: जान जोखिम में डालकर कर रहे सफर
Sat, Oct 16, 2021
जमवारामगढ़। विधानसभा क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। नियमों का पालन करवाने का दावा करने वाली पुलिस और यातायात विभाग के अफसरों के सामने ही वाहनों में यात्री ठूंस-ठूंसकर भरे जा रहे हैं। सड़कों पर बेलगाम वाहन दौड़ रहे हैं, जिससे यात्रियों की जान जोखिम में रहती है। ग्रामीण व पढ़ने वाले बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। सड़कें भी पुरी तरह से टूटी पड़ी है जिससे कभी भी हादसा होने का डर बना रहता है। रोज अनेकों लोग अपना जीवनयापन करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर है जिनसे उनके मन में भय बना रहता है, प्रशासन का ध्यान भी इनकी ओर नहीं है जिससे इस समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है ।
: पीएम मोदी का सलाहकार बने रिटायर्ड आईएएस अमित खरे
Tue, Oct 12, 2021
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टनई दिल्ली - रिटायर्ड आईएएस ऑफिसर अमित खरे को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सलाहकार नियुक्त किया गया है। झारखंड कैडर (1985) से आने वाले अमित की नियुक्ति अगले दो वर्षों को लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सलाहकार के तौर पर की गई है। सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अमित खरे का पद और वेतनमान वही होगा जो कि भारत सरकार के किसी अन्य सचिव का होता है। खरे की नियुक्ति संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) के आधार पर की गई है और पुनर्नियुक्ति को लेकर उन पर सरकार के सभी नियम लागू होंगे। जानकारी के मुताबिक वर्तमान में उनकी यह नियुक्ति दो साल अथवा अगले आदेश तक के लिये है , जिसे बाद में विस्तार भी दिया जा सकता है।
बताते चलें कि अमित खरे का जन्म 1961 में एक कायस्थ परिवार में हुआ था और उन्होंने वर्ष 1977 में केंद्रीय विद्यालय हिनू से स्कूली शिक्षा प्राप्त की और फिर सेंट स्टीफंस कॉलेज दिल्ली से ऑनर्स के साथ स्नातक की पढ़ाई पूरी की। उनके एक बड़े भाई अतुल खरे भारतीय विदेश सेवा अधिकारी है। झारखंड कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा 1985 बैच के अधिकारी अमित खरे को बिहार के बहुचर्चित 940 करोड़ रुपये के चारा घोटाले को उजागर करने में उनकी भूमिका के लिये भी जाना जाता है। चारा घोटाला में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को जेल जाना पड़ा। उन्होंने दिसंबर 2019 में शिक्षा मंत्रालय उच्च शिक्षा विभाग के सचिव के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। उसके बाद थोड़े समय के भीतर कैबिनेट द्वारा 29 जुलाई 2020 को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को मंजूरी दी गई। वे 30 सितंबर को सचिव (उच्च शिक्षा) के पद से सेवानिवृत्त हुये थे। इनको पीएम मोदी के करीबी के साथ-साथ स्पष्टवादी फैसले लेने और पारदर्शिता के साथ काम करने के लिये जाना जाता है। वे उन कुछ सचिवों में से एक हैं , जिन्होंने एक साथ मानव संसाधन विकास मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के कामकाज को सम्हाला था। देश में लागू की गई नई एजुकेशन पालिसी का ड्राफ्ट तैयार करने में भी उनका अहम योगदान माना जाता रहा है , इसके अलावा डिजिटल मीडिया को लेकर नियम तय करने में भी उनकी अहम भूमिका रही।
: आशीष मिश्रा तीन दिन की सशर्त न्यायिक रिमांड पर
Mon, Oct 11, 2021
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टलखीमपुर खीरी - उत्तरप्रदेश के लखीमपुर खीरी में भाजपा नेताओं , कार्यकर्ताओं और किसानों के बीच हुई हिंसक झड़प के मामले में एसआईटी की याचिका पर सुनवाई करते हुये मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को लखीमपुर की सीजेएम कोर्ट ने तीन दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। मामले की जांच के लिये गठित एसआईटी टीम अब आशीष मिश्रा से और अधिक सवाल-जवाब कर सकेगी। बता दें आशीष मिश्रा को एसआईटी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट में पेश किया गया। अधिकारियों ने जांच करने के लिये आशीष मिश्रा की 14 दिनों की पुलिस रिमांड मांगी थी , लेकिन कोर्ट ने तीन दिनों की रिमांड पर भेजा। एडवोकेट एसपी यादव ने बताया कि आशीष मिश्रा की तीन दिनों की पुलिस रिमांड देते हुये कोर्ट ने कुछ शर्तें भी लगायी हैं। कोर्ट ने कहा है कि अभियुक्त को पुलिस अभिरक्षा के दौरान शारीरिक या मानसिक रूप से प्रताड़ित नहीं किया जायेगा। रिमांड शुरू होने से पहले और खत्म होने के बाद अभियुक्त की मेडिकल जांच की जायेगी। रिमांड के दौरान विवेचना में हस्तक्षेप किये बिना बचाव पक्ष के वकील उचित दूरी पर मौजूद रह सकते हैं। सुनवाई में आशीष मिश्रा के वकील अवधेश सिंह के साथ पुलिस की तरफ से एडिशनल डायरेक्टर अभियोजन राजेश श्रीवास्तव और सहायक अभियोजन अधिकारी एसपी यादव भी मौजूद थे। पुलिस ने कोर्ट में कहा कि आशीष मिश्रा से सिर्फ 12 घंटे पूछताछ हो सकी , जिसमें उसने जवाब नहीं दिये। इस वजह से उसे 14 दिनों की पुलिस हिरासत चाहिये। वहीं आशीष के वकील ने कहा कि पुलिस पर आशीष से पूछने के लिये सिर्फ 40 ही सवाल थे, जिनको पूछ लिया गया था। वकील ने कहा कि 12 घंटे की सुनवाई में सिर्फ एक बार पानी दिया गया था , बिना ब्रेक के लगातार सवाल पूछे जाते रहे जिनके जवाब दिये गये। आशीष के वकील की तरफ से कहा गया कि अगर पुलिस को पूछताछ ही करनी है तो वह जेल में जाकर कर सकती है।केंद्रीय मंत्री की बर्खास्तगी पर अड़ा विपक्षकांग्रेस समेत विपक्ष केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा की बर्खास्तगी पर अड़ गया है। हालांकि अजय मिश्रा और आशीष शुरुआत से ही निर्दोष बताते रहे हैं। तीन अक्टूबर को लखीमपुर-खीरी हिंसा में चार किसानों समेत कुल आठ लोगों की जान चली गई है। जिसके चलते आशीष और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया गया था। इस मामले में यूपी पुलिस ने बारह घंटे की पूछताछ के बाद शनिवार की रात आशीष को गिरफ्तार कर अदालत मे पेश किया था , जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।