: राजनेता दिशाहीन ना हो यह व्यासपीठ का दायित्व - पुरी शंकराचार्य
Sun, Nov 21, 2021
अयोध्या - ऋग्वैदिय पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ पुरीपीठाधीश्वर अनन्तश्री विभूषित श्रीमज्जगद्गुरु शंकराचार्य पूज्यपाद स्वामी श्रीनिश्चलानन्द सरस्वती जी महाराज अपनी राष्ट्र रक्षा अभियान के अंतर्गत 22 नवंबर तक श्रीधाम अयोध्या के प्रवास पर हैं। यहाँ पर उनका संगोष्ठी , प्रवचन एवं धर्मसभा प्रस्तावित है। धर्मसभा को संबोधित करते हुये उन्होंने कहा कि वेदादि शास्त्रसम्मत राजनीति की परिभाषा को विश्वस्तर पर ख्याति करने पर सम्पूर्ण विश्व का कल्याण सम्भव है। उन्होंने आगे कहा कि सुसंस्कृत , सुशिक्षित , सुरक्षित , सम्पन्न , सेवापरायण और स्वस्थ तथा सर्वहितप्रद व्यक्ति और समाज की संरचना राजनीति की परिभाषा होनी चाहिये। शास्त्रसम्मत विधा से विकास को परिभाषित करते हुये उसके क्रियान्वयन की विधा भी शास्त्रसम्मत हो , तभी सभी का कल्याण सम्भव हो सकेगा अन्यथा विकास के स्थान पर विनाश ही दृष्टिगोचर होता है। राजनीति का नाम राजधर्म भी है , राजनेता दिशाहीन ना हो यह व्यासपीठ का दायित्व होता है l गौरतलब है कि अपनी हिन्दू राष्ट्र उद्घोषणा के अभियान के तहत पुरी शंकराचार्य जी सम्पूर्ण भारतवर्ष एवं नेपाल प्रवास पर रहते हैं। इस अवसर पर धर्मसंघ पीठपरिषद् , आदित्यवाहिनी - आनन्दवाहिनी के सदस्य एवं श्रद्धालु भक्तजन उपस्थित रहे।
: पुलिस को तकनीक और अत्याधुनिक संसाधन उपलब्ध होगा - पीएम मोदी
Sun, Nov 21, 2021
लखनऊ - उत्तरप्रदेश के राजधानी में पहली बार आयोजित तीन दिवसीय डीजीपी - आईजीपी कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिरकत की। कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने देश की आंतरिक सुरक्षा से लेकर बाह्य सुरक्षा , तटीय सुरक्षा , वामपंथी उग्रवाद , नारकोटिक्स , साइबर क्राइम , आतंकवाद जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। कांफ्रेंस में पीएम मोदी ने पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुये कहा कि पुलिस अफसर देश के भीतर उभर रही सुरक्षा चुनौतियों के लिये तैयार रहें। पीएम के संबोधन के बाद देश के सभी राज्यों से आये पुलिस महानिदेशकों ने अपने-अपने राज्यों को लेकर प्रेजेंटेशन भी दिये।तीसरे और अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी राज्यों के पुलिस संगठनों को संबोधित किया। इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और एनएसए चीफ अजीत डोभाल भी मौजूद रहे। पीएम मोदी ने पुलिस अधिकारियों को आश्वस्त किया कि पुलिस को तकनीक और अत्याधुनिक संसाधन उपलब्ध कराये जायेंगे। उन्होंने पुलिस अफसरों से यह भी कहा है कि वे बदलती हुई जरूरतों के मुताबिक मैदानी अमले को भी प्रशिक्षित करें।इसके पहले यहां पर विभिन्न राज्यों के डीजीपी और आईजीपी के सम्मेलन के तीसरे दिन संवेदनशील राज्यों की सुरक्षा व्यवस्था व उसके समाधान पर चर्चा हुई। इसमें पीएम मोदी ने कश्मीर में बढ़ती हिंसा को रोकने , बढ़ते साइबर क्राइम से निपटने , बांग्लादेशी घुसपैठ और कट्टरवाद सुरक्षाबलों को आधुनिक तकनीक व हथियारों का प्रशिक्षण , नक्सलवाद से निपटने के लिये राज्यों की साझा मुहिम के साथ ही सीमा पर आमने-सामने आने के बजाये दुश्मन के देश के भीतर अस्थिरता पैदा करने के रचे जा रहे षड्यंत्र पर अंकुश लगाने के बिंदु पर अहम समाधान पर भी अपने विचार रखे।पुलिसिंग कभी राजनीति का शिकार ना बनें - गृहमंत्रीबताते चलें शुक्रवार को लखनऊ में देश के गृहमंत्री अमित शाह ने 56 वीं ऑल इंडिया डीजी कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ किया था। तीन दिवसीय डीजी कॉन्फ्रेंस में सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशक व पुलिस महानिरीक्षक सहित पैरामिलिट्री फोर्सेज के चीफ शामिल हुये। कॉन्फ्रेंस में मुख्य रूप से आंतरिक और बाह्य सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी चुनौतियां, नक्सलवाद, उग्रवाद, नारकोटिक्स तस्करी, जेल सुधार, सहित साइबर क्राइम, डाटा क्राइम जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा करने के साथ ही इनसे निपटने की रणनीति बनाने पर जोर दिया गया। गृहमंत्री शाह ने साफ कहा कि पुलिसिंग और राजनीति अलग-अलग है। पुलिसिंग को राजनीति का शिकार नहीं होना चाहिये। पुलिस को अच्छे काम का इनाम मिलना चाहिये तो गलत काम करने वालों को सजा भी मिलनी चाहिये। उन्होंने केंद्र व राज्यों की एजेंसियों में बेहतर तालमेल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम बड़ी चुनौती बनती जा रही है। इससे निपटने के लिये राज्य पुलिस को केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिल कर काम करना होगा। उन्होंने सोशल मीडिया की निगरानी पर जोर देते हुये कहा कि ऐसी पोस्ट जो कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले होते हैं , उनसे सख्ती से निपटा जाये। इससे पहले गृहमंत्री ने कोविड महामारी के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा निभाई गई भूमिका और उनके त्याग की सराहना भी की। तीसरे दिन की कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी के साथ केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह और एनएसए चीफ अजीत डोभाल भी मौजूद रहे। ऐसा पहली बार हो रहा है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिनों तक राजधानी लखनऊ में ही रुक रहे हैं , हालांकि यूपी में होने वाले वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव को भी इस दौरे के पीछे की एक बड़ी वजह माना जा रहा है। तीसरे दिन कांफ्रेंस खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री अमौसी एयरपोर्ट पहुंचे। यहां से दिल्ली के लिये रवाना हो गये।सम्मेलन में पीएम की गहरी रुचिपीएम मोदी ने वर्ष 2014 से लगातार डीजीपी सम्मेलन में ना सिर्फ शामिल हो रहे हैं , बल्कि इसमें गहरी रुचि भी लेते हैं। पहले की प्रतीकात्मक उपस्थिति के विपरीत वे सम्मेलन के सभी सत्रों में भाग लेकर स्वतंत्र और अनौपचारिक चर्चाओं को प्रोत्साहित करते हैं, जिससे शीर्ष पुलिस अधिकारियों को देश को प्रभावित करने वाले प्रमुख नीति-निर्धारण और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सीधे प्रधानमंत्री को जानकारी देने का अवसर मिलता है। पीएम मोदी के दृष्टिकोण के अनुसार ही वर्ष 2014 से वार्षिक सम्मेलन को दिल्ली से बाहर आयोजित किया गया है , जिसे परंपरागत रूप से दिल्ली में आयोजित किया जाता था। इसमें वर्ष 2020 का डीजीपी सम्मेलन एक अपवाद है , जिसे वर्चुअल तौर पर आयोजित किया गया था। सम्मेलन को वर्ष 2014 में गुवाहाटी में , वर्ष 2015 में धोर्डो - कच्छ की खाड़ी में , वर्ष 2016 में राष्ट्रीय पुलिस अकादमी हैदराबाद में , वर्ष 2017 में बीएसएफ अकादमी टेकनपुर में , वर्ष 2018 में केवड़िया और 2019 में आईआईएसईआर पुणे में आयोजित किया गया था।
: अयोध्या दीपोत्सव को विश्व कीर्तिमान बनाने की तैयारी
Fri, Oct 29, 2021
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टअयोध्या - रामनगरी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बीच इस बार के योगी सरकार के कार्यकाल का आखिरी दीपोत्सव धूम-धाम के साथ नया कीर्तिमान बनाने के लक्ष्य लेकर इसकी तैयारियां जोर शोर से चल रही है। राम की पैडी में इस बार 09 लाख दीप एक साथ प्रज्जवलित कर नया विश्व कीर्तिमान बनाया जायेगा। राम की पैड़ी पर बने मंदिर एक ही रंग में नजर आयेंगे। दीपोत्सव के इस आयोजन को भव्य बनाने के लिये अवध यूनिवर्सिटी के वालेंटियर छात्र - छात्रायें एक ही रंग के कपड़ों में नजर आयेंगे। वहीं अयोध्या शहर में तीन लाख अतिरिक्त दीपक भी जलाये जायेंगे। इस तरह कुल 12 लाख दीपों का प्रज्जवलन एक साथ होगा। यह कार्यक्रम 03 नवंबर को शाम 06:00 बजे से 06:30 बजे तक होगा। इस दौरान 03 डी होलोग्रैफिक शो , लेजर शो और आतिशबाजी के भी इंतजाम किये जायेंगे। यह योगी सरकार के कार्यकाल का आखिरी दीपोत्सव है , इसलिये सरकार इसे बहुत ही भव्य तरीके से मनाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में उसकी पौराणिकता और प्राचीनता के अनुसार दीपोत्सव मनाना शुरू किया था , अब साल दर साल दीपोत्सव की भव्यता बढ़ती ही जा रही है। तीन नवम्बर को होने वाले दीपोत्सव के दिन प्रधानमंत्री के भी शामिल होने के कयास लगाये जा रहे हैं , जिसकी तैयारी भी अभी से शुरु हो गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस बार दीपोत्सव में 500 ड्रोन की मदद से एरियल ड्रोन शो की भी योजना है। एरियल ड्रोन शो में भगवान राम के जीवन पर आधारित आकृतियां आसमान में प्रदर्शित की जायेंगी। बताते चलें पिछले साल रामनगरी में आयोजित दिव्य दीपोत्सव में 6,06,569 दीये जलाकर अयोध्या ने ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में अपना नाम दर्ज कराया था , इस बार अयोध्या अपना ही रिकॉर्ड तोड़ने जा रही है। कोविड-19 प्रोटोकॉल को देखते हुये सभी सुरक्षा के मानकों को देखा जायेगा , उसी प्रकार भव्यता के साथ सारे कार्यक्रम होंगे। यहां रामलीला के मंचन के लिये श्रीलंका के सांस्कृतिक दल को आमंत्रित किया गया है। यह पूरा कार्यक्रम 01 नवंबर से 05 नवंबर तक चलेगा। इस दौरान अलग-अलग दिनों में विभिन्न साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियां होंगी। पहले दिन 01 नवंबर को जनकपुर (नेपाल) के सांस्कृतिक दल द्वारा भी रामलीला का मंचन होगा। पांच दिनों के कार्यक्रम में जम्मू कश्मीर , गुजरात , आसाम , कर्नाटक और पश्चिम बंगाल की रामलीलाओं का भी मंचन होगा।