजन ही परोसे गये।पीएम मोदी को यूएई में परोसी गई डिशेज में सलाद (व्हीट एंड डेट्स सलाद विथ लोकर ऑर्गेनिक वेजिटेबल्स) , स्टार्टर में ग्रीन वेजिटेबल्स विथ मसाला सॉस , मेन कोर्स में ब्लैक लैंटेल विथ लोकर व्हीट सर्व विथ कर्लीफ्लॉवर एंड कैरट तंदूरी , डेसर्ट में सीजनल लोकल फ्रूट शामिल था। इस मेन्यू कार्ड के सबसे नीचे लिखा था कि सभी खाद्य पदार्थ वेजिटेरियन हैं और उन्हें वेजिटेबल ऑयल में तैयार किया गया है। इसमें डेयरी और एग प्रोडक्ट का कोई इस्तेमाल नहीं है। बताते चलें संयुक्त अरब अमीरात एक इस्लामिक देश है , इस देश के भोजन में मांसाहार प्रमुखता से शामिल होता है। हालांकि पीएम मोदी शाकाहारी हैं , ऐसे में पीएम मोदी के सम्मान में आयोजित किये गये शाही भोज में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया। ऐसा सिर्फ यूएई में ही नहीं होता बल्कि पीएम मोदी जिस देश की यात्रा करते हैं , वहां लंच , डिनर या ब्रेकफॉस्ट में इसका विशेष ध्यान रखा जाता है।पीएम मोदी ने यहां यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ मुलाकात कर दोनों देश एनर्जी , फूड सिक्योरिटी , डिफेंस जैसे कई अहम मुद्दों पर लंबी बातचीत की। इसके अलावा दोनों देश रणनीतिक साझेदार एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद प्रगति की समीक्षा की। दोनों देशों ने अपनी मुद्राओं में व्यापार शुरू करने पर सहमति जताई है और इसे लेकर एक अहम समझौते पर साइन किये गये हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों की मुद्राओं में व्यापार के लिये साइन किया गया समझौता दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक सहयोग और आपसी विश्वास को दर्शाता है। दोनों देशों की मुद्राओं में व्यापार पर यूएई के साथ समझौते से द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही जी - 20 के एजेंडे को लेकर भी दोनों देश बातचीत किये। इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी शीर्ष नेतृत्व के साथ खासतौर पर ऊर्जा , खाद्य सुरक्षा और रक्षा क्षेत्रों पर बातचीत की। इस दौरान दोनों देशों के बीच आयात - निर्यात और भुगतान से जुड़े कई अहम समझौते भी हुये। यहां पीएम मोदी ने सीओपी 28 यूएई के अध्यक्ष और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के ग्रुप सीईओ डा० सुल्तान अल जाबेर के साथ बैठक की। इस बैठक के दौरान डॉ. जाबेर ने प्रधानमंत्री को आगामी सीओपी-28 के बारे में जानकारी दी। साथ ही पीएम ने यूएई की सीओपी-28 की अध्यक्षता के लिये भारत के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। पीएम ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिये भारत के प्रयासों और पहलों पर भी प्रकाश डाला। उल्लेखनीय है कि यह पीएम मोदी का प्रधानमंत्री बनने के बाद संयुक्त अरब अमीरात की यह पांचवीं यात्रा है। उन्होंने इससे पहले वर्ष 2015 , 2018 , 2019 और वर्ष 2022 में अरब देश की यात्रा की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी एक दिवसीय यात्रा समाप्त करने के बाद संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी से दिल्ली के लिये रवाना हो गये।
: तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर सर्बिया पहुंची राष्ट्रपति मुर्मू
Wed, Jun 7, 2023
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टबेलग्रेड (सर्बिया) - महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपनी सूरीनाम की यात्रा समाप्त करके आज राजकीय यात्रा पर सर्बिया पहुंचीं। सर्वियाई राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वूसिक के निमंत्रण पर वे 09 जून तक सर्बिया की राजकीय यात्रा पर रहेंगी। बेलग्रेड सर्बिया में निकोला टेस्ला हवाईअड्डे पहुंचने पर उनके समकक्ष एलेक्जेंडर वूसिक ने उनका स्वागत किया। इसके बाद भारतीय राष्ट्रपति ने सर्बिया के गांधीजेवा स्ट्रीट में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। सर्बिया के श्रम , रोजगार , वयोवृद्ध और सामाजिक नीति मंत्री निकोला सेलाकोविक और बेलग्रेड के मेयर अलेक्जेंडर सालिक भी महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि समारोह में उपस्थित थे। राष्ट्रपति मुर्मू यहां अपने समकक्ष के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगी और प्रधानमंत्री एना ब्रनाबिक तथा नेशनल असेंबली के अध्यक्ष व्लादिमीर ओरलिक से मुलाकात करेंगी। इसके अलावा वे यहां एक कारोबारी कार्यक्रम को संबोधित करेंगी और भारतीय समुदाय से भी बातचीत करेंगी। बताते चलें कि भारतीय राष्ट्रपति मुर्मू की सर्बिया यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब कोसोवो में पिछले सप्ताह से तनाव बढ़ रहा है , जिसने 2008 में सर्बिया से स्वतंत्रता की घोषणा की थी।हालाँकि विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत कोसोवो की स्वतंत्रता की घोषणा को मान्यता नहीं देता है और यह कि देश की स्थिति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सर्बिया यात्रा को प्रभावित नहीं करेगी। वहीं राष्ट्रपति कार्यालय ने ट्वीट किया है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का बेलग्रेड में आगमन पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की सर्बिया की पहली यात्रा है। सर्बिया के राष्ट्रपति ने एक विशेष भाव से हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति मुर्मू की अगवानी की। उनके आगमन पर उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। राष्ट्रपति मुर्मू सूरीनाम और सर्बिया के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिये दोनों देशों की अपनी छह-दिवसीय यात्रा के दूसरे और अंतिम चरण में यहां पहुंची हैं। वे नौ जून तक सर्बिया में रहेंगी।
: ब्रिटेन में किंग चार्ल्स तृतीय की हुई भव्य ताजपोशी
Wed, May 10, 2023
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टलंदन - ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय और रानी कैमिला का वेस्टमिंस्टर एब्बे चर्च में आज राज्याभिषेक किया गया। ब्रिटेन के शाही परिवार का सत्तर साल बाद राज्याभिषेक समारोह हुआ है। इससे पहले महारानी एलिजाबेथ की ताजपोशी वर्ष 1953 में हुई थी , तब वह सत्ताईस साल की थीं। आज हुये इस ताजपोशी में महाराजा चार्ल्स तृतीय और उनकी पत्नी कैमिला राज्याभिषेक के लिये घोड़े से चलने वाली बग्घी में बैठकर वेस्टमिंस्टर एबे पहुंचे। जहां कार्यक्रम में पहुंचे करीब दो हजार मेहमानों के सामने चार्ल्स तृतीय को यूनाइटेड किंगडम के राजा का ताज पहनाया गया , वहीं उनकी पत्नी कैमिला आधिकारिक रूप से रानी बन गईं।शाही चर्च वेस्टमिंस्टर एबे में किंग चार्ल्स सात सौ साल पुरानी कुर्सी के बगल में खड़े हुये। केंटरबरी के आर्कबिशप 'ईश्वर सम्राट की रक्षा करें' का उद्घोष किये। चार्ल्स ने कानून और चर्च ऑफ इंग्लैंड को कायम रखने की शपथ ली , फिर राजतिलक कुर्सी पर बैठे।आर्कबिशप उनके हाथों और सिर पर पवित्र तेल से अभिषेक किये , ये पवित्र तेल जिस ऐतिहासिक चम्मच से छिड़का गया वह बारहवीं सदी की है। इसके बाद सम्राट को धार्मिक और नैतिक अधिकारों का प्रतीक एक शाही गोला व राजदंड प्रदान किया गया। अंत में उनके सिर पर सेंट एडवर्ड का ताज रखा गया और यही प्रक्रिया महारानी कैमिला के राज्याभिषेक में भी अपनाई गई।ताजपोशी के वक्त किंग को सेंट एडवर्ड का ताज पहनाया गया. ये गोल्ड, रूबी, सिल्वर और सैफायर से बना है और इसका वजन 2.23 किलोग्राम है. इसके बाद वापस जाते वक्त किंग चार्ल्स को इम्पीरियल स्टेट क्राउन पहनाया गया। ताजपोशी के बाद सम्राट चार्ल्स और महारानी कैमिला गोल्ड स्टेट कोच में बैठकर राजमहल लौटे। यह बग्घी वर्ष 1830 के बाद से हर राज्याभिषेक में इस्तेमाल होती रही है। चार टन की यह बग्घी वर्ष 1767 से शाही परिवार के पास ही है। यह पहला मौका रहा जब राज्याभिषेक के अनुष्ठान में बौद्ध , हिंदू , यहूदी , मुस्लिम और सिख धर्मगुरु भी शामिल हुये।मैं यहां सेवा करने आया हूं - किंग चार्ल्सकिंग चार्ल्स तृतीय ने ब्रिटेन के महाराजा के रूप में शपथ लेते हुये कहा कि मैं यहां सेवा लेने नहीं सेवा करने आया हूं। मैं सत्यनिष्ठा और ईमानदारी से यह स्वीकार करता हूं और घोषणा करता हूं कि उन अधिनियमों के सच्चे इरादे के अनुसार काम करूंगा जो सिंहासन पर प्रोटेस्टेंट उत्तराधिकार को सुरक्षित करते हैं और कानून के अनुसार अपनी सर्वोत्तम शक्तियों के तहत उक्त अधिनियमों को बनाये रखूंगा। बताते चलें महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद ही चार्ल्स को सम्राट का दर्जा मिल गया था , लेकिन उन्हें वास्तव में ताज पहनाने की शाही परंपरा आज अपनाई गई। किंग चार्ल्स की ताजपोशी के कार्य में शामिल करीब चार लाख लोगों को धन्यवाद मेडल भी दिया गया। इसमें ब्रिटिश सैन्य अधिकारी , आपात सेवा से जुड़े फ्रंटलाइनर , पुलिस अधिकारी आदि शामिल थे।