: रक्षा क्षेत्र में सात नई कंपनियां सैन्य ताकत का बनेंगी आधार - पीएम मोदी
Sat, Oct 16, 2021
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टनई दिल्ली - रक्षा क्षेत्र में आज जो सात नई कंपनियां उतरने जा रही हैं वो समर्थ राष्ट्र के उनके संकल्पों को और मजबूती देंगी। मुझे पूरा भरोसा है कि ये सभी सात कंपनियाँ आने वाले समय में भारत की सैन्य ताकत का एक बड़ा आधार बनेंगी।आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत देश का लक्ष्य भारत को अपने दम पर दुनियां की बड़ी सैन्य ताकत बनाने का है , भारत में आधुनिक सैन्य इंडस्ट्री के विकास का है।
उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज विजयादशमी के अवसर पर रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित समारोह में वर्चुअली माध्यम से देश में सात नई रक्षा कंपनियों की शुरुआत करते हुये। इस अवसर पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा उद्योग संघों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। पीएम ने कहा कि आज विजयदशमी के पावन पर्व पर राष्ट्र को सशक्त बनाने के लिये , राष्ट्र को अजेय बनाने के लिये जो लोग दिन रात खपा रहे हैं , उनके सामर्थ्य में और अधिक आधुनिकता लाने के लिये एक नई दिशा की ओर चलने का अवसर वो भी विजयदशमी के पावन पर्व पर ये अपने आप में ही शुभ संकेत लेकर लेकर आता है। इस वर्ष भारत ने अपनी आजादी के 75वें साल में प्रवेश किया है। आजादी के इस अमृतकाल में देश एक नये भविष्य के निर्माण के लिये नये संकल्प ले रहा है और जो काम दशकों से अटके थे , उन्हें पूरा भी कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि 41 आर्डिनेन्स फैक्ट्रीज़ को नये स्वरूप में किये जाने का निर्णय , सात नई कंपनियों की ये शुरुआत , देश की इसी संकल्प यात्रा का हिस्सा हैं। ये निर्णय पिछले 15-20 साल से लटका हुआ था। मुझे पूरा भरोसा है कि ये सभी सात कंपनियाँ आने वाले समय में भारत की सैन्य ताकत का एक बड़ा आधार बनेंगी। पीएम मोदी ने कहा कि विश्व युद्ध के समय भारत की ऑर्डिनेन्स फैक्ट्रियों का दम-खम दुनियां ने देखा है। हमारे पास बेहतर संसाधन होते थे , वर्ल्ड क्लास स्किल होता था। आजादी के बाद हमें इन फैक्ट्रियों को अपग्रेड करने और न्यू एज टेक्नोलाजी को अपनाने की जरूरत थी , लेकिन इस पर बहुत ध्यान नहीं दिया गया। पीएम ने कहा पिछले सात वर्षों में देश ने ‘मेक इन इंडिया’ के मंत्र के साथ अपने इस संकल्प को आगे बढ़ाने का काम किया है। आज देश के डिफेंस सेक्टर में जितनी पारदर्शिता है , विश्वास है , और प्रौद्योगिकी संचालित दृष्टिकोण है , उतनी पहले कभी नहीं रही। आज़ादी के बाद पहली बार हमारे डिफेंस सेक्टर में इतने बड़े रिफार्म्स हो रहे हैं, अटकाने-लटकाने वाली नीतियों की जगह सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था की गई है। कुछ समय पहले ही रक्षा मंत्रालय ने ऐसे 100 से ज्यादा सामरिक उपकरणों की लिस्ट जारी की थी जिन्हें अब बाहर से आयात नहीं किया जायेगा। इन नई कंपनियों के लिये भी देश ने अभी से ही 65,000 करोड़ रुपये के ऑर्डर्स प्लेस किये हैं , ये हमारी डिफेंस इंडस्ट्री में देश के विश्वास को दिखाता है। पीएम ने कहा कि आज ही पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डा. एपीजे अब्दुल कलाम साहब की जयंती भी है।कलाम साहब ने जिस तरह अपने जीवन को शक्तिशाली भारत के निर्माण के लिये समर्पित किया , वो हम सबके लिये प्रेरणा देने वाला है।ये सातों कंपनियां हुई देश को समर्पितजिन सात नई रक्षा कंपनियों को शामिल किया गया है , उनमें मुनिशन्स इंडिया लिमिटेड (एम०आई०एल०) , बख्तरबंद वाहन निगम लिमिटेड (अवनी) , एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (एडब्ल्यूई इंडिया) , ट्रूप कम्फर्ट्स लिमिटेड (टीसीएल) , यंत्र इंडिया लिमिटेड (वाय०आई०एल०), इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड (आई०ओ०एल) और ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड (जी०आई०एल) के नाम शामिल हैं।
: इक्कीसवीं सदी की विकास योजनाओं को गति देगा मास्टर प्लान - पीएम मोदी
Wed, Oct 13, 2021
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टनई दिल्ली - आज दुर्गाष्टमी के पावन अवसर पर देश में शक्ति स्वरूपा का पूजन हो रहा है। शक्ति की उपासना के इस पुण्य अवसर पर देश की प्रगति की गति को भी शक्ति देने का शुभ कार्य हो रहा है। हम अगले पच्चीस वर्षों के लिये नींव रख रहे हैं। यह राष्ट्रीय मास्टर प्लान इक्कीसवीं सदी की विकास योजनाओं को ‘गतिशक्ति’ देगा और इन योजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद करने के साथ ही भारत के आत्मबल को , विश्वास को आत्मनिर्भरता के संकल्प तक ले जायेगा। अगली पीढ़ी के इंफ्रास्ट्रक्चर और "मल्टी माडल कनेक्टिविटी" को इस राष्ट्रीय योजना से गति शक्ति मिलेगी। इस योजना से सभी प्रोजेक्ट अब तय समय पर पूरे होंगे और टैक्स का एक पैसा भी बर्बाद नही होगा। देश पहले की तुलना में अब अधिक तेजी से काम कर रहा है।
उक्त बातें आज पीएम नरेन्द्र मोदी ने आर्थिक क्षेत्रों से बहुस्तरीय संपर्क के लिये "गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान' की शुरुआत कर लोगो को संबोधित करते हुये कही। यह रेल और सड़क सहित सोलह मंत्रालयों को जोड़ने वाला एक डिजिटल मंच है। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुये कहा कि हमारे देश में इंफ्रास्ट्रक्चर का विषय ज्यादातर राजनीतिक दलों की प्राथमिकता से दूर रहा है , ये उनके घोषणा पत्र में भी नजर नही आता।अब तो ये स्थिति आ चुकी है कि कुछ राजनीतिक दल , देश के लिये जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर आलोचना करने में गर्व महसूस करते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आज इक्कीसवीं सदी का भारत , सरकारी व्यवस्थाओं की उस पुरानी सोच को पीछे छोंड़कर आगे बढ़ रहा है। आज का मंत्र है - प्रगति के लिये इच्छा , प्रगति के लिये कार्य , प्रगति के लिये धन , प्रगति की योजना और प्रगति के लिये वरीयता। उन्होंने कहा कि जैसे हम स्किल मैनपावर के बिना किसी भी क्षेत्र में जरूरी परिणाम प्राप्त नहीं कर सकते , वैसे ही आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के बिना भी हम चौतरफा विकास नहीं कर सकते हैं। पीएम बोले कि हमने देखा है कि कहीं सड़क बनती है। बनने के बाद पानी विभाग के लोग पाइपलाइन डालने के लिये उसे खोद डालते हैं। कहीं सड़क विभाग डायवर्जन बना देता है , ट्रैफिक पुलिस कहती है उससे जाम लग रहा है। ऐसे कई उदाहरण हैं जिनका समन्वय करने में दिक्कत आती थी। इससे बजट की भी बर्बादी होती है , सबसे बड़ा नुकसान है कि शक्ति जुड़ने की जगह शक्ति विभाजित हो जाती है। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों के बीच आपसी तालमेल की कमी है।प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले सत्तर वर्षों की तुलना में भारत स्पीड से काम कर रहा है। पहली नेचुरल गेस पाइपलाइन वर्ष 1987 में कमीशन हुई थी। फिर साल 2014 तक सत्ताईस साल में देश में पंद्रह हजार किलोमीटर नेचुरल गैस पाइपलाइन बनी। आज देश भर में सोलह हजार किलोमीटर से ज्यादा गैस पाइपलाइन पर काम चल रहा है। जितना काम सत्ताईस वर्षों में हुआ , उससे ज्यादा काम हम उसके आधे समय में करने वाले हैं। पीएम मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले के पांच सालों में सिर्फ तीन हजार किलोमीटर रेलवे का बिजलीकरण हुआ था। बीते सात सालों में हमने चौबीस हजार किलोमीटर से भी अधिक रेलवे ट्रैक का बिजलीकरण किया है। उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 2014 के पहले लगभग दो सौ पचास किलोमीटर ट्रैक पर ही मेट्रो चल रही थी। आज सात सौ किलोमीटर तक मेट्रो का विस्तार हो चुका है और एक हजार किलोमीटर नये मेट्रो रूट पर काम चल रहा है। पीएम ने यह भी बताया कि आने वाले चार-पांच साल में देश में दो सौ से ज्यादा नये एयरपोर्ट , हेलिपैड और वाटर एयरडोम बनने जा रहे हैं। देश के किसानों , मछुआरों की आय बढ़ाने पर काम चल रहा है। अब काम की रफ्तार भारत की पहचान बन रहा है , जिससे देश को विश्वास है कि भारत तेजी से काम कर सकता है।
बताते चलें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंद्रह अगस्त स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से ही गति शक्ति योजना का ऐलान किया था। सोलह केंद्रीय मंत्रालय का ग्रुप नई दिल्ली के प्रगति मैदान में पीएम ‘गति शक्ति’ लॉन्च इवेंट हुआ।लॉन्चिंग इवेंट में मौजूद प्रधानमंत्री मोदी ने रिमोट बटन दबाकर योजना की शुरुआत करने से पहले गति शक्ति मास्टर प्लान और प्रगति मैदान में नये प्रदर्शनी परिसर के मॉडल की समीक्षा की। महत्वाकांक्षी योजना में सोलह केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों द्वारा नियोजित और शुरू की गई ढांचागत पहलों को एकजुट करने के लिये एक केंद्रीकृत पोर्टल की परिकल्पना की गई है। सभी विभागों को एक केंद्रीकृत पोर्टल के माध्यम से एक-दूसरे की परियोजनाओं का पता चलेगा और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी लोगों , वस्तुओं और सेवाओं के आदान-प्रदान के लिये एकीकृत और निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। वहीं पीएमओ ने कहा है कि गतिशक्ति परियोजना व्यापकता, प्राथमिकता, अनुकूलन, समकालीन और विश्लेषणात्मक तथा गतिशील होने के छह स्तंभों पर आधारित है। यह बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेगा , रसद लागत में कटौती करेगा , आपूर्ति श्रृंखला में सुधार करेगा और स्थानीय वस्तुओं को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना देगा।क्या है यह नेशनल मास्टर प्लान ?प्रधानमंत्री गति शक्ति- नेशनल मास्टर प्लान औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ एयरपोर्ट , नई सड़कों और रेल योजनाओं सहित यातायात की व्यवस्था को दुरूस्त करेगा। नेशनल मास्टर प्लान से यह भी पता चलेगा कि कहां सड़क बनी है और कहां सड़क बनने की जरूरत है ? इसके जरिये युवाओं के लिये रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे।
इस डिजिटल मंच की मदद से विकास कार्यों को स्पीड देने की कोशिश होगी। इससे उद्योगों की कार्य क्षमता बढ़ाने में मदद होगी , स्थानीय विनिर्माताओं को बढ़ावा मिलेगा।इसके तहत सोलह मंत्रालयों और विभागों ने उन सभी परियोजनाओं को मोड में डाल दिया है , जिन्हें वर्ष 2024-25 तक पूरा किया जाना है।
: पीएम मोदी का सलाहकार बने रिटायर्ड आईएएस अमित खरे
Tue, Oct 12, 2021
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टनई दिल्ली - रिटायर्ड आईएएस ऑफिसर अमित खरे को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सलाहकार नियुक्त किया गया है। झारखंड कैडर (1985) से आने वाले अमित की नियुक्ति अगले दो वर्षों को लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सलाहकार के तौर पर की गई है। सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अमित खरे का पद और वेतनमान वही होगा जो कि भारत सरकार के किसी अन्य सचिव का होता है। खरे की नियुक्ति संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) के आधार पर की गई है और पुनर्नियुक्ति को लेकर उन पर सरकार के सभी नियम लागू होंगे। जानकारी के मुताबिक वर्तमान में उनकी यह नियुक्ति दो साल अथवा अगले आदेश तक के लिये है , जिसे बाद में विस्तार भी दिया जा सकता है।
बताते चलें कि अमित खरे का जन्म 1961 में एक कायस्थ परिवार में हुआ था और उन्होंने वर्ष 1977 में केंद्रीय विद्यालय हिनू से स्कूली शिक्षा प्राप्त की और फिर सेंट स्टीफंस कॉलेज दिल्ली से ऑनर्स के साथ स्नातक की पढ़ाई पूरी की। उनके एक बड़े भाई अतुल खरे भारतीय विदेश सेवा अधिकारी है। झारखंड कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा 1985 बैच के अधिकारी अमित खरे को बिहार के बहुचर्चित 940 करोड़ रुपये के चारा घोटाले को उजागर करने में उनकी भूमिका के लिये भी जाना जाता है। चारा घोटाला में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को जेल जाना पड़ा। उन्होंने दिसंबर 2019 में शिक्षा मंत्रालय उच्च शिक्षा विभाग के सचिव के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। उसके बाद थोड़े समय के भीतर कैबिनेट द्वारा 29 जुलाई 2020 को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को मंजूरी दी गई। वे 30 सितंबर को सचिव (उच्च शिक्षा) के पद से सेवानिवृत्त हुये थे। इनको पीएम मोदी के करीबी के साथ-साथ स्पष्टवादी फैसले लेने और पारदर्शिता के साथ काम करने के लिये जाना जाता है। वे उन कुछ सचिवों में से एक हैं , जिन्होंने एक साथ मानव संसाधन विकास मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के कामकाज को सम्हाला था। देश में लागू की गई नई एजुकेशन पालिसी का ड्राफ्ट तैयार करने में भी उनका अहम योगदान माना जाता रहा है , इसके अलावा डिजिटल मीडिया को लेकर नियम तय करने में भी उनकी अहम भूमिका रही।