: बिलासपुर आईजी डा० संजीव शुक्ला ने किया रायगढ़ जिला का वार्षिक निरीक्षण
Fri, May 31, 2024
रायगढ़ - गत दिवस पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज , बिलासपुर डॉ.संजीव शुक्ला का जिला रायगढ़ के वार्षिक निरीक्षण के लिये आगमन हुआ। पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पहले दिन थाना खरसिया का निरीक्षण किया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल भी मौजूद थे। रेंज आईजी ने थाना खरसिया के सभी रजिस्टर, मालखाना, बंदीकक्ष, सीसीटीएनएस आदि समस्त कक्ष का निरीक्षण कर लंबित अपराध, शिकायत, मर्ग, बदमाशों की जांच, समंस-वारंटों की तामिली की जानकारी लेकर प्रशिक्षु आईपीएस एवं थाना प्रभारी खरसिया आकाश श्रीश्रीमाल को आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। पुलिस महानिरीक्षक डॉ.संजीव शुक्ला द्वारा उर्दना पुलिस ग्राउंड में परेड की सलामी ली गई। परेड कमांडर रक्षित निरीक्षक अमित सिंह तथा परेड सेकेण्ड इन कमांड उपनिरीक्षक गेंदलाल साहू के नेतृत्व में मार्चपास्ट किया गया। आईजी डॉ. संजीव शुक्ला द्वारा परेड पर उपस्थित अधिकारी व जवानों के उत्तम वेशभूषा, उत्कृष्ट मार्च पास्ट तथा पुलिस बैंड के जवानों को बेहतर प्रर्दशन पर ईनाम दिया गया। परेड ग्रांउड पर शासकीय वाहनों के निरीक्षण तथा रक्षित केन्द्र के शाखाओं का निरीक्षण पश्चात आईजीपी महोदय व अधिकारी/कर्मचारी पुलिस सम्मेलन में उपस्थित हुये। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल द्वारा पुष्पगुच्छ देकर उनका अभिवादन किया गया। सम्मेलन में रेंज आईजी डॉ. शुक्ला ने अधिकारी, कर्मचारियों की गुजारिशें और सुझाव सुनी। अधिकतर पारिवारिक व व्यक्तिगत कारण बताते हुये जवानों ने अन्यत्र जिले स्थानांतरण के संबंध में अनुरोध किया गया जिनका आचार संहिता के पश्चात उचित निराकरण का आश्वासन दिया गया। सम्मेलन में पुलिस महानिरीक्षक महोदय द्वारा 01 जुलाई से लागू होने वाले नये कानून के संबंध में विवेचकों के प्रशिक्षण की जानकारी लिये और नये कानून, साइबर तथा फारेंसिक जांच के संबंध में चर्चा कर अधिकारियों को आवश्यक जानकारी प्रदाय किया गया । पुलिस सम्मेलन में आईजीपी महोदय के हाथों रायगढ़ पुलिस द्वारा समंस-वारंट, गुम/चोरी संपत्ति तथा बदमाशों की जांच के लिए बनाए गए वेब साइड डिजिटल रायगढ़ का शुभारंभ किया गया तथा पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के मार्गदर्शन पर पुलिस अधिकारियों की सुविधा के लिये नये कानून और पुराने कानून के “कम्परेटिव बुक” का विमोचन आईजीपी महोदय के हाथों कराया गया। सम्मेलन में आईजीपी महोदय द्वारा जिला पुलिस रायगढ़ से सेवानिवृत हो रहे-सब इंस्पेक्टर करमू साय पैंकरा, एएसआई लक्ष्मण प्रधान, हेड कांस्टेबल खेमराम पटेल और रणधीर टोप्पो को शॉल श्रीफल, प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। वहीं जिले के विभिन्न थाना चौकी में कार्यरत 10 जवान- प्रधान आरक्षक दिलीप भानु, हेम प्रकाश सोन, कृष्ण कुमार गुप्ता, हीरा सिंह सिदार, करुणेश राय, महिला प्रधान आरक्षक जेनिपा पन्ना, महिला आरक्षक अनिता बेक, आरक्षक कृष्ण कुमार वारेन, आनंद कुजूर और हरेंद्र पाल सिंह को बेहतर कार्य के लिये प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। आईजीपी महोदय द्वारा पुलिसकर्मियों को आमजन से अच्छा व्यवहार प्रदर्शित कर थाना में आने वाले पीड़ितों की समस्याओं के उचित निराकरण के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। अंत में पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल द्वारा आभार व्यक्त किया गया है। परेड तथा पुलिस सम्मेलन में जिले के सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारी, थाना, चौकी प्रभारी व समस्त शाखा के प्रभारियों के साथ पुलिस लाइन व शहर के थानों के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
: बालको ने अल्ट्राटेक सीमेंट के साथ किया एमओयू
Fri, May 31, 2024
बालकोनगर, 31 मई, 2024। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने श्री अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड के साथ समझौता (एमओयू) किया है। इसके अंतर्गत बालको अल्ट्राटेक सीमेंट को 75,000 मीट्रिक टन फ्लाई ऐश की आपूर्ति करेगा, जिसका उपयोग कम कार्बन वाले सीमेंट के उत्पादन में किया जाएगा। कंपनी भारत के कुछ प्रमुख सीमेंट उत्पादकों को उच्च गुणवत्ता वाली फ्लाई ऐश का पसंदीदा आपूर्तिकर्ता बन गया है। इससे सीमेंट उद्योग में फ्लाई ऐश के सस्टेनेबल उपयोग के लिए महत्वपूर्ण सहयोग तथा सर्कुलर इकोनॉमी में बढ़ोत्तरी होगी।
फ्लाई ऐश थर्मल पावर उत्पादन का उप-उत्पाद है जो बालको के एल्यूमिनियम प्लांट की बिजली की जरूरतों को पूरा करने से उत्पादित होता है। इसमें विभिन्न उद्योगों में पुन: उपयोग की महत्वपूर्ण क्षमता है। सीमेंट उद्योग में अपने अंतर्निहित सीमेंटीय गुणों के कारण कच्चे माल के तौर पर इसकी मांग है। इसके उपयोग से पानी की खपत में कमी, बेहतर कार्य क्षमता, बेहतर यांत्रिक गुण और टिकाऊपन आदि शामिल है। इसके साथ औद्योगिक उप-उत्पाद होने के कारण फ्लाई ऐश के उपयोग से सीमेंट लागत तथा ऊर्जा बचत हुई है। सीमेंट निर्माण में फ्लाई ऐश का उपयोग करने से लगभग 700-800 किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन, 4.2 मिलियन गीगा जूल ऊर्जा और प्रति टन 341 लीटर पानी बचाया जा सकता है।फ्लाई ऐश का उपयोग सीमेंट के अलावा ईंट निर्माण, सड़क निर्माण, इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और कृषि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है। भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बड़े पैमाने पर परियोजनाओं का कार्यान्वयन हुआ जिससे फ्लाई ऐश के उपयोग में वृद्धि हुई है। बालको के बिजली संयंत्र में उच्च गुणवत्ता वाले कोयला इस्तेमाल से कम सल्फर तथा उच्च गुणवत्ता वाली राखड़ होता है जो सीमेंट उत्पादन, ईंट एवं सड़क निर्माण के लिए आदर्श उत्पाद है। वित्तीय वर्ष 2024 में बालको ने विभिन्न उद्योगों की जरूरतों को पूरा करते हुए 4 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक फ्लाई ऐश की आपूर्ति की है। इस पहल से 150 प्रतिशत राखड़ का उपयोग सुनिश्चित हुआ है। हमारे रिसोर्स एफिशिएंसी और एनवायरमेंटल सस्टेनेबिलिटी को अधिकतम करने की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि हम उप-उत्पादों के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करके सर्कुलर इकोनॉमी पहल को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ऐसे इंडस्ट्री एमओयू से कई लाभ हुए हैं जिसमें सीमेंट निर्माण के गुणवत्ता में बढ़ोत्तरी, लागत में कमी और सस्टेनेबिलिटी लाभ के साथ ही प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन में भी सहायता मिली है। हमारे वेस्ट टू वेल्थ पहल का उद्देश्य वैल्यू चैन को विकसित करना है जो हमारे उप-उत्पादों को अन्य उद्योगों के लिए मूल्यवान संसाधनों में परिवर्तित करते हैं। यह समझौता हमारे रिसोर्स एफिशिएंसी और एनवायरमेंटल सस्टेनेबिलिटी को अधिकतम करने की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।अल्ट्राटेक सीमेंट के श्री प्रवीण कुमार, वरिष्ठ महाप्रबंधक (आरएम और ईंधन पूर्वी क्लस्टर) ने एमओयू पर खुशी जाहिर करते हुए इससे होने वाले पारस्परिक लाभों के महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि बालको के साथ एमओयू सस्टेनेबल प्रैक्टिस के प्रति हमारी प्रतिबद्धता के अनुरूप है। सीमेंट उत्पादन में फ्लाई ऐश का उपयोग न केवल उत्पाद की गुणवत्ता को बढ़ाता है बल्कि हमारे सस्टेनेबिलिटी प्रयासों के प्रति कंपनी की कटिबद्धता को भी दर्शाता है।--------------------------------------------------------------
: बालको ने कर्मचारियों के देखभाल की संस्कृति को बनाया उत्कृष्ट
Fri, May 31, 2024
“बालको में 18 साल से काम कर रहा हूं। मेरे लिए यह आज भी उतना ही रोमांचक है जितना यहां मेरा पहला दिन था।” ये शब्द बालको के पॉटलाइन में काम करने वाले कृष्ण श्रीवास के हैं। उन्होंने आगे बताया कि यहां मैं अपने पत्नी और बच्चों के साथ रहता हूं। विकसित भारत के लिए एल्यूमिनियम निर्माण का कार्य कर रहा हूं। मेरे बच्चों को बालकोनगर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। यहां काम करने के साथ परिवार को मिलने वाली सभी सुविधाओं से उन्हें खुश और संतुष्ट देखकर मुझे शांति मिलती है। परिवार के बारे में बताते हुए उनके चेहरे पर मुस्कान साफ झलक रही थी।
रमेश बघेल ग्रीन एनोड प्लांट में काम करते हैं उन्हें बालको में कार्य करते हुए 18 वर्ष हो गए हैं। उन्होंने कंपनी में अपनी यात्रा पर बताया कि हमें हर संभव तरीके से काम करने और कौशल को विकसित करने के लिए यहां पर्याप्त अवसर प्रदान किये गये। कंपनी हमारे लिए समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करती है। प्रशिक्षण से हम कौशल में परिपूर्ण होते हैं जो हमें अपनी भूमिकाओं में उत्कृष्टता प्राप्त करने में मददगार साबित हुआ है। उन्होंने बताया कि सीखने के अवसर कर्मचारियों को कार्यस्थल में उनकी उत्पादकता को अधिकतम करने के लिए मजबूत आधार प्रदान करते हैं जिसकी वजह से बालको में काम करना पसंद है।
मुस्कान लखानी 2 साल से सेंट्रलाइज्ड सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर (सीएसओसी) में शिफ्ट प्रभारी के रूप में कंपनी में सहयोग दे रही हैं। उन्होंने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में एक महिला के रूप में चौबीस घंटे सुरक्षा सुनिश्चित करने में बहुत गर्व महसूस करती हूं। एल्यूमीनियम उत्पादक बालको नवीनतम तकनीकी प्रगति की मदद से अपने सभी कर्मचारियों के लिए एक सुरक्षित और सहायक वातावरण सुनिश्चित किया है। कंपनी डेटा एवं व्यक्तिगत सुरक्षा दोनों में सुरक्षित और सहायक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए कटिबद्ध।जागीरथी दिवाकर 6 वर्षों से अधिक समय से गैरेज में तकनीशियन हैं। दिवाकर जी अपने चेहरे पर गर्व भरी मुस्कान के साथ कहते हैं कि “बालको अनुभवी कर्मियों के प्रशिक्षण सत्रों के साथ सुरक्षा के लिए सेफ्टी फर्स्ट दृष्टिकोण अपनाता है। इस पहल से मशीनरी के उचित और सुरक्षित उपयोग से लेकर खतरे की पहचान और आपातकालीन प्रक्रियाओं तक सब कुछ शामिल होता है। वे यह सुनिश्चित करने के लिए नवीनतम तकनीक में निवेश करते हैं कि हमारे पास सुरक्षित और कुशलतापूर्वक कार्य करने के लिए आवश्यक सभी चीजें मौजूद हैं। बालको में बहुत सारी सुविधाएं वेतन से भी बढ़कर हैं जो हमारे लाइफ स्टाइल को उच्चस्तरीय बनाया है। जिसमें अवकाश सुविधा के साथ सभी कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए एक अच्छी तरह से डिज़ाइन की गई स्वास्थ्य देखभाल योजना शामिल है।पॉटलाइन से रोहित कुशवाहा ने बताया कि शॉप फ्लोर पर काम करते हुए उन्हें 2 साल हो गए। इस अनुभव के साथ पॉटरूम प्रक्रिया के सभी तकनीकी कार्यों को भी संभाल सकता हूं। कंपनी की समावेशी कार्यस्थल संस्कृति एक सकारात्मक और सहयोगात्मक कार्यशैली को बढ़ावा देती है जिससे कर्मचारी आगे बढ़ पाते हैं। विश्वस्तरीय मानव संसाधन संचालन के अनुरूप कंपनी सभी कर्मचारियों को पर्याप्त अवसर प्रदान करती है। विविध कार्यबल एक गतिशील और अभिनव कार्य वातावरण में योगदान करने के लिए अमूल्य अंतर्दृष्टि और प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करता है जो अच्छा बदलाव है। वह अपने आसपास की कार्य संस्कृति और परिवेश के बारे में विस्तार से बताते हैं। बालको सभी कर्मचारियों के लिए उनकी प्रतिभा एवं क्षमता को अधिकतम करने के अवसर पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं जिससे हमारे लिए बेहतर कार्य अनुभव सुनिश्चित हो सके।कर्मचारियों की सुरक्षा और संतुष्टि के लिए बालको प्रतिबद्ध है। नवीनतम तकनीक में निवेश, सुरक्षा के प्रति कंपनी के संकल्प प्रदर्शित करती है। इससे सुनिश्चित होता है कि बालको कर्मचारी अपने कर्तव्यों को सुरक्षित और कुशलता से पूरा करने के लिए तैयार हैं। 7700 से अधिक बालको कर्मचारियों और व्यावसायिक साझेदारों के भलाई, सुरक्षा और विकास को प्राथमिकता देकर बालको ने खुद को सफलता के लिए तैयार किया है। कंपनी को बेस्ट एम्प्लॉयर के लिए किन्सेंट्रिक अवार्ड, हैप्पीएस्ट वर्कप्लेस अवार्ड और सस्टेनेबल फैक्ट्री ऑफ द ईयर अवार्ड जैसी प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।बालको अपने कर्मचारियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए कई नीतियां और योजनाएं लागू किया है। इनमें से कुछ नीतियां और योजनाएं हैं- बालको अपने कर्मचारियों को बचपन के विकास में मदद करने के लिए पेरेंटहुड चाइल्डकेयर पॉलिसी प्रदान करता है। कर्मचारियों को निरंतर पुरस्कार एवं सम्मान कार्यक्रमों के माध्यम से प्रोत्साहित किया है। बालको अस्पताल में सभी के लिए बीमा योजनाओं और चिकित्सा लाभों के साथ उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। कर्मचारियों को उत्कृष्ट श्रेणी की सुविधाओं के साथ रहने और खान के लिए क्वार्टर, हॉस्टल तथा कैंटीन उपलब्ध है। उत्पादकता बढ़ाने के लिए कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण और सुरक्षा कार्यक्रमों की व्यवस्था है। संयंत्र परिसर में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक कर्मचारी के लिए सुरक्षा और पीपीई किट अनिवार्य हैं।
------------------------------------------