: छग कैबिनेट में पेट्रोल डीजल में वैट कम करने संबंधी निर्णय पारित
Mon, Nov 22, 2021
रायपुर - मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ कैबिनेट की बैठक हुई , जिसमें कई अहम फैसले लिये गये। सबसे अहम प्रस्ताव पेट्रोल-डीजल के दामों में कटौती का था , इसे स्वीकार कर लिया गया। पेट्रोल पर एक फीसदी और डीजल में दो फीसदी वैट कम किया गया है।
इससे राज्य के खजाने पर एक हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। इसके साथ ही पूरे राज्य के स्कूलों को 100 फीसदी उपस्थिति के साथ खोलने की अनुमति दे दी गई। अभी 50 फीसदी उपस्थिति के साथ स्कूल खुल रहे थे।
सीएम बघेल की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये हैं। जिनमें आम जनता के हित में बड़ा फैसला लेते हुये मंत्रिपरिषद की बैठक में पेट्रोल और डीजल के दामों में कटौती का निर्णय लिया गया। जिसके तहत डीजल में वेट पर दो प्रतिशत और पेट्रोल में वेट पर एक प्रतिशत कमी करने का निर्णय लिया गया। इससे राज्य सरकार को करीब एक हजार करोड़ रूपये की राजस्व की हानि होगी। शिक्षाकर्मियों को बड़ी राहत देते हुये मंत्रिपरिषद की बैठक में शिक्षक संवर्ग में पदोन्नति के प्रावधान को शिथिल किया गया। जिसके तहत प्रधान पाठक प्राथमिक शाला , शिक्षक एवं व्याख्याता के पदों पर पदोन्नति के लिये विभागीय भर्ती नियमों में प्रावधानित पांच वर्ष के अनुभव को एक बार के लिये शिथिल करते हुये तीन वर्ष के अनुभव के आधार पर पदोन्नति देने का निर्णय लिया गया। एक तरफ जहां संविलियन हुये शिक्षाकर्मियों को उनकी सेवा अवधि का लाभ मिलने से वे पदोन्नत हो सकेंगे वहीं बच्चों को उनके शिक्षकीय अनुभव का लाभ मिलेगा। स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य के शासकीय एवं निजी विद्यालयों की कक्षायें संपूर्ण कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुये पूर्ण उपस्थिति के साथ नियमित रूप से संचालित करने का निर्णय लिया गया। समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का के उपार्जन तथा कस्टम मिलिंग के लिये मंत्रि-मंडलीय उपसमिति द्वारा प्रस्तुत संशोधनों और नवीन अनुशंसाओं के साथ विगत खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 की धान एवं मक्का उपार्जन तथा कस्टम मिलिंग नीति को खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में लागू करने का निर्णय लिया गया। खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में छ.ग. राज्य सहकारी विपणन संघ मर्या. को धान उपार्जन एवं कस्टम मिलिंग के लिये खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में प्रदत्त 14,700 करोड़ की शासकीय प्रत्याभूति का 31 अक्टूबर 2022 पुनर्वैधीकरण करने का निर्णय लिया गया। धान उपार्जन वर्ष 2020-21 में सहकारी समितियों को धान उपार्जन में हुए नुकसान से बचाने के लिये उन्हें आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने हेतु एकमुश्त क्षतिपूर्ति सहायता राशि प्रदान करने का निर्णय लिया गया। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में उपार्जित धान में से सरप्लस (अतिशेष) धान की नीलामी के माध्यम से निराकरण हेतु मंत्रि-मण्डलीय उप समिति की बैठक में लिये गये निर्णय का अनुसमर्थन किया गया। खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में कस्टम मिलिंग अनुबंध की बचत धान की मात्रा का निरस्तीकरण एवं उस पर प्रस्तावित पेनाल्टी को माफ करने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयोंज्ञ, दंत चिकित्सा महाविद्यालय , नर्सिंग महाविद्यालय एवं फिजियोथेरैपी महाविद्यालय में प्राध्यापक एवं सह प्राध्यापक के पदों को लोक सेवा आयोग के माध्यम से सीधी भर्ती से भरे जाने एवं पदोन्नति नियमों में एक बार छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में संविदा में कार्यरत शिक्षकों को उनकी सेवा अवधि को आयु सीमा में अधिकतम दस वर्ष तक की छूट देने तथा उन्हें सेवा के प्रत्येक वर्ष के लिये दो बोनस अंक भी देेने का निर्णय लिया गया। बोनस अंकों की अधिकतम सीमा दस अंकों तक होगी। संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें के अंतर्गत चिकित्सा अधिकारी से चिकित्सा विशेषज्ञ के पद पर पदोन्नति के लिये छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण (राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम-1988 में निर्धारित अर्हता अनुभव को केवल एक बार के लिये शिथिल करते हुये न्यूनतम अनुभव की अवधि को दो वर्ष करने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ पुलिस में सूबेदार , उपनिरीक्षक संवर्ग , प्लाटून कमाण्डर चयन परीक्षा वर्ष 2021 के सीधी भर्ती के रिक्त पदों पर अनुसूचित जनजाति वर्ग के पुरूष अभ्यर्थियों के ऊंचाई एवं सीना के माप में दी गई छूट का अनुमोदन किया गया। ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी के पद पर सीधी भर्ती के लिये जारी प्रतीक्षा सूची की वैधता अवधि को एक बार के लिये शिथिल करने के निर्णय का अनुमोदन किया गया। संविधान की 5वीं अनुसूची के अंतर्गत राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में रिक्त तृतीय श्रेणी एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने के लिये भर्ती नियमों में किये गये प्रावधानों की समय-सीमा 31 दिसंबर 2021 से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2023 तक करने का निर्णय लिया गया। बस्तर एवं सरगुजा संभाग के अंतर्गत आने वालेे जिलों तथा बिलासपुर संभाग के कोरबा जिले के जिला संवर्ग के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों की उद्भूत रिक्तियों की भर्ती इन जिलों के स्थानीय निवासियों से करने के लिये गठित विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड की कालावधि 31 दिसंबर 2021 में वृद्धि करते हुये 31 दिसंबर 2023 तक करने का निर्णय लिया गया। सरगुजा एवं बस्तर संभाग के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के संभाग स्तरीय पदों की विद्यमान एवं उद्भूत होने वाली रिक्तियों का चयन इन क्षेत्रों के स्थानीय निवासियों से करने के निर्णय का अनुमोदन किया गया। न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना , प्रधानमंत्री वन-धन योजनाज्ञ, अन्य योजनाओं के अंतर्गत संग्रहित एवं प्रसंस्कृत वनोपज के व्यापार से हुई हानि की प्रतिपूर्ति तथा लाभांश के वितरण के संबंध में निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रीयल डेव्हलपमेंट कार्पाेरेशन लिमिटेड (सीएसआईडीसी) द्वारा औद्योगिक प्रयोजन हेतु आपसी सहमति से निजी भूमि के क्रय नीति में संशोधन का अनुमोदन किया गया। राज्य की औद्योगिक नीति 2001-06 , 2004-09 , 2009-14 में विद्युत शुल्क छूट से संबंधित प्रावधानों तथा इस संबंध में विभागों द्वारा जारी अधिसूचनाओं की विसंगतियों के निराकरण का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर अधिनियम (संशोधन) विधेयक-2021 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम को वित्तीय वर्ष 2021-22 में राष्ट्रीय निगमों से ऋण प्राप्त करने के लिये 38.52 करोड़ रूपये की स्टेट ब्लॉक गारंटी 31 मार्च 2022 तक ऋण आहरित करने तथा प्रत्याभूति शुल्क माफ किये जाने का निर्णय लिया गया। जिला बस्तर के दरभा थानांतर्गत झीरम घाटी क्षेत्र में 25 मई 2013 को घटित नक्सली घटना की जांच के लिये दो सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग के गठन का कार्याेत्तर अनुमोदन किया गया।प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान अंतर्गत खरीफ मौसम 2022-23 से दलहन फसल के उपार्जन हेतु प्राईस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) लागू करने का निर्णय लिया गया। राज्य में हुक्काबार के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही हेतु सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन , प्रदाय और वितरण का विनियमन) छत्तीसगढ़ संशोधन विधेयक-2021 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। नगरीय निकायों के द्वारा संपादित किये जाने वाले सार्वजनिक जन उपयोगी कार्य के लिये संबंधित निकाय द्वारा आवेदन किये जाने पर एक रूपये प्रति वर्गफुट के मान से भूमि आबंटित करने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के पूर्व एवं पश्चात मोटरयानों पर बकाया कर के एकमुश्त निपटान योजना-2020 को पुनः लागू करने का निर्णय लिया गया। एक मुश्त निपटान योजना की अवधि एक सितंबर 2021 से 31 मार्च 2022 तक होगी। औद्योगिक एवं आर्थिक मंदी एवं कोविड-19 के संक्रमण के दुष्प्रभाव के कारण स्टील उद्योगों को प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिये राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 में ऊर्जा प्रभार में छूट हेतु घोषित विशेष राहत पैकेज की वैधता जो 31 मार्च 2021 को समाप्त हो गई है , इसे जुलाई 2021 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
: पीएम मोदी पहुंचे ब्रिटेन , कल समिट को करेंगे संबोधित
Mon, Nov 1, 2021
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टग्लासगो ( ब्रिटेन) - रोम में आयोजित जी -20 शिखर सम्मेलन में सिलसिलेवार बैठकों में शामिल होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र के 26वें "कांफ्रेंस आफ द पार्टीज" (काप 26) में शामिल होने के लिये आज तड़के ब्रिटेन के ग्लासगो पहुंच चुके हैं। वे एयरपोर्ट से सीधे होटल पहुंचे जहां ब्रिटेन के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले भारतीय समुदाय ने भारत माता की जयकारे के साथ पीएम मोदी का जोरदार स्वागत किया। इस दौरान भारतीय समुदाय के लोगों ने 'मोदी है भारत का गहना' गाना भी गाया। अपने पांच दिवसीय विदेश दौरे के दूसरे पड़ाव में पीएम मोदी जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र के रूपरेखा समझौते के लिये पक्षकारों के 26वें शिखर सम्मेलन (सीओपी-26) में शामिल होंगे। इस सम्मेलन के अलावा वे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के साथ द्विपक्षीय संवाद भी करेंगे।ब्रिटेन के प्रधानमंत्री द्वारा इस साल की शुरुआत में दो बार कोविड -19 महामारी के कारण अपनी भारत यात्रा रद्द करने के बाद मोदी और जानसन के बीच यह पहली व्यक्तिगत बैठक होगी। बता दें यह प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी की पहली स्कॉटलैंड यात्रा है। जानसन ने कहा है कि शिखर सम्मेलन विश्व की सच्चाई का एक पल होगा , उन्होंने दुनियां के नेताओं से इसका अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया है। बता दें ग्लोबल वार्मिंग पर नियंत्रण के लिये ग्लासगो में दो हफ्ते तक चलने वाले गहन सम्मेलन की रविवार (31 अक्तूबर) को शुरुआत हुई , यह सम्मेलन 12 नवंबर तक होगा। इस दौरान भारत की तरफ से जलवायु न्याय का मुद्दा उठाया जा सकता है। यह शिखर सम्मेलन ब्रिटेन की अध्यक्षता में आयोजित किया जा रहा है , जिसने इसके लिये इटली के साथ साझेदारी की है। कॉप 26 में 120 से अधिक देशों के नेता हिस्सा लेंगे , ये सभी जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने के उपायों पर चर्चा करेंगे। सूत्रों के अनुसार ‘जलवायु न्याय’ का आह्वान विकासशील देशों के उस दावे से निकला है , जिसमें 2050 तक शून्य उत्सर्जन के विचार को जलवायु परिवर्तन के लिये काफी जरूरी माना जाता है। सूत्रों के मुताबिक जलवायु परिवर्तन पर कोई भी बात करने से पहले जलवायु न्याय पर बात करने की जरूरत है। इसमें तकनीकी बदलाव के बजाय हमारी सोच और प्रवृत्ति में बदलाव भी शामिल है। विश्व स्तर पर चीजों को एक संपूर्ण नजरिये से देखने की जरूरत है। प्रधानमंत्री मोदी इस सम्मेलन में जलवायु वित्त का मुद्दा भी उठायेंगे। सूत्रों ने अनुसार भारत की तरफ से ये कहा जा सकता है कि विकसित देशों को नेट जीरो के बजाय नेट निगेटिव से शुरुआत करने की आवश्यकता है। हालांकि भारत ने अभी तक नेट जीरो से जुड़े मुद्दे पर कोई फैसला नहीं लिया है।कल का प्रस्तावित कार्यक्रमप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने ब्रिटिश दौरे के दूसरे दिन कल की शुरुआत जलवायु सम्मेलन में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के लॉचिंग के साथ करेंगे। पीएम मोदी की अपील पर कई देश मिलकर One Sun , One Earth , One Grid की महत्वाकांक्षी परियोजना की घोषणा करेंगे। इसका प्रस्ताव भारत , ब्रिटेन , ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश करेंगे , जबकि अमेरिका और दूसरे देश इसका समर्थन करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री का कई दूसरे देशों के राष्ट्राध्यक्षों (स्विट्ज़रलैंड , फ़िनलैंड , इज़रायल , नेपाल , मालावी , यूक्रेन , अर्जेंटीना) के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय मुलाक़ातें होनी हैं। प्रधानमंत्री काप 26 में वैश्विक नेताओं के लिए आयोजित सत्र accelerating clean technology Innovation and Deployment में हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही उनका ग्लासगो दौरे के सभी कार्यक्रम समाप्त होने पर प्रधानमंत्री मोदी स्वदेश रवाना हो जायेंगे। अपने दो दिवसीय ब्रिटेन दौरे को पूरा करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन नवंबर को सुबह आठ बजे दिल्ली पहुंच जायेंगे।
: पटना बम ब्लास्ट मामले में चार को सजा ए मौत
Mon, Nov 1, 2021
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टपटना - स्थानीय ऐतिहासिक गांधी मैदान बम ब्लास्ट मामले में दोषी पाये गये नौ आरोपियों को एनआईए कोर्ट के जज गुरविंदर सिंह ने आज सजा सुना दिया। नौ आरोपियों में चार को फांसी की सजा , दो को उम्रकैद , दो को दस साल की सजा और एक को सात साल की सजा सुनायी है। इनमें दोषियों इम्तियाज अंसारी उर्फ आलम , हैदर अली उर्फ अब्दुल्लाह उर्फ ब्लैक ब्यूटी , नोमान अंसारी , मो० मुजीबुल्लाह अंसारी को फांसी की सजा सुनायी है। उमर सिद्धीकी और अजहरुद्दीन को उम्रकैद की सजा सुनायी है। इसके अलावा अहमद हुसैन और फिरोज असलम को दस-दस साल की सजा एवं एक दोषी इफ्तेखर आलम उर्फ पप्पू को सात वर्ष की सजा सुनायी है। जबकि अदालत ने इनमें से एक फखरूद्दीन को सबूत के अभाव में बरी कर दिया। गुनाहगारों को सजा के इस मुकाम तक पहुंचाने में एनआईए को आठ साल लग गये। इस दौरान कोर्ट में एनआईए ने 187 गवाह पेश किये।
गौरतलब है कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा की ओर नरेंद्र मोदी को उम्मीद्वार बनाया गया था और उनके स्वागत में पटना के गांधी मैदान में हुंकार रैली का आयोजन किया गया था। तब 27 अक्टूबर 2013 को गांधी मैदान में नरेन्द्र मोदी की हुंकार रैली में इंडियन मुजाहिदीन के जिहादियों ने सीरियल ब्लास्ट किये थे। घटना उस समय हुई जब मोदी भाषण देने आने वाले थे। इन धमाकों ने सिर्फ पटना नहीं पूरे बिहार और देश को दहला कर रख दिया था। धमाकों में छह बेगुनाह लोगों की मौत हो गई थी जबकि 89 लोग घायल हुये थे। एनआईए ने ब्लास्ट मामले की जांच शुरू की। इसके पहले मामले में तीन केस दर्ज किये गये , बाद में तीनों केसों को मिलाकर एक केस बनाया गया। एनआईए की जांच और गुनहगारों को सजा के अंजाम तक पहुंचाने में सबसे अधिक योगदान इस केस के 187 गवाहों का रहा। एनआईए ने सभी जिहादियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इस मामले में एक भी आरोपी को जमानत नहीं मिली। सभी आरोपी बेऊर जेल में बंद थे। पिछले 27 अक्टूबर को यानि घटना के ठीक आठ साल बाद उसी तारीख पर एनआईए कोर्ट ने नौ आरोपियों को दोषी करार दिया था। एक नवम्बर की सुबह सभी नौ आरोपियों को सजा सुनने के लिये बेऊर जेल से अदालत लाया गया , जहां अदालत ने सभी आरोपियों को सजा सुनायी।मामले में तीन केस हुआ दर्जइस घटना को लेकर पटना में दो और झारखंड के रांची के कोतवाली थाने में एक केस दर्ज किया गया था। पटना पुलिस ने पहली एफआईआर पटना जंक्शन के जीआरपी थाने में कांड संख्या 361/2013 और गांधी मैदान थाने में कांड संख्या 451/2013 दर्ज की। झारखंड पुलिस ने कोतवाली (हिंदपिडी) थाने में 985/2013 कांड दर्ज किया। एनआईए ने पटना जंक्शन के प्लेटफार्म 10 के नजदीक शौचालाय में हुये ब्लास्ट पर पटना जीआरपी थाना में दर्ज केस को 01 नंवबर 2013 को आरसी 10/ 2013, गांधी मैदान में हुये सीरियल ब्लास्ट मामले में गांधी मैदान थाना में दर्ज मामले को आरसी 1/2013 और आंतकी घटना को अंजाम देने के लिये साजिश रचने , विस्फोटक व अन्य प्रतिबंधित सामग्री इकट्ठा कर देश के विरुद्ध लड़ाई छेड़ने की साजिश रचने को लेकर रांची में दर्ज केस को आरसी 12/ 2013 दर्ज कर जांच शरू की थी। एनआईए ने इन तीनों एफआईआर को मिलाकर एक एफआईआर पटना जंक्शन जीआरपी थाना कांड संख्या 361/2013 सह एनआईए आरसी 10/ 2013 बनाई और जांच को अंजाम तक पहुंचाया।
पटना बम ब्लास्ट मामले में दोषी पाये गये नौ आतंकियों में रांची के छह , यूपी के एक और रायपुर के दो हैं। रांची के इम्तियाज अंसारी उर्फ आलम , हैदर अली उर्फ अब्दुल्लाह उर्फ करिया उर्फ ब्लैक ब्यूटी , नुमान अंसारी , इफ्तिखार आलम , फिरोज आलम उर्फ फिरोज असलम और मोजिबुल्लाह अंसारी के अलावा रायपुर के उमर सिद्दीकी , अजहरूद्दीन और यूपी मिर्जापुर के अहमद हुसैन को सजा मिली है।
सजा के ऐलान को लेकर सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेउर जेल से लेकर कोर्ट परिसर तक की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। कोर्ट में आने जाने वाले सभी लोगों की कड़ी जांच की जा रही थी।