: संस्कृति मंत्री ने किया नाइजीरिया के कलाकारों का स्वागत
Mon, Oct 25, 2021
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टरायपुर - राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में शामिल होने आज नाइजीरिया के दस सदस्यीय कलाकारों का दल छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंच गया है। कलाकारों के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पहुंचने पर प्रदेश के संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने राज्य सरकार की ओर से उनका आत्मीय स्वागत किया। बताते चलें विदेशी कलाकारों की यह पहली टीम है जो रायपुर छत्तीसगढ़ पहुंची है। इसके साथ ही राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में शामिल होने के लिये कलाकारों के आने का सिलसिला आज से शुरू हो गया है। इस महोत्सव में भाग लेने वाले लगभग सभी टीम 27 अक्टूबर तक पहुंच जायेंगे। 28 अक्टूबर को इन कला दलों के मार्चपास्ट के साथ भव्य एवं आकर्षक राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आगाज होगा।
नाइजीरिया के कलाकारों ने रायपुर के एयरपोर्ट पहुंचते ही छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया बोलकर अभिवादन स्वीकार किया। नाइजीरिया कला दल के प्रमुख ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के माध्यम से आदिवासी कला संस्कृति एवं परंपरा को सहेजने एवं उनके संवर्धन के लिये किये जा रहे कार्य महत्वपूर्ण हैं। हम सब राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में शामिल होने के लिये काफी उत्साहित हैं। राष्ट्रीय उत्सव में विभिन्न देशों एवं राज्यों के कलाकारों के शामिल होने से यह कार्यक्रम काफी मनोरंजक होगा। इस मौके पर संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के सचिव अन्बलगन पी़. और संचालक विवेक आचार्य उपस्थित थे।
गौरतलब है कि रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान में 28 अक्टूबर को भव्य समारोह में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का शुभारंभ होगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में देश और विदेश के आदिवासी नर्तक दलों द्वारा रंगारंग प्रस्तुति दी जायेगी। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में 07 देशों के नर्तक दल सहित देश के 27 राज्यों तथा 06 केन्द्र शासित प्रदेशों के 59 आदिवासी नर्तक दल शामिल हो रहे हैं। इन नर्तक दलों में लगभग 1000 कलाकार शामिल होंगे , जिनमें 63 विदेशी कलाकार होंगे। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का यह द्वितीय आयोजन है। देश विदेश में इस आयोजन को काफी लोकप्रियता मिली है। इस वर्ष आयोजित हो रहे राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में श्रीलंका , उज्बेकिस्तान , स्वाजीलैण्ड , नाइजीरिया , पेलेस्टीन , माले और युगांडा के नर्तक दल हिस्सा लेंगे। वहीं मोरक्को के दल की भी इस आयोजन में शामिल होने की संभावना है।रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान में 28 अक्टूबर को भव्य समारोह में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का शुभारंभ होगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में देश और विदेश के आदिवासी नर्तक दलों द्वारा रंगारंग प्रस्तुति दी जायेगी। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में 07 देशों के नर्तक दल सहित देश के 27 राज्यों तथा 06 केन्द्र शासित प्रदेशों के 59 आदिवासी नर्तक दल शामिल हो रहे हैं। इन नर्तक दलों में लगभग 1000 कलाकार शामिल होंगे , जिनमें 63 विदेशी कलाकार होंगे। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के दौरान प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे , प्रतिदिन 20-20 आदिवासी नर्तक दलों द्वारा अपनी प्रस्तुति दी जायेगी। महोत्सव के दौरान आदिवासियों की जीवन शैली , आदिवासी संस्कृति पर केन्द्रित प्रदर्शनी भी लगायी जायेगी तथा संगोष्ठी का आयोजन किया जायेगा। प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों के स्टाल भी होंगे। प्रदर्शनी में हाथकरघा वस्त्रों और हस्तशिल्प के स्टाल भी लगाये जायेंगे। विदेशों तथा अन्य राज्यों से आने वाले नर्तक दलों के रूकने की व्यवस्था रायपुर के विभिन्न होटलों और मेरिज हॉल में की गई है। आयोजन के सुचारू संचालन और व्यवस्थाओं की देखरेख के लिये जिला प्रशासन , पुलिस प्रशासन और विभिन्न विभागों के लगभग 3500 अधिकारियों-कर्मचारियों को तैनात किया गया है। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के आयोजन स्थल पर ट्राइबल डांस एरिया और स्पीकर लाउंज के साथ-साथ लाइव शोकेस एरिया , ट्राइबल इंस्पायर्ड एग्जीबिट , शिल्प-ग्राम और फूड-एरिया भी होगा।
: सीएम की पहल पर शैलेन्द्र बना एक दिन का कलेक्टर
Fri, Oct 22, 2021
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टरायपुर - दिल में कलेक्टर बनने की चाहत लिये लाइलाज प्रोजेरिया से ग्रस्त शैलेंद्र ध्रुव की जब ये इच्छा जब टीवी चैनल के माध्यम से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पास पहुंची , तो उन्होंने शैलेंद्र को एक दिन का कलेक्टर बना दिया। फिलहाल उसकी बीमारी का कोई हल नही निकला है , लेकिन उसके कलेक्टर बनने का ख्वाहिश जरूर पूरा हो गया।
गौरतलब है कि शैलेन्द्र ध्रुव गरियाबंद जिले के छुरा विकासखण्ड के मेढ़कीडबरीगांव का निवासी है , जो लाइलाज प्रोजेरिया बीमारी से ग्रसित है। इनके पिता का नाम बंशीलाल ध्रुव और माता का नाम रामकली ध्रुव है। पैदा होते ही उसे बीमारी ने घेर लिया , इस बीमारी की वजह से ही उसके शरीर की कोशिकायें उम्र से पहले ही ज्यादा विकसित हो गई है। जिसके चलते वह अपना सपना पूरा करने में असमर्थ हैं। अमिताभ बच्चन के फिल्म पा की तरह शैलेन्द्र की भी जिंदगी बन चुकी है। वह 16 साल की उम्र में 80 साल का बुजुर्ग लगता है , पढ़ाई और खेल में कोई उसका साथ नही देता। शिक्षक पढ़ाई को लेकर कभी उस पर कोई दबाव नहीं डालते हैं। वह दूसरे बच्चों की तरह ना तो शरारत करता है , और ना ही खेलता है। स्कूल के सब बच्चे भी उसके साथ सामान्य व्यवहार करते हैं। शैलेन्द्र ने कुछ दिन पहले ही चैनलों के जरिये अपनी अंतिम इच्छा सामने रखते हुये कहा था कि …“उसका सपना था कि बड़ा होकर एक दिन वो कलेक्टर बने , लेकिन उसका ये सपना पूरा नहीं हुआ , मैं चाहता हूं कि कलेक्टर की कुर्सी पर बैठूं।" शैलेंद्र की ये इच्छा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक पहुंची तो मुख्यमंत्री ने खुद उससे मिलने की इच्छा जतायी। शैलेन्द्र को एक दिन के लिये गरियाबंद जिले का कलेक्टर बनाया गया। सीएम के निर्देश पर उसके गृहग्राम से उसे कलेक्टर की शासकीय गाड़ी में गरियाबंद लाया गया। यहां कलेक्टर का पदभार सम्हालने के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर ने उसे रायपुर भेजने का इंतजाम किया। मुख्यमंत्री से मिलने के लिये सर्किट हाउस जब शैलेंद्र पहुंचा , तो उस वक्त मुख्यमंत्री आईजी-एसपी कांफ्रेंस ले रहे थे। मुख्यमंत्री ने भोजनावकाश के ठीक पहले शैलेंद्र को बुलाया और फिर अपने बगल वाली कुर्सी पर बैठाया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ना सिर्फ उस बच्चे के साथ तस्वीरें खिंचवायी , बल्कि उसके साथ लंच भी किया।
: शासन की योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ आमजनों तक पहुंचे --- सीएम बघेल
Thu, Oct 21, 2021
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टरायपुर - मंत्रालय से लिये गये निर्णय को धरातल पर पहुँचाने का बीड़ा ज़िला प्रशासन की है। इसकी समीक्षा आँकड़ों से नहीं , छत्तीसगढ़ के नागरिकों को इन योजनाओं से पहुँचे प्रत्यक्ष लाभ से किया जायेगा। विरोध प्रदर्शन से मुझे परहेज नहीं है , लेकिन योजनाबद्ध रूप से माहौल बिगाड़ने की साजिश को सफल नहीं होने दिया जाना है। इसके लिये जिले का सूचना तंत्र विकसित करें , हर हाल में सौहार्द्र का वातावरण बना रहना चाहिये। सांप्रदायिक सद्भाव छत्तीसगढ़ी संस्कृति की पहचान है , किसी भी व्यक्ति या संस्था को इसे बिगाड़ने नहीं दिया जायेगा। राजस्व प्रशासन के कार्य सीधे तौर पर किसानों , आम नागरिकों से जुड़े हुये हैं , ज़िला प्रशासन इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दे। शासन और प्रशासन के मध्य परस्पर संवाद आवश्यक है , इसीलिये आज हम सब यहाँ एक परिवार की भाँति उपस्थित हैं।
उक्त बातें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज राजधानी स्थित न्यू सर्किट हाउस के आडिटोरियम में कलेक्टर्स कान्फ्रेंस की अध्यक्षता करते हुये कही। उन्होंने ग्रास रूट पर अधिकतम ध्यान केन्द्रित करने को कहते हुये कांफ्रेंस के दौरान लॉ-एंड आर्डर को लेकर कई जिलों के कामकाज पर नाराजगी जतायी। मुख्यमंत्री की नाराजगी कवर्धा के हालिया प्रकरण को लेकर ज्यादा थी , उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में साफ कहा कि कबीरधाम जिला प्रशासन ने ठीक ढंग से काम नहीं किया। वहीं बीजापुर के सिलगेर प्रकरण , सुकमा के एसपी के पत्र प्रकरण को लेकर भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी नाराजगी जतायी। इससे पहले उन्होंने रेवन्यू डिपार्टमेंट के कामकाज को लेकर भी नराजगी जतायी थी।मुख्यमंत्री ने लॉ एंड आर्डर की समीक्षा में धर्मांतरण का भी जिक्र करते हुये कहा कि रायपुर में धर्मांतरण के एक मामले में थाने में पिटाई हुई , उसमें प्रशासन की तरफ से बहुत लेट रिस्पांस किया गया।
कोरोना संकटकाल में जिलों के कामकाज पर मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों की तारीफ करते हुये कहा कि कोविड महामारी में प्रशासन ने बहुत बेहतर ढंग से कार्य किया है। आज छतीसगढ़ की अभिनव परियोजनाओं के कारण छत्तीसगढ़ मॉडल की चर्चा पूरे देश में हो रही है। मुख्यमंत्री ने शहरीकरण के बढ़ते दबाव और शहरों में उपलब्ध सीमित संसाधनों को दृष्टिगत रखते हुये अर्थव्यवस्था के विकेंद्रीकरण को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार ग्राम स्तर पर विश्व स्तरीय आधारभूत अधोसंरचना , बेहतर स्कूल शिक्षा और आजीविका के नये साधन सृजित करने हेतु संकल्पित है। अब इस दिशा में आगे बढ़ना है , इसलिये कलेक्टर ग्रामीण औद्योगिक पार्क बनाने हेतु कमर कस लें। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मज़दूर न्याय योजना छत्तीसगढ़ शासन की विशिष्ट परियोजना है , यह देश में अपने तरह की पहली योजना है। इस योजना के क्रियान्वयन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था तेज होगी। इस योजना अंतर्गत अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हों , इसके लिये ग्राम वृहद् प्रचार-प्रसार करने की आवश्यकता है। कलेक्टर इसके लिये जिला स्तर से पंचायत वार टीम बना कर मिशन मोड़ पर काम करें। सीएम ने कहा कि गोठान तेज़ी से छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का केंद्र बिंदु बन रहे हैं। प्रथम चरण में छह हज़ार से अधिक गोठानों के निर्माण पर युद्ध स्तर पर काम किया गया। द्वितीय चरण में इनके संचालन , संधारण हेतु प्रभावी कार्ययोजना बना कर हज़ार गोठानों को स्वालंबी बनाये जाने का कार्य किया गया। तृतीय चरण में गोठानों को केंद्र बिंदु रख कर ग्रामीण औद्योगिक पार्क विकसित किया जाना शासन का हत्वकांक्षी लक्ष्य है। इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु हमें टीम भावना से कार्य करते हुये ग्रामवासियों में उद्यमिता की भावना विकसित करने का कार्य करना है। इससे आजीविका के नये साधन सृजन किये जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। उन्होंने आगे कहा कि रोका छेका अभियान एक जन आंदोलन के रूप में स्थापित हुआ है। कलेक्टर यह सुनिश्चित करें रोका छेका अभियान केवल धान कटाई तक सीमित ना रहे , बल्कि उतेरा के चक्र पूर्ण होते तक यह सतत् रूप से चलता रहे। राजीव गांधी किसान न्याय योजना अंतर्गत अन्य फसलों को शामिल किये जाने के शासन के निर्णय के आलोक में इसके प्रचार-प्रसार और किसानों को इस हेतु प्रोत्साहित करने की दिशा में कलेक्टर कृषि विभाग के समन्वय से व्यक्तिगत रुचि लेकर कार्य करें। कलेक्टर क्लस्टर चिन्हांकित कर एक-एक विकासखंड में पाइलट प्रोजेक्ट के रूप में अन्य फसलों को प्रोत्साहित करने प्रभावी कदम उठायें।मुख्यमंत्री बघेल ने आगे कहा कि क़ानून व्यवस्था की ज़िम्मेदारी जिला दंडाधिकारी की है , प्रशासन की सजगता से ही कानून व्यवस्था की स्थिति बेहतर हो सकती है। जिला दंडाधिकारी को टीम लीडर के रूप में कार्य करना है। संचार क्रांति के इस दौर में एक स्थान की घटना का असर प्रदेश और देशव्यापी होता है , इसलिये जिम्मेदारी बहुत अधिक है। सोशल मीडिया पर उचित पर्यवेक्षण के साथ क़ानून व्यवस्था की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करते हुये सोशल मीडिया के माध्यम से फैल रहे अफ़वाह और दुष्प्रचार का कठोरता से खंडन ज़रूरी है। ज़िला दंडाधिकारी साप्ताहिक समीक्षा बैठक के पूर्व पुलिस अधीक्षक , कार्यपालिक दंडाधिकारियों के साथ क़ानून-व्यवस्था की समीक्षा करें। इस बैठक में पिछले सप्ताह की स्थिति की समीक्षा की जाये और आने वाले सप्ताह में क़ानून-व्यवस्था की स्थितियों का पूर्वानुमान लगाते हुये रणनीतिक योजनायें बनायें। शासन प्रशासन की पैठ स्थापित होनी चाहिये। छत्तीसगढ़ शांति का टापू है , कानून व्यवस्था को बनाये रखना हमारी प्राथमिकता है। इस बैठक में कृषिमंत्री रविंद्र चौबे , मुख्य सचिव अमिताभ जैन , पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी , पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणु पिल्ले , मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू सहित प्रमुख सचिव , विभिन्न विभागों के सचिव , कमिश्नर , जिलों के कलेक्टर तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।