: चिकित्सक हमेशा मानवीय मूल्यों के साथ करें कार्य - महामहिम राष्ट्रपति
Fri, Oct 25, 2024
रायपुर - मेडिकल प्रोफेशनल का कार्य अत्यंत जिम्मेदारी भरा होता है , उनके निर्णय जीवन रक्षा से जुड़े होते हैं। यहां से उत्तीर्ण चिकित्सक एवं पैरा मेडिकल छात्र इस जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व का निर्वहन पूरी तन्मयता और क्षमता के साथ करेंगे। जब आप सबने मेडिकल को अपना कार्यक्षेत्र चुना होगा तो आपके मन में दया और संवेदना का भाव रहा होगा। आपको यह हमेशा याद रखना होगा कि दया , करूणा, संवेदना मानवीय मूल्य को मजबूत बनाते हैं। इसलिये हमेशा अपने कार्य क्षेत्र में इन जीवन मूल्यों के साथ कार्य करें।
उक्त उद्गार महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने आज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के द्वितीय दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के आसंदी से व्यक्त करते हुये कही। उन्होंने कहा कि भारत सरकार देश के सभी नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने के लिए प्रयास कर रही है। पिछले एक दशक में देशवासियों को यूनिवर्सल हेल्थ कार्ड प्रदान करने के लिये अनेक कदम उठाये गये। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री जन औषधि योजना से सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाई उपलब्ध हो रही है। पिछले दस वर्षों में मेडिकल कॉलेज, एमबीबीएस और पीजी की सीटों में भी बढ़ोतरी हुई है। नए एम्स भी स्थापित किये गये हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि एम्स रायपुर उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के साथ-साथ कुपोषण को दूर करने तथा सिकलसेल क्लिनिक का संचालन कर रहा है। आधुनिकतम टेक्नोलॉजी का उपयोग जनकल्याण के लिये किया जाना चाहिये। एम्स रायपुर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, चलित क्लीनिकल डिसीज और सपोर्ट सिस्टम पर भी कार्य कर रहा है। इससे दूर दराज के क्षेत्र के डॉक्टरों को आपातकालीन स्थितियों में रियल टाइम मदद तथा सामुदायिक स्वास्थ्य में सुधार होगा। हमने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है , आपके कार्य विकसित राष्ट्र बनाने में निर्णायक भूमिका निभायेंगे। इस दौरान राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने संस्थान के दस विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक एवं पदोपाधि तथा 514 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान किया। उन्होंने उपाधि एवं पदोपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देेते हुए उनके स्वर्णिम भविष्य की कामना की।यह एम्स छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और ओडिशा के लिये वरदान - राज्यपाल रमेन डेकाराज्यपाल रमेन डेका ने इस अवसर पर सभी स्नातक छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनायें दीं और उनके सफल करियर की कामना की। उन्होंने कहा कि आज से आप , लोगों के लिये आशा की किरण होंगे। उन्होंने एम्स रायपुर की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुये कहा कि इस संस्थान ने छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पूरे देश में स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा में उत्कृष्टता प्राप्त की है। एम्स रायपुर का 2024 में राष्ट्रीय रैंकिंग में 38वां स्थान प्राप्त करना इसकी एक मिसाल है। इस संस्थान ने छत्तीसगढ़, ओडिशा और मध्य प्रदेश के लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाने का कार्य किया है। कोविड-19 महामारी के दौरान यहां के मरीजों को मिले उच्च-स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं की भी उन्होंने प्रशंसा की। राज्यपाल ने आयुष्मान भारत योजना जैसी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन की सराहना की और कहा कि इस योजना ने संस्थान की गरिमा को और बढ़ाया है।स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना हमारी प्राथमिकता - मुख्यमंत्री सायमुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से स्वागत करते हुये कहा यह गौरव की बात है कि इस आदिवासी प्रदेश में स्थित मेडिकल और इंजीनियरिंग संस्थाओं की प्रतिभायें आपकी उपस्थिति में दीक्षा पूरी कर रही है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में देश की लगभग सभी ख्यातनाम संस्थाएं स्थित हैं। ये संस्थायें राज्य के भविष्य को रास्ता दिखाने वाली मशालें हैं। इनमें से ज्यादातर संस्थायें यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की रूचि और पहल पर छत्तीसगढ़ को मिली हैं। एम्स रायपुर छत्तीसगढ़ के साथ-साथ महाराष्ट्र और ओडिशा के लोगों के लिये भी वरदान है। इस संस्थान ने अपनी व्यवस्था और विशेषज्ञता के लिये पूरे देश में नाम कमाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना हमारी प्राथमिकता है। राज्य में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की भर्तियां बड़े पैमाने पर की जा रही हैं। अस्पताल भवनों को बेहतर बनाया जा रहा है। आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था भी की जा रही है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायपुर और सिम्स बिलासपुर में भवन विस्तार तथा सुविधाओं का विकास शुरू कर दिया गया है। प्रदेश के चार नये मेडिकल कॉलेजों के भवनों के निर्माण के लिये 1020 करोड़ 60 लाख रुपये का प्रावधान कर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ में एमबीबीएस की पढ़ाई हिन्दी में भी कराने का निर्णय लिया है , इससे विशेष रूप ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों के लिए मेडिकल शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे। छत्तीसगढ़ को मध्य भारत का मेडिकल हब बनाने में अपना योगदान देने के लिए हमारे शासकीय अस्पताल भी पूरी तरह तैयार हैं। हम राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं को दुर्गम क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिये प्रतिबद्ध हैं। कार्यक्रम के प्रारंभ में एम्स रायपुर के अध्यक्ष प्रो. जॉर्ज ए डिसूजा ने स्वागत भाषण तथा कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ लेफ्टिनेंट जनरल अशोक कुमार जिंदल ने एम्स रायपुर का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल , एम्स रायपुर के अध्यक्ष प्रो. जॉर्ज ए डिसूजा , एम्स के कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ लेफ्टिनेंट जनरल अशोक कुमार जिंदल सहित एम्स रायपुर के चिकित्सक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।
गौरतलब है कि महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज अपने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर रायपुर पहुंची। राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर पुष्प गुच्छ भेंटकर व छत्तीसगढ़ का राजकीय गमछा पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया। स्वागत की इसी कड़ी में सांसद बृजमोहन अग्रवाल , डिप्टी सीएम अरुण साव , डीजीपी अशोक जुनेजा सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर में उन्हे गार्ड ऑफ आनर दिया गया। इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मू एयरपोर्ट से सीधे एम्स के दूसरे दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिये रवाना हुई। दीक्षांत समारोह के बाद राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के राजभवन पहुंचने पर राज्यपाल रमेन डेका , प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी ने आत्मीय स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम पहुंचकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के चौदहवें दीक्षांत समारोह में शिरकत की। यहां उनके साथ छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका , मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू भी उपस्थित रहे। बताते चलें किराष्ट्रपति के मुख्य आतिथ्य में पहली बार राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान का दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ , जिसमें राष्ट्रपति के हाथों 11 होनहार विद्यार्थियों को 12 स्वर्ण मिला। इसमें यश बंसल को मिलेंगे कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग शाखा तथा संस्थान में ओवर ऑल टॉपर बनने पर दो स्वर्ण पदक मिला। वहीं इस दीक्षांत समारोह में बी०टेक० व बी०आर्क० के 1044 , एम०सी०ए० व एम०टेक के 225 और पीएचडी के 170 सहित कुल 1439 छात्र छात्राओं को डिग्री भी मिली और राष्ट्रपति के साथ गोल्ड मेडलिस्ट का फोटो सेशन हुआ। इसके पश्चात पुरखौती मुक्तांगन में महामहिम राष्ट्रपति ने दीपावली से पहले बटन दबाकर महतारी वंदन योजना की नौवीं किस्त छत्तीसगढ़ की सत्तर लाख महिलाओं को 651.37 करोड़ रुपये उनके बैंक खातों में ऑनलाइन अंतरित की। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन एवं सशक्तिरण को बढ़ावा देने उनके सामाजिक और पारिवारिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने , लिंग विभेद एवं असामानता को दूर करने के उद्देश्य से महतारी वंदन नामक अभिनव योजना संचालित की जा रही है। इस योजना का शुभारंभ 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था , यह योजना राज्य में एक मार्च 2024 से लागू की गई है। इसके अलावा राष्ट्रपति मुर्मु इस मौके पर पुरखौती मुक्तांगन में निर्मित सरगुजा प्रखण्ड का लोकार्पण की। राज्यपाल रमेन डेका ने राष्ट्रपति मुर्मु को आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तकों की प्रथम प्रतियां भेंट की। इस मौके पर मुर्मु स्थानीय जनजाति समुदाय के लोगों से भी मुलाकात एवं चर्चा की।
: नकदी रकम लूट की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने के दो आरोपी जेल दाखिल
Sun, Oct 20, 2024
रायपुर - अपने ऊपर हुये कर्ज को चुकाने के लिये प्रार्थी के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से साजिश रचते हुये मनगढ़ंत कहानी बनाकर नगदी रकम लूट की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने के दो आरोपियों को एसीसीयू. की टीम की संयुक्त टीम की संयुक्त कार्यवाही से मुजगहन थाना पुलिस ने विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया।
सिविल लाईन स्थित सी /4 भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में इस लूटकाण्ड का खुलासा करते हुये अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण कीर्तन राठौर ने बताया प्रार्थी मनोज कुमार धु्रव ने थाना मुजगहन में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह शाश्वत नगर बोरियाखुर्द रायपुर में रहता है तथा सेक्टर 15 कमल विहार रायपुर में सांई फ्यूल्स एवं इस्कान इंडिया प्रायवेट लिमिटेड कंपनी में सुपरवाईजर के पद पर कार्य करता है। प्रार्थी रीयल स्टेट कंपनी का पैसा लगभग 15,00,000 से 20,00,000 रूपये तक रहा होगा को अपने पास घर में रखा था जिसे गत दिवस 17 अक्टूबर को ऑफिस के सी.ए. अनुज अग्रवाल ने मंगाने पर बैग में भरकर घर से ऑफिस सेक्टर 15 कमल विहार रायपुर से अपनी मोटर सायकल क्रमांक सी जी/04/एम डब्ल्यू/9735 से जा रहा था। सुबह करीबन सवा दस बजे केपीएस स्कूल और कमल विहार मेन गेट के पास पहुंचा था कि पीछे से एक मोटर सायकल में सवार दो व्यक्ति प्रार्थी के पास आकर प्रार्थी से पैसे से भरे बैग जिसमें प्रार्थी का मोबाईल फोन भी था , को लूटकर भाग गये। जिस पर अज्ञात अरोपी के विरूद्ध थाना मुजगहन में अपराध क्रमांक 250/24 धारा 304 बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध किया गया। लाखों रूपये लूट की घटना को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय डॉ. संतोष सिंह द्वारा गंभीरता से लेते हुये अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण कीर्तन राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्राईम संदीप मित्तल , नगर पुलिस अधीक्षक नया रायपुर कर्ण कुमार उके , उप पुलिस अधीक्षक क्राईम संजय सिंह , प्रभारी एण्टी क्राईम एवं सायबर यूनिट निरीक्षक परेश पाण्डेय , थाना प्रभारी मुजगहन निरीक्षक आशीष सिंह राजपूत तथा थाना प्रभारी मंदिर हसौद निरीक्षक सचीन सिंह को अज्ञात आरोपियों की पतासाजी कर जल्द से जल्द गिरफ्तार करने हेतु निर्देशित किया गया। जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राईम एवं सायबर यूनिट तथा थाना मुजगहन पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा अज्ञात आरोपियों की पतासाजी करना प्रारंभ किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा प्रार्थी से घटना , आरोपियों के हुलियों व उनके मोटर सायकल के संबंध में विस्तृत पूछताछ करते हुये विवेचना की जा रही थी। पुलिस टीम के सदस्यों द्वारा प्रार्थी से पूछताछ करने पर वह बार - बार वह अपना बयान बदल कर लगातार टीम को गुमराह करने का प्रयास कर रहा था। जिस पर से प्रार्थी से पुनः घटनास्थल का सीन रिक्रीएट कराया गया तथा उसके बयान और सीन रि-क्रिएशन में भिन्नता के आधार पर उससे कड़ाई से पूछताछ प्रारंभ किया गया। जिस पर प्रार्थी ज्यादा देर अपने झूठ के सामने टिक ना सका और अंततः अपने अन्य साथी योगेन्द्र कुमार भारती उर्फ बबलू के साथ मिलकर रकम गबन करने की योजना बनाकर लूट की उक्त झूठी घटना को कारित करना स्वीकार कर लिया। आरोपी प्रार्थी मनोज कुमार धु्रव ने पूछताछ में बताया कि वह योगेन्द्र कुमार भारती उर्फ बबलू का मित्र है। योगेन्द्र कुमार भारती उर्फ बबलू के द्वारा उसको व्यापार में नुकसान होने के कारण पैसे की आवश्यकता होना बताया था। जिस पर आरोपी योगेन्द्र भारती के कहने पर मनोज कुमार धु्रव द्वारा उसकी सहायता करने के नियत से योगेन्द्र कुमार भारती के साथ मिलकर उसकी कम्पनी के उसके पास रखे 20,00,000 रूपये को लूट करने की योजना बनाई एवं दिनांक घटना को योजना अनुसार अपने ऑफिस के रकम को अपने घर से दोपहिया वहन में लेकर निकला एवं घटनास्थल पास अपने साथी योगेन्द्र कुमार भारती को बुलाकर पैसे से भरे बैग एवं उसमें अपना मोबाईल फोन बंद कर दे दिया एवं इसके बाद आरोपी ने लूट की झूठी मनगंढ़त कहानी बनाकर थाने में लूट की झूठी रिपोर्ट दर्ज करायी थी।जिस पर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके निशानेदेही पर कब्जे से नगदी रकम 18,54,000 रूपये तथा घटना से संबंधित चार नग मोबाईल फोन एवं घटना में प्रयुक्त एक नग दोपहिया वाहन जप्त कर आरोपियों के विरूद्ध कार्यवाही किया गया है। आरोपी मनोज कुमार धु्रव द्वारा लूट की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने पर पृथक से प्राथमिकी दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है। धारा सदर अपराध सबूत पाये जाने से मुजगहन थाना पुलिस ने दोनो आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया।गिरफ्तार आरोपीगण -मनोज धु्रव पिता स्व. घसियाराम धु्रव उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम नागझर पोस्ट सोरीद खुर्द थाना फिंगेश्वर गरियाबंद और योगेंद्र कुमार भारती उर्फ़ बबलू पिता धनसाय भारती उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम चोरहाडीह छान्टापार पोस्ट भनसोज थाना आरंग रायपुर (छत्तीसगढ़)
: ब्रजमंडल की अधिष्ठात्री देवी है मां कात्यायनी – अरविन्द तिवारी
Tue, Oct 8, 2024
नवरात्रि के छठवें दिन आज माँ दुर्गा के छठवें स्वरूप कात्यायनी की पूजा आराधना की जाती है। माँ को जो सच्चे मन से याद करता है उसके रोग , शोक , संताप , भय आदि सर्वथा विनष्ट हो जाते हैं। जन्म-जन्मांतर के पापों को विनष्ट करने के लिये माँ की शरणागत होकर उनकी पूजा-उपासना के लिये तत्पर होना चाहिये। नवरात्रि के छठवें दिवस के बारे में अरविन्द तिवारी ने बताया कि माँ की उत्पत्ति या प्राकट्य के बारे में वामन और स्कंदपुराण में अलग-अलग बातें बतायी गयी हैं। माँ पार्वती का जन्म महिषासुर का वध करने के लिये ऋषि कत्य के घर में हुआ था इसलिये यह देवी कात्यायनी कहलायी। इनकी पूजा आराधना करने से अद्भुत शक्ति का संचार होता है और दुश्मनों का संहार करने में ये सक्षम बनाती है। मां कात्यायनी का स्वरूप अत्यंत चमकीला और भव्य है , तेजोमयी छवि भक्तों के हृदयों को सुख और शांति प्रदान करती है। इनका अस्त्र कमल व तलवार है। आज के दिन साधक का मन आज्ञा चक्र में अवस्थित होता है। यह वृहस्पति ग्रह का संचालन करती है। इनकी चार भुजायें हैं दाईं तरफ का ऊपर वाला हाथ अभयमुद्रा में है तथा नीचे वाला हाथ वर मुद्रा में। मांँ के बायीं तरफ के ऊपर वाले हाथ में तलवार है व नीचे वाले हाथ में कमल का फूल सुशोभित है। इनका वाहन भी सिंह है। इनका स्वरूप भव्य एवं दिव्य है और ये स्वर्ण के समान चमकीली है। ब्रज की गोपियों ने भगवान कृष्ण को पति रुप में पाने के लिये कालिंदी यमुना के तट पर इन्हीं की पूजा अर्चना की थी इसलिये ये ब्रजमंडल की अधिष्ठात्री देवी के रूप में भी प्रतिष्ठित है। मान्यता है कि मां कात्यायनी की पूजा करने से शादी में आ रही बाधा दूर होती है। जिन कन्याओं के विवाह में विलम्ब हो रहा है उन्हें आज के दिन हल्दी की गाँठ चढ़ाकर माँ कात्यायनी की पूजा अवश्य करनी चाहिये। इससे भगवान वृहस्पति प्रसन्न होकर विवाह का योग बनाते हैं और इससे उन्हें मनोवांछित वर की प्राप्ति होती है। माँ कात्यायनी का पसंदीदा रंग लाल है और इन्हें शहद का भोग बेहद पसंद है। इन्हें पीला फूल और पीले रंग का नैवेद्य अर्पित करना चाहिये। इनकी उपासना और आराधना से रोग , शोक , संताप , भय आदि सर्वथा विनष्ट हो जाते हैं एवं भक्तों को बड़ी आसानी से अर्थ , धर्म , काम और मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति होती है। उसके रोग , शोक , संताप और भय के अलावा जन्म जन्मांतर के समस्त पाप भी नष्ट हो जाते हैं। नवरात्रि के छठवें दिन यानि आज दुर्गा सप्तशती के ग्यारहवें अध्याय का पाठ करना चाहिये। माँ कात्यायनी की पूजा करते समय “ॐ ऐं ह्रीं क्लीम चामुण्डायै विच्चै” अथवा “ॐ कात्यायनी देव्यै नमः” मंत्रों का उच्चारण करना चाहिये। नवरात्रि के छठवें दिन प्रसाद में मधु यानि शहद का प्रयोग करना चाहिये। देवी मां को प्रसन्न करने के लिये गुड का दान करना चाहिये और नारंगी रंग के कपड़ें पहनने चाहिये। मां कात्यायनी के विधिपूर्वक आराधना करने से कार्यक्षेत्र में सफलता मिलती है व मार्ग में आने वाली कठिनाइयों पर विजय प्राप्त होती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माता कात्यायनी की उपासना से भक्त को अपने आप आज्ञा चक्र जाग्रति की सिद्धियां मिल जाती हैं. साथ ही वह इस लोक में स्थित रहकर भी अलौकिक तेज और प्रभाव से युक्त हो जाता है।कौन है मां कात्यायनी ?कत नामक एक प्रसिद्ध महर्षि थे , उनके पुत्र ऋषि कात्य हुये। इसी कात्य गोत्र में विश्वप्रसिद्ध महर्षि कात्यायन उत्पन्न हुये। इन्होंने कई वर्षों तक भगवती पराम्बा की कठिन तपस्या के साथ उपासना की। उनकी इच्छा थी कि मां भगवती उनके घर पुत्री रूप में जन्म ले , उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर मां भगवती ने उनकी यह प्रार्थना स्वीकार कर ली। उनकी इच्छानुसार मां भगवती ने आश्विन मास के कृष्णपक्ष की चतुर्दशी के दिन उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लिया। इसी कारण से ही इन्हें कात्यायनी कहा जाता है। कुछ समय पश्चात जब दानव महिषासुर का अत्याचार धरती पर बढ़ गया , तब भगवान ब्रह्मा , विष्णु , महेश तीनों ने अपने - अपने अंश का तेज देकर महिषासुर के विनाश के लिये एक देवी को उत्पन्न किया। मां कात्यायनी ने ही अत्याचारी राक्षस महिषाषुर का वध कर तीनों लोकों को उसके आतंक से मुक्त कराया था। महिषासुर का वध करने वाली देवी मां कात्यायनी को महिषासुर मर्दनी के नाम से भी पुकारते हैं।