: रोजगार मेला हमारी सरकार की नई पहचान - पीएम मोदी
Wed, Jun 14, 2023
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टनई दिल्ली - देश में चल रहा रहा रोजगार अभियान पारदर्शिता और सुशासन का भी प्रमाण है। पहले जब सरकारी नौकरी की बात आती थी तो भी ये भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार ही करते थे। सरकारी नौकरी देने को पहले ये लोग अपने बैंक-बैलेंस को बढ़ाने का मौका समझते थे। देश के करोड़ों लोगों के साथ इन पार्टियों ने विश्वासघात किया है। हमारी सरकार ने अपने कार्यकाल में पारदर्शिता लाई है और हमने भाई-भतीजावाद को भी खत्म किया है। भारत पर पूरी दुनियां भरोसा कर रही है , तमाम विपरीत हालात में भी भारत अपनी अर्थव्यवस्था को आगे ले जा रहा है।
उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज बीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सत्तर हजार से अधिक युवाओं को नियुक्त पत्र सौंपने के बाद कही। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुये कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले ये रोजगार मेले एनडीए और भाजपा सरकार की नई पहचान बन गये हैं। ये अभियान अपने आप में अभूतपूर्व है , प्रतियोगी परीक्षा को पारदर्शी बनाया गया है। ये सभी युवा चुनौती के बावजूद अर्थव्यवस्था को ऊंचाई पर पहुंचा रहे हैं। हमारे प्रयास से निजी सेक्टरों में रोजगार के अवसर पैदा हुये। भारत अभी ज्यादा स्थिर और ज्यादा मजबूत स्थिति में है। मुझे खुशी है कि भाजपा के शासन वाली राज्य सरकारे भी लगातार इस तरह के रोजगार मेले आयोजित कर रही हैं। जो लोग इस समय सरकारी नौकरी में आ रहे हैं उनके लिये यह बहुत ही महत्वपूर्ण समय है। आपके सामने अगले पच्चीस साल में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य है। पीएम ने कहा कि आज भारत में निजी और सरकारी सेक्टर दोनों ही जगह नौकरियों के निरंतर नये मौके बन रहे हैं। बहुत बड़ी संख्या में हमारे नौजवान स्वरोजगार के लिये भी आगे आ रहे हैं। गारंटी के बिना बैंक से लोन दिलाने वाली मुद्रा योजना ने करोड़ो युवाओं की मदद की है। स्टार्ट अप इंडिया और स्टैंड -अप इंडिया जैसे अभियानों से युवाओं का सामर्थ्य और ज्यादा बढ़ा है। सरकार है मदद पाने वाले ये नौजवान अब खुद अनेकू युवाओं को नौकरी दे रहे हैं। गौरतलब है कि पीएम मोदी ने पिछले वर्ष 22 अक्तूबर को लगभग दस लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने के अभियान की शुरुआत की थी , इसी के तहत विभिन्न चरणों में नियुक्ति पत्र सौंपे गये। आज देश भर में विभिन्न भर्तियों के तहत चयनित हुये लगभग सत्तर हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किये। इस दौरान उन्होंने सभी युवाओं के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये नवनियुक्त युवाओं को संबोधित भी किया। इस दौरान देश भर में 43 जगहों पर रोजगार मेले का आयोजन किया गया। आज आयोजित छठे रोजगार मेले में कई केंद्रीय मंत्री भी देश के अलग-अलग हिस्सों से जुड़े। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण चेन्नई से और महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी लखनऊ से रोजगार मेले से जुड़ीं। उद्योग मंत्री महेंद्र नाथ पांडे वाराणसी से , संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री किशन रेड्डी सिकंदराबाद , जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत जोधपुर से और रोड ट्रांसपोर्ट मंत्री नितिन गडकरी नागपुर से कार्यक्रम में शामिल हुये। अब तक कई चरणों में युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे जा चुके हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार यह अभियान पूरा कर लेगी और चुनावों में इसे अपने एजेंडे में प्रमुखता से रखेगी।कब-कब लगा रोजगार मेला -पहला रोजगार मेला 22 अक्टूबर 2022 को लगा जिसमें 75 हजार से ज्यादा लोगों को जॉइनिंग लेटर मिले।
दूसरा रोजगार मेला 22 नवंबर 2022 को इसमें 71 हजार से ज्यादा जॉइनिंग लेटर बांटे गये। तीसरा रोजगार मेला 20 जनवरी 2023 को इस रोजगार मेले में 71 हजार से ज्यादा जॉइनिंग लेटर दिये गये थे।
चौथा रोजगार मेला 13 अप्रैल 2023 को जिसमें 71 हजार से ज्यादा लोगों को जॉइनिंग लेटर दिये गये थे। पांचवां रोजगार मेला 16 मई 2023 को जिसमें 70 हजार से ज्यादा लोगों को जॉइनिंग लेटर दिये गये थे।
: प्रवीण सूद सीबीआई के नये अगले डायरेक्टर नियुक्त
Wed, May 17, 2023
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टनई दिल्ली - भारत सरकार ने कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक प्रवीण सूद को केंद्रीय जांच ब्यूरो के अगले निदेशक के रूप में नियुक्त किया है। गत 13 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर सिलेक्शन कमेटी की मीटिंग हुई थी। इसमें सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ और लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी शामिल हुये थे। इसके बाद तीन नाम शॉर्टलिस्ट किये गये थे , जिसमें सूद के अलावा मध्यप्रदेश के डीजीपी सुधीर सक्सेना और सीनियर आईपीएस ताज हासन का नाम शामिल था। आखिरकार सूद के नाम पर सहमति बनी। प्रवीण सूद ऐसे समय में सीबीआई निदेशक का पद सम्हाल रहे हैं, जब एजेंसी कई संवेदनशील मामलों की जांच कर रही है। इनमें पेगासस स्पाईवेयर , कोरोना महामारी के दौरान चिकित्सा उपकरणों की खरीद में घोटाला जैसे मामले शामिल हैं। प्रवीण सूद का नाम सीबीआई डायरेक्टर की रेस में पहले से ही सबसे आगे चल रहा था। मौजूदा सीबीआई डायरेक्टर सुबोध कुमार जायसवाल का दो साल का कार्यकाल 25 मई को समाप्त होगा। सीबीआई के मौजूदा निदेशक सुबोध कुमार मुंबई पुलिस कमिश्नर थे और मुम्बई पुलिस कमिश्नर से वह सीबीआई निदेशक बने थे। बताते चलें प्रवीण सूद वर्ष 1986 बैच के कर्नाटक कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं और जनवरी 2020 में कर्नाटक के डीजीपी बने थे। सीबीआई डायरेक्टर में दो साल का निश्चित कार्यकाल होता है , लेकिन इसे पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि प्रवीण सूद हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के रहने वाले हैं , इनका जन्म वर्ष 1964 में हुआ था। इनके पिता ओम प्रकाश सूद दिल्ली सरकार में क्लर्क थे , जबकि मां कमलेश सूद दिल्ली के सरकारी स्कूल की टीचर थीं। सूद की स्कूलिंग दिल्ली के सरकारी स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने आईआईटी दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी० टेक किया। वर्ष 1986 में वे 22 साल की उम्र में आईपीएस बने , उन्हें कर्नाटक कैडर मिला। सर्विस के दौरान ही उन्होंने आईआईएम बेंगलुरु से पब्लिक पुलिस मैनेजमेंट में एमबीए पूरा किया। पुलिस सर्विस के शुरुआती दौर में वे बेल्लारी और रायचुर में एसपी रहे। इसके अलावा बेंगलुरु और मैसूरु में वे डीसीपी भी रहे। सूद को वर्ष 1996 में सीएम की ओर से उन्हें गोल्ड मेडल मिल चुका है। वर्ष 1999 में ये मारीशस में पुलिस सलाहकार भी रहे। वर्ष 2004 से वर्ष 2007 तक वो मैसूर शहर के पुलिस आयुक्त रहे। इसके बाद वर्ष 2011 तक बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के रूप में काम किया। वर्ष 1996 में सेवा में उत्कृष्टता के लिये उन्हें मुख्यमंत्री स्वर्ण पदक , वर्ष 2002 में पुलिस पदक और वर्ष 2011 में विशिष्ट सेवा के लिये राष्ट्रपति द्वारा पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। प्रवीण सूद वर्ष 2013-14 में कर्नाटक पुलिस आवास निगम के प्रबंध निदेशक रहे। इसके साथ ही उन्होंने राज्य के गृह विभाग में प्रधान सचिव , राज्य रिजर्व पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और प्रशासन में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के रूप में भी काम किया है।
: आज विकास और विश्वास का पर्याय है भाजपा - नरेन्द्र मोदी
Thu, Apr 6, 2023
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टनई दिल्ली - भाजपा वो पार्टी है जिसके लिये राष्ट्र सदा सर्वोपरि रहा है , एक भारत-श्रेष्ठ भारत जिसकी आस्था का मूलमंत्र रहा है। एक भारत , सर्वश्रेष्ठ भारत के मूलमंत्र के साथ हम आगे बढ़ते रहे हैं। आज भाजपा विकास , विश्वास का पर्याय है। सबका साथ , सबका विकास , सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र के साथ बीजेपी काम कर रही है। बीजेपी की नीति सर्वसमावेशी , सबका हित करनेवाली है। आज भाजपा विकास और विश्वास का पर्याय है. नये विचार का पर्याय है और देश की विजय यात्रा में एक मुख्य सेवक बन कर अपनी भूमिका निभा रही है। सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण को हमने हमेशा अपने हृदय और कार्यशैली में सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। जब जनसंघ का जन्म हुआ था तो हमारे पास ना ज्यादा सियासी अनुभव था , ना साधन थे , ना संसाधन थे लेकिन हमारे पास मातृभूमि के प्रति भक्ति और लोकतंत्र की शक्ति थी। हमने राष्ट्र प्रथम के मंत्र को अपना आदर्श बनाया है। भाजपा ने लोकतंत्र की कोख से जन्म लिया , लोकतंत्र के अमृत से पोषित है और भाजपा देश के लोकतंत्र और संविधान को मजबूत करते हुये समर्पण भाव से दिन-रात देश के लिये काम कर रही है। हमारा समर्पण है मां भारती को. हमारा समर्पण है देश के कोटि-कोटि जनों को... हमारा समर्पण है देश के संविधान को।
उक्त बातें आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज भारतीय जनता पार्टी के 44 वें स्थापना दिवस पर देश भर के कार्यकर्ताओं को वर्चुअली संबोधित करते हुये कही। उन्होंने कहा कि आज हम सभी अपनी पार्टी का स्थापना दिवस मना रहे हैं। मां भारती की सेवा में समर्पित प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता को मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं। भाजपा की स्थापना से लेकर आज तक जिन महान विभूतियों ने पार्टी को सींचा है। पार्टी को संवारा है , सशक्त और समृद्ध किया है , छोटे से छोटे कार्यकर्ता से लेकर के वरिष्ठ पद पर रह कर देश और पार्टी की सेवा करने वाले सभी महानुभावों को मैं शीश झुका कर प्रणाम करता हूं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आगे कहा आज हम देश के कोने-कोने में भगवान हनुमानजी की जन्म जयंती मना रहे हैं। हनुमानजी का जीवन और उनके जीवन के प्रमुख प्रसंग आज भी हमें पुरुषार्थ के लिये प्रेरित करते हैं। भारत की विकास यात्रा के लिये प्रेरणा देते हैं। हनुमानजी के पास असीम शक्ति है लेकिन इस शक्ति का इस्तेमाल वो तभी कर पाते हैं जब स्वयं पर से उनका संदेह समाप्त हो जाता है। वर्ष 2014 से पहले भारत की भी यही स्थिति थी , लेकिन आज भारत बजरंगबली जी की तरह अपने भीतर सूक्त शक्तियों का आभास कर चुका है। आज भारत समंदर जैसी विशाल चुनौतियों को पार करने और उनका मुकाबला करने में पहले से ज्यादा सक्षम है। पीएम ने कहा जब लक्ष्मण पर संकट आया तब हनुमानजी पूरा पर्वत ही उठाकर ले आये। भाजपा भी इसी प्रेरणा से परिणाम लाने में लोगों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करती रही है , करते रहना है , करते रहेंगे। आज भारत समंदर जैसी विशाल चुनौतियों को पार करने और उनका मुकाबला करने में पहले से ज्यादा सक्षम है। जब हनुमानजी को राक्षसों का सामना करना पड़ा था तो वो उतने ही कठोर भी हो गये थे। इसी प्रकार से जब भ्रष्टाचार की बात आती है , जब परिवारवाद की बात आती है , कानून व्यवस्था की बात आती है तो भाजपा उतनी ही संकल्पबद्ध हो जाती है। हनुमानजी अपने लिये कुछ नहीं करते है , सब कुछ दूसरों के लिये ही करते हैं। जब हनुमान जी को राक्षसों का सामना करना पड़ा था तो वो बहुत ज्याद कठोर हो गये थे , इसी तरह भारत में कानून और भष्ट्राचार की बात आती है , तो भाजपा उतनी ही कठोर हो जाती है। ऐसा कोई भी काम नहीं है जो पवन पुत्र कर नहीं सकते है, भाजपा भी इसी प्रेरणा से लोगों की समस्याओं का हल करने में लगी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यकर्ताओं और नेताओं को सोशल मीडिया के साथ जुड़ने और नये तौर तरीके से वाकिफ होने का मंत्र देते हुये कहा कि टेक्नोलॉजी का दौर है और पार्टी को टेक्नोलॉजी के साथ भी जोड़ना होगा। सोशल मीडिया के नये तौर-तरीके- रील्स , यूट्यूब , फेसबुक-ट्विटर के दौर में युवाओं से जुड़ना होगा। इसके लिये पार्टी में टेक्नोलॉजी सेल बना सकते हैं , युवाओं की टीम बना सकते हैं। एक्सपर्ट से भी सुझाव और मदद ले सकते है। सोशल मीडिया के नये जमाने में ज्यादा से ज्यादा युवाओं में प्रोफेशनल से जोड़ने के लिये नये आयामों को विकसित करना है। साथ ही विश्व की दूसरी पार्टियों के साथ संवाद बढ़ाने की जरूरत है। यूथ विंग और महिला विंग को दूसरे देश की पार्टियों से जुड़े हुये लोगों से संपर्क बनाना चाहिये ताकि उनके तौर तरीके को भी समझें। पीएम मोदी ने भाजपा के भविष्य की सियासत का विजन रखते हुये कहा बीजेपी जब अपने गठन के पचास साल पूरे कर रही होगी , तब देश की आजादी के 100 साल पूरे होंगे।आईये हम अपने देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने , सभी का दिल जीतने , मां भारती के सपनों को पूरी तरह से साकार करने का संकल्प लें। पीएम ने कहा कि पार्टी के लिए अपनी तैयारी रखनी होगी , बीजेपी के निरंतर विस्तार की दिशा में काम करना होगा। पार्टी के कार्यकार्ताओं की ट्रेंनिंग के लिये नये प्लेटफॉर्म बनाने होंगे। सांसद और चुने हुये प्रतिनिधि कार्यकर्ताओं को जानकारी देने की दिशा में बड़े मददगार साबित हो सकते हैं , क्योंकि उनके पास जानकारी के ज्यादा स्रोत हैं। बीजेपी के अलग-अलग मोर्चा भी अपने-अपने माध्यम से अलग-अलग समाज के मदद कर सकते हैं। पीएम मोदी ने विपक्ष पर हमला करते हुये कहा ये लोग जब हमारा मजाक उड़ाकर सफल नहीं हुये तो बादशाही मानसिकता वाले लोगों की नफरत और बढ़ गई। दशकों से हिंसा झेल रहे कश्मीर और नॉर्थ ईस्ट में शांति का सूरज उगेगा , ये उन्होंने सोचा नहीं था। आर्टिकल 370 इतिहास हो जायेगा , ये उन्होंने कल्पना नहीं की थी। जो काम दशकों तक नहीं हुये वो भाजपा कैसे कर रही है , वो इन्हें पच नहीं रहा है। नफरत से भरे ये लोग झूठ बोले जा रहे हैं। अपने भ्रष्ट कर्मों का खुलासा होते देख ये बेचैन हैं और हताशा से भर गये हैं। इतने निराश हैं कि एक ही रास्ता दिख रहा है। खुलकर कह रहे हैं कि मोदी तेरी कब्र खुदेगी और वो कब्र खोदने की धमकी दे रहे हैं। बादशाही मानसिकता वाली पार्टियों को एक बात पता नहीं है कि देश का गरीब और युवा , मातायें - बेटियां , आदिवासी हर कोई भाजपा के कमल को खिलाने के लिये खड़ा हुआ है। पीएम ने कहा मैं आंकड़े देता रहता हूं , पंद्रह - बीस दिनों की बात बताता हूं। जीएसटी के बाद किसी एक वित्तीय वर्ष में 18 लाख करोड़ रुपये का कलेक्शन , 16 लाख करोड़ का टैक्स दिया गया। यूपीआई से 14 लाख करोड़ ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड बना , 750 अरब के पार एक्सपोर्ट पहुंचा , 16 हजार करोड़ का डिफेंस एक्सपोर्ट हुआ , रेलवे ने डेढ़ हजार मीट्रिक टन से अधिक फ्रेट लोडिंग की। ये रिकॉर्ड दिखाते हैं कि देश कितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है। एक सांस में जितना बोल पाया मैं , उतना बोल दिया। गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में हनुमान जयंती और बीजेपी के स्थापना दिवस के संयोग का जिक्र करते हुयै कहा कि आज भारत बजरंगबली जी की तरह अपने भीतर सूक्त शक्तियों का आभास कर चुका है। इस दौरान उन्होंने हनुमानजी का जिक्र कर उन्हें बीजेपी के लिये प्रेरणास्रोत बताया तो वहीं विपक्ष और खासकर कांग्रेस पर जमकर प्रहार किया। इसके अलावा उन्होंने बीजेपी के भविष्य की सियासत का खाका खींचते हुये सामाजिक न्याय के बहाने पिछड़ों को सिर्फ साधने की ही नहीं बल्कि , विपक्ष की कोशिशों पर सीधा प्रहार भी किया। परिवारवाद और भ्रष्टाचार का जिक्र कर उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधा तो वहीं वर्ष 2014 में हुये सत्ता परिवर्तन को देश का पुनर्जागरण बताया। पीएम मोदी ने मिशन-2024 का रोडमैप बताया तो वहीं बीजेपी के फ्यूचर पॉलिटिक्स के लिये कई बड़े मंत्र भी दिये।