: गरीब की सेवा , सुशासन और कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता - पीएम मोदी
Fri, Jun 3, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टराजकोट - केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार राष्ट्रसेवा के आठ साल पूरे कर रही है। इस दौरान हमने ऐसा कोई गलत काम नहीं किया जिससे आपका सिर झुक जाये। इन वर्षों में हमने गरीब की सेवा , सुशासन और गरीब के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सबका साथ - सबका विकास , सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर चलते हुये हमने देश के विकास को नई गति दी है। हमारी सरकार में हर आम आदमी को अपना हक मिल रहा है।
उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज राजकोट के एटकोट में नवनिर्मित मातुश्री केडीपी मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल का उद्घाटन कर लोगों को संबोधित करते हुये कही। पीएम मोदी ने कहा कि जब लोगों के प्रयास सरकार के प्रयासों से जुड़ते हैं , तो हमारी सेवा करने की ताकत बढ़ जाती है। राजकोट का यह आधुनिक अस्पताल (केडीपी मल्टीस्पेशलिटी हास्पिटल) इसका एक प्रमुख उदाहरण है। ये अस्पताल स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनायेगा। उन्होंने कहा कि आठ साल में हमने बापू और सरदार पटेल के सपनों का भारत बनाने के लिये ईमानदार प्रयास किये हैं। बापू एक ऐसा भारत चाहते थे जो गरीबों , दलितों , पीड़ितों , आदिवासियों , महिलाओं को सशक्त करे ; जहां स्वच्छता और स्वास्थ्य जीवन का एक तरीका बने ; जिसकी आर्थिक व्यवस्था में स्वदेशी का समाधान हो। हमने बीते आठ वर्षों में तीन करोड़ से अधिक गरीबों को पक्के घर , दस करोड़ से अधिक परिवारों को ओडीएफ से मुक्ति , नौ करोड़ से अधिक गरीब महिलाओं को धुयें से मुक्ति दी है। करीब ढाई करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को बिजली , छह करोड़ से अधिक परिवारों को नल का पानी- यह सिर्फ डेटा नहीं है , बल्कि गरीबों की गरिमा की रक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। पीएम मोदी ने कहा कि वर्ष 2001 से पहले यहां केवल 09 मेडिकल कालेज में सिर्फ 1100 सीटें थीं। आज आपको ये जानकर खुशी होगी कि अब यहां कुल 30 निजी और सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं और आठ हजार सीटें हैं। हम हर जिले में मेडिकल कॉलेज बनाना चाहते हैं। पीएम ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के माता-पिता भी चाहते हैं कि उनके बच्चे डॉक्टर बनें। लेकिन सबसे पहले एक बात पूछी जाती है कि क्या आप अंग्रेजी जानते हैं, यह अन्याय है। फिर हमने नियम बदल दिये और अब गुजराती शिक्षा पृष्ठभूमि के छात्र भी इंजीनियरिंग और मेडिकल पूरी कर सकते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में डबल इंजन सरकार पूरी ताकत से विकास कार्यों में जुट चुकी है। आज जब गुजरात की धरती पर आया हूं तो मैं सिर झुकाकर गुजरात के सभी नागरिकों का आदर करना चाहता हूं। आपने मुझे जो संस्कार और शिक्षा दी , समाज के लिये जीने की बातें सिखायी , उसी की बदौलत मैंने मातृभूमि की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सुविधाओं को शत प्रतिशत नागरिकों तक पहुंचाने के लिये अभियान चला रही है। जब हर नागरिक तक सुविधायें पहुंचाने का लक्ष्य होता है तो भेदभाव भी खत्म होता है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी नहीं होती। ना भाई-भतीजावाद रहता है ना जात-पात का भेद रहता है , इसलियै हमारी सरकार मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को नागरिकों तक पहुंचाने में जी जान से जुटी हुई है। गरीबों की सरकार होती है तो कैसे उसकी सेवा करती है ? उन्हें सशक्त करने के लिये काम करती है , ये आज पूरा देश देख रहा है। सौ साल के सबसे बड़े संकट काल में भी देश ने ये लगातार अनुभव किया है महामारी शुरू हुई और गरीब के सामने खाने-पीने की समस्या हुई तो हमने देश के अन्न भंडार खोल दिये। पीएम मोदी ने कहा कि हमारी माता-बहनों के जनधन बैंक खाते में सीधे पैसे जमा किये। किसानों और मजदूरों के बैंक खाते में पैसा जमा किया। साथ ही हमने मुफ्त गैस सिलेंडरों की भी व्यवस्था की ताकि गरीब की रसोई चलती रहे। इसके अलावा मुफ्त वैक्सीन की व्यवस्था की। हमारी आयुष्मान योजना से आज पूरा देश लाभान्वित हो रहा है। हमारी सरकार मूलभूत सुविधाओं को शत प्रतिशत लोगों तक पहुंचाने के लिये तत्पर है। हमारा ये प्रयास देश के मध्यम वर्ग को सशक्त करेगा।
गौरतलब है कि मिशन गुजरात के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने गृह राज्य गुजरात की दो दिवसीय यात्रा शुरू की। एयरपोर्ट पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने प्रधानमंत्री मोदी की आगवानी की। राजकोट के एटकोट में बड़ी संख्या में महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिवादन किया। उनके दो दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत राजकोट में एक मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल का उद्घाटन और निरीक्षण करने से हुई। पीएम मोदी ने सुबह माटुश्री केडीपी मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल का उद्घाटन करते हुये कहा कि यह सौराष्ट्र में लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। पीएम ने अस्पताल के उद्घाटन के बाद पाटीदार समाज की जनसभा को भी संबोधित किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री के साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल , पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी , गुजरात भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल , केंद्रीय मंत्री परसोत्तमभाई रूपला मौजूद रहे। अस्पताल प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार पटेल सेवा समाज की ओर से चालीस करोड़ रूपये की लागत से निर्मित दो सौ बिस्तरों वाला केडी परवाडिया मल्टीस्पेशिलिटी अस्पताल राजकोट-भावनगर राजमार्ग पर स्थित है। इस अस्पताल से राजकोट , बोटाद , अमरेली और आसपास के अन्य जिलों के ग्रामीण इलाकों के लोगों को फायदा होगा। इस अस्पताल में आयुष्मान भारत और राज्य सरकार द्वारा जारी हेल्थ कार्ड धारकों का मुफ्त इलाज होगा। केडी परवाडिया मल्टीस्पेशिलिटी अस्पताल का शुल्क शहरों में वसूले जा रहे शुल्क का सिर्फ 30 फीसदी होगा।पीएम मोदी का यह दौरा सौराष्ट्र की राजनीति के लिये खास माना जा रहा है। गुजरात में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। बीते चुनाव में पाटीदारों की नाराजगी के कारण भाजपा 100 का आंकड़ा पार नहीं कर पाई थी , इसका सबसे ज्यादा असर सौराष्ट्र क्षेत्र में ही देखने मिला था। यहां की 56 सीटों में 32 सीटें कांग्रेस को मिली थीं , जबकि भाजपा के खाते में सिर्फ 22 सीटें आई थीं। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा पाटीदारों को साधने में जुटी है।
: वोट बैंक की राजनीति से हुआ देश का नुकसान - पीएम मोदी
Fri, Jun 3, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टशिमला - हमारे देश में दशकों तक वोटबैंक की राजनीति हुई है। अपना-अपना वोटबैंक बनाने की राजनीति ने देश का बहुत नुकसान किया है। हमने शत प्रतिशत लाभ , शत प्रतिशत लाभार्थी तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है , लाभार्थियों के सैचुरेशन का प्रण लिया है। शत प्रतिशत सशक्तिकरण यानि भेदभाव खत्म , सिफारिशें खत्म, तुष्टिकरण खत्म। शत प्रतिशत सशक्तिकरण यानि हर गरीब को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ। पहले अटकी लटकी भटकी योजनाओं , भाई-भतीजावाद , घोटालों के बारे में बात की जाती थी लेकिन आज बात सरकारी योजनाओं से लाभ के बारे में होती है। पीएम आवास योजना हो , स्कालरशिप देना हो या फिर पेंशन योजनायें , टेक्नोलाजी की मदद से हमने भ्रष्टाचार की गुंजाइश को कम से कम कर दिया है। जिन समस्याओं को पहले स्थाई मान लिया गया था , हम उसके स्थाई समाधान देने का प्रयास कर रहे हैं। मैं गर्व से कहता हूं कि आज देश में कोई ही गरीब परिवार होगा जो किसी ना किसी योजना से जुड़ा हुआ ना हो। हम वोटबैंक बनाने के लिये नहीं बल्कि नये भारत को बनाने के लिये काम कर रहे हैं। हमारी सरकार जीवन में दखल देने के लिये नहीं , जीवन को आसान बनाने के लिये काम कर रही है।
उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज केंद्र में बीजेपी सरकार की आठ साल के मौके पर आयोजित राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम गरीब कल्याण सम्मेलन में शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में लोगों को संबोधित करते हुये कही। उन्होंने कहा आज मेरे जीवन में एक विशेष दिवस भी है और इस विशेष मौके देशभूमि को प्रणाम करने का मौका मिले इसे बड़ा सौभाग्य क्या हो सकता है? उन्होंने कहा कि आज दस करोड़ से ज्यादा किसानों के खाते में पैसा पहुंच गया है। आज मुझे शिमला की धरती से देश के दस करोड़ से भी ज्यादा किसानों के खातों में पैसे पहुंचाने का सौभाग्य मिला है। पीएम ने कहा मेरा संकल्प है कि हर भारतवासी के सम्मान के लिये हर भारतवासी की सुरक्षा , हर भारतवासी की समृद्धि के लिये भारतवासी को सुख-शांति की जिंदगी कैसे मिले ? हर किसी का कल्याण करने के लिये जितना काम कर सकूं , उसको करता रहूं। पीएम मोदी ने कार्यक्रम में कहा कि कोरोना काल में जिन बच्चों ने अपने माता-पिता को खो दिया था , ऐसे बच्चों का जिम्मा संभालने का अवसर मुझे मिला है। ऐसे हजारों बच्चों की देखभाल का निर्णय हमारी सरकार ने किया , कल उन्हें मैंने कुछ पैसे भी चेक के माध्यम से भेज दिये। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हिमाचल में हर घर से शायद ही कोई ऐसा परिवार होगा जिस घर से सैनिक ना हो। ये वीरों की भूमि हैं , ये सैन्य परिवारों की भूमि है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश आने पर खुशी जाहिर की। पीएम मोदी ने कहा कि हिमाचल सरकार ने जल जीवन मिशन को लेकर बहुत ही शानदार काम किया है , इसके लिये जयराम सरकार बधाई की पात्र है। उन्होंने कहा कि भारत आंख झुकाकर नहीं , आंख मिलाकर बात करेगा। आज भारत मजबूरी में नहीं बल्कि मदद के लिये हाथ बढ़ाता है। देश के विकास में हिमाचल के फार्मा हब बद्दी की भी बड़ी भूमिका रही है। कोविड काल में दुनियां के कई देशों को बद्दी में बनी दवाइयां भेजी गईं। चंबा का मेटल वर्क , कांगड़ा की पेटिंग के लोग आज भी दीवाने हो जाते हैं। सरकार का यही मकसद है कि हिमाचल के उत्पादों की दुनियां भर में डिमांड हो। काशी विश्वनाथ मंदिर के पुजारी और सुरक्षा कर्मी कुल्लू में महिलाओं के स्वंय सहायता समूहों द्वारा बनाई गई पूहलें (जुराबें) पहन रहे हैं। पीएम ने विपक्षियों पर हमला बोलते हुये कहा यहां के लोगों को पता है कि पहले की सरकारों ने कैसे सैनिकों को वन रैंक , वन पेंशन के नाम पर धोखा दिया। लद्दाख के ताशी ने जीवन सेना में देश सेवा के लिये समर्पित किया और आज पीएम आवास योजना से उनका घर बन पाया है। पूर्व सरकारों ने सैनिकों की मांगों को कभी पूरा नहीं किया। विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से पीएम मोदी वर्चुअल संवाद कर रहे हैं। एक लाभार्थी ने पीएम मोदी से बात करते हुये कहा कि योजनाओं की मदद से जिंदगी आसान हो गई है , काफी परेशानियां हल हो गई हैं। एक ने कहा पहले हमारे गांव में स्वास्थ्य सुविधायें नहीं थी लेकिन अब योजनाओं की मदद से हमरा चेकअप भी होता है और मुफ्त इलाज और दवायें भी दी जा रही हैं।पीएम मोदी ने कहा कि शिमला की धरती से एक बार फिर करोड़ों देशवासियों को बधाई देता हूं। आगे भी जी-जान से काम करते रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच से भारत माता की जय के नारों के साथ संबोधन संपन्न किया।हिमाचल वासियों से पीएम का स्नेह अधिक - सीएम ठाकुरहिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने रिज मैदान से कहा ये शिमला का रिज का मैदान बहुत छोटा मैदान है , सभी लोग सभा स्थल तक पहुंच नहीं पा रहे हैं। मैं प्रधानमंत्री का आभारी हूं कि वे माल रोड पर पैदल होकर यहां तक पहुंचे। सीएम ठाकुर ने मंच पर पीएम मोदी का अभिनंदन करते हुये कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने आठ वर्ष का कार्यकाल पूरा किया है , इसके लिये सभी प्रदेशवासी बधाई के पात्र हैं। हिमाचल पीएम मोदी के दिल के बहुत करीब है , हिमाचल के लोगों से पीएम मोदी का बहुत ज्यादा स्नेह है। सीएम जयराम ने कहा कि प्रधानमंत्री आज भी प्रदेश में कई कार्यकर्ताओं को उनके नाम से जानते हैं। उन्होंने कहा कि कोविड संकट में पीएम नरेंद्र मोदी ने पूरे राष्ट्र की हिम्मत बढ़ाई , लोगों को हौसला दिया और आज देश ने कोविड से लड़ाई जीत ली है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केंद्र सरकार के आठ साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने शिमला पहुंचे थे। उन्होंने अनाडेल से रानी झांसी पार्क तक रोड शो किया। पीएम मोदी ने शिमला में अपने रोड शो के दौरान गाड़ी से नीचे उतरकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान लोगों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ स्वागत करते हुये प्रधानमंत्री पर फूल बरसाये। शिमला के रिज मैदान में पीएम मोदी ने बटन दबाकर दस करोड़ से अधिक किसानों को इक्कीस हजार करोड़ से अधिक की सम्मान राशि सीधा उनके बैंक खातों में हस्तांतरित कर दी। सूत्रों के अनुसार अब तक दो लाख करोड़ से ज्यादा की रकम किसानों के खातों में पहुंच चुकी है। इस दौरान पीएम मोदी देश भर के विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के लाभार्थियों से वर्चुअल बातचीत की। साथ ही पीएम मोदी ने करोड़ों किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि की इक्कीस हजार करोड़ रुपये की ग्यारहवीं किस्त ट्रांसफर किया। बता दें कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत लाभार्थी किसानों को हर साल 6,000 रुपये प्राप्त होते हैं। यह राशि 2,000 रुपये की तीन किस्तों में किसानों को मिलती है। पीएम मोदी ने यहां गरीब कल्याण सम्मेलन को संबोधित भी किया। इस मौके पर सीएम जयराम ठाकुर और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर भी मौजूद रहे।
: मां के बिना जीवन की परिकल्पना ही नही - अरविन्द तिवारी
Mon, May 9, 2022
(अंतर्राष्ट्रीय मातृ दिवस विशेष)नई दिल्ली - समाज में माँ का प्रभाव बढ़ाने और उनके प्यार , त्याग सेवा , उनकी अतुलनीय योगदान के लिये मदर्स डे (मातृदिवस) मनाया जाता है। पूरे विश्व के विभिन्न देशों में अलग-अलग तारीखों पर हर साल मातृदिवस को मनाया जाता है। कई देशों में मार्च महीने में भी मदर्स डे मनाया जाता है। भारत में इसे हर साल मई महीने के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। हालांकि मां के लिये तो हर दिन एक दिन जैसा ही होता है इसलिये मां के लिये कोई विशेष दिन नहीं है । लेकिन अंग्रेज इसे बनाकर चले गये तो भारतीय इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं और आज का दिन माँ को प्यार और सम्मान जताने का दिन है। माँ एक अनमोल इंसान के रूप में होती है जिसके बारे में शब्दों से बयाँ नहीं किया जा सकता है। जिस ममतामयी , करूणामयी , त्यागमयी मां ने मुझे इस संसार में लाया है , मातृदिवस पर मैं उस मां के बारे में क्या लिख सकता हूं ? जिस मां ने स्वयं मुझे लिखा है और मुझे लिखना सिखाया है उस मां पर कुछ भी लिखना यानि सूर्य को दीपक दिखाने के समान है। फिर भी एक लेखक होने के नाते उन पर दो चार लाईन लिखने की कोशिश करता हूं।ऐसा कहा जाता है कि भगवान हर किसी के साथ नहीं रह सकता इसलिये उसने माँ को बनाया । माँ हमारे जीवन की हर छोटी बड़ी जरूरतों का ध्यान रखने वाली और उन्हें पूरा करने वाली देवदूत होती है। कहने को वह इंसान होती है, लेकिन भगवान से कम नहीं होती।वहीं मन्दिर है, वही पूजा है और वही तीर्थ है। माँ के बारे में जितना लिखा जाये उतना ही कम है। ममत्व एवं त्याग घर ही नहीं, सबके घट को उजालों से भर देता है. मां का त्याग, बलिदान, ममत्व एवं समर्पण अपनी संतान के लिए इतना विराट है कि पूरी जिंदगी भी समर्पित कर दी जाये तो मां के ऋण से उऋण नहीं हुआ जा सकता है. संतान के लालन-पालन के लिये हर दुख का सामना बिना किसी शिकायत के करने वाली मां के साथ बिताये दिन सभी के मन में आजीवन सुखद व मधुर स्मृति के रूप में सुरक्षित रहते हैं। इस दुनियां में मां से खूबसूरत शब्द और कुछ नहीं है। मां के बिना इस दुनियां में हमारा कुछ भी अस्तित्व नहीं है क्योंकि हम सभी को जन्म देने वाली मां ही होती है। मां का स्थान हम सभी के जीवन में सबसे ऊपर और खास होता है। मां के प्यार और त्याग का एहसान हम कभी उसे चुका नहीं पायेंगे। मां का दर्जा भगवान से भी ऊपर माना गया है। मां हम सभी के जीवन में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मां के बिना जीवन की कल्पना भी अधूरी है। मां भगवान की बनायी एक सुंदर रचना है जो अपने बच्चे को जीवन भर नि:शर्त प्यार और सहयोग देती रहती है। मां और बच्चे के रिश्ते को दुनियां का सबसे खूबसूरत और अनमोल रिश्ता माना जाता है। माँ के बिना जीवन की परिकल्पना भी नहीं की जा सकती। यदि हम इस दुनियां में आये हैं तो केवल मां की वजह से। मां के गर्भ के बिना कोई जन्म नहीं ले सकता। नौ माह तक गर्भ में रखने और प्रसव की पीड़ा झेलने के बाद जब शिशु का जन्म होता है तो वो पल हर मां के लिये सबसे खुशनुमा होता है। मां से बढ़कर दुनियां में कोई नही होता , जो सुकुन मां की गोद में मिलता है वो स्वर्ग में भी नहीं मिल सकता। जब मां पहली बार अपने बच्चे को अपनी गोद में लेती है और उसे अपने सीने से लगाती है उस फल को कोई भी शब्दों में बयां नहीं कर सकता। मां का प्यार से माथे को चूमना किसी ताकत से कम नहीं होता। वो मां ही होती है जो अपने हाथों से बच्चों काकोमल हाथ पकड़कर उसे चलना सिखाती है , अपने हाथों से उसे खिलाना सिखाती है। अपने बच्चों के पहनावे से लेकर उसकी शिक्षा तक की जिम्मेदारी एक मां से बढ़कर कोई नही निभा सकता। किसी के आगे बढ़ने में उसकी मां का हाथ अवश्य होता है। मां और बच्चे का रिश्ता इस दुनियां में सबसे खूबसूरत और अनमोल है। बच्चा दर्द में होता है तो तकलीफ मां को होती है , वो मुस्कुराता है तो खुश मां होती है। मां अपने बच्चों की आंखों में एक बूंद भी आंसू बर्दाश्त नहीं कर सकती , इसीलिये मां का स्थान सर्वोच्च है। मां खुद से पहले अपने बच्चों के बारे में सोचती है। अपनी पसंद , नापसंद सब भुलाकर अपने बच्चों के चेहरे पर मुस्कान देखना चाहती है। मां के प्यार , त्याग , समर्पण को शब्दों में बताना आसान नहीं है। मां सिर्फ़ एक शब्द नहीं बल्कि एहसास है। मां का जीवन त्याग , प्रेम और देखभाल जैसी चीजों के बीच होता है। एक मां जिंदगी में कई फर्ज , कई रिश्ते बिना किसी स्वार्थ के निभाती है। मां का दर्जा भी काफी ऊपर माना जाता है। मां वो होती है जो अपना हर दर्द , अपनी हर तकलीफ़ को नजर अंदाज कर केवल अपने परिवार , अपने बच्चों के लिये जीती है। मां निस्वार्थ भाव से अपने बच्चों से प्यार करती है , अपने पति की देखभाल करती है , घर की देखरेख करती है और बिना किसी छुट्टी के पूरी जिंदगी काम भी करती है। मां अपना सम्पूर्ण जीवन बच्चों के लिये समर्पित कर देती है , उनका प्यार हमेशा बिना शर्त के पूर्ण रूप से शुद्ध होता है। मां के लिये कोई भी शब्द , लेख या उपाधि कम होगी। उनके प्यार और समर्पण को जिंदगी लगाकर भी जताया नहीं जा सकता है। माँ इस सृष्टि का सौंदर्य है , स्नेह उसकी प्रवृत्ति है तथा अनुदान उसका स्वभाव है। माँ जन्मदात्री है , रिश्ता का सबसे छोटा संबोधन और हमारे अस्तित्व में आने के बाद सबसे पहला शब्द माँ ही है जो जीवन का सबसे कीमती साथ भी होता है। समाज का प्रत्येक भावी सदस्य उसकी गोद में पलकर संसार में खड़ा होता है उसकी स्तन का अमृत पीकर हृष्ट पुष्ट होता है उसकी हंसी से हंसना और उसकी वाणी से बोलना सीखता है। माँ की ममता का कोई मोल नही है , जिसे माँ का प्यार नही मिलता वो बड़ा ही अभागा होता है। माँ बनना हर स्त्री की सपना होती है , वह बेटा बेटी में भेदभाव नही करती। माँ है तभी हम संपन्न हैं और बिना माँ के हम विपन्न हैं। माँ ममतामयी , करुणायी , वात्सल्यमयी होती है। माँ देवत्व की मूर्तिमान प्रतिमा है। वैसे तो प्रतिदिन हमें उनकी अतुलनीय योगदान को याद कर नतमस्तक होनी चाहिये , मां के प्रति कर्त्तव्यों को हमें कभी भूलना नहीं चाहिये। मां के लिये एक दिन देना कुछ भी नही है , बल्कि हर दिन मातृदिवस होनी चाहिये। ऐसा माना जाता है कि वर्ष 1914 में अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक कानून पास किया था जिसके मुताबिक मई के महीने की दूसरी रविवार को मातृ दिवस मनाया जायेगा। तब से भारत समेत दुनियां के कई देशों में इसे मनाया जाने लगा। इस दिन दुनियां भर में लोग अपनी माताओं का सम्मान करते हैं , उनके प्रति अपना प्यार प्रकट करते हैं, उन्हें तोहफे देते हैं और उनके लिये इस दिन को खास बनाने की हर एक कोशिश करते हैं।