: गाय को अनुदान नही सम्मान चाहिये - गोपालमणि
Tue, Jan 30, 2024
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टरायपुर - मनुष्य जब जन्म लेता है तो पहला शब्द मां होता है , यह शब्द गौमाता से ही हम सबको मिला है। ये भारत देश तभी धन्य होगा जब गौमाता राष्ट्रमाता के पद पर प्रतिष्ठित होगी। गौमाता को राष्ट्रमाता बनाने के लिये हम गोभक्त अपनी जान की बाजी भी लगाने के लिये तत्पर हैं। गौमाता ही धर्म , अर्थ , काम , मोक्ष की प्रदात्री है। वे भगवानों के भी भगवान है , कोई भी शुभकर्म या सद्कर्म गौमाता के बिना संभव नही है। हमारे किसी भी सद्कर्म की साक्षी गौमाता ही होती है , इसलिये कन्यादान के बाद गोदान करने की हमारी परंपरा रही है। पूजा - पाठ , जप - तप ये सब हम लोग एकांत में बिना किसी को बताये करते हैं। लेकिन जब भी गौमाता पर संकट आयेगी तो गोभक्त चुपचाप नही बैठ सकता , वह घर से बाहर निकलकर क्रांति जरूर करेगा।
उक्त बातें आज मेक कॉलेज (महाराज अग्रसेन कॉलेज) समता कॉलोनी के सभागृह में भारतीय गौ क्रांति मंच के बैनर तले गौ रत्न सम्मान समारोह को संबोधित करते हुये गौ क्रांति अग्रदूत गोपालमणि महाराज ने कही। गौमाता पर संकट के समय गोभक्त के सामने आने की कथा का उल्लेख करते हुये महाराजश्री ने कहा कि पांडवों के बारह वर्षों के अज्ञातवास के समय उनके पता नही लगने पर दुर्योधन को बताया गया कि गौमाता पर संकट खड़ा करने से उनका पता चल सकता है। इस बात की जानकारी होते ही दुर्योधन ने विराट की गौधाम में आग लगा दी। जैसे ही गौमाता पर संकट आया , तुरंत अर्जुन अपना धनुष बाण लेकर सामने आ गया। दुर्योधन ने कहा कि अभी अज्ञातवास समाप्त नही हुआ है और अब फिर से बारह वर्षों तक पांडवों को अज्ञातवास करना होगा। तब भगवान श्रीकृष्ण ने पांडवों का पक्ष लेते हुये अज्ञातवास पूरा हो जाने की बात बताई। इस कथा के माध्यम से महाराजश्री ने बताया कि अगर हम धर्म के साथ हैं और गौमाता के साथ हैं तो हमारे पीछे खड़े होकर भगवानश्री कृष्ण निश्चित रूप से हमारा सहयोग करेंगे। महाभारत के चीरहरण कथा पर विस्तृत प्रकाश डालते हुये महाराजश्री ने कहा कि द्रौपदी को भीष्म पितामह और धर्मराज युधिष्ठिर के रहते चीरहरण नही होने पर विश्वास था लेकिन उनकी दासता के चलते वे सभी उनकी रक्षा करने में असमर्थ रहे। इसके माध्यम से महाराजश्री ने कहा कि जब तक हम गौमाता के लिये अनुदान लेते रहेंगे तब तक दासता की बेड़ियों में जकड़े रहेंगे। उन्होंने अपनी सैकड़ों गौधामों में शासन के तरफ से कुछ भी सहयोग नही लेने की बात बताते हुये इस बात पर जोर दिया कि गौमाता को अनुदान नहीं बल्कि सम्मान चाहिये। उन्होंने धेनुमानस ग्रंथ पर प्रकाश डालते हुये कहा कि मैंने पच्चीस साल तक रामकथा , भागवतकथा कहने के बाद गौमाता की कृपा से इसे लिखा है। यह कथा सभी ग्रंथों का सार है , जिसे सभी संतों ने स्वीकार भी किया है। उन्होंने सभी गोभक्तों से इस पुस्तक का पाठ करने को भी कहा। अंत में उन्होंने गोभक्तों को दोनों हाथ खड़ा करके गोसेवा करने और गौमाता को राष्ट्रमाता बनाने तक अपनी मेहनत जारी रखने शपथ दिलायी। इसके साथ ही महाराजश्री ने राज्य और केन्द्र सरकार से गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की बात कही। इस समारोह में चार सौ से अधिक गोभक्तों को सम्मानित किया गया। वहीं सम्मान समारोह में साध्वी राजेश्वरी देवाजी महंत श्री सिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर दिल्ली , संत रामबालक दास महात्यागी महाराजजी , संत पंडित प्रकाश शुक्ला , संरक्षक अमृतलाल बिल्थरे , प्रेम शंकर गोटिया , प्रेम सिंघानिया , विश्वेशर पटेल , प्रदेश अध्यक्ष नवीन अग्रवाल , प्रचार प्रमुख झनक लाल बिसेन , महामंत्री राजा पांडे , सूरज यादव , नरेश चंद्रवंशी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
: केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने की पुलिस पदक की घोषणा
Sat, Jan 27, 2024
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टरायपुर - गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्वारा छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के 39 पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को वीरता पदक , विशिष्ट सेवा पदक और सराहनीय सेवा पदक से विभूषित किये जाने की घोषणा की गई है। इसमें 26 वीरता पदक , 02 राष्ट्रपति पुलिस पदक और 11 पुलिस पदक दिये जायेंगे।इन्हें मिलेगा पुलिस वीरता पदकभारत सरकार ने हेमन्त कुमार पटेल उप निरीक्षक बलौदाबाजार , मालिक राम निरीक्षक कांकेर , सुक्कू राम सउनि नारायणपुर , संतोष चंदन प्रधान आरक्षक नारायणपुर , साकेत कुमार बंजारे उपनिरीक्षक हाल निरीक्षक बीजापुर , भुवन सिंह बोरा प्लाटून कमाण्डर हाल कंपनी कमाण्डर 21वीं वाहिनी छसबल बालोद , संजय पाल उप निरीक्षक बीजापुर , धरम सिंह तुलावी उप निरीक्षक बीजापुर , विरेन्द्र कंवर उप निरीक्षक बीजापुर , पतिराम पोड़ियामी उप निरीक्षक बीजापुर , दिलीप कुमार वासनिक प्लाटून कमाण्डर एसटीएफ , शहीद रमेश जुर्री प्रधान आरक्षक बीजापुर , शहीद रमेश कोरसा आरक्षक बीजापुर , शहीद सुभाष नायक आरक्षक बीजापुर , शहीद रामदास कोर्राम आरक्षक एसटीएफ , शहीद जगतराम कंवर आरक्षक एसटीएफ , शहीद सुख सिंह आरक्षक एसटीएफ , शहीद रमाशंकर सिंह आरक्षक एसटीएफ , शहीद शंकर नाग आरक्षक एसटीएफ , शहीद किशोर एण्ड्रिक सहायक आरक्षक बीजापुर , शहीद सनकूराम सोढ़ी सहायक आरक्षक बीजापुर , शहीद बोसाराम करटामी सहायक आरक्षक बीजापुर , धरम सिंह तुलावी उप निरीक्षक बीजापुर , शिव कुमार रामटेके प्रधान आरक्षक बीजापुर , छन्नू राम पोयाम आरक्षक बीजापुर , गौतम कोरसा आरक्षक बीजापुर को वीरता पदक देने की घोषणा की है।विशिष्ट सेवाओं के लिये राष्ट्रपति पुलिस पदकअमित कुमार अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक , गुप्तवार्ता , पु.मु नवा रायपुर और कन्हैया लाल ध्रुव पुलिस उप महानिरीक्षक , नक्सल अभियान , पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर को पुलिस पदक दिया जाना है।सराहनीय सेवाओं के लिये पुलिस पदकडी.आर. आंचला सेनानी 14वीं वाहिनी छसबल धनोरा जिला बालोद , नेहा पाण्डेय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई , येशेश्वरी येरेवार उप पुलिस अधीक्षक एसबी , पु.मु. रायपुर , टीकाराम कुर्रे सहायक सेनानी 22वीं वाहिनी भीरागांव कांकेर , महेश शुक्ला एपीसी 6वीं वाहिनी छसबल रायगढ़ , जेम्स लकड़ा कंपनी कमाण्डर 2री वाहिनी छसबल, सकरी-बिलासपुर , ओम प्रकाश साहू उप निरीक्षक-अ, पु.मु. नवा रायपुर , उदय सिंह सिदार प्रधान आरक्षक 15वीं वाहिनी बीजापुर , महेन्द्र कुमार पाठक उप निरीक्षक हाल जिला नारायणपुर , मनोज कुमार साहू सहायक उप निरीक्षक जिला बस्तर , देवी शरण सिंह प्रधान आरक्षक विआशा, पु.मु. नवा रायपुर को पदक दिया जाना है। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा ने पदक से विभूषित सभी पुलिस अधिकारियों , कर्मचारियों और उनके परिजनों को हार्दिक शुभकामनायें दी है।
: पुरी शंकराचार्यजी का विशाल हिन्दू राष्ट्र धर्मसभा 29 जनवरी को
Wed, Jan 24, 2024
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टरायपुर – ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ पुरीपीठाधीश्वर अनन्तश्री विभूषित श्रीमज्जगद्गुरू शंकराचार्य पूज्यपाद स्वामी श्रीनिश्चलानन्द सरस्वतीजी महाराज का पुन: त्रिदिवसीय राजधानी प्रवास हो रहा है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पुरी शंकराचार्यजी का 27 जनवरी 2024 शनिवार को प्रथम सत्र में राजधानी आगमन होगा। यहां पहुंचते ही रेल्वे स्टेशन पर शिष्यों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया जायेगा। स्वागत पश्चात वे श्रीसुदर्शन संस्थानम् , प्रांतीय कार्यालय , रावांभाठा रायपुर के लिये रवाना हो जायेंगे। यहां शाम को पांच बजे उनका दर्शन लाभ होगा। वहीं दूसरे दिन रविवार 28 जनवरी को पूर्वाह्न साढ़े ग्यारह बजे शंकराचार्य आश्रम में दर्शन , दीक्षा होगी एवं महाराजश्री धर्म - राष्ट्र और अध्यात्म से संबंधित परिचर्चा करेंगे। यहां से दोपहर में भोजन प्रसाद पश्चात वे भाटागांव के लिये रवाना हो जायेंगे , जहां शाम पांच बजे साईं विला कालोनी स्थित तोमर हाऊस में उनका दर्शन लाभ होगा। रायपुर प्रवास के तीसरे दिन सोमवार 29 जनवरी को पुरी शंकराचार्यजी इसी कालोनी में विशाल हिन्दू राष्ट्र धर्मसभा को संबोधित करेंगे। यहां कार्यक्रम की समाप्ति पश्चात महाराजश्री मंगलवार 30 जनवरी को पूर्वाह्न ग्यारह बजे आजाद हिन्द एक्सप्रेस से पूना के लिये रवाना हो जायेंगे। शंकराचार्य द्वारा संस्थापित संगठन पीठ परिषद , आदित्यवाहिनी आनन्दवाहिनी ने सभी भक्तवृंदों से इस कार्यक्रम में शामिल होकर दर्शन एवं श्रवण लाभ लेने की अपील की है। गौरतलब है कि इसके पहले भी पुरी शंकराचार्यजी पांच जनवरी से पंचदिवसीय प्रवास पर रायपुर में थे। जहां सुदर्शन संस्थानम् पहुंचकर महामहिम राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन , मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं उपमुख्यमंत्री अरूण साव , धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल सहित विधायक भावना बोहरा , संपत अग्रवाल , मोतीलाल साहू , धरमलाल कौशिक ने आश्रम पहुंचकर शंकराचार्यजी से आशीर्वाद प्राप्त किया था।