: यूपीएससी परीक्षा में श्रुति शर्मा ने किया टाप
Fri, Jun 3, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टनई दिल्ली - संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित सिविल सेवा परीक्षा 2021 के अंतिम नतीजों की घोषणा आज हो गई है। इस परीक्षा में इस बार फिर से लड़कियों ने ही बाजी मारी है। इस परीक्षा में टाप करने वाली इतिहास की छात्रा श्रुति शर्मा उत्तर प्रदेश के बिजनौर की रहने वाली हैं। उन्होंने सेंट स्टीफंस कॉलेज से स्नातक और जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन की हैं। उन्होंने दो वर्षों से जामिया मिलिया इस्लामिया में आवासीय कोचिंग एकेडमी में रहकर यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की थी। उन्होंने देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में टाप कर प्रदेश का नाम गर्व से ऊंचा कर दिया है। देश की सर्वोच्च परीक्षा में टॉप करने पर श्रुति शर्मा और उनके परिवार के लोग बेहद खुश हैं , वहीं उनके कैंपस में भी खुशी का माहौल है।मन से करें परीक्षा की तैयारी - श्रुति शर्मासिविल सेवा में टॉप करने के बाद श्रुति बहुत खुश है। अपनी इस सफलता पर श्रुति का कहना है कि उन्हें अभी तक विश्वास नहीं हो रहा है। उन्होंने बताया कि उनका इंटरव्यू इतना अच्छा नहीं गया था , जब वो सिविल सेवा का इंटरव्यू देकर लौटी को खूब रोई थी। लेकिन फाइनल रिजल्ट देख उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। परीक्षा की तैयारी के बारे में उन्होंने बताया कि वे एकाग्रचित्त होकर विषय पर ध्यान लगाती थी। उनका कहना है कि सिविल सेवा में सबसे बड़ी चुनौती मैटेरियल को सीमित करने की होती है। उन्होंने परीक्षा में पास होने के लिये केवल अपने द्वारा बनाये गये नोट्स पर फोकस किया। वे रोजाना अपने विषय में अखबार की खबर को जोड़ा करती थी , ऐसा करने से उन्हें निबंध लिखने में काफी मदद मिली। वहीं पढ़ने के उचित समय को लेकर श्रुति ने कहा कि कुछ लोग रात को अच्छा पढ़ते हैं , लेकिन मैं सुबह के वक्त ज्यादा अच्छे से पढ़ पाती हूं।श्रुति ने बाताया कि उनके घर पर शुरुआत से ही पढ़ाई को लेकर काफी सख्त माहौल रहा है। उनकी माता शुरू से ही बच्चों की पढ़ाई को लेकर काफी स्ट्रिक्ट रही हैं। वे अक्सर हमें पढ़ाई करने के लिये प्रेरित करती रहती थी। घर पर पढ़ाई-लिखाई का माहौल होने के कारण ही उन्हें परीक्षा को उत्तीर्ण करने में काफी मदद मिली। उन्होंने बताया कि अक्सर लोग सिविल सेवा और अन्य दूसरे एग्जाम की तैयारी के दौरान खुद को पूरी तरह से सभी चीजों से अलग कर लेते हैं , लेकिन मेरे साथ कुछ उल्टा हुआ। मेरे लिये जरूरी था कि पढ़ने के बाद मुझे ब्रेक चाहिये होते हैं। पढ़ाई से ब्रेक के दौरान मैं वॉक करना , पिक्चर देखना बहुत पंसद करती हूं। उन्होंने बताया कि उनकी साहित्य में काफी रूचि है , वह जब भी मौका मिलता है अच्छे उपन्यास पढ़ती रहती है। उन्होंने बताया कि सिविल सेवा में सर्वोच्च स्थान हासिल करने वाली ये उनका दूसरा अटेम्प्ट था। अपने पहले प्रयास में वह केवल एक नंबर से रह गई थी , लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने एक बार फिर से यूपीएससी परीक्षा में बैठने की ठानी। और इस बार श्रुति ने वो कर दिखाया जिसकी उम्मीद अक्सर कम ही परीक्षार्थी करते हैं।श्रुति ने जामिया के टीचरों कि तारीफ करते हुये कहा कि जामिया में आरसीए का एक बड़ा योगदान रहा है , एक अच्छा माहौल और एक अच्छे टीचर दिये गये। उन्होंने यूपीएससी की तैयारी कर रहे अन्य छात्रों को संदेश देते हुये कहा कि यदि आपका मन है तभी आप इस परीक्षा की तैयारी करें , किसी तरह के दबाब में आकर आप पढ़ाई ना करें। जब तक आप खुद तैयार नहीं है तो कुछ नहीं कर सकेंगे।टाप टेन में शामिल छात्र छात्रायेंयूपी की रहने वाली इतिहास की छात्रा श्रुति शर्मा इस प्रतिष्ठित परीक्षा में पहले स्थान पर रहीं तो वहीं अंकिता अग्रवाल और गामिनी सिंगला क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं और चौथा स्थान ऐश्वर्या वर्मा को मिला। इसके अलावा पांचवीं रैंक उत्कर्ष द्विवेदी को मिली. छठे स्थान पर यक्ष चौधरी रहे. सातवें स्थान पर सम्यक एस जैनी, जबकि आठवीं रैंक इशिता राठी को मिली है, 9वीं रैंक प्रीतम कुमार और 10वीं रैंक हरकीरत सिंह रंधावा ने हासिल की है।पीएम मोदी ने दी बधाईयूपीएससी परीक्षा का रिजल्ट जारी होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन सभी को बधाई जिन्होंने सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा, 2021 को पास किया है। इन युवाओं को मेरी शुभकामनायें जो भारत की विकास यात्रा के एक महत्वपूर्ण समय में तब अपने प्रशासनिक करियर की शुरूआत कर रहे हैं , जब हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। जो युवा यह परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर सके उनके लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं उन लोगों की निराशा को पूरी तरह से समझता हूं जो सिविल सेवा परीक्षा को पास नहीं कर सके , लेकिन मैं यह भी जानता हूं कि ये उत्कृष्ट युवा हैं जो किसी भी क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ेंगे और भारत को गौरवान्वित करेंगे। उन्हें मेरी शुभकामनायें।
गौरतलब है कि संघ लोक सेवा आयोग ने ने सिविल सेवा परीक्षा 2021 की अधिसूचना 04 मार्च 2021 को जारी की थी। आखिरी तारीख 24 मार्च तक आवेदन के बाद प्रारंभिक परीक्षा 27 जून को हुई थी और नतीजे 29 अक्टूबर को घोषित किये गये। फिर मुख्य परीक्षा 07 से 16 जनवरी 2022 को आयोजित की गयी और परिणामों की घोषणा 17 मार्च को हुई थी। इसके बाद व्यक्तित्व परीक्षण चरण 05 अप्रैल से 26 मई 2022 तक आयोजित किया गया था। यह परीक्षा 712 सिविल सेवा पदों को भरने के लिये थी। बताते चलें यूपीएससी सिविल सेवा के जरिये इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज (आईएएस) , भारतीय पुलिस सर्विसेज (आईपीएस) और भारतीय फॉरेन सर्विसेज (आई एफ एस ) , रेलवे ग्रुप ए (इंडियन रेलवे अकाउंट्स सर्विस) , इंडियन पोस्टल सर्विसेज , भारतीय डाक सेवा , इंडियन ट्रेड सर्विसेज सहित अन्य सेवाओं के लिये चयन किया जाता है।
: बदलाव के साथ खुद को बदलने से तरक्की संभव - पीएम मोदी
Fri, Jun 3, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टनई दिल्ली - यह उत्सव सिर्फ ड्रोन का नहीं बल्कि यह नये भारत - नई गवर्नेंस का उत्सव है। ड्रोन टेक्नोलॉजी को लेकर भारत में जो उत्साह देखने को मिल रहा है , वो अद्भुत है। ये जो ऊर्जा नजर आ रही है , वो भारत में ड्रोन सर्विस और ड्रोन आधारित इंडस्ट्री की लंबी छलांग का प्रतिबिंब है। यह ऊर्जा भारत में रोजगार सृजन के एक उभरते हुये बड़े सेक्टर की संभावनायें दिखाती है। आठ वर्ष पहले यही वो समय था , जब भारत में हमने सुशासन के नये मंत्रों को लागू करने की शुरुआत की थी। न्यूनतम सरकार , अधिकतम शासन के रास्ते पर चलते हुये जीवन में सुगमता , व्यापार करने में सुगमता को हमने प्राथमिकता बनाया।
उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित देश के सबसे बड़े दो दिवसीय ड्रोन उत्सव - "भारत ड्रोन महोत्सव 2022" के उद्घाटन पश्चात लोगों को संबोधित करते हुये कही। उन्होंने कहा कि आप सभी को भारत ड्रोन महोत्सव के आयोजन के लिये मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं। आज इस ड्रोन प्रदर्शनी से मैं काफी प्रभावित हुआ हूं , मेरे लिये आज बहुत सुखद अनुभव रहा। जिन-जिन स्टॉल में मैं आज गया , वहां सभी लोग बहुत गर्व से कहते थे कि ये मेक इन इंडिया है। वर्ष 2030 तक भारत ड्रोन हब बनेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा पहले की सरकारों ने टेक्नोलॉजी को समस्या का हिस्सा समझा। उसे गरीब विरोधी साबित करने की कोशिश की। इस कारण वर्ष 2014 से पहले गवर्नेंस में टेक्नॉलॉजी के उपयोग को लेकर उदासीनता का वातावरण रहा। इसका सबसे अधिक नुकसान गरीब को , वंचितों को हुआ और मिडिल क्लास को हुआ। भारत में मान लिया गया था कि तकनीक सिर्फ अमीर लोगों का कारोबार है , सामान्य लोगों की जिंदगी में इसका कोई स्थान नहीं है। लेकिन बदलाव के साथ खुद को बदलने से ही तरक्की संभव होती है।इस पूरी मानसिकता को बदलकर उनकी सरकार ने तकनीक को सर्वजन के लिये सुलभ करने के लिये अनेक कदम उठाये हैं और आगे भी उठाने वाले हैं। उन्होंने कहा तकनीकी के माध्यम से हम आगे बढ़कर अंत्योदय के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। पीएम मोदी ने कहा ड्रोन का प्रयोग हर सेक्टर में किया जा रहा है। आज किसान भी ड्रोन का प्रयोग खेती में कर रहे हैं। उन्होंने कहा इसकी मदद से देश भर में विकास कार्यों का निरीक्षण किया जा रहा है। मैं देश भर में विकास कार्यों का ड्रोन की मदद से औचकर निरीक्षण करता हूं। पीएम ने कहा कि पहले के समय में लोगों को घंटों तक अनाज, कैरोसीन, चीनी के लिये लाइन लगानी होती थी. लोगों को डर रहता था कि उनके हिस्से का सामान उन्हें मिल भी पायेगा या नहीं. आज तकनीक की मदद से हमने इस डर को समाप्त कर दिया है. अब लोगों को भरोसा है कि उनके हिस्से का उन्हें मिलेगा ही मिलेगा। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी ने लास्ट माइल डिलीवरी को सुनिश्चित करने में, परिपूर्णता के विजन को आगे बढ़ाने में बहुत मदद की है। मैं जानता हूं कि हम इसी गति से आगे बढ़कर अंत्योदय के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। लोगों को संबोधित करते हुये पीएम मोदी ने कहा कि आज देश ने जो मजबूत यूपीआई फ्रेमवर्क डवलप किया है , उसकी मदद से लाखों करोड़ रुपये गरीब के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर हो रहे हैं। महिलाओं को , किसानों को , विद्यार्थियों को अब सीधे सरकार से मदद मिल रही है। इक्कीसवीं सदी के नये भारत में , युवा भारत में , हमने देश को नई ताकत देने के लिये स्पीड और स्केल देने के लिये तकनीक को अहम माध्यम बनाया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम स्वामित्व योजना के तहत पहली बार देश के गांवों की हर प्रॉपर्टी की डिजिटल मैपिंग की जा रही है। डिजिटल प्रॉपर्टी कार्ड लोगों को दिये जा रहे हैं। इससे भेदभाव की गुंजाइश खत्म हुई है। इसमें बड़ी भूमिका ड्रोन की रही है। ड्रोन तकनीक हमारे कृषि सेक्टर को अब दूसरे स्तर पर ले जाने वाली है। स्मार्ट तकनीक आधारित ड्रोन इसमें बहुत काम आ सकते हैं। वहीं महोत्सव के शुभारंभ पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ड्रोन निकट भविष्य में भारत को आत्मनिर्भर बनाने में बहुत आगे लेकर जायेगा। ड्रोन क्रांति की चिंगारी सबसे पहले हमारे किसानों और गांव के लोगों ने पूरे देश में लगाई है। हमारा अनुमान है कि वर्ष 2026 तक ड्रोन का उद्योग 15,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जायेगा। आज 270 ड्रोन के स्टार्टअप्स हैं , यह आने वाले वक्त में और बढ़ेंगे। आने वाले पांच साल में ड्रोन उद्योग में पांच लाख रोज़गार के अवसर भी पैदा होंगे। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली के प्रगति मैदान में देश के सबसे बड़े ड्रोन उत्सव–'भारत ड्रोन महोत्सव 2022' का उद्घाटन किया। इस मौके पर मोदी ने किसान ड्रोन पायलटों से बातचीत भी की। उन्हाेंने ओपन-एयर ड्रोन उड़ान प्रदर्शन का अवलोकन किया और ड्रोन प्रदर्शनी केंद्र में स्टार्ट-अप के लोगों से चर्चा भी की। इस अवसर पर ज्योतिरादित्य सिंधिया (नागरिक उड्डयन मंत्री) , जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ वीके सिंह (नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री) , गिरिराज सिंह , मनसुख मंडाविया (स्वास्थ्य मंत्री) , अश्विनी वैष्णव (रेलवे और संचार मंत्री) , नरेंद्र सिंह तोमर (कृषि मंत्री) और भूपेंद्र यादव (पर्यावरण मंत्री) भी उपस्थित थे। बताते चलें भारत ड्रोन महोत्सव 2022 दो दिन 27 और 28 मई को आयोजित किया जा रहा है। इस महोत्सव में सरकारी अधिकारियों , विदेशी राजनयिकों , सशस्त्र बलों , केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों , सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों , निजी कंपनियों और ड्रोन स्टार्ट-अप आदि सहित 1600 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। प्रदर्शनी में 70 से अधिक प्रदर्शक ड्रोन के विभिन्न उपयोगों के बारे में प्रदर्शन करेंगे। महोत्सव में अन्य कार्यक्रमों के अलावा ड्रोन पायलट प्रमाणपत्र का वर्चुअल वितरण , उत्पादों की लॉचिंग , पेनल चर्चा , उड़ान प्रदर्शन , मेड इन इंडिया ड्रोन टैक्सी प्रोटोटाइप की प्रदर्शनी आदि को भी शामिल किया गया है। बयान में कहा गया कि इस महोत्सव में डिजिटल माध्यम से ड्रोन पायलट सर्टिफिकेट बांटे जायेंगे , उत्पादों का उद्घाटन होगा , पैनल चर्चाएयें होंगी , परिचालन दिखाये जायेंगे और मेड इन इंडिया ड्रोन टैक्सी का मॉडल भी दिखेगा।
: राजीव कुमार होंगे देश के अगलै मुख्य चुनाव आयुक्त
Thu, May 12, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टनई दिल्ली - महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सबसे वरिष्ठ चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को देश का अगला मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया है। ये 15 मई से मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा की जगह लेंगे , जिनका कार्यकाल 14 मई को खत्म हो रहा है। राजीव कुमार पिछले डेढ़ वर्षों से चुनाव आयुक्त के तौर पर भारतीय निर्वाचन आयोग में जिम्मेदारियां सम्हाल रहे हैं। लेकिन उससे पहले उनका भारत सरकार से लेकर राज्य सरकार तक में बहुत लंबा कार्यकाल रहा है। न्याय एवं विधि मंत्रालय ने गुरुवार को एक नोटिफिकेशन जारी कर इसकी जानकारी दी है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक संविधान के अनुच्छेद 324 के खंड (2) के अनुसरण में राजीव कुमार को 15 मई, 2022 से मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त करते हुये राष्ट्रपति प्रसन्न हैं।
गौरतलब है कि राजीव कुमार का जन्म 19 फरवरी 1960 को हुआ था। वे वर्ष 1984 बैच के आईएएस अफसर हैं। उन्होंने प्रशासनिक सेवाओं में 36 साल तक काम किया। केंद्र के कई मंत्रालयों के अलावा उन्होंने अपने बिहार-झारखंड कैडर में भी लंबे समय तक सेवायें दीं। राजीव कुमार बीएससी के साथ वकालत में एलएलबी, पीजीडीएम और लोक नीति से एमए भी किया है। ये 19 मार्च 2012 से 12 मार्च 2015 तक संयुक्त सचिव और तत्कालीन अतिरिक्त सचिव, व्यय विभाग, वित्त मंत्रालय के पद पर तैनात थे। इन्होंने 12 मार्च 2015 से 30 अगस्त 2017 तक स्थापना अधिकारी, विशेष सचिव, कार्मिक लोक शिकायत, पेंशन मंत्रालय, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के रूप में भी कार्यभार सम्हाला। वे फरवरी 2020 में ही केंद्रीय वित्त सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुये थे। इनको एक सितंबर 2020 को चुनाव आयोग में आयुक्त के तौर पर नियुक्ति मिली थी। नियमों के मुताबिक चुनाव आयुक्त का कार्यकाल छह साल या 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) उस समय तक होता है। इनका कार्यकाल वर्ष 2025 तक है , यानि इनके कार्यकाल में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के लिये चुनाव के अलावा वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव होंगे। तत्कालीन चुनाव आयुक्त अशोक लवासा के इस्तीफे के बाद उन्होंने 01 सितंबर 2020 को चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यभार सम्हाला था। कुमार को जब निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया गया था तब वे लोक उद्यम चयन बोर्ड के अध्यक्ष थे।