: तीन दिवसीय कांग्रेस राष्ट्रीय महाधिवेशन का हुआ समापन
Mon, Feb 27, 2023
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टरायपुर - छत्तीसगढ़ के राजधानी में तीन दिवसीय आयोजित कांग्रेस के 85वें राष्ट्रीय महाधिवेशन के तीसरे और समापन दिवस पर आज सभी नेताओं ने जनसभा को संबोधित किया।मजबूत कांग्रेस , बुलंद भारत - खड़गे
अपने समापन संबोधन में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मेहमाननवाजी के लिये मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जमकर तारीफ की। खड़गे ने कहा कि जिस शानदार तरीके से छत्तीसगढ़ में उन्हें प्यार मिला और डेलिगेट्स का ख्याल रखा , उसके लिये उन्हें बधाई देते हैं। अपने छोटे से समापन संबोधन में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कार्यकर्ताओं को मजबूत कांग्रेस, बुलंद भारत..का नारा दिया। खड़गे ने कहा कि बीजेपी के खिलाफ विचारधारा की लड़ाई तीव्र करनी होगी होगी। एकजुट होकर कांग्रेस लड़ने को तैयार हैं , भारत जोड़ों यात्रा से यही हमें संदेश मिला है। उन्होंने कहा कि निजीकरण , महंगाई , बेरोजगारी का मुकाबला करना होगा। उन्होंने कहा कि मिक्स इकोनामिक पर चलना होगा। पूंजीवादी शक्तियों से देश को बचाना है। वहीं किसानों की आर्थिक उत्थान पर जोर देते हुये उन्होंने कहा कि कृषि में और आर्थिक निवेश करना होगा। कांग्रेस अधिवेशन में किसानों के लिए प्रस्ताव जो यहां रखा गया था , उसका समर्थन करते हैं। कांग्रेस अधिवेशन में जातिगत जनगणना को जरुरी बताया। खड़गे ने कहा कि आर्थिक सामनता के लिये जनगणना जरूरी है। खड़गे ने अपने संबोधन में कांग्रेस का अर्थ कार्यकर्ताओं को समझाते हुये कहा कांग्रेस का मतलब है कि त्याग और बलिदान , कांग्रेस का मतलब का सेवा और समर्पण। कांग्रेस का मतलब है कि निर्भयता और निडरता और कांग्रेस का मतलब है हिंदुस्तान।मित्र का साथ और मित्र का विकास - प्रियंका गांधीइसी कड़ी में प्रियंका गांधी ने भी लोगों को संबोधित करते हुये केंद्र पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश का किसान एक दिन में 27 रुपये कमा रहा है , लेकिन प्रधानमंत्री का मित्र प्रतिदिन 1600 करोड़ कमा रहा है। उन्होंने कहा कि पहली बार छत्तीसगढ़ आई हूं। यहां के सीएम बघेल ने कई बार निमंत्रण दिया था , लेकिन आ नहीं पाई थी लेकिन आज आकर बहुत खुशी हो रही है। हमारे कांग्रेस का इतना बड़ा अधिवेशन आपके प्रदेश में चल रहा है। आपके प्रदेश की सुंदरता के बारे में सुना था , छत्तीसगढ़ प्रदेश से मेरे परिवार का बहुत लगाव है। प्रियंका ने कहा कि इस प्रदेश में सामूहिकता की पुरानी परंपरा है। इस देश का संविधान भी सामूहिकता की भावना से ही बना हुआ है। ये संविधान एक सामूहिक परंपरा पर आधारित है और कांग्रेस पार्टी इस संविधान को बचाने का काम कर रही है। संविधान सभी को समान मौका देता है , इज्जत से जीने का , अपने धर्म को निभाने का मौका देता है. संविधान को मजबूत रखने के लिये मीडिया , न्यायपालिका और संसद है। अगर ये तीनों कमजोर होते हैं, तो आपको आपका अधिकार हक नहीं मिलता है। प्रियंका गांधी ने कहा कि आज इस देश की परिस्थितियों को समझने की जरूरत है। इस देश की सरकार ने मीडिया को दबाकर रखा है , न्यायपालिका पर सरकार दबाव बनाती हैऔर संसद पर मुद्दों को दबाने की कोशिश होती है। उन्होंने कहा कि आपने अखबारों में पढ़ा होगा छत्तीसगढ़ में लगातार ईडी , आईटी के छापे नेताओ और कार्यकर्ताओं पर पड़ रहे है। हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री पूरे देश में नाम बना रहे हैं। देश भर में छत्तीसगढ़ का नाम हो रहा है , इसीलिये केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ को दबाना चाहती है। छत्तीसगढ़ की सरकार किसी के दमन से नहीं रुकेगी , ये आपका विकास करने के लिये सत्ता में आई है। प्रियंका गांधी ने कहा कि देश में छत्तीसगढ़ का नाम हो रहा है , इसीलिए केंद्र सरकार एजेंसियों को भेजकर प्रदेश को दबाने की कोशिश कर रही है। हम सभी को समझना पड़ेगा हमारी देश में क्या स्थिति चल रही है। अगर प्रदेश की नीतियां आपको बचाती नहीं , तो केंद्र की नीतियां आपको खत्म कर डालती।प्रियंका गांधी ने कहा कि गौतम अडानी को बैंकों से 80 हजार करोड़ रुपये का लोन दे रही है , लेकिन किसानों को लोन देने के नाम पर केंद्र सरकार हाथ उठा लेती है। इस देश मे सरकार गरीब आदमी की सुनवाई नहीं कर रही है। केंद्र में प्रधानमंत्री से लेकर भाजपा का एक एक कार्यकर्ता अडानी को बचाने का और उसके पक्ष में बात करता है। प्रियंका गांधी ने तंज कसते हुये कहा कि सबका साथ और सबका विकास का नारा अब मित्र का साथ और मित्र का विकास पर बदल गया है। आने वाले समय में प्रदेश ने चुनाव है , चुनाव से पहले कई बातें सामने आयेंगी। धर्म की बात , संप्रदाय की बात , लेकिन आप अपनी बात करिये। इस प्रदेश की सरकार आपके लिये काम कर रही है। छत्तीसगढ़, राजस्थान और हिमाचल में कांग्रेस की सरकार है. इन प्रदेशों में कांग्रेस और भाजपा के सरकारों का अंतर दिखता है।ये तपस्वियों की पार्टी है - राहुल गांधीकांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने संबोधित करते हुये कहा कि कन्याकुमारी से श्रीनगर तक हमने भारत जोड़ो यात्रा की। हम हर मौसम में एक साथ चले , बहुत कुछ सीखने को मिला। राहुल गांधी ने कहा मैंने सदन में एक उद्योगपति पर हमला बोला कि कैसे अडानी छह नंबर से एक नंबर पर पहुंच गये , सारे मंत्री अडानी की रक्षा करने लग गये। कहते हैं कि जो अडानी पर कुछ बोलता है वो देशद्रोही हो जाता है। जब तक अडानी की सच्चाई नहीं निकलेगी हम रुकेंगे नहीं।आजादी की लड़ाई ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ हुई थी , वो भी एक कंपनी थी , उसने भी भारत का सारा धन हड़प लिया था और अब वापिस इतिहास दोहरा रहा है। ये तपस्वियों की पार्टी है और चार महीने में पार्टी में, देश में एक नई जान आ गई। ये तपस्या रुकनी नहीं चाहिए, इस तपस्या में सभी को शामिल होने है। उन्होंने अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से आग्रह किया कि जल्द ही तपस्या का प्लान बनाईये , इस प्रोग्राम को हम चलायेंगे , अपना खून पसीना देंगे।धान का एमएसपी 2800 रूपये - भूपेश बघेलमुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जनसभा को संबोधित करते हुये कहा कि तीन दिन हमारा राष्ट्रीय अधिवेशन रहा , इसमें छह महत्वपूर्ण फैसले हुये हैं। सीएम बघेल ने एक बड़ी घोषणा करते हुये कहा है कि चुनाव से पहले किसानों को धान का एमएसपी 2800 रुपये मिलेगा। इस घोषणा के साथ ही लोगों ने कका जिंदा हे का नारा लगाया। इस आमसभा में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे , प्रियंका गांधी , केसी वेणुगोपाल , शैलजा कुमारी , मुख्यमंत्री भूपेश बघेल , अशोक गहलोत , प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम और मंत्रीमंडल के सदस्यगण मंच पर मौजूद थे।
: छग के नये राज्यपाल हरिचंदन ने ली शपथ
Thu, Feb 23, 2023
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टरायपुर - राजभवन के दरबार हॉल में आयोजित गरिमामय समारोह में आज विश्व भूषण हरिचंदन ने छत्तीसगढ़ के नये राज्यपाल के रूप में अपने पद की शपथ ली। उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायधिपति न्यायमूर्ति अरूप कुमार गोस्वामी ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल , पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि के अलावा प्रथम महिला श्रीमती सुप्रभा हरिचंदन भी उपस्थित रहीं। राज्यपाल बिश्वभूषण हरिचंदन के छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण उपरांत प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पुष्पगुच्छ भेंटकर अभिवादन किया और शुभकामनायें दी।
संक्षिप्त परिचयछग के नये राज्यपाल बिश्वभूषण हरिचंदन का जन्म 03 अगस्त 1934 को ओड़िशा के खोरधा जिले के बानपुर में हुआ था। इन्होंने वर्ष 1971 में जनसंघ के साथ अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था और जेपी मूवमेंट के दौरान ये जेल भी गये। इसके बाद ये वर्ष 1977 में जनता पार्टी गठित होने तक वे जनसंघ के आंध्र महासचिव रहे। हरिचंदन जनसंघ के राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य भी रहे। वर्ष 1980 से 1988 तक वे बीजेपी की प्रदेशाध्यक्ष भी रहे। इन्होंने वर्ष 2004 में आंध्रप्रदेश की बीजेपी और बीजेडी सरकार में कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी का भी निर्वहन किया। हरिचंदन ओड़िशा के भुवनेश्वर और चिल्का विधानसभा से पांच बार विधायक रह चुके हैं। सबसे पहले वर्ष 1977 में वे विधायक बने , इसके बाद वर्ष 1990 , 1996 , 2000 और 2004 में विधायक चुने गये। वे चार बार मंत्री रहे , इस दौरान राजस्व , कानून , ग्रामीण विकास , उद्योग , खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, श्रम व रोजगार, आवास, संस्कृति , मत्स्यपालन व पशुपालन विभागों की जिम्मेदारी सम्हाली। ये जनसंघ के समय के दमदार नेता के साथ-साथ कानून के जानकार और साहित्यकार भी हैं। इससे पहले उन्होंने वर्ष 2019 से 2023 तक आंध्रप्रदेश के 23वें राज्यपाल के रूप में जिम्मेदारी निभाई।छग के राज्यपालों की सूचीदिनेश नंदन सहाय – 01 नवम्बर 2000 – 01 जून 2003 तक। कृष्ण मोहन सेठ – 02 जून 2003 – 25 जनवरी 2007 तक। ईएल नरसिम्हा – 25 जनवरी 2007 से 23 जनवरी 2010 तक। शेखर दत्त 23 जनवरी 2010 से 14 जुलाई 2014 तक।
बलरामजी दास टण्डन – 18 जुलाई 2014 से 14 अगस्त 2018 तक।आनंदीबेन पटेल (अतिरिक्त प्रभार) – 15 अगस्त 2018 से 16 जुलाई 2019 तक और अनुसुइया उइके – 17 जुलाई 2019 से 21 फरवरी 2023 तक।
: महापुरुष किसी जाति या धर्म विशेष के नहीं होते - आईपीएस रतन लाल डांगी
Sun, Feb 5, 2023
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टरायपुर - राज्य पुलिस अकादमी चंदखुरी के निदेशक आईपीएस रतन लाल डांगी ने आज तथागत बुद्ध की समस्त मानव कल्याण की परंपरा को जारी रखने वाले एवं उनके संदेश को पुनर्स्थापित करने वाले महान समाज सुधारक संत रविदासजी की जयंती पर उन्हें सादर नमन किया है। उन्होंने आगे कहा कि कार्ल मार्क्स से कई वर्षों पूर्व एक शोषण मुक्त , समानता पर आधारित , जातिविहीन , श्रम को महत्व देने वाले आदर्श राज्य की परिकल्पना संत रविदासजी ने किया , जिसे उन्होंने बेगमपुरा नाम दिया था। उन्ही के शब्दों में - मैं चाहता हूँ कि एक ऐसा आदर्श राज्य बेगम पुरा स्थापित किया जाये जहां किसी को कोई भी गम ना हो , सब लोग सभी प्रकार से प्रसन्न हों। ऐसे आदर्श राज्य में कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत सम्पत्ति का मालिक ना हो , ना ही वहां किसी से किसी प्रकार का कोई कर लिया जाता हो। ना वहां अमीर हो , ना ही गरीब बल्कि सब समान हों , ना ही कोई ऊंचा हो , ना कोई नीचा। ना कोई दुःख , तकलीफ हो और ना ही जाति का रोग। ना ही कोई वहां किसी भी प्रकार का अन्याय हो , ना आतंक हो। ना किसी को कोई चिंता हो , ना ही किसी प्रकार की यातना की सोच। मेरे साथियों - मैंने ऐसे आदर्श राज्य को समझ लिया है और उसे पा लिया है , जहाँ पर सब कुछ न्यायोचित है आओ हम सब मिलकर ऐसे राज्य की स्थापना करें। हमारे बेगमपुरा में कोई दूसरे या तीसरे दर्जे का नागरिक नहीं है , बल्कि सब एक समान हैं। यह देश सदा हरा भरा आबाद और समृद्ध रहता है। यहाँ लोग अपनी इच्छा से जो चाहें व्यवसाय कर सकते हैं। जाति , धर्म , रंग , लिंग , भाषा , वेशभूषा आदि का यहां किसी पर कोई कोई प्रतिबन्ध नहीं। यहाँ कोई राजा या शासक नहीं होगा , जो मानवीय विकास के कार्यों में निरंकुश आचरण करे या आम नागरिकों को अपने अधीन समझे।" अंत में महानायक रविदास घोषणा करते हैं कि जो लोग हमारे इस बेगम पुरा आदर्श राज्य की परिकल्पना का समर्थन करते हैं वास्तव में वही हमारे अपने सगे हैं, अपने मित्र हैं। बताते चलें कि संत रविदास जी का जन्म माघ मास की पूर्णिमा तिथि संवत 1388 को हुआ था। इनके पिता का नाम राहू और माता का नाम करमा था। इनकी पत्नी का नाम लोना बताया जाता हैं इन्हें संत रविदास, गुरु रविदास, रैदास, रूहिदास और रोहिदास जैसे कई नामों से जाना जाता हैं। वे भक्तिकालीन संत और महान समाज सुधारक थे। संत रविदासजी ने भगवान की भक्ति में समर्पित होने के साथ अपने सामाजिक और पारिवारिक कर्त्तव्यों का भी बखूबी निर्वहन किया। इन्होंने लोगों को बिना भेदभाव के आपस में प्रेम करने की शिक्षा दी और इसी तरह से वे भक्ति के मार्ग पर चलकर संत रविदास कहलाये। उनके उपदेशों और शिक्षाओं से आज भी समाज को मार्गदर्शन मिलता है। उनके अनुसार किसी व्यक्ति का पूजन सिर्फ इसीलिये नहीं करना चाहिये क्योंकि वह किसी ऊंचे पद पर है। इसकी जगह अगर कोई ऐसा व्यक्ति है , जो किसी ऊंचे पद पर तो नहीं है लेकिन बहुत गुणवान है तो उसका पूजन अवश्य करना चाहिये। रविदासजी कहते हैं कि निर्मल मन में ही भगवान वास करते हैं। अगर आपके मन में किसी के प्रति बैर भाव नहीं है , कोई लालच या द्वेष नहीं है तो आपका मन ही भगवान का मंदिर, दीपक और धूप है। उसी प्रकार कोई भी व्यक्ति किसी जाति में जन्म के कारण नीचा या छोटा नहीं होता है बल्कि किसी व्यक्ति को निम्न उसके कर्म बनाते हैं। इसलिये हमें सदैव अपने कर्मों पर ध्यान देना चाहिये। कर्म की प्रधानता-हमें हमेशा कर्म में लगे रहना चाहिये और कभी भी कर्म के बदले मिलने वाले फल की आशा नही छोड़नी चाहिये क्योंकि कर्म करना हमारा धर्म है तो फल पाना हमारा सौभाग्य है। रविदासजी के अनुसार राम , कृष्ण ,हरि , करीम , राघव सब एक ही परमेश्वर के अलग अलग नाम है ठीक वैसे ही वेद , कुरान , पुराण आदि सभी ग्रंथो में एक ही ईश्वर का गुणगान किया गया है। इस प्रकार सभी ईश्वर भक्ति के लिये सदाचार का पाठ सिखाते हैं। समस्त मानव जाति का कल्याण ऐसे महा पुरूषों के दिखाये रास्तों का अनुसरण से ही संभव होगा। महापुरूष किसी जाति या धर्म विशेष के नहीं होते बल्कि समस्त मानव जाति के होते हैं।