: छग विधानसभा का मानसून सत्र 18 जुलाई से
Wed, Jun 14, 2023
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टरायपुर - छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र अगले माह जुलाई में शुरू होगा। इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है , जिसके अनुसार 18 जुलाई से 21 जुलाई चार तक दिन तक मानसून सत्र चलेगा। इसी सत्र में दौरान चार बैठकें होंगी , इसके अलावा इस सत्र में वित्तीय कार्य के साथ अन्य शासकीय कार्य भी संपादित किये जायेंगे। बताते चलें कि यह विधासभा सत्र बहुत ही महत्वपूर्ण होने वाला है , क्योंकि इस साल विधानसभा चुनाव होना है और यह मानसून सत्र पंचम विधानसभा का अंतिम सत्र होगा। इसमें राज्य सरकार ढाई.तीन हजार करोड़ का अनुपूरक बजट भी पेश कर सकती है। यह इस विधानसभा का आखिरी और विदाई सत्र भी होगा। इसमें अच्छा प्रदर्शन करने वाले विधायकों का सम्मान किया जायेगा।कम से कम दस दिन का हो सत्र - नेता प्रतिपक्षइस आशय की जानकारी सामने आने के बाद नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने इस सत्र को बहुत छोटा बताया है। उन्होंने कहा है कि सत्र कम से कम दस दिनों का होना चाहिये। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष और सरकार से हमारी मांग है , विपक्ष को जनता की समस्या रखने का अवसर मिलना चाहिये।
: नाचा के द्वारा हुआ छत्तीसकोस एप का शुभारंभ
Sun, Jun 11, 2023
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टरायपुर - नार्थ अमेरिका छत्तीसगढ़ एसोसिएशन- एनआरआई एसोसिएशन छत्तीसगढ़ (नाचा) के तत्वावधान में छत्तीसकोस एप का शुभारंभ किया गया। सैकड़ों गणमान्य लोगों के साथ ही प्रदेश की बड़ी हस्तियां इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनी। गरिमामय कार्यक्रम में लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड सतीश जैन और सुधीर शर्मा को ग्लोबल छत्तीसगढ़ी साहित्य रत्न अवार्ड 2023 से नवाजा गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ी महतारी की पूजा अर्चना से की गई।मुख्य अतिथि नाचा की फाउंडर श्रीमती दीपाली सरोगी मंच पर उपस्थित थीं। साथ ही नाचा के कोषाध्यक्ष नितिन विश्वकर्मा , सलाहकार अभिजीत जोशी , मिशिगन चेपटर के अध्यक्ष दिलीप तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। नाचा के कार्यकारी अध्यक्ष गणेश कर ने बताया कि इस एप को गूगल प्ले स्टोर और एप्पल के आई स्टोर से डाऊनलोड करके उपयोग में लाया जा सकता है। इस एप को छत्तीसगढ़ी अमेरिकन कंपनी लॉजिक वाइड सर्विस ने डेवलप की है। छत्तीसकोस एप की सफलता के लिये इंडियन कंसल जनरल शिकागो सोमनाथ घोष और छत्तीसगढ़ सरकार में संस्कृति मंत्री अमरनाथ भगत ने वीडियो सन्देश भेजकर शुभकामना संदेश प्रेषित की है।साहित्यकारो का हुआ सम्मान -साहित्य से जुड़ी रचनाओं को भी इस एप में सम्मिलित किया गया है। एप में साहित्यकारो के उत्कृष्ट योगदान के लिये श्रीमती सरला शर्मा , रामनाथ साहू , सुशील भोले ,श्रीमती गीता शर्मा , श्रीमती तुलसी तिवारी , श्रीमती दीपाली ठाकुर , सुधीर शर्मा , परदेसी राम वर्मा , शोभामोहन श्रीवास्तव , मोहन श्रीवास्तव , अरुण कुमार निगम ,श्रीमती सविता पाठक , श्रीमती अमिता रवि दूबे , श्रीमती सुमित्रा कमाडिया ,श्रीमती आशा देशमुख , अनिल भतपहरी , आशीष सिंग , शिव कुमार पांडेय , रुद्रनारायण पाणिग्राही , गीतेश अमरोहित को सम्मानित किया गया। छत्तीसकोस ऐप टीम में बहुमूल्य योगदान के लिये छत्तीसकोस की चेयरपर्सन श्रीमती मीनल मिश्रा और छत्तीसकोस को श्रीमती शशि साहू ,छत्तीसकोश को - चेयरपर्सन तीजेंद्र साहू को सम्मानित किया गया।अनुपस्थिति में सम्मान लेने के लिये श्रीमती मीनल मिश्रा के पिताजी अरुण शर्मा , श्रीमती शशि साहू के पिताजी राम नारायण साहू और तीजेंद्र साहू के पिताजीदीनदयाल साहू विशेष रूप से उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के जनप्रतिनिधियों में श्रीमती माननीय किरणमयी नायक , विकास उपाध्याय और मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति और पद्मश्री शामिल हुये। विशेष अतिथि के रूप में सुशील त्रिवेदी , मीर अली , चितरंजन कर और मैट्स यूनिवर्सिटी कुलपति केपी यादव शामिल हुये।पदम्श्री सुरेंद्र दुबे किसी कारणवश उपस्थित नही हो पाये लेकिन उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के लिये अपनी शुभकामनायें सन्देश प्रेषित की है।दीपाली सरावगी ने "नाचा" गतिविधियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और इसके गठन के बाद से की गई अन्य पहलों को साझा किया। गणेश कर ने छत्तीसगढ़ के पीछे के दृष्टिकोण को साझा किया और साझा भाषा के लिये नवाचार की बहुत आवश्यकता क्यों है ? इस पर भी गहरा प्रकाश डाला। उन्होंने सभी आमंत्रित अतिथियों को छत्तीसकोस ऐप का लाइव प्रदर्शन भी साझा किया। रविशंकर विश्वविद्यालय के छात्र मोहित , संजू और सुश्री पारची ने शब्दों का अनुवाद किया है। वहीं प्रोफेसर श्रीमती शैल शर्मा और एम.एस. गीता त्रिपाठी ने कार्यों का पुनर्जीवन कर स्वीकृति प्रदान की थी।
छत्तीसकोस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये बतौर प्रयोजक अमेरिका कंपनीज लॉजिक वाइड सर्विस जीआरए ग्रुप टेकमेंट , डीट्राइब्स फाउंडेशन , आई डिलीवरी ,बिजनेस वैल्यू , गैलेक्सी सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन आईएनसी , दुबेस एंटरटेनमेंट यूएसए का उल्लेखनीय योगदान रहा है। पूरे कार्यक्रम में नाचा के वाइस प्रेसिडेंट दुबई धर्मेश मानिकपुरी , कनाडा एक्जीक्यूटिव श्रीमती दीक्षा बघेल , नाचा ज्वाइंट सेक्रेटरी निर्मल साहू , डी सी नाचा एक्जीक्यूटिव श्रीमती नेहा रमानी आयोजन को सफल बनाने में अभूतपूर्व योगदान दिये हैं।अपनी वाणी से पूरे कार्यक्रम में लोगो का ध्यानाकर्षण खींचने वाली मंच संचालिका श्रीमती अनुराधा दुबे ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। साथ ही दिलीप नामपालीवार का भी विशेष योगदान रहा है। वैभव प्रकाशन(सुधीर शर्मा)और सरस्वती प्रकाशन (आकाश माहेश्वरी) का भी आभार प्रकट किया गया। छत्तीसगढ़ी से अंग्रेजी , अंग्रेजी से छत्तीसगढ़ी अनुवाद , शब्दकोश , छत्तीसगढ़ी किताबें , कहानियां , उपन्यास , कवितायें , त्योहार ,भाषा ट्यूटोरियल वीडियो , व्याकरण , प्रतियोगिता परीक्षा इन सभी को ई -प्लेटफ़ार्म में पढ़ने के लिये छत्तीसगढ़ का पहला ऐप छत्तीसकोस डाउनलोड कर सकते हैं।
: सीएम बघेल ने की गोधन न्याय योजना हितग्राहियों को राशि अंतरित
Mon, Jun 5, 2023
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टरायपुर - गोधन न्याय योजना के तहत गौठानों में जैविक खाद और जैविक कीटनाशक महिला समूहों द्वारा तैयार किये जा रहे हैं। गौठानों में ये उत्पाद भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। इनके उपयोग से जमीन की उर्वरता बढ़ेगी और खेती की लागत भी कम होगी।
उक्त बातें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज किसानों से आगामी खरीफ सीजन में खेती किसानी में जैविक खाद और जैविक कीटनाशक का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने की अपील करते हुये कही। वे आज अपने राजधानी स्थित निवास कार्यालय में गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को राशि के आनलाइन अंतरण के लिये आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में गोधन योजना के हितग्राहियों के खाते में ऑनलाईन 21.31 करोड़ रूपये की राशि अंतरित की। इस राशि में 16 मई से 31 मई तक गौठानों में क्रय किये गये गोबर के एवज में ग्रामीण पशुपालकों 04.91 करोड़ रूपये तथा गौठान समितियों को 08.98 करोड़ एवं स्व-सहायता समूहों को 06.29 करोड़ रूपये की लाभांश राशि तथा गौठान समितियों ने अध्यक्षों और सदस्यों के मानदेय की 01.13 करोड़ रुपये की राशि शामिल है। गौरतलब है कि गोबर विक्रेताओं , गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को आज वितरित की गई राशि को मिलाकर अब तक हितग्राहियों को 538 करोड़ 89 लाख रूपये का भुगतान किया जा चुका है। इसमें से योजना के प्रारंभ होने के बाद से अब तक गोबर विक्रेताओं को 237.28 करोड़ रूपये तथा स्व- सहायता समूहों एवं गौठान समितियों को 223.60 करोड़ रूपये का भुगतान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में स्वावलंबी गौठान समिति के अध्यक्षों और सदस्यों को मिलाकर समिति के कुल 21 हजार 360 सदस्यों की मानदेय की 01.13 करोड़ रुपये की राशि जारी की। स्वावलंबी गौठान समिति के अध्यक्ष को 750 रुपये और अशासकीय सदस्यों को 500 रुपये का मानदेय दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि प्रदेश में 10 हजार 409 गौठानों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है , इनमें से 98 प्रतिशत यानि 10 हजार 235 गौठानों का निर्माण पूरा हो गया है। जबकि 04 हजार 584 गौठान ऐसे हैं , जिन्होंने पिछले 15 दिनों में 30 क्विंटल या उससे अधिक गोबर की खरीदी की है। इससे पूर्व के पखवाड़े की तुलना में इतनी अधिक मात्रा में गोबर खरीदने वाले गौठानों की संख्या में 22 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसी प्रकार पिछले वर्ष 16 से 31 मई 2022 की तुलना में इस वर्ष इसी अवधि में गोबर खरीदी में 46 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। प्रदेश के 05 हजार 911 गौठान स्वावलंबी हो चुके हैं। इन गौठानों द्वारा अब तक गोबर खरीदी के एवज में कुल 53 करोड़ 80 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। आज गोबर खरीदी के एवज में जारी की गई 04 करोड़ 91 लाख रुपये की राशि में से 03 करोड़ 05 लाख रुपये का भुगतान स्वावलंबी गौठानों द्वारा तथा विभाग द्वारा 01 करोड़ 86 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठानों में चल रही विभिन्न आजीविका मूलक गतिविधियों से 15 हजार 905 स्व सहायता समूहों की 01 लाख 89 हजार 614 सदस्यों को अब तक 144 करोड़ 22 लाख रुपये की आय हुई है। बताते चलें सीएम बघेल ने इस अवसर पर अपने निवास परिसर में आंवला का पौधा लगाया। उन्होंने प्रदेशवासियों को विश्व पर्यावरण दिवस की बधाई देते हुये कहा आज विश्व पर्यावरण दिवस है। हमारी गोधन न्याय योजना का एक उद्देश्य पर्यावरण का संरक्षण और संवर्धन करना भी है। राज्य सरकार द्वारा सुराजी गांव योजना , मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना , वृक्ष संपदा योजना , कृष्ण कुंज योजना , नदी तट वृक्षारोपण , फलदार पौधा रोपण जैसी योजनाओं के माध्यम से अपने पर्यावरण को लगातर बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है। हमारी सरकार पर्यावरण के संरक्षण के लिये हर संभव प्रयास कर रही है।उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील किया कि आने वाले मानसून में ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करें और अपने गांव , गौठान , खेतों और जंगलों को खूब हरा-भरा बनायें। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा , अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू , कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ कमलप्रीत सिंह , नरवा - गरूवा - घुरवा - बाड़ी योजना के नोडल अधिकारी डॉ० अयाज तंबोली , संचालक कृषि श्रीमती रानू साहू भी विशेष रूप से उपस्थित थीं।