: हम किसी भी कीमत पर किसानों की परेशानी बढ़ने नही देंगे - राजनाथ सिंह
Sat, Mar 9, 2024
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टरायपुर - किसान और गांव के विकास बगैर भारत के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती है। मैं एक किसान का बेटा हूं और गांव से हूं , किसान अपनी मेहनत से मिट्टी से सोना उगा सकते हैं। मेरी सरकार किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। पीएम मोदी के नेतृत्व वाला केंद्र किसानों के कल्याण के लिये कई कदम उठा रहा है।
उक्त बातें केन्द्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आज राजधानी के साइंस कालेज मैदान में किसान महाकुंभ में आये किसानों को संबोधित करते हुये कही। उन्होंने कहा कि लंबे अरसे के बाद किसी सार्वजनिक सभा को संबोधित करने के लिये जनता के सामने खड़ा हूं। आप लोगों ने फूलों का हार पहनाकर हम लोगों का स्वागत किया है, लेकिन आप जानते हैं स्वागत- अभिनंदन- दुआ सलाम एक तरफा नहीं होना चाहिये। इसीलिये आप लोगों को जय जोहार। राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि दिसंबर में आप लोगों ने भारतीय जनता पार्टी को बेहद प्यार किया और भारतीय जनता पार्टी की स्पष्ट बहुमत के आधार पर सरकार बनी। लंबे अरसे बाद पहली बार कोई आदिवासी सीएम बना। सीएम साय के नेतृत्व में राज्य तेजी से तरक्की कर रहा है। उन्होंने कहा अमेरिका में यूरिया उर्वरक का एक बोरी तीन हजार रुपये में उपलब्ध है। भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां किसानों को तीन सौ रुपये प्रति बोरी के दर पर यूरिया उपलब्ध कराया जा रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण महंगाई बढ़ी लेकिन मोदी सरकार ने बीज और खाद के दाम नहीं बढ़ने दिये। हम किसी भी कीमत पर किसानों की परेशानी नहीं बढ़ने देंगे।उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने यहां का खजाना खाली कर दिया था। अब बीजेपी की सरकार खजाना भरने का काम कर रही है। यह काम बीजेपी ही कर सकती है। छत्तीसगढ़ किसानों का गढ़ रहा है। यहां के किसान देश की तरक्की में योगदान दे रहे हैं। किसानों को हर साल छह हजार रुपये दिए जा रहे हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि आज पीएम मोदी की बात पूरा विश्व सुनता है। यही बीजेपी सरकार की काबिलियत है।कांग्रेस सरकार में कहा जाता था भारत गरीबों का देश है। पीएम मोदी ने भारतीय छात्रों को देश लाने के लिये रूस और यूक्रेन से चार घंटे के लिए युद्ध रुकवा दिया था। ये है भारत की हैसियत और स्वाभिमान।छत्तीसगढ़ की पिछली भूपेश बघेल सरकार पर निशाना साधते हुये रक्षामंत्री सिंह ने कहा - छत्तीसगढ़ शहीद वीर नारायण की धरती है जो धान के कटोरे के रूप में जाना जाता है , मैं गावों में किसानों को पसीना बहाते देखा हूं। कांग्रेस शासन ने पांच वर्षों में राज्य को बर्बाद कर दिया और अब मेरा दृढ़ विश्वास है कि विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार लोगों के समर्थन से राज्य को विकास की पटरी पर वापस लायेगी। मैं सभी को बधाई देना चाहता हूं कि आपने भाजपा को काफी प्यार दिया है और स्पष्ट बहुमत से हमारी सरकार बनाई है। लम्बे वर्षों बाद पहली बार यहां कोई आदिवासी सीएम बना और सीएम साय के नेतृत्व के छत्तीसगढ़ काफी प्रगति करेगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में पच्चीस करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आये हैं। यह दावा मैं नहीं कर रहा हूं बल्कि नीति आयोग की रिपोर्ट कर रही है। उन्होंने कहा कि आप तीसरी बार पीएम मोदी को प्रधानमंत्री बनाईये हम इस देश में एक भी आदमी को गरीब नहीं रहने देंगे। एक भी झोपड़ी नही रहने देंगे , सबको पक्का मकान देंगे। राजनाथ सिंह ने जनसभा को संबोधित करते हुये कहा कि कांग्रेस सरकार गेहूं का समर्थन मूल्य एक हजार चालीस रुपये देती थी , बीजेपी सरकार दो हजार से ज्यादा देगी। किसानों को तीन सौ यूनिट बिजली फ्री में दी जायेगी , बीजेपी सरकार जो कहती है वो करती है। कांग्रेस तंज कसते हुये कहती थी कि मंदिर बनायेगे पर तारीख नहीं बतायेंगे, लेकिन हमने तारीख भी बता दिया और मंदिर भी बना दिया।कार्यक्रम की शुरुआत में पूर्व विधायक चुन्नीलाल साहू, डॉ. चोलेश्वर चंद्राकर, सुरेश यादव और पूर्व ब्रिगेडियर एके दास बीजेपी में शामिल हुये। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, भाजपा विधायक, लोकसभा प्रत्याशी तोखन साहू, चिंतामणि महाराज, रूप कुमारी चौधरी भी मौजूद थे। इसके पहले केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आज राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट माना पहुंचने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मंत्री रामविचार नेताम, टंकराम वर्मा, श्याम बिहारी जायसवाल सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भी केंद्रीय रक्षामंत्री का स्वागत किया।
: डिप्टी सीएम ने किया कविता संग्रह बस्तर की सुबह का विमोचन
Thu, Mar 7, 2024
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टरायपुर - बस्तर के मानवशास्त्री एवं साहित्यकार डॉ० रूपेन्द्र कवि की बहुप्रतीक्षित कविता संग्रह "बस्तर की सुबह" का विमोचन छत्तीसगढ़ के यशस्वी उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के हाथों उनके निवास कार्यालय सिविल लाईन में आज संपन्न हुआ। बताते चलें फिलहाल यह किताब जहाँ दो भाषाओं हलबी व हिन्दी में लिखी गई है , वहीं अन्य भाषाओं में भी इसके अनुवाद करने की ज़रूरत है। इस किताब को डिप्टी सीएम शर्मा ने अवार्ड विनिंग बुक कहकर लेखक प्रकाशक को शुभकामनायें दी है। इस कविता संग्रह विमोचन के समय और कोई साहित्यकार एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित थे।
अपने संक्षिप्त परिचय देते हुये कवि डा० रूपेन्द्र ने अरविन्द तिवारी को बताया कि उनका जन्म वनांचल बस्तर के जगदलपुर में 17 फरवरी 1979 में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा बस्तर में होने के बाद उनकी उच्च शिक्षा पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर में सम्पन्न हुई। मानव विज्ञान में इन्होंने पीएचडी कार्य सम्पन्न किया। भाषाविज्ञान, विरासत प्रबन्धन संग्रहालय विज्ञान ,समाजशास्त्र , हिंदी साहित्य आदि विषयों की पढ़ाई इनके ज्ञान विस्तार और जिज्ञासावृत्ति के सूचक हैं। देश विदेश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में पचास से अधिक शोधपत्र , राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में इनका शामिल होना और अध्यक्षता इनके अकादमिक अभिरुचि के अभिलक्षण हैं। ये अपने लोक बस्तर को साहित्यिक सृजन की दृष्टि से देखते हैं , जिसका शुभ पक्ष इनकी कविता लेखन यात्रा है। भारतीय जाति व्यवस्था: शास्त्रीय एवं आधुनिक' , 'बस्तर में आदिवासी विकास' इनके द्वारा लिखित मानवविज्ञान की मानीखेज़ पुस्तक है। इसके अलावा इनकी बाल साहित्य की पुस्तकें नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया से प्रकाशित हुई है। 'आधारभूत मानवविज्ञान ' इनकी शीघ्र प्रकाश्य पुस्तक है। बस्तर के लोकजीवन पर इनके संजीदा विचार उल्लेखनीय हैं। इनको देश के विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया गया है। इनकी लेखन यात्रा अनवरत जारी है। कवि रूपेन्द्र वर्तमान में उपसंचालक आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, (छत्तीसगढ़)में पदस्थ हैं। बस्तर के यशस्वी रचनाकार डॉ.रूपेंद्र कवि,'कवि ' नाम के अनुरूप मूलतः मानवविज्ञानी होते हुये भी कविकर्म को साथ लेकर चलते हैं। कवि की प्रथम कविता संग्रह 'बस्तर की सुबह' दो अर्थों में विशेष है - प्रथम यह अपने बस्तर भूमि से बस्तर की हल्बी बोली में हिंदी कविता का अर्थविस्तारक है। यह कविता संग्रह द्विभाषी है-हल्बी और हिंदी। दूसरा संग्रह की कवितायें बस्तर की संस्कृति और संस्कृति की को मानवविज्ञान की नजर से देखता है। बस्तर की धरती से देश दुनियां की संवेदनलय से हमें जोड़ती है।
: आराधना महोत्सव के रूप में मनाया गया करपात्रीजी का निर्वाण दिवस
Sat, Feb 24, 2024
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टरायपुर - आज धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के 42 वाॅं निर्वाण आराधना महोत्सव के पुण्य अवसर श्रीगोवर्द्धनमठ पुरी , शिव गंगा आश्रम प्रयागराज , हरिहर आश्रम वृंदावन, विमलाम्बा संस्थान होशियारपुर पंजाब एवं श्रीसुदर्शन संस्थानम् रायपुर के साथ साथ पूरे देश भर में विभिन्न आराधना कार्यक्रम एवं सेवा आयोजित हुआ। जिसमें पुरी शंकराचार्यजी द्वारा संस्थापित संगठन के द्वारा आराधना महोत्सव पर कार्यक्रम आयोजित कर स्वामी करपात्रीजी को पुण्य स्मरण के साथ अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वहीं सनातन संस्कृति संरक्षणार्थ नैला जांजगीर में आयोजित श्री साम्बसदाशिव मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में भी आचार्य पं० झम्मन शास्त्रीजी की समुपस्थिति में करपात्री निर्वाण दिवस पर रुद्राभिषेक एवं सहस्त्रार्चन का कार्यक्रम संपादित हुआ।इसी कड़ी में धर्मसंघ पीठपरिषद्, आदित्यवाहिनी - आनन्द वाहिनी जिला जांजगीर चाम्पा इकाई द्वारा श्रीत्रिलोकीनाथ मन्दिर शांतिनगर रेलवे स्टेशन के समीप चाम्पा में पीठपरिषद् राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पुरी शंकराचार्यजी के कृपा पात्र शिष्य प्रख्यात अध्यात्मवेत्ता आचार्य झम्मन शास्त्रीजी के सानिध्य में सायं सत्र में स्वामी करपात्रीजी की रामराज्य पर अवधारणा पर सारगर्भित प्रवचन आचार्य प्रवर के श्रीमुख से श्रवण करने का सौभाग्य सुलभ हुआ। स्वामी करपात्रीजी के तैलचित्र की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना कर इस अवसर पर आचार्य झम्मन शास्त्रीजी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुये स्वामी करपात्रीजी के जीवन दर्शन पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला। आचार्यश्री ने बताया कि ऐसे महान विभूति भारतवर्ष में धर्म एवं राष्ट्र रक्षा के लिये समय - समय पर देव लोक से प्रकट होते हैं। सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं वैदिक मर्यादाओं की स्थापना, सनातन मान बिंदुओं की रक्षा के लिये धर्मसम्राटजी का योगदान इतिहास में सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने कम समय तथा अल्प भौतिक साधन होने पर भी अपने वैदुष्य तथा तपोबल के द्वारा देश को स्वतंत्रता दिलाने में वेदोक्त रीति से शास्त्रीय परंपरा अनुकूल यज्ञ का संपादन कर दैवीय शक्तियों के माध्यम से सफलता दिलाने में बहुमूल्य योगदान प्रदान किया। गौ रक्षा के लिये उनका जीवन संपूर्ण रूप से समर्पित रहा, शासन तंत्र से कठिन यातना प्राप्त हुई , कई बार जेल गये। उन्होंने गौ रक्षा महाभियान का नेतृत्व करते हुए दस लाख गौ भक्तों के साथ संसद का घेराव भी करवाया , कई गौ भक्त शहीद भी हुये, किंतु दृढ़तापूर्वक सनातन धर्मावलंबियों का मनोबल, उत्साह को बढ़ाते हुये जीवन पर्यंत गौ रक्षा के लिये उन्होंने अपने समर्पित भाव से त्याग पूर्वक कार्य किया। आज भी उनका आदर्श जीवन अनुकरणीय है। स्वामी करपात्रीजी के चरणों में सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि संपूर्ण गोवंश की हत्या देश में शीघ्र बंद हो, जिससे हिंदुओं को न्याय मिले तथा भारत शीघ्र हिंदुराष्ट्र के रूप में उद्भाषित हो। उनके बताये पदचिन्हों में चलते हुये गोवर्धनमठ पुरीपीठाधीश्वर श्रीमज्जगद्गुरु शंकराचार्य महाभाग देश की अखंडता एवं श्रीराम राज्य के स्वरूप को स्थापित करने हेतु ही हिंदु राष्ट्र की स्थापना के लिये दिन – रात पूरे देश के विभिन्न प्रांतों में राष्ट्रोत्कर्ष अभियान के अंतर्गत प्रवास करते हुये समग्र हिंदू समाज को जागृत करने हेतु विशेष मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। आचार्य शास्त्री ने अपील किया कि सभी भक्तजन सामूहिक तथा व्यक्तिगत रूप से हनुमान चालीसा का पाठ एवं साप्ताहिक संगोष्ठी के माध्यम से जन जागरण अभियान में सम्मिलित होकर अपने जीवन को धन्य बनायें। इस अवसर पर बी०डी० दीवान, डाॅ जी०पी० दुबे, मोहन द्विवेदी, पद्मेश शर्मा, केदार मिश्रा, ललित दुबे, लिलेश्वर तिवारी, जगदीश मिश्रा, राजेश शुक्ला, अनुभव मिश्रा , अरविन्द तिवारी, वीरेंद्र शर्मा (भाटापारा) , दिनेश शर्मा, रविशंकर पाण्डेय, गणेश श्रीवास, लोकनाथ राठौर, महेश अग्रवाल , उदयचंद देवांगन, शशिभूषण सोनी , सिद्धनाथ सोनी सहित पीठ परिषद , आदित्य वाहिनी के पदाधिकारी प्रतिनिधि एवं सदस्य तथा सनातन धर्मप्रेमी भक्तों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर आराधना पर्व में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की।