: देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति बनीं द्रौपदी मुर्मू
Thu, Jul 21, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टनई दिल्ली - गत 18 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव के लिये हुये मतदान की गणना संसद के कमरा नंबर 63 में आज कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना प्रारंभ हुआ। शुरू से ही बढ़त बना रही एनडीए उम्मीद्वार द्रौपदी मुर्मू तीसरे राउंड की गिनती में ही पचास फीसदी से अधिक वोट हासिल कर ली। इसके साथ ही उनका देश की पंद्रहवीं राष्ट्रपति बनना तय हो गया। राष्ट्रपति चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद द्रौपदी मुर्मू ने देश के सभी सांसदों और विधायकों का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि दुनियां के सबसे बड़े लोकतंत्र के 15वें राष्ट्रपति चुनने के लिये देश के सभी क्षेत्रों के सांसदों , विधायकों , मंत्रियों और राजनीतिक साथियों के समर्थन से मैं प्रफुल्लित महसूस कर रही हूं। एनडीए से राष्ट्रपति पद की उम्मीद्वार द्रौपदी मुर्मू ने तीसरे दौर की मतगणना के बाद कुल वैध मतों के पचास प्रतिशत का आंकड़ा पार कर लिया। राज्यसभा के महासचिव पीसी मोदी ने राष्ट्रपति चुनाव की मतगणना के नतीजों का ऐलान करते हुये बताया कि द्रौपदी मुर्मू को 577777 मूल्य के मत प्राप्त हुये हैं। वहीं विपक्षी उम्मीद्वार यशवंत सिन्हा को 261062 मूल्य के मत प्राप्त हुये हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति चुनाव में कुल 3219 वैध मत थे जिनका मूल्य 838839 है। इसमें से द्रौपदी मुर्मू को 577777 मूल्य के कुल 2161 मत प्राप्त हुये। वहीं सिन्हा को 261062 मूल्य के कुल 1058 मत प्राप्त हुये है। महासचिव ने बताया कि तीसरे चरण की मतगणना में कर्नाटक , केरला , महाराष्ट्र , मणिपुर , मेघालय , मिजोरम , नागालैंड , ओड़िशा और पंजाब राज्य के कुल 1333 वैध मत थे जिनका मूल्य 165664 है। इसमें से द्रौपदी मुर्मू को 812 मत प्राप्त हुये और यशवंत सिन्हा को 521 मत मिले। दूसरे चरण की मतगणना में पहले 10 राज्यों के मतपत्रों की वर्णानुक्रम में गणना की गई। जिसमें कुल 1138 वैध मत थे और उनका कुल मूल्य 149575 है। इसमें से द्रौपदी मुर्मू को 809 वोट मिले जिनकी कीमत 105299 और यशवंत सिन्हा को 329 वोट मिले जिनकी कीमत 44276 है।उल्लेखनीय है कि पहले चरण की मतगणना में राजग उम्मीद्वार द्रौपदी मुर्मू को 378000 के महत्व के मत मिले हैं। वहीं यशवंत सिन्हा को 145600 के महत्व के मत प्राप्त हुये हैं। वहींं पहले चरण में द्रौपदी मुर्मू ने 378000 के महत्व के साथ 540 वोट हासिल किये हैं और यशवंत सिन्हा ने 145600 के महत्व के साथ 208 वोट हासिल किये है। परिणाम की घोषणा होने के बाद पूरे देश भर में जश्न का माहौल हैं। वही नये राष्ट्रपति चुनी गई द्रौपदी मुर्मू का पूरा गांव ख़ुशी से झूम उठा हैं। चारो ओर बाजे-गाजे के साथ धूम मची हुई हैं। मुर्मू के घर के बाहर एसपीजी के जवानों को तैनात कर दिया गया हैं।देश के वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो जायेगा और 25 जुलाई को नये राष्ट्रपति शपथ लेंगी। उनकी इस जीत पर महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद , केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह , रक्षामंत्री राजनाथ सिंह , भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित सभी शीर्ष नेताओं ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें दी है। द्रौपदी मुर्मू के गांव ओड़िशा के रायरंगपुर में भी उनकी जीत का जश्न मनाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के घर पहुंचकर उन्हें बधाई दी। द्रौपदी मुर्मू के घर के बाहर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उनका स्वागत किया। वहीं विपक्षी दलों के राष्ट्रपति पद के उम्मीद्वार यशवंत सिन्हा ने नई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जीत की बधाई दी है। सिन्हा ने कहा कि मैं राष्ट्रपति चुनाव 2022 में उनकी जीत पर द्रौपदी मुर्मू को दिल से बधाई देता हूं। मुझे उम्मीद है कि वास्तव में हर भारतीय की उम्मीद है कि 15वें राष्ट्रपति के रूप में वे बिना किसी डर या पक्षपात के संविधान के संरक्षक के रूप में काम करें। मैं देशवासियों के साथ उन्हें शुभकामनायें देता हूं।मुर्मू की जीत लोकतंत्र के लिये शुभ संकेत - पीएम मोदीपीएम मोदी ने मुर्मू को बधाई देते हुये ट्वीट किया कि श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का जीवन उनके शुरुआती संघर्ष , उनकी समृद्ध सेवा और उनकी अनुकरणीय सफलता प्रत्येक भारतीय को प्रेरित करती है। वे हमारे नागरिकों , विशेष रूप से गरीबों के लिये आशा की किरण बनकर उभरी हैं। श्रीमती द्रौपदी मुर्मू एक उत्कृष्ट विधायक और मंत्री रही हैं। झारखंड के राज्यपाल के रूप में उनका कार्यकाल शानदार रहा। मुझे विश्वास है कि वह एक उत्कृष्ट राष्ट्रपति होंगी जो आगे बढ़कर नेतृत्व करेंगी और भारत की विकास यात्रा को मजबूत करेंगी। मैं उन सभी सांसदों और विधायकों को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने पार्टी लाइन से इतर द्रौपदी मुर्मू जी की उम्मीद्वारी का समर्थन किया है। उनकी रिकॉर्ड जीत हमारे लोकतंत्र के लिये शुभ संकेत है।
: गीताप्रेस के वर्ष शताब्दी समारोह में शामिल होंगे पीएम मोदी
Thu, Jul 21, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टनई दिल्ली - धार्मिक पुस्तकों के प्रकाशन के लिये दुनियां भर में मशहूर गीताप्रेस अपनी स्थापना के सौवें वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है। गीताप्रेस अपनी स्थापना के सौवें वर्ष को शताब्दी वर्ष के रूप में मनायेगा।
गीताप्रेस का शताब्दी वर्ष समारोह चार दिसंबर को ऋषिकेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में धूमधाम से मनाया जायेगा। संसद भवन नई दिल्ली में प्रधानमंत्री से गीताप्रेस के विशिष्ट प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर गीता जयंती महोत्सव कार्यक्रम के लिये निमंत्रण दिया , जिसे प्रधानमंत्री ने सहर्ष स्वीकार कर लिया है। पन्द्रह मिनट की इस मुलाकात में प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री को शताब्दी वर्ष के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुये बताया कि 14 मई को गीताप्रेस शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर चुका है और 03 मई 2023 को सौ वर्ष पूरे हो जायेंगे। इसी क्रम में चार दिसंबर को स्वर्गाश्रम ऋषिकेश में गीता जयंती के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। बताते चलें कि शताब्दी वर्ष समारोह के अन्तर्गत गीताप्रेस का यह दूसरा सबसे बड़ा आयोजन होगा। इससे पूर्व 04 जून को गोरखपुर के गीताप्रेस में शताब्दी वर्ष समारोह का शुभारंभ महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया था। गीताप्रेस के ट्रस्टियों ने मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को तीन सौ रंगीन चित्रों के साथ पहली बार आर्ट पेपर पर प्रकाशित श्रीरामचरितमानस और गुजराती संस्करण में प्रकाशित सचित्र गीता भेंट की। गीताप्रेस प्रतिनिधिमंडल में देवी दयाल अग्रवाल , ईश्वर प्रसाद पटवारी , नारायण प्रसाद अजीत सरिया , मुरली मनोहर सराफ , कृष्ण कुमार खेमका , परीक्षित अग्रवाल शामिल थे।
: राजग उम्मीद्वार जगदीप धनखड़ ने उपराष्ट्रपति के लिये किया नामांकन दाखिल
Mon, Jul 18, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टनई दिल्ली - देश के नये उपराष्ट्रपति के निर्वाचन हेतु आगामी छह अगस्त को होने वाले चुनाव के मद्देनजर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीद्वार जगदीप धनखड़ ने पार्लियामेंट की लाइब्रेरी बिल्डिंग में सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , रक्षामंत्री राजनाथ सिंह , केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह , नितिन गडकरी , अनुप्रिया पटेल , भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं सहित अन्य घटक दलों के नेताओं की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया। नामांकन के दौरान पीएम मोदी ब्लू कलर का जवाहर कोट और व्हाइट कलर के कुर्ता-पजामा में नज़र आये। वहीं जगदीप धनखड़ भी इसी रंग के ड्रेस में दिखाई दिये। पीएम मोदी ने ख़ुद धनखड़ का नामांकन पत्र रिसीव किया और धनखड़ को बधाई दी। तभी खुद को किसान पुत्र बताने वाले धनखड़ पीएम मोदी का हाथ अपने माथे से लगाते नज़र आये। धनखड़ का नामांकन पत्र भी प्रधानमंत्री के हाथों में दिखा जिस पर कांग्रेस ने चुटकी लेते हुआ कहा कैंडिडेट कौन ? नामांकन दाखिल करने के बाद धनखड़ ने मीडिया से चर्चा करते हुये कहा मैं देश के लोकतांत्रिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का हमेशा प्रयास करूंगा। उन्होंने आगे कहा मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मेरे जैसे सामान्य पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को यह अवसर मिलेगा। एक किसान परिवार से आने वाले मुझ जैसे सामान्य व्यक्ति को ऐतिहासिक मौका देने के लिये मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। वहीं धनखड़ द्वारा नामांकन दाखिल करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक ट्वीट कर उम्मीद जताई कि वह एक शानदार और प्रेरक उपराष्ट्रपति साबित होंगे। मोदी ने कहा नामांकन दाखिल करने के दौरान मंत्री, सांसद और विभिन्न दलों के नेता जगदीप धनखड़ के साथ थे। मुझे पूरा भरोसा है कि वह एक शानदार और प्रेरक उपराष्ट्रपति होंगे।छह अगस्त को होगा मतदानगौरतलब है कि छह अगस्त को उपराष्ट्रपति पद के लिये चुनाव होना है। इसके लिये नामांकन की आखिरी तिथि 19 जुलाई है। धनखड़ राजस्थान के जाट समुदाय से आते हैं। माना जा रहा है कि जाट नेता जगदीप धनखड़ को इस पद के लिये नामित कर बीजेपी कई मोर्चों पर अपनी राजनीति को एक नया मोड़ देने की कोशिश की है। राजस्थान के अलावा जाट समुदाय की संख्या पश्चिम उत्तरप्रदेश , हरियाणा , पंजाब , दिल्ली में काफी अधिक है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में धनकड़ की पकड़ काफी मजबूत मानी जाती है।उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के पदेन सभापति के रूप में धनखड़ का निर्वाचन लगभग तय माना जा रहा है क्योंकि लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचक मंडल में भाजपा बहुमत में है। संसद सदस्यों की मौजूदा संख्या 780 में अकेले भाजपा के 394 सदस्य हैं और यह संख्या 390 के बहुमत के आंकड़े से ज्यादा है।