: नई सोच और नये दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहा नया भारत - पीएम मोदी
Fri, Sep 23, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टनई दिल्ली - आज का नया भारत , नई सोच , नई अप्रोच के साथ आगे बढ़ रहा है। आज भारत तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्था भी है और निरंतर अपनी इकॉलोजी को भी मजबूत कर रहा है। हमारे वन आवरण में वृद्धि हुई है और झीलों का दायरा भी तेज़ी से बढ़ रहा है। भारत आज दुनियां को नेतृत्व दे रहा है और आगामी पच्चीस साल देश के लिये बहुत महत्वपूर्ण हैं। अपने कमिटमेंट को पूरा करने के हमारे ट्रैक रिकॉर्ड के कारण ही दुनियां आज भारत के साथ जुड़ भी रही है।
उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात में नर्मदा जिले के एकता नगर में राज्यों के पर्यावरण मंत्रियों के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये उद्घाटन करने के बाद पर्यावरण मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुये कही। उन्होंने कहा भारत ने वर्ष 2070 तक नेट जीरो का टारगेट रखा है। अब देश का फोकस ग्रीन ग्रोथ पर है , ग्रीन जाब्स पर है और इन सभी लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये हर राज्य के पर्यावरण मंत्रालय की बहुत बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि मैं इस सम्मेलन में उपस्थित सभी राज्यों से पर्यावरण संरक्षण में सर्वोत्तम प्रथाओं को सीखने और पूरे भारत में सफल समाधान लागू करने का आग्रह करता हूं। सर्कुलर इकोनॉमी सालों से हमारी परंपराओं और संस्कृति का हिस्सा रही है। हमें उन प्रथाओं को वापस लाने और उन्हें अपने दैनिक जीवन में शामिल करने की जरूरत है। इससे सोलिड वास्ट मैनेजमेंट और सिंगल यूज़ प्लास्टिक से मुक्ति के हमारे अभियान को भी ताकत मिलेगी। पीएम ने कहा आजकल हम देखते हैं कि कभी जिन राज्यों में पानी की बहुलता थी और ग्राउंड वॉटर ऊपर रहता था , वहां आज पानी की किल्लत दिखती है। ये चुनौती सिर्फ पानी से जुड़े विभाग की ही नहीं है बल्कि पर्यावरण विभाग को भी इसे उतना ही बड़ी चुनौती समझना होगा। पीएम ने कहा हमने दुनियां को दिखाया है कि रिन्यूएबल एनर्जी के मामले में हमारी गति और हमारा पैमाने को शायद ही कोई छू सकता है। बड़ी चुनौतियों से निपटने के लिये भारत आज दुनियां को नेतृत्व दे रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के बिना देश का विकास , देशवासियों के जीवन स्तर को सुधारने का प्रयास सफल नहीं हो सकता। लेकिन हमने देखा है कि एनवायरमेंट क्लीयरेंस के नाम पर देश में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण को कैसे उलझाया जाता था। प्रधानमंत्री ने कहा राजनीतिक समर्थन प्राप्त शहरी नक्सलियों व विकास विरोधी तत्वों ने गुजरात में नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध के निर्माण को कई वर्षों तक रोके रखा और दावा करते रहे कि यह पर्यावरण को नुकसान पहुंचायेगा। इस देरी के कारण भारी धन राशि का नुकसान हुआ। अब जब बांध बनकर तैयार है , तो आप देख सकते हैं कि उनके दावे कितने खोखले थे। पीएम मोदी ने इस साल भारत में लाये गये जानवरों के बारे में बताते हुये कहा कि हमें उन प्रथाओं को वापस लाने और उन्हें अपने दैनिक जीवन में शामिल करने की आवश्यकता है। बीते सालों में गिर के शेरों , बाघों , हाथियों , एक सींग वाले गैंडों और तेंदुओं की संख्या में वृद्धि हुई है। कुछ दिनों पहले मध्यप्रदेश में चीता की घर वापसी पर भारत द्वारा चीते का गर्मजोशी से स्वागत भारत के विशिष्ट अतिथि आतिथ्य का एक उदाहरण है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि हम ऐसे समय मिल रहे हैं , जब भारत अगले पच्चीस साल के लिये नये लक्ष्य तय कर रहा है। मुझे विश्वास है कि आपके प्रयासों से पर्यावरण की रक्षा में भी मदद मिलेगी और भारत का विकास भी उतनी ही तेज गति से होगा।
: महिला शक्ति सम्मान से सम्मानित हुई विभिन्न प्रतिभा सम्पन्न विशिष्ट महिलायें
Thu, Sep 22, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टनई दिल्ली - मौजूदा दौर में महिलाओं ने अपनी शक्ति को पहचाना है और अपने प्रयासों से उन मुकामों पर पहुंची हैं , जहां कल तक केवल पुरुषों का ही वर्चस्व था। हमें यह स्वीकार करना होगा कि घर और समाज की बेहतरी के लिये आज महिलायें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उस महिला की सराहना करें और उसका सम्मान करें जो अपने जीवन में सफलता हासिल कर रही हैं और अन्य महिलाओं और अपने आस-पास के लोगों के जीवन में सफलता ला रही हैं।
उक्त उद्गार सावित्रीबाई सेवा फाउंडेशन पुणे और राहुल तायल मित्र मंडली हिसार की ओर से गांधी शांति प्रतिष्ठान में आयोजित भारतीय महिला शक्ति सम्मान समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार ममता कालिया ने मुख्य अतिथि के आसंदी से कही। उन्होंने कहा कि महिलाओं को विधायिका , कार्यपालिका और न्यायपालिका में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिये आगे आना चाहिये , क्योंकि आजादी के पचहत्तर साल बीत जाने के बाबजूद अभी भी कुछ क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बहुत कम है। मुख्य अतिथि की आसंदी से उन्होंने सम्मान समारोह को संबोधित करते हुये आगे कहा कि महिलाओं को हरेक क्षेत्र में आर्थिक रूप से स्वावलंबी होना चाहिये। उन्हें याचक की भूमिका से मुक्ति पाने की कोशिश करनी चाहिये और निर्णय लेने की स्थिति में आना चाहिये। उन्होंने कहा कि महिला विमर्श में महिलाओं की कमियों को उजागर करने के बजाए उनके सशक्तिकरण के मुद्दे पर ज्यादा बात होनी चाहिये। उन्होंने इस बात पर भी गहरी चिंता जताई कि आज महिलाओं के प्रति हिंसा बढ़ रही है , जो बहुत घातक है। इसके पहले कार्यक्रम की शुरुआत पुनीत कुमार और आशा नेगी के गीतों से हुई। समारोह में लतिका बत्रा और हेमलता म्हस्के की पुस्तकों का लोकार्पण किया गया। प्रारंभ में डा० सुनीता ने "आज और आने वाले कल की महिलायें" पर व्याख्यान दिया।
अतिथियों का स्वागत करते हुये सावित्रीबाई सेवा फाउंडेशन की सचिव हेमलता म्हस्के ने दिवंगत समाजसेवी राहुल तायल को श्रद्धांजलि देते हुये कहा कि उनके द्वारा महिलाओं के हित में किये गये कार्य हमारे लिये प्रेरणाश्रोत हैं।इस समारोह में सबसे पहले प्रसिद्ध कवयित्री डा० अनामिका का सार्वजनिक अभिनंदन किया गया। अभिनंदन के बाद उन्होंने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुये कहा कि स्त्री सृजनशीलता को आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय की सबसे बड़ी चुनौती मानवीयता गरिमा को ऊंचा उठाना है। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने के लिये सम्मान हेतु नामित साहित्य के लिये आऊट लुक की सहायक संपादक और चर्चित कथाकार आकांक्षा पारे दिल्ली , महिला विमर्शकार और लेखिका सुजाता दिल्ली , डा० मृदुला शुक्ला झारखंड , कवयित्री ज्योति रीता बिहार , डा० ऋतु भनोट पंजाब ,लता प्रासर बिहार और हैदराबाद की शशि मुदगिरी को भारतीय महिला शक्ति सम्मान से सम्मानित किया जायेगा। समाज सेवा के लिये वंदना झा बिहार , वीना कुमारी हरियाणा , कुमुदिनी सदाशिव नष्ट महाराष्ट्र , डोली मंडल बिहार , शिल्पा वैष्णव गुजरात , अन्नपूर्णा तिवारी बिलासपुर छत्तीसगढ़ , राजस्थान की उजमा कमाल , मुम्बई की कुतुब किदवई , महाराष्ट्र की संगीता श्रीकांत बढे और प्रेम यादव हरियाणा को सम्मानित किया जायेगा। पुरातत्व और बुंदेलखंडी संस्कृति के संरक्षण के लिये डा० सफिया खान बुंदेलखंड , आदिवासी कल्याण के लिये झारखंड की बरखा लकड़ा , स्वास्थ्य जागरण के लिये दिल्ली की प्रियंका सिंह , चिकित्सा सेवा के लिये दिल्ली की डा० ममता ठाकुर ,नाटक निर्देशन के लिये दिल्ली की चेतना वशिष्ठ , मंजूषा कला के लिये बिहार की सुमना , लोक गायन के लिये उत्तराखंड की आशा नेगी , शिक्षा के लिये दिल्ली की डा० ममता धवन , पत्रकारिता के लिये दिल्ली की डा० दर्शनी प्रिय और निमिषा सिंह , मनोविज्ञान के लिये बिहार की ऋचा चौधरी ,योग के लिये उत्तरप्रदेश की रीता गुप्ता को महिला शक्ति सम्मान से सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह को पद्मश्री प्राप्त डा० संजय , वरिष्ठ साहित्यकार सविता चड्ढा , संगीत मर्मज्ञ विजयशंकर मिश्र , गांधीवादी चित्रकार डा० सुधीर मंडल , कुमार कृष्णन , रमेश वत्स , राज श्योराण और अजीज सिद्दीकी ने भी संबोधित किये। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनसत्ता के संपादक मुकेश भारद्वाज और अतुल प्रभाकर ने किया। संचालन प्रसून लतांत और निमिषा सिंह ने किया।
: नहीं रहे मशहूर कामेडियन राजू श्रीवास्तव , अंतिम संस्कार कल
Thu, Sep 22, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टनई दिल्ली - कामेडियन दुनियां के सबसे फेमस और इंडिया के बेस्ट कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव (58 वर्षीय) का लगभग डेढ़ माह से जिंदगी और मौत से लम्बी लड़ाई लड़ने के बाद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान दिल्ली (एम्स) में निधन हो गया। उनके मौत की खबर सामने आने के बाद से ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। हर कोई नम आंखों से राजू को श्रद्धांजलि दे रहा है। उनके साथ बिताये क्षणों को याद कर फिल्म अभिनेता , हास्य कलाकार और राजनेताओ ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की हैं। उत्तरप्रदेश विधानसभा ने कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव के निधन पर दो मिनट का मौन रखा। सूत्रों के अनुसार राजू श्रीवास्तव का अंतिम संस्कार कल गुरुवार को निगमबोध घाट नई दिल्ली पर होगा। बताते चलें गत दस अगस्त को जिम में वर्कआउट करने के दौरान राजू श्रीवास्तव को हार्ट अटैक आया था जिसके बाद उन्हें तुरंत दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया था। हॉस्पिटल में एडमिट करवाने के बाद से ही राजू श्रीवास्तव की हालत नाजुक बनी हई थी। उन्हें पहले आईसीयू में एडमिट करवाया गया था, लेकिन तबीयत में कोई सुधार ना होने के बाद उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया गया। एम्स में राजू की एंजियोप्लास्टी की गई थी , जिसमें हार्ट के एक बड़े हिस्से में सौ फीसदी ब्लॉकेज मिला था। वे पहले दिन से ही बेहोश और लगभग कोमा की स्थिति में थे। लगभग डेढ़ माह तक भरपूर प्रयास के बावजूद भी डॉक्टर्स राजू श्रीवास्तव को बचा नहीं पाये और सबको हंसाने वाले कॉमेडियन आज सबको रुलाकर हमेशा के लिये इस दुनियां से विदा हो गया। वे अपने पीछे पत्नी शिखा श्रीवास्तव और दो बच्चे आयुष्मान (बेटा) एवं अंतरा (बेटी) को छोड़ गये हैं। एम्स के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ० सुधीर गुप्ता ने बताया कि राजू श्रीवास्तव का पोस्टमार्टम वर्चुअल ऑटोप्सी नाम की नई तकनीक से किया गया है। इसके लिये किसी विच्छेदन की आवश्यकता नहीं है। पूरी प्रक्रिया में 15 से 20 मिनट का समय लगा , जिसके बाद शव उनके परिवार को सौंप दिया गया।राष्ट्रपति / प्रधानमंत्री ने जताया शोकमहामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राजू श्रीवास्तव के निधन पर दुख जताते हुये कहा - 'प्रख्यात हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव जी का असामयिक निधन बेहद दुखद है। अपनी हास्यपूर्ण प्रस्तुतियों से, दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने की उनमें विलक्षण प्रतिभा थी। उनके प्रभाव से भारत में हास्य के मंचन को नई पहचान मिली। उनके परिवार एवं प्रशंसकों को मेरी शोक संवेदनायें। वहीं राजू श्रीवास्तव के निधन पर पीएम मोदी ने दुख जताया और कहा कि राजू श्रीवास्तव ने हंसी, हास्य और सकारात्मकता के साथ हमारे जीवन को रोशन कर दिया। वे हमें बहुत जल्द छोड़ गये , लेकिन वह सालों तक अपने समृद्ध काम की बदौलत अनगिनत लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे। उनका निधन दुखद है , उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना. ओम शांति। गौरतलब है कि गजोधर भैया के नाम से मशहूर राजू श्रीवास्तव एक सामान्य परिवार से थे। इनका जन्म 25 दिसंबर 1963 को कानपुर के नयापुरवा में हुआ था। हास्य के बेताज बादशाह राजू श्रीवास्तव वर्ष 1980 के दशक के अंत में मनोरंजन की दुनियां में सक्रिय हुये थे , लेकिन उनको अपने टैलेंट के हिसाब से पहचान नहीं मिल पा रही थी। हालांकि इस दौरान उन्होंने बॉलीवुड के सुपरस्टार अनिल कपूर की फिल्म तेजाब से हिंदी सिनेमा जगत में कदम तो जरूर रख लिया था। फिर भी राजू को अभी काफी लंब सफर तय करना था। कई साल गुजरने के बाद राजू को उतना फेम नहीं हासिल हो पा रहा था , जिसके लायक वो बने थे। फिर वर्ष 2005 में राजू श्रीवास्तव की किस्मत ने करवट बदली और मशहूर कॉमेडी शो द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज में राजू श्रीवास्तव ने अपने कॉमेडी के से हुनर सबका दिल जीता और इसी शो से राजू श्रीवास्तव का नाम गजोधर भैय्या के रूप में मशहूर हुआ। उन्होंने मेने प्यार किया , बाजीगर टू गोआ , रीमेक और आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपईया फिल्मों में भी अभिनय किया था। इसके अलावा बिग बॉस सीजन तीन में भी वे एक प्रतिभागी थे। वे वर्तमान में उत्तरप्रदेश फिल्म विकास परिषद के अध्यक्ष भी थे। खास बात है गजोधर भैया के नाम से मशहूर राजू श्रीवास्तव ने रिकार्ड 3500 से भी ज्यादा स्टेज शो किये थे।