: कल देश भर में आयोजित होगा आदि शंकराचार्यजी का प्राकट्य महोत्सव
Sat, May 11, 2024
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टरायपुर - भगवत्पाद आदि शंकराचार्यजी के 2531वें प्राकट्य महोत्सव के उपलक्ष्य में पीठ परिषद् , आदित्यवाहिनी - आनन्दवाहिनी द्वारा कल देश भर में पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ पुरीपीठाधीश्वर अनन्तश्री विभूषित श्रीमज्जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी श्रीनिश्चलानन्द सरस्वतीजी महाभाग के मार्गदर्शन में सनातन संस्कृति संरक्षणार्थ , शिवार्चन रूद्राभिषेक , विचार गोष्ठी , सत्संग , वृक्षारोपण , फल वितरण , सहस्त्रार्चन पूजन आराधना , सुंदरकांड पाठ , श्री हनुमान चालीसा पाठ , भजन संध्या , गौ रक्षा , जलसंकट निवारण , हिंदुओं के प्रशस्त मानबिन्दुओं की रक्षा हेतु विविध कार्यक्रम आदि शंकराचार्यजी द्वारा संचालित अभियान की पूर्ति हेतु समायोजित है। आज आदि शंकराचार्यजी का प्राकट्य महोत्सव सभी इकाईयों में बड़े धूमधाम से मनाया जायेगा। पुरी शंकराचार्यजी के सानिध्य में कल रविवार को गुरू करतार पैलेस सिआली रोड पठानकोट में भव्यता के साथ आदि शंकराचार्यजी का प्राकट्य महोत्सव मनाया जायेगा , वहीं शाम पांच बजे उनके श्रीमुख से भक्तों को दिव्य सत्संग श्रवण सुलभ होगा। इसी कड़ी में पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ पुरीपीठाधीश्वर अनन्तश्री विभूषित श्रीमज्जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी श्रीनिश्चलानन्द सरस्वतीजी महाभाग द्वारा संस्थापित प्रांतीय कार्यालय श्रीसुदर्शन संस्थानम् , पुरी शंकराचार्य आश्रम में भी आज प्रात: नौ बजे से वैदिक आचार्यों द्वारा रूद्राभिषेक एवं आराधना किया जायेगा। फिर पूर्वान्ह साढ़े ग्यारह बजे से आदि शंकराचार्यजी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर उद्बोधन होगा , जिसके मुख्य वक्ता के रूप में डा० तोयनिधि वैष्णव आचार्य एवं विभागाध्यक्ष सेवानिवृत्त शासकीय संस्कृत महाविद्यालय रायपुर होंगे। इस प्राकट्य महोत्सव में शामिल होने वाले सभी भक्तों के लिये आश्रम में प्रसाद की व्यवस्था रखी गई है। आश्रम में सभी कार्यक्रमों की समाप्ति के पश्चात पुरी शंकराचार्यजी द्वारा संस्थापित संगठन पीठ परिषद् , आदित्यवाहिनी - आनन्दवाहिनी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा रावाभांठा में भी प्रसाद वितरण किया जायेगा। इसी तरह से आचार्य झम्मन शास्त्रीजी के सानिध्य में सुबह दस बजे से मारवाड़ी कुवां शिव मंदिर भाटापारा में रूद्राभिषेक, हनुमान चालीसा पाठ और शाम पांच बजे अटल बिहारी इंडोर आडिटोरियम पीजी कालेज ग्राउंड में दिव्य सत्संग सभा एवं संगोष्ठी कार्यक्रम आयोजित है। वहीं दुर्ग एवं जांजगीर-चांपा जिला इकाई में भी आदि शंकराचार्यजी के प्राकट्य महोत्सव पर सुंदरकांड पाठ / हनुमान चालीसा पाठ सहित विविध कार्यक्रम होंगे। श्रीसुदर्शन संस्थानम् पुरी शंकराचार्य आश्रम / मीडिया प्रभारी अरविन्द तिवारी ने बताया कि कालक्रम से विलुप्त ज्ञान-विज्ञान को प्रकट करना , विकृत ज्ञान-विज्ञान को विशुद्ध करना और सूत्रशैली में प्राप्त ज्ञान-विज्ञान को विशद करना तथा सनातन शास्त्रसम्मत व्यासपीठ और शासनतंत्र को प्रतिष्ठित कर उनमें सामञ्जस्य स्थापित करना और विशद करना शासनतन्त्र को करना भगवत्पाद श्रीशङ्कराचार्य के अवतार का मुख्य प्रयोजन है।
: छग सनातन दशनाम गोस्वामी समाज मनायेगा आदि शंकराचार्य जयंती
Thu, May 9, 2024
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टरायपुर - परम्परानुसार इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ सनातन दशनाम गोस्वामी समाज (सरस्वती , गिरि , पुरी , भारती , तीर्थ , सागर , अरण्य , पर्वत , अरण्य और बन नामधारी ) , प्रांतीय कार्यकारिणी एवं जिला रायपुर द्वारा श्री आद्य जगद्गुरु शंकराचार्य जयंती उत्सव का प्रदेश स्तरीय आयोजन 12 मई रविवार को शहीद स्मारक भवन , जयस्तम्भ चौक के पास रायपुर में किया जा रहा है। इस भव्य समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आमंत्रण स्वीकार कर लिया है। वहीं विशिष्ट अतिथि के रुप में द्वय उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा , अरुण साव सहित शिक्षा - पर्यटन - संस्कृति - धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल , रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू , महामंडलेश्वर दूधाधारी मठ रामसुंदर दास , अभा दशनाम गोस्वामी समाज (दिल्ली ) राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश गिरी गोस्वामी , अभा गोस्वामी महासभा (दिल्ली) राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत सच्चिदानंद गिरी उपस्थित रहेंगे। इस कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुये राष्ट्रीय समन्वय समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेन्द्र अयोध्या पुरी गोस्वामी ने अरविन्द तिवारी को बताया कि सभी अतिथियों ने समाज का आमंत्रण स्वीकार कर लिया है। बारह मई को पूर्वान्ह ग्यारह बजे कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्रोच्चार व पूजा अर्चना से होगा और गोस्वामी समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली जायेगी। उसके उपरांत समाज द्वारा अतिथियों का आतिशी स्वागत, गोस्वामी समाज की प्रतिभाओं का सम्मान, सामाजिक युवक युवती परिचय सम्मेलन आदि संपन्न होगा। इस पावन अवसर पर सम्मानित अतिथि गण श्रीआद्य शंकराचार्यजी पर अपना सारगर्भित उद्बोधन देंगे , जो समाज को एक नई दिशा प्रदान करेगा। समाज के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर समाज के सभी लोगों को सभी जिलों से अधिक से अधिक संख्या में सम्मिलित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।
: मंत्र में तारण और मारण दोनों शक्ति होती है समाहित - पुरी शंकराचार्य
Sun, Apr 21, 2024
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टरायपुर - ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ पुरीपीठाधीश्वर अनन्तश्री विभूषित श्रीमज्जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्रीनिश्चलानन्द सरस्वतीजी महाराज आज पुरी अहमदाबाद एक्सप्रेस से रायपुर पहुंचे। यहां रेल्वे स्टेशन पहुंचने पर शिष्यों एवं श्रद्धालुओं ने उनका भव्य स्वागत किया। पूरा स्टेशन हम भारत भव्य बनायेंगे - हम हिन्दू राष्ट्र बनायेंगे और हिन्दू राष्ट्र भारतवर्ष की जय हो के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। यहां स्वागत पश्चात महाराजश्री सड़क मार्ग से श्रीसुदर्शन संस्थानम् , शंकराचार्य आश्रम रावाभांठा रायपुर के लिये प्रस्थान किये। यहां प्रथम सत्र में शिष्यों एवं श्रद्धालुओं को पुरी शंकराचार्यजी का दर्शन सुलभ हुआ , वहीं द्वितीय सत्र में महाराजश्री ने पीठ परिषद् , आदित्यवाहिनी - आनन्दवाहिनी के सांगठनिक बैठक में संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को संगठन के उद्देश्यों के अलावा चयन , प्रशिक्षण और नियोजन तथा हिन्दू राष्ट्र निर्माण में उनके दायित्व विषय पर मार्गदर्शन प्रदान किया।सुदर्शन संस्थानम् रायपुर में सायंकालीन सत्र में आयोजित संगोष्ठी में विभिन्न जिज्ञासुओं के धर्म, राष्ट्र और ईश्वर से संबंधित शंकाओं का समाधान करते हुये पुरी शंकराचार्यजी ने ईश्वर के विभिन्न रूपों में विभिन्नता के उत्तर में कहा कि सच्चिदानन्द स्वरूप सर्वेश्वर ही सब देवों एवं शक्ति के रूप में स्वयं को विरुपित करते हैं। मंत्र में मारण और तारण दोनों की शक्ति होती है अत: मंत्र का जाप सावधानी पूर्वक शास्त्रोक्त विधि से करना चाहिये। किसी अन्य व्यक्ति के प्रति अपराध हो जाने से अपराध बोध से मुक्ति कैसे मिलती है। प्रत्येक व्यक्ति में ईश्वर रहते हैं अतः ईश्वर के समक्ष अपनी गलती के लिये क्षमा प्रार्थना करनी चाहिये। सनातन वर्णाश्रम व्यवस्था का शास्त्रीय विधि से पालन करने पर समाज की अधिकांश विकृतियों का समाधान हो सकेगा। सृष्टि की संरचना त्रुटिहीन है, आपस में परस्पर समन्वय के द्वारा ही इसके उद्देश्य प्राप्ति की ओर दिशा में अग्रसर हो सकते हैं। सच्चिदानन्द स्वरूप सर्वेश्वर स्वयं जीव, जगत् और जगदीश्वर के रूप में स्वयं को अभिव्यक्त करते हैं। सुसंस्कृत सुरक्षित सम्पन्न सेवापरायण सर्वहितप्रद समाज एवं व्यक्ति की संरचना में सहभागिता सुनिश्चित करना प्रत्येक सनातनी का कर्तव्य है। छत्तीसगढ़ प्रवास के दूसरे दिन 22 अप्रैल को पूर्वान्ह साढ़े ग्यारह बजे दर्शन , दीक्षा एवं शाम छह बजे महाराजश्री के दर्शन , संगोष्ठी का कार्यक्रम आयोजित है। जबकि छत्तीसगढ़ प्रवास के तीसरे और अन्तिम दिन 23 अप्रैल को पूर्वान्ह साढ़े ग्यारह बजे मारूति प्राकट्य महोत्सव पर श्रद्धालुओं को पुरी शंकराचार्यजी के श्रीमुख से दिव्य आध्यात्मिक संदेश सुलभ होगा , वहीं शाम को छह बजे दर्शन संगोष्ठी का कार्यक्रम आयोजित है। श्रीसुदर्शन संस्थानम् में आयोजित सभी कार्यक्रमों की समाप्ति के पश्चात पुरी शंकराचार्यजी 24 अप्रैल को सुबह दस बजे श्रीसुदर्शन संस्थानम् से सड़क मार्ग से रायपुर रेल्वे स्टेशन के लिये प्रस्थान करेंगे । जहां से वे दुर्ग जम्मूतवी स्पेशल ट्रेन से लगभग पौने बारह बजे नई दिल्ली के लिये रवाना हो जायेंगे। पुरी शंकराचार्यजी द्वारा संस्थापित संगठन धर्मसंघ पीठपरिषद् आदित्यवाहिनी आनन्दवाहिनी ने सभी श्रद्धालुओं को इस त्रिदिवसीय प्रवास के अवसर पर पुरी शंकराचार्य महाभाग के दर्शन , श्रवण लाभ लेने की अपील की है। महाराजश्री के स्वागत कार्यक्रम में सीमा तिवारी , नवनीत तिवारी , टीकाराम साहू, डेविड साहू , भोला तिवारी, बजरंग गुप्ता, पद्मा चंद्राकर , टंकेश्वर चंद्रा सहित संगठन के सभी पदाधिकारी उपस्थित थे। इसकी जानकारी श्रीसुदर्शन संस्थानम् , पुरी शंकराचार्य आश्रम / मीडिया प्रभारी अरविन्द तिवारी ने दी।