: कलम आज उनकी जय बोल - अरविन्द तिवारी
Sat, Jul 27, 2024
रायपुर – आज 26 जुलाई को कारगिल का पच्चीसवां विजय दिवस है। कारगिल विजय दिवस स्वतंत्र भारत के लिये एक महत्वपूर्ण दिवस है। यह दिन है उन शहीदों को याद कर अपने श्रद्धा-सुमन अर्पण करने का , जो हँसते-हँसते मातृभूमि की रक्षा करते हुये वीरगति को प्राप्त हुये। यह दिन समर्पित है उन्हें , जिन्होंने अपना आज हमारे कल के लिये बलिदान कर दिया। इन शहीदों ने भारतीय सेना की शौर्य व बलिदान की उस सर्वोच्च परम्परा का निर्वाह किया , जिसकी सौगन्ध हर सिपाही तिरंगे के समक्ष लेता है। इन रणबाँकुरों ने भी अपने परिजनों से वापस लौटकर आने का वादा किया था , जो उन्होंने निभाया भी , मगर उनके आने का अन्दाज निराला था। वे लौटे , मगर लकड़ी के ताबूत में। उसी तिरंगे मे लिपटे हुये , जिसकी रक्षा की सौगन्ध उन्होंने उठायी थी। जिस राष्ट्रध्वज के आगे कभी उनका माथा सम्मान से झुका होता था , वही तिरंगा मातृभूमि के इन बलिदानी जाँबाजों से लिपटकर उनकी गौरव गाथा का बखान कर रहा था। यह कारगिल युद्ध में भारतीय सेना की जीत के उपलक्ष्य में एवं शहीद हुये जवानों के सम्मान में प्रतिवर्ष 26 जुलाई को मनाया जाता है। बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सैनिकों व पाक समर्थित आतंकवादियों का लाइन ऑफ कंट्रोल यानी भारत-पाकिस्तान की वास्तविक नियंत्रण रेखा के भीतर प्रवेश कर कई महत्वपूर्ण पहाड़ी चोटियों पर कब्जा कर लेह-लद्दाख को भारत से जोड़ने वाली सड़क का नियंत्रण हासिल कर सियाचिन-ग्लेशियर पर भारत की स्थिति को कमजोर कर हमारी राष्ट्रीय अस्मिता के लिये खतरा पैदा कर रहे थे जिसके चलते यह युद्ध हुआ। लगभग अठारह हजार फीट ऊँचाई में बर्फीली चट्टानों के बीच पूरे दो महीने से ज्यादा चले इस युद्ध में भारतीय थलसेना व वायुसेना ने लाइन ऑफ कंट्रोल पार ना करने के आदेश के बावजूद अपनी मातृभूमि में घुसे आक्रमणकारियों को मार भगाया था। स्वतंत्रता का अपना ही मूल्य होता है, जो वीरों के रक्त से चुकाया जाता है। वर्ष 1999 में मई से जुलाई तक चलने वाला यह युद्ध जम्मू कश्मीर के कारगिल सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर हुआ था। पाकिस्तानी घुसपैठियों ने कारगिल की पहाड़ियों पर अपना कब्जा जमा लिया था। इस युद्ध में 527 से भी ज्यादा भारतीय सैनिक पाकिस्तान के साथ लड़ाई में शहीद हुये थे वहीं लगभग 1300 से ज्यादा जवान घायल भी हुये थे। अन्त में 26 जुलाई 1999 के दिन भारतीय सेना ने कारगिल युद्ध के दौरान चलाये गये ‘ऑपरेशन विजय’ को सफलतापूर्वक अंजाम देकर भारत भूमि को घुसपैठियों के चंगुल से मुक्त कराया था। भारतीय सैनिकों ने यह जंग जीत कर कारगिल की चोटियों पर फिर से तिरंगा फहराया था। सभी कारगिल शहीदों ने जान की बाजी लगाकर ना केवल दुश्मनों को धुल चटाई थी , बल्कि रणक्षेत्र में उन्हें मार गिराने में भी कामयाब हुये थे। इनकी स्मृति में हर साल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। आज भी हम कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को याद कर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन करना नही भूलते। इन शहीदों के घर-आंगन में आज भी मायूसी है। परिजनों को वीर सपूतों के शहादत पर गर्व है , लेकिन उनको खोने का मलाल भी है। मातृभूमि पर सर्वस्व न्यौछावर करने वाले अमर बलिदानी भले ही अब हमारे बीच नहीं हैं , मगर इनकी यादें हमारे दिलों में हमेशा- हमेशा के लिये बसी रहेंगी। आज कारगिल विजय दिवस पर हमारे आज के लिये शहीद होने वाले सभी अमर जवानों को पत्रकारिता जगत के अरविन्द तिवारी की तरफ से अश्रुपूरित श्रद्धांजलि एवं शत शत नमन।
कलम ✍️ आज उनकी जय बोल।
चढ़ गये जो पुण्यवेदी पर , लिये बिना गर्दन का मोल ।
कलम ✍️ आज उनकी जय बोल ।।
: गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी करेगी भाई जरनैल सिंह का सम्मान
Wed, Jul 24, 2024
रायपुर - सिख कौम की मुख्य संस्था शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंध कमेटी जहां पंजाब में धर्म का प्रचार प्रसार कर रही है वहीं पंजाब से बाहर भी संस्था की तरफ से धर्म प्रचार के कार्य किये जाते हैं। संस्था की तरफ से श्री गुरु नानक देव गुरमत विद्यालय में इंचार्ज पद पर सेवा दे रहे भाई जरनैल सिंह ने अपनी पूरी टीम के सहयोग के साथ में मई - जून के महीने में लगभग 1600 विद्यार्थियों के गुरमत कैंप लगाकर बच्चों को गुरबाणी और गुरु इतिहास के साथ जोड़ने का मुख्य कार्य किया है। उनके इस कार्य के लिये गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा प्रबंधक कमेटी डोगरगढ़ की तरफ से 26 जुलाई को भाई जरनैल सिंह का विशेष सम्मान किया जायेगा। यह जानकारी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी डोगरगढ़ के प्रधान परमजीत सिंह ने दी।
: बड़े धूमधाम से मनाया गया गुरू पूर्णिमा महोत्सव
Tue, Jul 23, 2024
रायपुर - धर्मसंघ पीठ परिषद , आदित्यवाहिनी - आनन्दवाहिनी छत्तीसगढ़ संगठन के द्वारा पूरे प्रांत में आज गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया । इसी क्रम में रायगढ़ इकाई ने सामूहिक रूप से चंद्रा पैराडाइज केलो विहार रायगढ़ में गुरुपूर्णिमा पर शास्त्रीय विधि से गुरुपूजन , सुंदरकांड पाठ / हनुमान चालीसा पाठ व फलवितरण किया गया। सभी उपस्थित श्रद्धालुओं के भोजन प्रसाद पश्चात कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर श्याम सिंह सोनी , आकाश शर्मा , प्रियंका शर्मा , कल्पना शर्मा , संतोष देवी शर्मा , काशीराम शर्मा , सुनील झा , प्रीति झा , मयंक अग्रवाल , अंकिता गुप्ता , पार्थ शर्मा , आदित्य शर्मा , इवा शर्मा , ममता ओझा , राजीव चौहान एवं चंद्रा पैराडाइस के समस्त निवासीगण के साथ चाम्पा से पीठ परिषद के डा० बी० डी० दीवान विशेष रूप से उपस्थित थे। छत्तीसगढ़ में मुख्य आयोजन प्रांतीय कार्यालय श्री सुदर्शन संस्थानम्, रावाभांठा रायपुर में किया गया। इसके अलावा श्रीराम सप्ताह मंडप भाटापारा, श्रीराम मंदिर बालको कोरबा , साईं बिहार कालोनी, बिलासपुर, श्रीगणेश मंदिर मठ मंदिर चौक धमतरी , जगन्नाथ मंदिर सेक्टर - 6 भिलाई , महासमुंद , बेमेतरा , मरवाही , तमनार , मुंगेली चाम्पा , जांजगीर , पामगढ़ में रुद्राभिषेक, गुरु पूजन सुंदरकांड हनुमान चालीसा पाठ भजन सत्संग, वृक्षारोपण, विभिन्न सेवा प्रकल्प पीठपरिषद् आदित्यवाहिनी - आनन्दवाहिनी सदस्यों के द्वारा किया गया जिसमें सभी सनातनी भक्तों की सहभागिता रही। इसी तरह से श्रीराम सप्ताह मंडप भाटापारा में आयोजन आचार्य झम्मन शास्त्रीजी के सानिध्य में संपन्न हुआ इस अवसर पर पीठ परिषद, आदित्यवाहिनी आनंदवाहिनी के समस्त पदाधिकारी एवं सदस्य विशेष रूप से उपस्थित थे। इसकी जानकारी श्री सुदर्शन संस्थानम , पुरी शंकराचार्य आश्रम / मीडिया प्रभारी अरविन्द तिवारी ने दी।