: भारतवंशी नीरा टंडन अमेरिकी राष्ट्रपति की स्टाफ सचिव नियुक्त
Sat, Oct 23, 2021
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टवाशिंगटन - भारतीय मूल की नीरा टंडन को व्हाइट हाउस में स्टाफ सचिव नियुक्त किया गया है। जिसके तहत उनके पास अब अमेरिकी राष्ट्रपति बिडेन के सभी दस्तावेजों का नियंत्रण रहेगा। नीरा टंडन इस पद पर आसीन होने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी होंगी। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया से बीएससी और येल लॉ स्कूल से कानून की डिग्री हासिल की है। व्हाइट हाउस में स्टाफ सचिव सम्मानजनक ओहदा माना जाता है। इससे पहले मई माह में नीरा को जो बिडेन का वरिष्ठ सलाहकार नियुक्त किया गया था। टंडन व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सलाहकार के अपने पद को भी बरकरार रखेंगी , जिसमें वे राष्ट्रपति को विभिन्न मुद्दों पर सलाह देती हैं। हालांकि व्हाइट हाउस के स्टाफ सचिव पर्दे के पीछे रहकर काम करते हैं लेकिन इनकी भूमिका बेहद ही महत्वपूर्ण होती है। अधिकारियों के मुताबिक व्हाइट हाउस में स्टाफ सचिव की भूमिका केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के समान है , जो कि निर्णय लेने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाती है और राष्ट्रपति के लिये कई तरह के मुद्दों का प्रबंधन करती है। टंडन के पास नीति और प्रबंधन में दो दशकों से अधिक का अनुभव है जो कि व्हाइट हाउस में नीति को और मजबूत करने का काम करेगा। घरेलू , आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में उनका अनुभव इस नई भूमिका में एक महत्वपूर्ण संपत्ति होगी। व्हाइट हाउस के स्टाफ सचिव के रूप में टंडन की नियुक्ति आठ महीने बाद हुई जब उन्होंने रिपब्लिकन सीनेटरों के कड़े विरोध के कारण व्हाइट हाउस ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट के निदेशक के रूप में अपना नामांकन वापस ले लिया था। इसके पहले भी टंडन ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के कार्यकाल में व्हाइट हाउस में घरेलू नीति की सहायक निदेशक और प्रथम महिला की वरिष्ठ नीति सलाहकार के रूप में अपना केरियर शुरू किया था। इसके अलावा भी वे अमेरिका स्वास्थ्य एवं मानव सेवा मंत्रालय में स्वास्थ्य सुधारों की वरिष्ठ सलाहकार रह चुकी हैं। उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में अफोर्डेबल केयर एक्ट के कुछ विशेष प्रावधानों पर कांग्रेस और हितधारकों के साथ मिलकर काम किया था।
: कुशीनगर का विकास राज्य और केन्द्र सरकार की प्राथमिकताओं में है - पीएम मोदी
Wed, Oct 20, 2021
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टकुशीनगर - भारत विश्व भर के बौद्ध समाज की श्रद्धा और आस्था का केंद्र है। आज कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ये सुविधा उनकी श्रद्धा को अर्पित पुष्पांजलि है। भगवान बुद्ध से ज्ञान लेकर महापरिनिर्वाण तक की सम्पूर्ण यात्रा का साक्षी यह क्षेत्र अब सीधे पूरी दुनियां से जुड़ गया है। श्रीलंकन एयरलाइंस के विमान का यहां उतरना इस पुण्य भूमि को नमन करने जैसा है।
उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ से करीब 325 किलोमीटर प्रदेश के तीसरे व सबसे लम्बे रनवे वाला 260 करोड़ की लागत से 589 एकड़ में बने कुशीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करते हुये कही। इस दौरान लघु फिल्म भी दिखायी गई। पीएम ने कहा आज एक सुखद संयोग यह भी है कि आज महर्षि वाल्मिकि जी की जयंती है। आज देश सबके साथ से सबका विकास कर रहा है। कुशीनगर का इंटरनेशनल एयरपोर्ट दशकों की आशाओं-आकांक्षाओं का परिणाम है। कुशीनगर , पूर्वांचल , यूपी और दुनियां भर में बौद्ध धर्म के अनुवायियों को बहुत बधाई। भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुंबनी यहां से बहुत दूर नहीं है , कपिलवस्तु भी पास में है। सारनाथ और बोध गया भी कुछ ही घंटों की दूरी पर है। यह क्षेत्र सिर्फ भारत के बौद्ध धर्म के अनुवायियों के लिये ही नहीं श्रीलंका , कम्बोडिया , सिंगापुर सहित बहुत से देशों की आस्था और श्रद्धा का केंद्र बनने जा रहा है। मोदी ने कहा कि इस एयरपोर्ट के शुरू हो जाने पर इस क्षेत्र का तेजी से विकास होगा , इससे सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा नहीं मिलेगा बल्कि इससे किसान , पशुपालकों , छोटे बिजनेसमैन आदि को भी फायदा होगा और रोजगार के नये अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा आने वाले तीन चार सालों में देश में 200 से अधिक एयरपोर्ट , सीपौड का नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश है। उड़ान योजना के तहत बीते कुछ सालों में 900 से अधिक नये रूट्स को स्वीकृति दी जा चुकी है , इनमें से 350 से अधिक पर हवाई सेवा शुरू भी हो चुकी है। पचास से अधिक नये एयरपोर्ट या जो पहले सेवा में नहीं थे , उनको चालू किया जा चुका है। पीएम मोदी ने कहा कि कुशीनगर का विकास , यूपी सरकार और केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में है, भगवान बुद्ध से जुड़े स्थानों को विकसित करने के लिये , बेहतर कनेक्टिविटी के लिये , श्रद्धालुओं की सुविधाओं के निर्माण पर भारत द्वारा आज विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वाराणसी , लखनऊ , कुशीनगर के बाद जेवर एयरपोर्ट को भी अब इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाया जायेगा। इससे पहले
नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा- हमारी संस्कृति और मूल्य इस बात के प्रमाण हैं कि भारत कभी हमलावर नहीं रहा , इसने कभी किसी राष्ट्र के लिये हिंसा का रास्ता नहीं अपनाया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने पूरे विश्व को वैभव कुटुम्ब का पाठ पढ़ाया है , दो साल पहले पीएम मोदी ने जो वादा किया था उसे सूद समेत विकास के रूप में लौटाया है। पीएम ने एक बार संयुक्त राष्ट्र में कहा था कि जहां अन्य देश युद्ध के लिये तैयार रहते हैं , वहीं भारत हमेशा गौतम बुद्ध के रास्ते पर चलता है। वहीं सीएम योगी ने कहा कि दुनियां के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री का कुशीनगर की धरती पर स्वागत है। आज शरद पूर्णिमा का शुभ दिन है और वाल्मीकि जयंती भी है। ऐसे में आज के दिन पूर्वी यूपी को उड़ान की सौगात मिल रही है। पूर्वी यूपी में विकास की धारा बह रही है। सीएम ने कहा कि पूर्वी यूपी आजादी के बाद से लगातार उपेक्षित था। आज का दिन कई मायनों में महत्वपूर्ण है। बौद्ध सर्किट से अब हवाई मार्ग से देश और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का संचालन आज से शुरू हो चुका है। पीएम मोदी ने यूएन में कहा था कि दुनियां ने युद्ध दिया और भारत ने बुद्ध दिया। उसी मार्ग पर पीएम मोदी चल रहे हैं। कुशीनगर बस सड़क ही नहीं वायु मार्ग से पूरे देश को जोड़ रहा है।"कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट" प्रदेश के विकास को नया स्वरूप प्रदान करेगा। अब कुशीनगर से दक्षिण-पूर्व एशिया के वह सभी देश आसानी से जुड़ सकेंगे , जो भगवान बुद्ध से अपना आत्मीय संबंध रखते हैं। यह पर्यटन व रोजगार की अनेकानेक संभावनाओं को सृजित करेगा।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज उत्तरप्रदेश के कुशीनगर पहुंचे थे , एयरपोर्ट पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया उनका स्वागत किया। पीएम ने यहां अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा का का उद्घाटन किया। इसके पश्चात वे कुशीनगर महापरिनिर्वाण मंदिर में दर्शन - पूजन के बाद यहां तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध कान्क्लेव व "अभिधम्म दिवस" पर आयोजित एक समारोह का शुभारंभ भी किये। उन्होंने महापरिनिर्वाण स्थल में बुद्ध प्रतिमा पर चीवर चढ़ाया और भिक्षुओं को चीवर दान किया। पीएम ने बोधि वृक्ष का पौधा भी लगाया। इसके बाद वे रामकोला रोड स्थित नारायणपुर (बरवा फॉर्म) में होने वाली जनसभा के दौरान ही मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास के अलावा 180.66 करोड़ रूपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी शिलान्यास व लोकार्पण भी किये। इनमें गंडक नदी पर बाढ़ सुरक्षा के आठ प्रोजेक्ट , स्वदेश दर्शन स्कीम में बौद्ध सर्किट योजनांतर्गत पर्यटन विकास , राजकीय महाविद्यालय सुकरौली का निर्माण , नवीन संकेत मूक बधिर राजकीय बालिका आवसीय विद्यालय का निर्माण , कसया-रामकोला व रामपुर खुर्द , कोटवा , घुघली मार्ग का चौड़ीकरण तथा सुदृढ़ीकरण का कार्य शामिल है।
यूपी का पग , पग तीर्थ है - पीएम मोदीविकास परियोजनाओं का शिलान्यास करते हुये पीएम ने लोगो से एक बार फिर लोकल के लिये वोकल होने का आग्रह किया। मोदी ने कहा यूपी के लोग अच्छी तरह जानते हैं कि इन लोगों की पहचान समाजवादी की नहीं बल्कि परिवारवादी की बन गई है , इन लोगों ने सिर्फ अपने परिवार का भला किया है। वर्ष 2017 से पहले जो सरकार यहां पर थी , उसकी नीति थी- माफिया को खुली छूट , खुली लूट। आज सीएम योगी के नेतृत्व में यहां माफिया माफी मांगता फिर रहा है और सबसे ज्यादा दर्द भी माफियावादियों को हो रहा है। मोदी ने कहा कि यूपी ऐसी धरती है जिसका इतिहास कालातीत है , जिसका योगदान कालातीत है। इस भूमि पर मर्यादापुरुष भगवान राम ने और भगवान श्रीकृष्ण ने अवतार लिया। जैन धर्म के 24 में 18 तीर्थंकर , उत्तरप्रदेश में ही अवतरित हुये थे। आगे उन्होंने तुलसीदास और कबीरदास, संत रविदास का नाम लिया जिन्होंने यूपी में जन्म लिया।मोदी ने कहा कि यूपी एक ऐसा प्रदेश है जहां पग-पग पर तीर्थ हैं और कण-कण में ऊर्जा है। उन्होंने कहा कि हमारी गौरवशाली सिख गुरु परंपरा का भी यूपी से गहरा जुड़ाव रहा है। आगरा में ‘गुरु का ताल’ गुरुद्वारा आज भी गुरु तेगबहादुर जी की महिमा का, उनके शौर्य का गवाह है जहां पर उन्होंने औरंगजेब को चुनौती दी थी। इसके पहले कुशीनगर हवाई अड्डा उद्घाटन के अवसर पर वहां श्रीलंका के कोलंबो से आया विमान उतरा , जिसमें श्रीलंका के कैबिनेट मंत्री नमल राजपक्षे सहित पांच वरिष्ठ मंत्री और एक सौ से भी ज्यादा बौद्ध भिक्षु समेत अन्य अधिकारी शामिल थे। ये डेलिगेशन अपने साथ "बुद्ध के अवशेष" भी लेकर आये थे। मेहमानों का स्वागत सीएम योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, किरण रिजूजू, अर्जुन राम मेघवाल सहित कई केंद्रीय मंत्रियों ने किया।
: कुशीनगर अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का कल पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन
Tue, Oct 19, 2021
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टकुशीनगर - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 260 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत से नवनिर्मित और 3600 वर्गमीटर में फैले नये टर्मिनल भवन के साथ उत्तरप्रदेश के तीसरे इंटरनेशनल एयरपोर्ट महात्मा बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में कुशीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का कल उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा पीएम मोदी इस दौरान 180 करोड़ रूपये से ज्यादा की 12 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे। इस हवाई अड्डे के बनने पर प्रदेशवासियों और अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध पर्यटकों में हर्ष का माहौल व्याप्त है। इस अवसर पर पहली फ्लाइट श्रीलंका से आयेगी , जिसमें वहां के राष्ट्रपति राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे के साथ सौ से अधिक बौद्ध भिक्षु और श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल के गणमान्य व्यक्ति रहेंगे। हवाई अड्डा उद्घाटन के दौरान श्रीलंका के राष्ट्रपति समेत तमाम मेहमानों का स्वागत पूर्वांचल के मशहूर "काला नमक" चांवल से बने "बुद्ध प्रसाद" से किया जायेगा। इस हवाई अड्डे से उत्तरप्रदेश और बिहार के आसपास के जिलों को भी लाभ होगा , साथ ही क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। वहीं इस क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आयेगी। एयरपोर्ट उद्घाटन के अवसर पर उत्तरप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल , मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित सांसद , विधायक और कई देशों के राजदूत उपस्थित रहेंगे। नागर विमानन मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार हवाई अड्डे के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री आज बौद्ध स्थल महापरिनिर्वाण स्तूप और मंदिर में एक कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे जिसमें श्रीलंकाई बौद्ध भिक्षु और श्रीलंका सरकार के मंत्री शामिल होंगे। इसके बाद पीएम मोदी महापरिनिर्वाण मंदिर जाकर भगवान बुद्ध की लेटी हुई मुद्रा वाली मूर्ति के दर्शन करेंगे और बोधि वृक्ष का पौधा लगाएंगे. वह ‘अभिधम्म’ दिवस पर आयोजित एक समारोह में भी भाग लेंगे। यह दिवस बौद्ध भिक्षुओं के लिये तीन महीने की वर्षा की वापसी ‘वर्षावास’ या ‘वास’ का प्रतीक है। इस दौरान बौद्ध भिक्षु विहार और मठ में एक स्थान पर रहते हैं और प्रार्थना करते हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री एक सार्वजनिक कार्यक्रम में राजकीय मेडिकल कॉलेज, कुशीनगर की आधारशिला रखेंगे , जिसे 280 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से बनाया जायेगा। कॉलेज में 500 बिस्तरों वाला अस्पताल होगा और यह शैक्षणिक सत्र 2022-2023 में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में 100 छात्रों को प्रवेश देगा। बता दें कि प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे वक्त में हो रहा है, जब कुछ ही महीनों में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होना है।प्रदेश का सबसे लंबा रनवे वाला एयरपोर्टकुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रदेश का सबसे लंबा रनवे वाला (3.2 किमी लंबा व 45 मीटर चौड़ा) एयरपोर्ट है। उत्तरप्रदेश में लखनऊ तथा वाराणसी के बाद कुशीनगर तीसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट है।
इसके रनवे की क्षमता 08 फ्लाइट (04 आगमन , 04 प्रस्थान) प्रतिघंटा है। एयरपोर्ट पर ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि यहां दिन ही नहीं रात में भी उड़ान संभव रहे। इसकी अंतरिम पैसेंजर टर्मिनल बिल्डिंग 3600 वर्गमीटर में बनी हुई है और इसकी पीक ऑवर पैसेंजर क्षमता 300 की है। पांच दिसंबर 1999 को इस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने किया था। इसके बाद 10 अक्टूबर 1995 को कांग्रेस सरकार के केंद्रीय विमानन मंत्री गुलाम नबी आजाद और राज्यपाल मोतीलाल ने पुराने टर्मिनल बिल्डिंग का शिलान्यास किया था। इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिये 05 मार्च 2019 को उत्तरप्रदेश सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के बीच एमओयू हस्ताक्षरित हुआ था और 10 अक्टूबर 2019 को प्रदेश सरकार ने इस एयरपोर्ट को एयरपोर्ट अथॉरिटी को हैंडओवर किया। योगी सरकार की पहल पर 24 जून 2020 को केंद्रीय कैबिनेट ने इसे अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट घोषित किया। व्यावहारिक रूप से अंतर्राष्ट्रीय उड़ान की सभी बाधाये तब दूर हो गईं जब 22 फरवरी 2021को डीजीसीए ने इसे लाइसेंस प्रदान किया।कुशीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से श्रीलंका , जापान , चीन , ताइवान , दक्षिण कोरिया , थाईलैंड , सिंगापुर , वियतनाम समेत दर्जनों दक्षिण पूर्व एशियाई देशों से सीधी एयर कनेक्टिविटी होगी। इससे इन देशों के पर्यटकों , बौद्ध उपासकों को महापरिनिर्वाण स्थली का दर्शन करने में काफी आसानी होगी। अंतर्राष्ट्रीय उड़ान की इस सेवा से बौद्ध सर्किट के चार प्रमुख तीर्थो लुम्बिनी, बोधगया, सारनाथ, कुशीनगर व अन्य तीर्थो श्रावस्ती, कौशाम्बी, संकिशा, राजगीर, वैशाली की यात्रा भी पर्यटक कम समय में कर सकेंगे।