: बालको में हुआ पशु कल्याण पखवाड़ा का आयोजन
Fri, Jan 19, 2024
कोरबा जिले के उपनगरी क्षेत्र अंतर्गत बालको नगर में पशु कल्याण पखवाड़ा का किया गया आयोजन, इस आयोजन को करने हेतु कन्या उच्च माध्यमिक शाला के छात्र-छात्राएं व पशु चिकित्सा टीम ने निकाली रैली में पशु के प्रति जागरूकता रैली निकाली गई जिसमें श्री रामकृष्ण गौ सेवा संस्थान की संयोजक श्रीमती लालिमा जायसवाल व उनकी गौ सेवा संस्थान की टीम मौजूद रहे कन्या महाविद्यालय परिसर में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बतौर मंत्री पुत्र श्री रजनीश देवांगन उपस्थित रहे स्कूल के समस्त स्टाफ व छात्र-छात्राएं रैली को कन्या महाविद्यालय से निकल गई जिसे सिविक सेंटर से होते हुए हनुमान मंदिर सेक्टर 5 में समापन किया गया।
: बालकोनगर श्री राम मंदिर में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने किया पूजा अर्चना
Tue, Jan 16, 2024
बालकोनगर, 14 जनवरी 2024। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) के टाउनशिप परिसर स्थित श्री राम मंदिर में आज केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री श्री गिरिराज सिंह दर्शन करने पहुंचे। इस अवसर पर बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने उनका स्वागत किया।
केंद्रीय मंत्री श्री सिंह ने रामलला के दर्शन के साथ ही शिव मंदिर में जलाभिषेक भी किया और बालकोनगर एवं कोरबा जिला के उज्ज्वल एवं समृद्ध भविष्य की कामना की। मंदिर परिसर का अवलोकन करते हुए उन्होंने मंदिर के संबंध में बालको सीईओ से जानकारी प्राप्त की। 1976 में बालको द्वारा निर्मित इस मंदिर में प्रतिवर्ष भागवत पाठ एवं अनेक धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया जाता है।
केन्द्रीय मंत्री ने बालको के श्री राम मंदिर परिसर में स्वच्छता अभियान में शामिल होकर परिसर की साफ-सफाई के कार्य में भी सहयोग किया।________
: बालको ने किसान मेला के अवसर पर कृषकों को किया सम्मानित
Tue, Jan 16, 2024
बालकोनगर, 09 जनवरी 2024। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने किसान दिवस के अवसर पर जामबहार और बेला गांव में किसान मेला आयोजन किया। आयोजित उत्सव में 32 गांवों के किसानों ने हिस्सा लिया। किसानों में नवाचार, सहयोग और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकारी निकायों, वित्तीय संस्थानों और कृषि क्षेत्रों के विभिन्न हितधारकों को एकजुट करते हुए बदलाव के लिए एकजुट किया गया।
बालको ने कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, वन विभाग, भारतीय कृषि बीमा कंपनी (एआईसी), छत्तीसगढ़ नवकरणीय ऊर्जा विभाग, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के साथ अपने सहयोगी स्वयं सेवी संस्था एक्शन फॉर फ़ूड प्रोडक्शन के सहयोग से कार्यक्रम को आयोजित किया। कार्यक्रम में 339 किसानों ने चर्चा, कार्यशाला और प्रदर्शनों में हिस्सा लिया। उत्सव में विभिन्न गांव के 20 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। सम्मानित किसानों ने मोर जल मोर माटी परियोजना में अपनी भागीदारी के माध्यम से उल्लेखनीय कार्य कर, कृषि क्षेत्र में विभिन्न प्रभावशाली नवाचार को अपनाया है। किसानों का सम्मान और समर्थन उनके उपलब्धियों के सराहने के साथ समुदाय के लिए प्रेरक साबित हुआ जिससे कृषि क्षेत्र में नवाचार और सहयोग की भावना को बढ़ावा मिला है।उत्सव का केंद्र बिंदु किसान मेला था जिसमें कृषि जीविका और विकास के लिए महत्वपूर्ण जानकारी का प्रसार किया गया था। आयोजन में किसानों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए कृषि नवाचार और नवीन मशीनरी का प्रदर्शन। फसल बीमा में विभिन्न बीमा योजनाओं के माध्यम से किसानों को अपनी फसल सुरक्षित करने के बारे में शिक्षित करना तथा कृषि के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने और किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न सरकारी पहलों की विस्तृत जानकारी दी गई।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि हमारे किसान देश के आर्थिक विकास के प्रमुख अंग हैं। कंपनी हमेशा विभिन्न तकनीकी और नवाचार माध्यम से कृषक समुदाय के उत्थान और उन्नति के लिए कटिबद्ध है। बालको प्रशिक्षित किसानों ने जैविक खेती, कृषि नवाचार और नवीन तकनीकों की मदद से विभिन्न फसलों का उत्पादन बढ़ाने में सफलता पाई है। कृषि प्रोत्साहन परियोजना ‘मोर जल मोर माटी’ से किसानों को लाभ मिल रहा है। श्री कुमार ने कहा कि हम अपने सामुदायिक विकास कार्यक्रम के जरिए जरूरतमंदों किसानों की हरसंभव मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।बालको की सामुदायिक विकास परियोजना ‘मोर जल मोर माटी’ का प्रमुख उद्देश्य सिंचाई सुविधाओं को बढ़ाने, फसल उत्पादन में वृद्धि, किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकों से अवगत कराने के साथ जल और मृदा प्रबंधन को उत्कृष्ट बनाना है। परियोजना का मुख्य घटक कृषि, जल प्रबंधन, पशुपालन, मत्स्य पालन, बाड़बंदी, वनोपज एवं वन संरक्षण और लाख की खेती शामिल है।परियोजना 1200 एकड़ से अधिक भूमि के साथ 3700 किसानों तक अपनी पहुंच बना चुका है। 1000 से अधिक किसानों ने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाया है जिससे उनकी औसत वार्षिक आय के साथ-साथ उत्पादन में वृद्धि हुई है। तकनीकी सहयोग से लागत में कमी आई है। किसान आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं। इस परियोजना से युवा कृषि को मुख्य व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित हुए हैं। 'मोर जल मोर माटी' पहल में लगभग 25% लाभार्थी युवा किसान हैं। इस परियोजना से स्थानीय किसान अनेक शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं।------------------------------------------