: ज्ञानवापी परिसर जल्द से जल्द हिन्दुओं को सौंपी जाये - पुरी शंकराचार्य
Fri, Jun 3, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टवाराणसी - ज्ञानवापी में शिवलिंग ही है , वो आदि विशेश्वर हैं। स्कन्द पुराण के अनुसार पूरी काशी ही शिवलिंग है , इसमें किसी को भी किसी भी प्रकार का संशय नहीं होना चाहिये। ज्ञानवापी परिसर को जल्द से जल्द हिन्दूओं को सौंप देना चाहिये। अब हम सभी स्वतंत्र भारत में हैं और हमें अपने पूर्व मानवाधिकारों को स्थापित करने का अधिकार है। मानवाधिकार की सीमा में कार्य करने से विश्व की कोई भी शक्ति हमें इससे वंचित नहीं कर सकती।
उक्त बातें चार दिवसीय प्रवास पर काशी पहुंचे पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज ने अस्सी स्थित दक्षिणामूर्ति मठ में हिन्दू राष्ट्र संगोष्ठी के बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने यह भी कहा कि आगरा में ताजमहल नहीं तेजोमहल और मक्का में मक्केश्वर महादेव हैं , इन्हें भी हिंदुओं को सौंप देना चाहिये। महाराजश्री ने कहा मैं जो कह रहा हूं वह एक अभियान है। इस पर सनातन धर्मियों को कोई संदेह नहीं होना चाहिये। ज्ञानवापी से जुड़े एक सवाल के जवाब में स्वामी निश्च्छलानंद सरस्वती ने मुस्लिम समुदाय से अपील के साथ सलाह देते हुये कहा कि वे अपने पूर्वजों के मानवाधिकार हनन के लिये उठाये कदम को आदर्श ना मानें। मुस्लिम समाज को अपने पूर्वजों की गलतियों को मानकर सहिष्णुता - मानवता का परिचय देते हुये सबके साथ- साथ चलना चाहिये।पुरी शंकराचार्य नेकहा कि मोहम्मद साहब और ईसा मसीह के पूर्वज कौन थे ? यह बात सिद्ध है कि सबके पूर्वज सनातनी वैदिक आर्य हिन्दू थे। हिन्दुओं को काफिर कहने का अर्थ अपने पूर्वजों को ही काफिर कहना होता है। भगवान शिव ने ही जगत बनाया। उस समय खुदा , ईसा मसीह और गॉड का भी कोई नाम नहीं था। अतः अपने पूर्वजों के मार्ग पर चलने का प्रयास करें। ज्ञानवापी का जो पूर्व स्वरूप था उसे एक बार फिर इस स्वरूप में लाना चाहिये। पुरी शंकराचार्य ने कहा कि मुसलमानों को न्याय सहिष्णु होना चाहिये। उन्हें आक्रांताओं की थाती (कोई चीज) सम्हालकर नहीं रखनी चाहिये। परातंत्र में मुगलवंश के कुछ शासकों ने मानवाधिकार को कुचल कर मंदिरों पर कब्जा किया और मस्जिदें बनवा दीं। लेकिन अब लोकतंत्र है , हिंदुओं को उनके धर्म स्थल लौटा देने चाहिये। इसमें ज्ञानवापी भी है जहां विश्वेश्वर महादेव विराजमान हैं। उन्होंने कहा वे पहले से कह रहे हैं कि ज्ञानवापी में मिला शिवलिंग ही आदि विश्वेश्वर हैं , जो आज सच साबित हुआ है। पुरी शंकराचार्य ने कहा कि कोई भी देश कितने भी वर्षो तक परतंत्र क्यों ना रहा हो , मानवाधिकार की सीमा में उसे स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त रहता है। बिल्कुल इसी प्रकार हमारे मानवाधिकार का अतिक्रमण कर के जिन तत्वों ने इसे ध्वस्त किया। अब हमारा दायित्व बनता है कि हम इसे पुनः इसके स्वरूप में स्थापित करें। जगन्नाथ मन्दिर को लेकर कोई केस चल रहा था उसमें कोई पार्टी नहीं थी। मगर उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने मेरे पास सूचना भेजी कि आपका इस पर दृष्टिकोण क्या है ? मैंने तब 31 बिंदुओं में लिखित दृष्टिकोण प्रस्तुत किया , वही न्याय बन गया - वही निर्णय बन गया।
स्वामी निश्चलानंद ने कहा कि ढाई दशक पहले उनके समक्ष एक प्रस्ताव आया था जिसमें श्रीराम मंदिर के समीप ही अयोध्या में मस्जिद बनाने का प्रस्ताव बना था। जिस पर कई धर्माचार्य सहमत हो गये लेकिन स्वामी निश्चलानंद के असहमत होने से नहीं बन सका , ऐसे ही राम सेतु भी नहीं टूटा। पुरी पीठाधीश्वर ने कहा
बुद्धि हमेशा सत्य का परिचय देती हैं , इसलिये ज्ञानवापी मस्जिद में मिले स्वयम्भू शिवलिंग को फव्वारा कहने वाले लोग कब तक सत्य को छिपायेंगे ? उन्होंने ऐसे धर्माचार्यों के वजूद को कटघरे में खड़ा किया जो शिवलिंग होने पर आशंका कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को किसने धर्माचार्य बनाया जिनको धर्म और आध्यात्म के बारे में जानकारी ही नहीं। उन्होंने कहा कि काशी प्रवास पर हूं इसलिये ऐसे धर्माचार्य उनके साथ विचार रख सकते हैं , जिसके बाद उनकी आशंकाओं को बिंदुवार दूर कर देंगे। स्वामी निश्च्छलानंद सरस्वती ने एलान किया कि मंदिरों को संरक्षित करने के लिये काशी में तमाम शंकराचार्यों , प्रमुख पीठों के महंत एवं धर्माचार्यों का सम्मेलन भी आयोजित करेंगे , जल्द ही तारीख की घोषणा की जायेगी।
: वसुधैव कुटुंबकम् हम सबका लक्ष्य - सीएम योगी
Sat, May 14, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टवाराणसी - भारत में अलग-अलग पंथ और समुदाय हैं लेकिन ये विभाजन के लिये नहीं हैं। यह मंजिल तक पहुंचने के लिये अलग-अलग मार्ग हैं , लक्ष्य सबका एक ही है वसुधैव कुटुंबकम्। हम सभी को सदैव धर्म के मार्ग पर चलकर उसका अनुसरण करना चाहिये।
उक्त बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज काशी के जंगमबाड़ी मठ में इक्कीसवीं सदी के पहले पट्टाभिषेक समारोह में संतों को संबोधित करते हुये कही। इसके पहले उन्होंने मठ में पूजन अर्चन किया फिर दीप जलाकर समारोह की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जंगमबाड़ी मठ के गुरुकुल परंपरा ने 100 साल की एक लम्बी यात्रा पूरी कर शताब्दी समारोह आयोजित कर रहा है। उन्होंने भारत की एकता पर वसुधैव कुटुंबकम के सिद्धांत की चर्चा करते हुये कहा कि भारत में अलग- अलग पंथ व समुदाय के लोग रहते हैं , परंतु ये विभाजन के लिये नहीं है। ये मंजिल तक पहुंचने के लिये अलग-अलग मार्ग है। सीएम योगी ने ने कहा कि जब कोई राष्ट्र सशक्त होता है तब उस राष्ट्र में रहने वाले हर धर्म व संप्रदाय के लोगों की प्रतिष्ठा पूरे विश्व में बढ़ती है। उन्होंने कहा कि एक भारत सशक्त भारत की संकल्पना को साकार करने के लिये एक भारत श्रेष्ठ भारत से जोड़ना होगा। सीएम ने कहा कि धर्म से बढ़कर भारत के अनुयायी हैं और हम सभी का संकल्प है कि भारत का वैभव अमर रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम संवर चुका है। काशी विश्वनाथ धाम से ही काशी की पहचान है। दूर-दूर से दर्शनार्थी बाबा के दर्शन के लिये आते हैं , अब यही काम अयोध्या में हो रहा है। अपने संबोधन में उन्होंने देश भर के विभिन्न मठों से आये धर्माचार्यों व वीरशैव संप्रदाय के श्रद्धालुओं के बीच कहा कि काशी के सांसद पीएम मोदी नेतृत्व में काशी विश्वनाथ मंदिर का अलौकिक कायाकल्प हुआ। ठीक इसी तरह का कार्य अयोध्या में भी हो रहा है , भगवान राम का भव्य मंदिर बन रहा है। सीएम योगी ने कहा कि हम सभी महाभारत के अर्जुन की तरह से जीवित मात्र हैं। अयोध्या में देश के हर पंथ और संप्रदाय के अनुयायियों के लिये अपनी धर्मशाला और मठ स्थापित करने के लिये अलग से भूमि आवंटन का काम शुरू होने वाला है। बहुत जल्द इस कार्यक्रम को आगे बढ़ायेंगे। सीएम योगी ने कहा कि पूरे भारत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व मिल रहा है। यही कारण है कि आज नई ऊर्जा के साथ भारत आगे बढ़ रहा है। अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश व महाराष्ट्र समेत तमाम राज्यों से बाबा विश्वनाथ की नगरी में आये श्रद्धालुओं को नमन किया। इस पट्टाभिषेक कार्यक्रम में देश के साथ - साथ रसिया , श्रीलंका , नेपाल से भी लोग शामिल हुये। काशीपीठ जगद्गुरु डॉ. चंद्रशेखर शिवाचार्य महास्वामी के उत्तराधिकारी के रुप में मल्लिकार्जुन को गद्दी सौंपी गई । समारोह की समाप्ति पश्चात जंगमबाड़ी मठ में जगद्गुरु डॉ. चंद्रशेखर शिवाचार्य महास्वामी, उज्जैन पीठ के जगद्गुरु सिद्लिंग राजदेसी केंद्र शिवाचार्य महास्वामी ओर श्रीशैलपीठ के जगद्गुरु डॉ. चन्ना सिद्धराम पंडिताराध्य शिवाचार्य महास्वामी ने उनका मस्तकाभिषेक किया। मस्तकाभिषेक के बाद शोभायात्रा निकाली गई। बैंड बाजे की धुन पर नाचते गाते श्रद्धालु चल रहे थे । जगद्गुरु डॉ. मल्लिकार्जुन पालकी में सवार थे और पालकी यात्रा दशाश्वमेध घाट पहुंची। मां गंगा का विधि-विधान से पूजन करके फिर सभी वापस मठ पहुंचे। मठ में ही पट्टाभिषेक की सभी परंपराओं का संप्रदाय के अनुसार निर्वहन किया गया।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय दौरे पर आज दोपहर वाराणसी पहुंचे। संपूर्णानंद संस्कृत विवि के खेल मैदान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हेलीकाप्टर से पहुंचने पर उनके स्वागत करने के लिये पार्टी की ओर से पदाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। यहां स्वागत पश्चात सीएम योगी जंगमबाडी मठ में आयोजित समारोह में शामिल होने रवाना हो गये। वहीं जंगमबाड़ी मठ में मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुये परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। जंगमबाड़ी मठ पहुंचने के बाद सीएम का औपचारिक स्वागत किया गया। इसके बाद मठ में दीप प्रज्वलित कर सीएम ने आयोजन की औपचारिक शुरुआत की गई। इस दौरान सीएम को मठ प्रशासन की ओर से प्रसाद व धार्मिक वस्तुयें भेंट की गईं। जंगमबाड़ी मठ के आयोजन में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सर्किट हाउस में विकास कार्यों की समीक्षा में शामिल हुये। समीक्षा बैठक के बाद वे देर शाम डीएवी पीजी कालेज में आजादी के अमृत महोत्सव के तहत चौरी- चौरा कांड की 100 वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुये। फिर श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के साथ ही दशाश्वमेध प्लाजा समेत अन्य परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पीएम नरेन्द्र मोदी के वाराणसी के प्रस्तावित दौरे के पूर्व ही विकास के साथ पीएम के प्राथमिकता आधारित परियोजनाओं को लेकर मंथन भी करेंगे। इसके साथ ही लंबित चल रही परियोजनाओं को लेकर भी वह अधिकारियों से विचार विमर्श कर सकते हैं।
: केन्द्रीय गृहमंत्री ने की मां शाकंभरी विश्वविद्यालय का शिलान्यास
Fri, Dec 3, 2021
सहारनपुर - मेरे लिये यह बहुत सौभाग्य की बात है कि इस पवित्र और एतिहासिक भूमि पर मां शांकभरी देवी विश्वविद्यालय के शिलान्यास के लिये सीएम योगी ने मुझे आमंत्रित किया है।
उक्त बातें केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आज सहारनपुर के पुवांरका में 92 करोड़ की लागत वाले मां शाकंभरी देवी राजकीय विश्वविद्यालय का शिलान्यास करने के बाद लोगों को संबोधित करते हुये कही। इस दौरान केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान , डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा भी मौजूद रहे। गृहमंत्री शाह ने भारत माता की जय के साथ अपने भाषण की शुरुआत की। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधते हुये कहा कि पहले यूपी में क्राइम चरम पर था। योगी सरकार की जमकर तारीफ करते हुये गृहमंत्री शाह ने कहा कि उत्तरप्रदेश में कभी माफियाओं का राज चलता था लेकिन अब माफिया मुर्गा बनकर बैठे हैं। योगी सरकार ने माफियाओं से हजारों करोड़ की सरकारी सम्पति वापस लेने के साथ अवैध बूचडखानों पर रोक लगायी है। उन्होंने कहा कि अखिलेश सरकार में माफियाराज था और आज कानून का राज है। उन्होंने हत्या , लूट और अन्य सभी अपराधों के आंकड़े गिनाते हुये कहा कि अब यूपी में भाजपा की सरकार में अपराध कम हुआ है। शाह ने पुरानी सरकारों पर हमला करते हुये कहा कि वो तो सिर्फ विकास का वादा करते थे , लेकिन पीएम मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण और देश की सड़कों के लिये अधिक से अधिक काम कराकर वादा पूरा किया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने तीन तलाक , 370 जैसे कई बड़े मुद्दे खत्म करके लोगों को साबित कर दिखाया है कि भाजपा सरकार मेंं बहुत कुछ हुआ है। गृहमंत्री ने अपने भाषण को समाप्त करते हुये सहारनपुर की जनता से पूछा की इस बार यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा को 300 सीटें मिलेंगी या नहीं। कार्यक्रम में मौजूद जनता ने जोरशोर से शाह के सवाल का ‘हां’ से जवाब दिया और भाजपा पार्टी के समर्थन में खूब नारेबाजी की। इसी कड़ी में सीएम योगी ने पूर्व की सरकारों पर जमकर निशाना साधते हुये कहा कि पिछली सरकारों के पास कोई एजेंडा नहीं था। सूबे में पलायन और दंगे होते थे , बेटियों की समस्यायें नहीं सुनी जाती थीं , विकास के नाम पर बंदरबांट होता था। भाजपा सरकार में देश आगे बढ़ा है , आज प्रदेश सुरक्षित हाथों में है। वहीं कैबिनेट गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि सपा सरकार में पांच साल में 300 दंगे हुये लेकिन सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में कोई दंगा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में कांवड़ यात्रा पर रोक लगा दी गई। योगी सरकार में कांवड़ यात्रा में डीजे बजवाया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश का विकास हुआ है और प्रदेश आगे बढ़ा है।