: इरादा और मर्यादा विकास के दो पहलू - पीएम मोदी
Sat, Jul 16, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टजालौन - विकास के लिये इरादा और मर्यादा जरूरी होती है। विकास की जिस धारा पर देश चल रहा है , उसके मूल में दो पहलू हैं। एक है इरादा और दूसरा है मर्यादा। हम देश के वर्तमान के लिये नई सुविधायें नहीं गढ़ रहे , बल्कि देश का भविष्य गढ़ रहे हैं। हम इक्कीसवीं सदी के इंफ्रास्ट्रक्चर में जुटे हैं। विकास के लिये हमारा सेवाभाव ऐसा है कि हम समय की मर्यादा को टूटने नहीं देते। यूपी नये संकल्पों को लेकर अब तेज गति से दौड़ने के लिये तैयार हो चुका है। यही सबका साथ और सबका विकास है। कोई पीछे ना छूटे और सब मिलकर काम करें इसी दिशा में डबल इंजन की सरकार लगातार काम कर रही है। यूपी के छोटे-छोटे जिले हवाई सेवा से जुड़ें इसके लिये भी तेजी से काम किया जा रहा है। हमने काशी कॉरिडोर , दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे और अब बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का काम पूरा कर मर्यादा के तहत काम को पूरा कर रहे हैं। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से चित्रकूट से दिल्ली की दूरी तो तीन-चार घंटे कम हुई ही है , लेकिन इसका लाभ इससे भी कहीं ज्यादा है। यह एक्सप्रेस-वे यहां सिर्फ वाहनों को गति नहीं देगा , बल्कि यह पूरे बुंदेलखंड की औद्योगिक प्रगति को गति देगा। इसके लिये मैं सिएम योगी और उनकी टीम को धन्यवाद देता हूं।
उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज उत्तरप्रदेश दौरे पर जालौन जिले की उरई तहसील के कैथेरी गांव में बुंदेलखंड एक्सप्रेस - वे को देश को समर्पित करने के बाद जनसभा को संबोधित करतें हुये कही। एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के बाद पीएम ने स्थानीय बुंदेलखंडी भाषा में लोगों से इस एक्सप्रेस-वे की खूबियों का जिक्र के साथ अपने भाषण की शुरुआत की। उन्होंने नये एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के दौरान अपने संबोधन में बुंदेलखंड के सभी लोगों को बधाई दी। उन्होंने बुंदेली भाषा में संबोधन शुरू करते हुये कहा- वेदव्यास की जन्मस्थली बुंदेलखंड , हमारी बाईसा लक्ष्मीबाई की धरती पे बेर-बेर आबे को अवसर मिलो , हमें बहुतइ प्रसन्नता भई। बुंदेलखंड की एक और चुनौती को कम करने के लिये हमारी सरकार निरंतर काम कर रही है। हर घर तक पाईप से पानी पहुंचाने के लिये हम जल जीवन मिशन पर काम कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिस धरती ने अनगिनत शूरवीर पैदा किये जहां के खून में भारत भक्ति बहती है , जहां के बेटे-बेटियों के पराक्रम और परिश्रम ने हमेशा देश का नाम रोशन किया है, उस बुंदेलखंड की धरती को आज एक्सप्रेसवे का उपहार देते हुये उत्तरप्रदेश का सांसद होने के नाते मुझे बहुत खुशी हो रही है। पीएम मोदी ने यूपी में डबल इंजन सरकार का फायदा गिनाते हुये कहा कि डबल इंजन की सरकार में आज यूपी जिस तरह आधुनिक हो रहा है , ये अभूतपूर्व है। जिस यूपी में सरयू नहर परियोजना को पूरा होने में चालीस साल लगे , उसे पूरा कराया। जिस यूपी में गोरखपुर फर्टिलाइजर प्लांट तीस साल से बंद बड़ा था , उसे चालू कराया गया। जिस यूपी में अमेठी रायफल कारखाना सिर्फ एक बोर्ड लगाकर पड़ा हुआ था। जिस यूपी में रायबरेली रेल कोच फैक्ट्री , सिर्फ डिब्बों का रंग-रौगन करके काम चला रही थी। उस यूपी में अब इंफ्रास्ट्रक्चर पर इतनी गंभीरता से काम हो रहा है कि उसने अच्छे-अच्छे राज्यों को भी पछाड़ दिया है। यूपी में अर्जुन डैम परियोजना को पूरा होने में बारह साल लगे , यह डबल इंजन सरकार के प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि हम समय की मर्यादा का पालन कैसे करते हैं , इसके अनगिनत उदाहरण यूपी में ही है। उन्होंने कहा कि काशी में विश्वनाथ धाम के सुंदरीकरण का काम हमारी ही सरकार ने ही शुरु किया और हमारी सरकार ने ही पूरा किया। गोरखपुर एम्स का शिलान्यास भी हमारी सरकार ने किया और उसका लोकार्पण भी हमारी सरकार में हुआ। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास और लोकार्पण दोनों हमारी सरकार में हुआ। पीएम ने कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे भी इसी का उदाहरण है। इसका काम अगले साल फरवरी में पूरा होना था , लेकिन ये सात-आठ महीने पहले ही सेवा के लिये तैयार है। पीएम मोदी ने इस मौके पर जनसभा को संबोधित करते हुये कहा कि बुंदेलखंड के हर जिले में भी पचहत्तर अमृत सरोवर बनाये जायेंगे। ये जल सुरक्षा और आने वाली पीढ़ियों के लिये बहुत बड़ा काम है। उन्होंने बताया कि केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के लिये हजारों करोड़ रुपये स्वीकृत किये जा चुके हैं , इससे बुंदेलखंड के बहुत बड़े हिस्से का जीवन बदलने वाला है। आजादी के पचहत्तरवें वर्ष के अवसर पर हमने देश में अमृत सरोवरों के निर्माण का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री ने पूर्व की सरकारों पर तंज कसते हुये कहा कि पहले की सरकार के समय यूपी में हर साल औसतन पचास किमी रेललाईन का दोहरीकरण होता था , आज औसतन दो सौ किमी रेललाईन का दोहरीकरण हो रहा है। वर्ष 2014 से पहले यूपी में सिर्फ 11,000 कॉमन सर्विस सेंटर थे , आज यूपी में 1.30 लाख से ज्यादा कॉमन सर्विस सेंटर काम कर रहे हैं। एक समय में यूपी में सिर्फ 12 मेडिकल कॉलेज थे , आज यूपी में 35 से ज्यादा मेडिकल कॉलेज हैं और 14 नये मेडिकल कॉलेज में काम चल रहा है। पीएम मोदी ने एक बार फिर पूर्व की सरकार के कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुये कहा कि वर्षों से मैं यहां आता रहा हूं। मैंने हमेशा देखा कि अगर यूपी में दो महत्वपूर्ण चीजें जोड़ दी जाये तो उत्तरप्रदेश चुनौतियों को चुनौती देने की बहुत बड़ी ताकत के साथ खड़ा हो जायेगा। यहां का पहला मुद्दा था , यहां की खराब कानून व्यवस्था। पहले यहां क्या हाल था , ये आप जानते हैं। दूसरा हर प्रकार से खराब कनेक्टिविटी। केंद्र और यूपी की योगी सरकार ने दोनों मुद्दों को हल करने का प्रयास किया है। कानून व्यवस्था पर सीएम योगी लगातार काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने किसी का नाम लिये बगैर मुफ्त की घोषणा करने वाले राजनीतिक दलों पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आजकल हमारे देश में मुफ्त की रेवड़ी बांटकर वोट बटोरने का कल्चर लाने की कोशिश हो रही है। ये रेवड़ी कल्चर देश के विकास के लिये बहुत घातक है। इस रेवड़ी कल्चर से देश के लोगों को बहुत सावधान रहना है। पीएम ने कहा कि रेवड़ी कल्चर वाले कभी आपके लिये नये एक्सप्रेस-वे , नये एयरपोर्ट या डिफेंस कॉरिडोर नहीं बनायेंगे। रेवड़ी कल्चर वालों को लगता है कि जनता जनार्दन को मुफ्त की रेवड़ी बांटकर उन्हें खरीद लेंगे। हमें मिलकर उनकी इस सोच को हराना है , रेवड़ी कल्चर को देश की राजनीति से हटाना है। पीएम मोदी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार मुफ्त की रेवड़ी बांटने का शॉर्टकट नहीं अपना रही , बल्कि मेहनत करके राज्य के भविष्य को बेहतर बनाने में जुटी है।विकास की धुरी बनेगा एक्सप्रेसवे - सीएम योगीपीएम मोदी से पहले जनसभा को संबोधित करते हुये सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज बुंदेलखंड के लिये ऐतिहासिक दिन है। एक्सप्रेस वे यूपी और बुंदेलखंड की अर्थव्यवस्था को नया आयाम प्रदान करेगा। पूरी दुनियां 28 महीने से कोरोना की मार झेल रही थी , लेकिन इसी बीच एक्सप्रेसवे का निर्माण रिकॉर्ड समय में किया है।रिकॉर्ड समय और अनुमानित लागत से कम खर्च में बने इस एक्सप्रेसवे से ना सिर्फ बुंदेलखंड के लोगों को देश की राजधानी दिल्ली पहुंचने में सहूलियत होगी , बल्कि औद्योगिक विकास भी सुनिश्चित हो सकेगा। इससे बुंदेलखंड की अर्थव्यवस्था को नया आयाम मिलेगा। अब बुंदेलखंड को लोगों को गरिमा और गौरव का एहसास करायेगा। युवाओं को रोजगार तो वहीं व्यापारियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज बुंदेलखंड को एक्सप्रेस - वे सौगात देने कानपुर पहुंचे , जहां सीएम योगी ने हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी और सीएम योगी जालौन के लिये हेलीकॉप्टर से रवाना हुये। पीएम ने यहां मंच में विराजमान होने से पहले बुंदेलखंड की कलाओं की प्रदर्शनी देखी। बालू और रंगो आदि से बनाई गई कलाकृतियों का अवलोकन कर उनकी सराहना की। उनके मंच पर पहुंचते ही कार्यक्रम में मौजूद भीड़ मोदी-मोदी और जय श्री राम के नारों का उद्घोष करने लगी और लोगों में उल्लास देखने को मिला। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के मौके पर स्थानीय कलाकारों ने स्थानीय संस्कृति से देश-दुनियां को परिचित कराया। 'हम स्वागत करते सौ-सौ बार , फूलों से सरकार' गीत के जरिये पीएम मोदी का बुंदेलखंड की धरती पर स्वागत किया गया। वहीं भीड़ के बीच मयूर नृत्य और बुंदेलखंडी नृत्य को पेश कर खुशी व्यक्त की गई। इसके बाद पीएम ने बटन दबाकर 14,850 करोड़ रुपये से निर्मित 296 किलोमीटर लम्बी बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे जनता को समर्पित करते हुये इसे बुंदेलखंड की गौरवशाली परंपरा को समर्पित बताया। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे के अगल-बगल औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जायेगा। भंडारण गृह स्थापित होंगे और कोल्डस्टोरेज बनाये जायेंगे। पीएम ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन स्थल पर वृक्षारोपण भी किया। इस अवसर पर सीएम योगी , डिप्टी सीएम बृजेश पाठक और केशव प्रसाद भी मौजूद रहे।
: इतिहास के हर दौर में यूपी अग्रणी राज्य रहा - महामहिम राष्ट्रपति
Sat, Jun 11, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टलखनऊ - उत्तरप्रदेश विधान मण्डल का इतिहास अद्भुत उदारता और व्यापकता के उदाहरण प्रस्तुत करता है। उत्तरप्रदेश की सामाजिक / सांस्कृतिक /आर्थिक व भौगोलिक विविधता यहां के लोकतन्त्र को और भी समृद्ध बनाती है। उत्तरप्रदेश की बीस करोड़ से अधिक की आबादी अनेकता में एकता की हमारी सांस्कृतिक विशेषता का बहुत अच्छा उदाहरण हमारे सामने प्रस्तुत करती है। राष्ट्रव्यापी राजनीति के संदर्भ में उत्तरप्रदेश के लिये इससे बढ़कर गर्व की बात क्या हो सकती है कि इस राज्य से लोकसभा के लिये निर्वाचित सांसदों में से 09 प्रधानमंत्रियों ने अब तक देश को नेतृत्व प्रदान किया है। इसके अलावा उत्तरप्रदेश में ही स्वाधीन भारत की पहली महिला मुख्यमंत्री के निर्वाचन का इतिहास रचा गया।
उक्त बातें महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज आजादी के अमृत महोत्सव के तहत विधानसभा और विधान परिषद के संयुक्त विशेष सत्र को संबोधित करते हुये कही। यूपी विधानमंडल के दोनों सदनों को संबोधित करते हुये राष्ट्रपति ने सदन के सभी सदस्यों को चुने जाने पर बधाई दी। उन्होंने कहा यह बेहद महत्वपूर्ण है कि लोकसभा के सर्वाधिक सदस्य यूपी से ही चुने जाते हैं , देश के वर्तमान पीएम नरेंद्र मोदी उत्तरप्रदेश से ही चुनकर बने हैं। उन्होंने अपने संबोधन के दौरान विधानसभा में महिला सदस्यों को लेकर भी अपनी बात रखते हुये कहा कि यूपी विधानसभा में महिला सदस्यों की संख्या 47 है जो कि कुल सदस्यों 403 का 12 प्रतिशत है। वहीं विधान परिषद में कुल 100 सदस्यों में महिलाओं की संख्या सिर्फ पांच है , जिसे और बढ़ाये जाने की जरूरत है। राष्ट्रपति ने उत्तरप्रदेश के विधानमंडल के इतिहास को याद करते हुये कहा कि आजाद भारत में यूपी में ही पहली महिला मुख्यमंत्री का इतिहास रचा गया। बंगाल में जन्मीं और सिंधी परिवार में ब्याही गईं सुचिता कृपलानी राज्य की पहली मुख्यमंत्री बनीं। उन्होंने कहा कि इतिहास के हर दौर में उत्तरप्रदेश अग्रणी राज्य रहा है। विधानसभा में भी सबसे अधिक प्रतिनिधि इसी राज्य से थे। वहीं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का स्वागत करते हुये सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानमंडल के दोनों सदनों को संबोधित करने के लिये उनका आभार जताया। सीएम योगी ने कहा कि एक साधारण से परिवार में जन्म लेने के बाद देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचना यह भारत के लोकतंत्र के लिये गर्व की बात है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के आठ वर्ष पूरे कर इस अवसर पर देश को पांच मंत्र दिये। पीएम मोदी ने कहा कि आजादी की अमृत महोत्सव का अर्थ आजादी की ऊर्जा का महोत्सव / स्वाधीनता सेनानियों से प्रेरणा का महोत्सव / नये विचारों का महोत्सव / नये संकल्पों का महोत्सव और आत्मनिर्भरता को प्राप्त करने का महोत्सव है। सीएम ने आगे कहा कि उत्तरप्रदेश विधानमंडल अनेक ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी रहा है. चाहे वो सामाजिक क्षेत्र की हों , आर्थिक क्षेत्र की हों या राजनीतिक क्षेत्र की हों। विधानमंडल ने कई क्षेत्र में समय-समय पर देश को एक नई दिशा व विभिन्न विधान मंडलों को नया मार्गदर्शन दिया है। इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सदन को संबोधित किया। उन्होंने राष्ट्रपति का स्वागत करते हुये कहा कि हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं , लेकिन एक सच ये भी है कि बिना भेदभाव खत्म हुये आजादी का कोई मतलब नहीं है। उन्होने बताया कि कोई कितने बड़े पद पर पहुंच गया हो पर ऐसा नहीं हो सकता है कि उसने भेदभाव का सामना ना किया हो।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपनी उत्तरप्रदेश यात्रा के तहत रविवार देर शाम वाराणसी से काशी विश्वनाथ का दर्शन पूजन कर अपनी पत्नी सविता कोविंद के साथ लखनऊ पहुंचे। हवाईअड्डे से लखनऊ राजभवन पहुंचने पर उत्तरप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल / मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उनका स्वागत किया। अपने चार दिवसीय उत्तरप्रदेश दौरे के अंतिम दिन सोमवार को महामहिम राष्ट्रपति यूपी विधानसभा पहुंचे , जहां उन्होंने उत्तरप्रदेश के गौरवशाली09 इतिहास से लेकर मौजूदा समय में योगी सरकार के कामकाज का जिक्र करते हुये दोनो सदनों के सदस्यों का मार्गदर्शन किया। बता दें कि उत्तरप्रदेश विधानमंडल का भी गौरवशाली अतीत रहा है। देश की स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में मनाये जा रहे आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अतीत की उपलब्धियों का पुनरावलोकन करने के साथ ही अगले पच्चीस वर्षों के लिये कार्ययोजना तैयार करने का आह्वान किया है।
: ज्ञानवापी परिसर में पूजा की अनुमति नहीं मिलने पर अनशन पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द
Sun, Jun 5, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टवाराणसी - ज्ञानवापी में मिला शिवलिंग हमारे आदि विश्वेश्वर का पुराना ज्योतिर्लिंग है। देवता की पूजा इसलिये की जाती है , क्योंकि उसमें प्राण होते हैं। भगवान को भूखा-प्यासा नहीं रखा जा सकता है। उनका स्नान / श्रृंगार / पूजा / भोग-राग नियमित होना चाहिये। जब तक वे ज्ञानवापी में प्रकट हुये आदि विश्वेश्वर के शिवलिंग की पूजा नहीं करेंगे , तब तक अन्न-जल भी नहीं लेंगे।
उक्त बातें ज्ञानवापी में पूजा करने से रोके जाने पर श्रीविद्यामठ के गेट पर अनशन में बैठे ज्योतिष और द्वारिका शारदा पीठ के श्रीमज्जजगद्गूरू शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रतिनिधि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कही। उन्होंने आगे कहा - हमारी छोटी सी मांग है कि हमें हमारे आराध्य की दिन में एक बार पूजा करने दें। पुलिस के लोग हमारा रास्ता रोक कर खड़े हो गये हैं। पुलिस अपना काम करेगी , हम अपना काम करेंगे। पूजा का अधिकार प्रत्येक सनातन धर्मी का मौलिक अधिकार है। ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने में मिले शिवलिंग की पूजा के लिये स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पुलिस से इजाजत मांगी थी जिसको खारिज कर दिया गया था। आज सुबह अविमुक्तेश्वरानंद को पुलिस ने उनके मठ से बाहर निकलने से रोक दिया।डीसीपी काशी जोन आर० एस० गौतम ने कहा कि ज्ञानवापी जाने के लिये उनका प्रार्थना पत्र मिला था . चूंकि मामला कोर्ट में विचाराधीन है इसलिये अनुमति नहीं दी जा सकती।अनशन के बीच दोपहर बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद श्रीविद्या मठ से निकल कर पैदल ही सोनारपुरा पहुंचे। हालांकि काफी नोकझोंक के बाद पुलिस ने उन्हें वापस मठ भेज दिया।स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि एक बार कोई पूजा के लिये निकल जाता है तो बिना पूजा किये भोजन नहीं करता है। हम भी पूजा के लिये निकल चुके थे ,अब जब तक पूजा नहीं कर लेते भोजन नहीं कर सकते हैं। इसलिये पूजा की इजाजत मिलने तक गेट पर ही बैठेंगे।स्वामी ने पूजा की अनुमति नहीं दिये जाने पर प्रशासन पर सवाल उठाते हुये कहा पुलिस हमसे पूजा की सामग्री ले जाये और हमारे आराध्य देव की विधि-विधान से पूजा कराये। भगवान की पूजा ना करके हम पाप के भागी नहीं बनेंगे। यह भला कैसे हो सकता है कि हम नहायें / खायें / पानी पियें और हमारे भगवान ऐसे ही पड़े रहें।मीडिया से बात करते हुये स्वामीजी ने कहा कि या तो ज्ञानवापी के शिवलिंग की उन्हें पूजा करने दी जाये , या फिर प्रशासन पूजा-पाठ कर उन्हें अवगत कराये। अगर मामला कोर्ट में लंबित है तो क्या हमारे भगवान तब तक भूखे रहेंगे। उन्होंने आगे कहा ज्ञानवापी में प्रकट हुये शिव को अधिकार है कि उसे नहाने के लिये पानी मिले और भोजन मिले। मुझे पूजा से मतलब है , पूजा के अधिकार मिलने से मतलब नहीं है। जो न्यायालय में दूसरे पक्षकार जा रहे हैं , वो पूजा का अधिकार मांग रहे हैं। न्यायालय में दो महीने बाद उनको अधिकार मिलेगा। हम कोई अधिकार नहीं मांग रहे हैं। हम भगवान की पूजा की मांग कर रहे हैं। हमारी इस भावना को क्यों नहीं सुना और समझा जा रहा है। बताते चलें गत दिवस ही उन्होंने वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद में शनिवार को पूजा-पाठ करने का ऐलान किया था। यहां यह भी उल्लेखनीय करना लाजिमी होगा कि तीन दिन पहले गोवर्धनपीठ पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने काशी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि ज्ञानवापी परिसर हिंदुओं को सौंप देना चाहिये। इसके एक दिन बाद ज्योतिष एवं द्वारका शारदापीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामीई स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य अविमुक्तेश्वरानंद ने ज्ञानवापी में मिलेई शिवलिंग की पूजा करने का एलान कर दिया। फिर शुक्रवार को काशी धर्म परिषद की बैठक में संतों ने शिवलिंग की पूजा की मांग की। काशी के संतों ने कानूनी तौर पर पूजा के अधिकार को मांगने का फैसला किया।