: वाद विवाद के चलते पत्नि की हत्या करने का आरोपी पति जेल दाखिल
Sat, Jun 8, 2024
कबीरधाम - संतान ना होने की बात को लेकर हमेशा होने वाले वाद विवाद के चलते गुस्से में आकर शराब पिलाने के बाद
तकिया से पत्नि के मुंह नाक को दबाकर हत्या करने के आरोपी पति को कुण्डा पुलिस ने गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस मीडिया समूह में घटना की विस्तृत जानकारी देते हुये पुलिस अधीक्षक डा० अभिषेक पल्लव ने बताया विगत माह 19 अप्रैल को डायल 112 के जरिये सूचना प्राप्त हुई कि थाना कुण्डा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सेन्हाभाठा में कंचन उर्फ लता अपने घर पर फौत कर गई है। सूचना मिलते ही मौके पर रवाना होकर प्रार्थी दुर्गेश मल्लाह की सूचना पर मौके पर देहाती मर्ग इंटिमेशन धारा 174 जाफौ कायम कर मृतिका कंचन उर्फ लता की शव पंचनामा जांच कार्यवाही उपरांत मर्ग क्रमांक 08/24 धारा 174 जाफौ कायम कर जांच में लिया। जांच के दौरान मृतिका के शव का पीएम रिपोर्ट में डॉक्टर ने बिसरा परीक्षण कराने का राय दिये थे। बिसरा परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने पर पीएम रिपोर्ट का क्वेरी कराया गया। क्वेरी उपरांत डाक्टर द्वारा मृतिका की मृत्यु होमोसाईडल नेचर का होना लेख करने पर मामले में धारा 302 , 201 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। मामला महिला संबधी और गंभीर प्रकृति एवं संवेदनशील होने से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। पुलिस अधीक्षक डाँ.अभिषेक पल्लव के द्वारा त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विकास कुमार व पुष्पेन्द्र बघेल एवं अनुविभागीय शपुलिस अधिकारी पंडरिया पंकज पटेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी महेश प्रधान के नेतृत्व में टीम बनाकर विवेचना दौरान संदेही दुर्गेश मल्लाह से पूछताछ किया गया जो बार-बार पुलिस को गुमराह करते रहा। पुलिस द्वारा मनोवैज्ञानिक रूप से एवं कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी दुर्गेश ने घटना को स्वयं करना कबूल किया , जिसका मेमोरेण्डम कथन लिया गया। आरोपी के निशानदेही पर मृतिका की हत्या करने के लिये मृतिका का नाक मुंह दबाने में घटना में प्रयुक्त तकिया को जप्ती किया गया है। आरोपी ने संतान ना होने की बात को लेकर हमेशा पति पत्नि में वाद-विवाद लड़ाई झगडा करना बताया। मृतिका द्वारा आरोपी पति दुर्गेश में ही कमी होना बोलकर लगातार ताने मारना , गाली गलौज करना और संबध बनाने से इंकार करने के कारण घटना दिनांक की रात्रि को भी आरोपी और मृतिका कंचन बाई के साथ आपस में विवाद हुआ था। तब आरोपी ने मृतिका को शराब पिलाकर उसके मुंह नाक को तकिया से दबाकर हत्या कर दिया और घर वालों को मृतिका का भूत प्रेत का बाधा होना , झटके मारना कहकर गुमराह किया तथा मृतिका के चेहरे में आई चोट को भी झटका लगने से होना बताया था। गवाहों का कथन व विवेचना साक्ष्य एवं पीएम रिपेार्ट के आधार पर आरोपी दुर्गेश मल्लाह द्वारा अपराध घटित करना सिद्ध पाये जाने से थाना कुण्डा पुलिस ने विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया। इस सम्पूर्ण मामले के खुलासे में उप निरीक्षक विनोद खांडे , प्रधान आरक्षक ज्ञानेश्वर केलकर ,भोलाराम यादव , मुकेश राजपूत , आरक्षक लल्लू राजपूत , हिरेश ठाकुर , चित्रांगद सिंह ध्रुव , महिला आरक्षक नुमतिसाहू , बबली चंद्राकर , नेहा साव का विशेष योगदान रहा।गिरफ्तार आरोपी -दुर्गेश मल्लाह पिता कुंजू राम मल्लाह उम्र 35 वर्ष निवासी सेन्हाभाठा , थाना - कुण्डा , जिला - कबीरधाम छत्तीसगढ़ ।
: बालको की पहल से माहवारी स्वास्थ्य प्रबंधन के प्रति बढ़ी लोगों की जागरूकता
Sat, Jun 8, 2024
बालकोनगर, 04 मई 2024।* वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता दिवस के अंतर्गत समुदाय के साथ मिलकर एमएचएम सप्ताह का आयोजन किया। पूरे सप्ताह कंपनी ने कोरबा के ग्रामीण क्षेत्रों में माहवारी से जुड़े अनेक भ्रांतियां को दूर करने और सस्टेनेबल माहवारी स्वास्थ्य प्रबंधन प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए समुदाय में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये।
बालको ने ‘सपोर्टिंग ग्रीन पीरियड्स’ पहल की शुरुआत की जो सस्टेनेबल माहवारी स्वास्थ्य प्रथाओं को बढ़ाने के लिए कर्मचारियों की स्वैच्छिकता के साथ मिलकर क्षमता निर्माण का प्रयास है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को स्वयं के लिए कपड़े से बने पैड को सिलने के कौशल के साथ सशक्त बनाना था जिससे उनकी पैड की आवश्यकता पूरी हो सके। विभिन्न जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से 1,500 से अधिक किशोर और वयस्क तक पहुँच को सुनिश्चित किया गया। माहवारी की जानकारी को खेल और मनोरंजन से जोड़ने पर जागरूकता अभियान को समुदाय तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली।
नयी किरण परियोजना के अंतर्गत माहवारी स्वच्छता दिवस के तहत साप्ताहिक माहवारी स्वास्थ्य जागरूकता अभियान में विभिन्न कार्यक्रम शामिल किये गये। मां-बेटी, सास-बहू सम्मेलन के तहत कंपनी ने लोकप्रिय ‘सांप सीढ़ी’ खेल का मानवीय संस्करण तैयार किया जिसमें माहवारी पर संवाद एवं बातचीत को सरल बनाया गया है। खेल की मदद से महिलाओं और परिवार के सदस्य ने उत्साहपूर्वक माहवारी स्वास्थ्य मिथकों और तथ्य पर खुलकर चर्चा की। रात्रि चौपाल के तहत समुदाय में माहवारी की समझ को बढ़ावा देने के लिए विशेष रूप से बनी शैक्षिक फिल्में दिखाई गईं। इन फिल्मों का उद्देश्य दिखाए गए पात्रों के व्यवहार के बारे में बातचीत को बढ़ावा देना है। जिससे समुदायों को माहवारी विषय पर बेहतर जानकारी देने में मदद मिली।चाय पर चर्चा थीम के तहत ग्रामीण महिलाओं को एनीमिया से लड़ने के लिए संतुलित आहार की विस्तृत समझ और महत्व के लिए पोषण विशेषज्ञों का सत्र आयोजित किया गया। बेहतर माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता प्रबंधन (एमएचएम) के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. गायत्री शर्मा के नेतृत्व में 500 से अधिक महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच किया गया। सेफ स्पेश कैंपेन का उद्देश्य एक न्यायसंगत और समावेशी समाज बनाना है जहां माहवारी के बारे में बातचीत सामान्य हो। इसके अंतर्गत लक्षित क्षेत्रों में माहवारी संबंधी उत्पाद, अस्पतालों और क्लीनिक के सेवा प्रदाताओं के साथ साझेदारी "सुरक्षित स्थान" का स्टिकर लगाया गया। इस अभियान के तहत सभी सेवा प्रदाताओं से माहवारी पर बातचीत और पारदर्शी पैकेजिंग को खुले तौर पर अपनाने की शपथ लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
सरकारी विभाग के सहयोग से माहवारी पर समुदाय में साकारत्मक परिवर्तन को व्यापक बनाना है। इस पहल का उद्देश्य महिला एवं बाल विकास (डब्ल्यूसीडी) जैसे सरकारी विभागों के साथ ज्ञान के आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाना और एमएचएम की समझ को और बढ़ाना है। इस सहयोग से एमएचएम को प्रभावी ढंग से संबोधित करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल के साथ सामूहिक लक्ष्यों को प्राप्त करना है।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि हमारे दृष्टिकोण के अनुसार समुदाय का स्वास्थ्य सस्टेनेबल प्रगति की नींव है। स्वास्थ्य पहल के माध्यम से हम गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा तक सभी की पहुंच, सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने और बेहतर जीवन सुनिश्चित करने के लिए कटिबद्ध हैं। नयी किरण परियोजना के माध्यम से हम लोगों को सवेंदनशील बनाने का प्रयास कर रहे हैं। माहवारी के दौरान महिलाओं के लिए एक सुरक्षित वातावरण को बढ़ावा देने के साथ ही संवेदनशील लीडर तैयार किया जा रहा है।कंपनी को माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता प्रबंधन जागरूकता में उत्कृष्ट योगदान के लिए कई पुरस्कार मिले हैं। एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) ने विश्व माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता दिवस 2024 के अवसर पर ‘माहवारी स्वच्छता-कॉर्पोरेट एवं सार्वजनिक उपक्रमों में सीएसआर पहल के लिए को प्रतिष्ठित एसोचैम पुरस्कार-2024 से सम्मानित किया। बेस्ट हेल्थकेयर एक्सीलेंस सीएसआर फिल्म कटैगरी के लिए “सारिका दोंद्रो की नयी किरण”- 2023 को सोशियो कॉर्प सीएसआर फिल्म फेस्टिवल एंड अवॉर्ड द्वारा पुरस्कृत किया गया। ग्रामालय द्वारा तीसरे एमएचएम इंडिया समिट-2023 ‘एमएचएम पर सर्वश्रेष्ठ सीएसआर पहल’ पुरस्कार। सामुदायिक स्वास्थ्य पहल “स्वास्थ्य, पोषण एवं कल्याण” में उत्कृष्ट योगदान के लिए सबेरा अवॉर्ड तथा हेल्थ केयर के लिए 4 वां आईसीसी सोशल इम्पैक्ट अवॉर्ड-2022 से सम्मानित किया गया।बालको ने नयी किरण परियोजना को वर्ष 2019 से सार्थक जन विकास संस्थान के सहयोग से कोरबा जिले के गांवों एवं नगर पालिक निगम क्षेत्रों में माहवारी से जुड़ी मिथकों और भ्रांतियों को दूर करने के लिए परियोजना लागू की। माहवारी के दौरान स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता को बढ़ावा देना, माहवारी संबंधी उत्पाद विकल्पों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और सुरक्षित प्रजनन स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए है। अबतक 45 गांवों में जागरूकता पैदा करने और क्षमता निर्माण गतिविधियों के माध्यम से लगभग 60,000 से अधिक लोगों को संवेदनशील बनाने में मदद की है। नयी किरण छत्तीसगढ़ के कोरबा, पोड़ी उपरोड़ा, करतला, पाली और कटघोरा तक फैला है। परियोजना ने किशोर लड़को एवं लड़कियों, स्व सहायता समूह (एसएचजी) महिलाओं और आंगनबाड़ी तथा आशा कार्यकर्ता से लेकर 600 से अधिक समुदाय के सदस्यों को मास्टर ट्रेनर और समुदाय में बदलाव के पथप्रदर्शक के रूप में सक्षम बनाया है।
-------------------------------------
: बालको ने विश्व पर्यावरण दिवस पर लिया हरित भविष्य का संकल्प
Sat, Jun 8, 2024
बालकोनगर, 6 जून, 2024। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने छत्तीसगढ़ वन विभाग के सहयोग से बालको टाउनशिप में 200 से अधिक पौधे लगाकर विश्व पर्यावरण दिवस मनाया। कंपनी द्वारा सस्टेनेबिलिटी एवं पर्यावरण संरक्षण पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गये। कंपनी ने वन विभाग के सहयोग से वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की है जो हरित भविष्य को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है।
बालको के भूमि पुनरुद्धार में वृक्षारोपण की महत्वपूर्ण भूमिका के महत्वपूर्ण कदम की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण बोर्ड (सीईसीबी) के प्रतिनिधि विस्तारित वृक्षारोपण अभियान का हिस्सा बने। स्लोगन ‘हमारी भूमि हमारा भविष्य, हम पुर्नोद्धार की पीढी है’ पर चलाए गए अभियान से कर्मचारी और समुदाय को हरित भविष्य के लिए एकजुट किया गया।
युवा पीढ़ी को इस वैश्विक अभियान में शामिल करने के लिए कंपनी द्वारा सीड्स बॉल (खुद से) बनाने के लिए कार्यशाला आयोजित की गई जिसके बाद नंद घर में पौधारोपण किया गया। नंद घर आंगनवाड़ी केंद्र हैं जो समुदायिक विकास के लिए वेदांता लिमिटेड द्वारा संचालित की जाती हैं। कार्यशाला का उद्देश्य लोगों को अधिक हरियाली वाले स्थानों के विकास के लिए वृक्षारोपण और बीजों के पुन: उपयोग के बारे में शिक्षित करना है।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि हम पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करने और संरक्षित करने के लिए कटिबद्ध हैं। हम अपने प्रचालन में सस्टेनेबल प्रथाओं को अपनाकर 2050 तक नेट-ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने के व्यावसायिक नवाचार को अपना रहे हैं। विश्व पर्यावरण दिवस हमें अपने समुदाय के साथ जुड़ने, प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा और उसे बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ाने का अवसर देता है। विभिन्न पर्यावरण कार्यक्रमों के माध्यम से हमारा लक्ष्य सस्टेनेबल संस्कृति को बढ़ावा देना है जो हमारे प्रचालन के साथ-साथ समुदाय तक फैली हुई है। इस अभियान में हमने सभी हितधारकों को हरित भविष्य के लिए हमारे मिशन में शामिल किया है।कोरबा वन विभाग के उप वनमंडलाधिकारी आशीष खेलवार ने पर्यावरणीय प्रयासों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पौधारोपण एक सस्टेनेबल अभ्यास है जिसे हमें दैनिक कार्य संस्कृति में शामिल करना चाहिए। वन विभाग एवं विभिन्न संगठनों के एकजुट प्रयास, सस्टेनेबल भविष्य को प्राप्त करने और हमारे पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। वित्त वर्ष 2025 में 1.5 लाख पेड़ लगाने के लक्ष्य के साथ बालको द्वारा सस्टेनेबल भविष्य की दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयास तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनका समर्पित प्रयास वास्तव में सराहनीय है।कंपनी ने अपने संयंत्र में पर्यावरण के अनुकूल प्रचालन करने और उसे बढ़ावा देने के लिए विभिन्न उप-इकाइयों के अपने कर्मचारियों और व्यावसायिक साझेदारों को "ग्रीन चैंपियन ऑफ द ईयर" पुरस्कार से सम्मानित किया। सप्ताहिक कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यक्तियों को प्रेरित करने के लिए प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की गईं। सस्टेनेबल प्रैक्टिस को बढ़ावा देने और पर्यावरण संबंधी समर्पित प्रयासों का जश्न मनाने लिए पुरस्कार समारोह के साथ हुआ।कंपनी समुदाय के साथ साझेदारी में कर्मचारियों, निवासियों और बच्चों को सस्टेनेबल जीवन के बारे में शिक्षित करके पर्यावरण संरक्षण की संस्कृति विकसित कर रही है। प्रकृति के साथ जुड़ाव को मजबूत करने के लिए बालको ने बच्चों के ग्रीष्मकालीन शिविर में विभिन्न गतिविधियों को शामिल किया। शिविर के माध्यम से बीज वितरण तथा वृक्ष को गले लगाने का अभ्यास कराया गया जिससे बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को विकसित किया जा सके।बालको ने वित्त वर्ष 2024 में सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण योगदान के साथ सकारात्मक पर्यावरणीय प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठाए जो निम्नलिखित हैं। आसपास के प्राकृतिक जल संसाधनों को पुनर्जीवित करके भूजल बहाली सुनिश्चित किया गया। इस अभियान के अंतर्गत 42 कृषि और सामुदायिक तालाबों का जीर्णोद्धार कर जल संरक्षण के प्रयास को मजबूत किया गया। 1 लाख 20 हजार से अधिक पौधारोपण किया गया जो हरित भविष्य के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता के अनुरूप है। मानव तथा पशुओं के बीच सामंजस्यपूर्ण बंधन को सुगम बनाने के लिए विशेष कार्यशालाओं का आयोजन। स्थानीय वनस्पतियों और जीवों के बारे में सभी को संवेदनशील बनाने के लिए वन सैर के साथ-साथ वन्यजीव और प्रकृति फोटोग्राफी प्रतियोगिताओं का आयोजन। कंपनी ने क्षेत्र की जैव विविधता को प्रदर्शित करने के लिए मैगजीन का प्रकाशन किया गया। कंपनी ने रिक्लेमेशन प्रक्रिया के तहत 150 हेक्टयेर से अधिक फैले अनुपयोगी पांच ऐश डाइक क्षेत्र का सफलतापूर्वक वनीकरण किया जो पर्यावरण संरक्षण प्रति कंपनी की कटिबद्धता को दर्शाता है।-------------------------------------