: भूपेश सरकार सब कुछ लूट लेना चाहती है - नारायण चंदेल
Sat, Nov 26, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टरायपुर - गत दिवस भूपेश सरकार द्वारा केन्द्रीय वित्तमंत्री से रुपयों की मांग करने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा - कांग्रेस ने स्वयं ही साबित कर दिया कि वे झूठे हैं। लगातार कांग्रेस यह कहती रही कि केंद्र उनके 55 हजार करोड़ नहीं दे रहा है लेकिन अब वह बकाया 07 हजार करोड़ पहुंच गया। यानि 48 हजार करोड़ रुपये का झूठा बकाया राज्य ने जनता के सामने रखा था , इसके लिए कांग्रेस को तुरंत माफी मांगनी चाहिये। राज्य ने पेंशन के लिये 17,240 करोड़ की मांग की है , उसे बकाया नहीं बताया जा सकता। कर्मचारियों के हितों में घड़ियाली आंसू बहाने वाली कांग्रेस सरकार पहले कर्मचारियों का डीए बढ़ाये। नेता प्रतिपक्ष ने कहा राज्य की भूपेश सरकार चार साल से केंद्र पर केवल आरोप लगा रही है। लेकिन उसके बावजूद केंद्र सरकार ने चार वर्षों में भूपेश सरकार को लगभग एक लाख 50 हजार करोड़ रुपये दिये हैं। जो धान की खरीदी राज्य करता है अगर केंद्र चांवल ना खरीदे तो यह संभव ही नहीं। राज्य ने जितना धान एजेंसी के रूप में खरीदा उससे बना पूरा चांवल केंद्र ने खरीदा है। जिसकी राशि चार वर्षों की 65 हजार करोड़ की है। राज्य ने स्वयं महज चार वर्षो में 60 हजार करोड़ का भारी कर्ज लिया है। राज्य की जनता ने भी राज्य को अलग से टैक्स व अन्य माध्यमों से लगभग एक लाख पचास हजार करोड़ की राशि दी है। आखिर इतना पैसा गया कहां ? क्या सब दिल्ली भेज दिया गया ? जनता को तो कुछ नही मिला। नेता प्रतिपक्ष ने कहा सरकार को कर्मचारियों की चिंता है तो पहले उनका महंगाई भत्ता बढ़ाये एवं जो नियोक्ता का अंशदान होता है वह देना शुरु करें और इस बात का उत्तर दे कि जैसे उसने लाखों-करोड़ों रूपये की लूट कर दी है। क्या कर्मचारियों के हक का पैसा जो उन्हें भविष्य में मिलने वाला है उसे भी लूटने का इरादा रखती है। क्योंकि ये पैसा उसे कर्मचारियों को अभी नहीं देना है तो क्या कांग्रेस पैसा लेकर , फिर से चुनाव में खर्चा करना चाहती है या दिल्ली में अपने आकाओं को भेजना चाहती है। नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि कर्मचारियों के हक का पैसा केंद्र सरकार के पास सुरक्षित है और उन्हें ही मिलेगा , कांग्रेस उसे लूट नहीं सकती।
: डाॅ. चरणदास महंत ने विधानसभा परिसर में पं. नेहरू की जयंती पर उनके तैल चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किये
Wed, Nov 16, 2022
पंडित जवाहर लाल नेहरू जी की जयंती के अवसर पर आज पूर्वान्ह 11.00 बजे विधान सभा परिसर स्थित सेन्ट्रल हाॅल में लगे पं. जवाहर लाल नेहरू के तैल चित्र पर मान. विधान सभा अध्यक्ष डाॅ. चरणदास महंत ने श्रद्धासुमन अर्पित किये । इस अवसर पर विधान सभा के सचिव श्री दिनेश शर्मा एवं विधान सभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी पं. नेहरू को पुष्पांजलि अर्पित की ।इस अवसर पर अपने संदेश में मान. विधान सभा अध्यक्ष डाॅ. चरणदास महंत ने कहा कि-पं. नेहरू आधुनिक भारत के स्वप्न-दृष्टा थे । पं. नेहरू ने समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए पूरा प्रयास किया । पं. नेहरू ने किसानों मजदूरों एवं सर्वहारा वर्ग के विकास के लिए अपना पूरा जीवन अर्पित कर दिया। उन्होने कहा कि-पं. नेहरू की जयंती के अवसर पर आज उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि-हम सब उनके बताये मार्ग एवं सिद्धांतों का अनुसरण करने का संकल्प लें
: मौत के मुकाबले में अमोरा के लाल ने मारी बाजी
Mon, Oct 10, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टरायपुर - छत्तीसगढ़ के इतिहास में भारत का सबसे बड़ा रेसलिंग महासंग्राम पहली बार राजधानी के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में युनिक वार नाम के प्रो रेसलिंग टूर्नामेंट का आयोजन किया गया , जिसमें देश-विदेश के अठारह नामी फाइटरों की फाइट खेल प्रेमियों को देखने को मिला। इस मैच की खासियत ये रही कि यह मैच नो रूल्स के अंतर्गत खेला गया यानि प्रो- रेसलिंग से जुड़े कोई भी नियम इस मैच में लागू नहीं थे। इस फाइट में दर्शकों को टेबल , चेयर , ट्यूबलाईट , हॉकी ,डन्डे जैसे प्राप्स का इस्तेमाल देखने को मिला। इस मौत के मुकाबले में छत्तीसगढ़ के एकमात्र रेसलर जांजगीर चांपा ( अमोरा - महंत) निवासी द लायन प्रतीक तिवारी ने भी भाग लिया , जिनका मुकाबला नेपाल के प्रोफेशनल रेसलर अमित ऐस्सनसन से हुआ। बता दें अमित ऐस्सनसन टैग टीम चैंम्पियन है। ये दंगल शो में बैंगलोर , राजस्थान , वाराणसी , मथुरा , छतरपुर , नोएडा के अलावा थाईलैण्ड में भी अपनी जलवा दिखा चुके हैं। उल्लेखनीय है कि यह मुकाबला एक मैच ना होकर दो रेसलरों के बीच जिंदगी की जंग भी थी , जिसमें अपनी जीत दर्ज करने के लिये सभी रेसलर हर चुनौती को स्वीकार करने को तैयार थे। कई इंटरनेशनल फाइटरों को धूल चटाने वाले प्रतीक ने आखिरकार इस मुकाबले में भी अपनी जीत दर्ज कर अपने जिला और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
गृह जिला में हुआ भव्य स्वागतमौत के मुकाबले में जीत हासिल करने के आज देर शाम प्रतीक तिवारी सड़क मार्ग से होते हुये जाज्वल्य नगरी जांजगीर और यहां शारदा चौक से रोड शो करते हुये कचहरी चौक पहुंचे। जहां उन्होंने बाडी प्रदर्शन कर अपने साथ हुये मुकाबले के अनुभव और जीत पर प्रकाश डाला। स्वागत समारोह के अंत में उन्होंने उपस्थित गणमान्य नागरिकों और प्रशंसकों का आभार व्यक्त करते हुये अपनी जीत का श्रेय जांजगीर सहित पूरे छत्तीसगढ़ को दिया। इस सम्मान समारोह को आयोजित करने में आनंद तिवारी ,समीर द्विवेदी , शिशिर शर्मा , पंकज पांडेय , राज मिश्रा , सुनील साहू , राजू साहू सहित सभी विशिष्ट मित्रों का उल्लेखनीय योगदान रहा। यहां स्वागत पश्चात उनका काफिला खुली जीप में अपने निवास के लिये रवाना हुआ। जहां उनके प्रशंसकों ने पुनः आतिशबाजी कर उनका स्वागत किया। गृहप्रवेश करने पर उनकी मां मंजू तिवारी और धर्मपत्नी गरिमा तिवारी ने तिलक लगाकर और आरती करके स्वागत किया। यहां प्रतीक ने अपनी मां को तिरंगा सौंपा , तत्पश्चात मुहल्लावासियों ने एक साथ घर पहुंचकर गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया।पहला और अंतिम लक्ष्य रेसलिंग - प्रतीकअपने निवास पर पत्रकारों से चर्चा करते हुये प्रतीक ने बताया कि उनके पिता रामगुलाम तिवारी खली के बड़े फैन हैं। मैंने जब से होश संभाला एंटरटेनमेंट के नाम पर उन्हें टीवी पर फाइट देखते ही पाया। मन ही मन मैंने तय कर लिया था कि रेसलर ही बनना है। तेरह साल की उम्र में घर पर ही जिम बनाकर एक्सरसाइज करने लगा। मेरी लगन देखकर पैरेंट्स भी खली के पास ट्रेनिंग के लिये भेजने राजी हो गये। प्रतीक ने अपने लक्ष्य के बारे में पूछे जाने पर बताया कि उनका पहला और अंतिम लक्ष्य रेसलिंग ही है। वे अपनी प्रतिभा को लोगों के सामने लाना चाहते हैं ताकि दूसरे को प्रेरणा मिल सके।कौन है प्रतीक तिवारीरेसलर की दुनियाँ में द लायन के नाम से सुप्रसिद्ध रेसलर प्रतीक तिवारी (26 वर्षीय) जांजगीर चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम अमोरा ( महंत) निवासी श्रीमति मंजू रामगुलाम तिवारी के इकलौते सुपुत्र हैं। बारहवीं तक की शिक्षा अपने गांव में ही पूरी करने के बाद इन्होंने ग्रेजुएशन किया है। प्रतीक को बचपन से ही रेसलिंग देखने और वैसा ही बनने का शौक उनके पिताजी को था। जिसके बाद उन्होंने अपने इकलौते बेटे को रेसलिंग में भेजने का ठान लिया और द ग्रेट खली के पास प्रशिक्षण के लिये पंजाब भेजा। तीन साल की कड़ी मेहनत के बाद ट्रेनिंग लेकर प्रतीक अब तक दो सौ से अधिक रेसलिंग में हिस्सा ले चुका है। कई चैंपियनशिप बेल्ट हासिल करने के बाद प्रतीक इस बार अपने गृह राज्य की राजधानी में आयोजित प्रो रेसलिंग में भी अपना जलवा बरकरार रखा।