: शिक्षा, पोषण और आरोग्य क्षेत्र में सेवा गुजरात का स्वभाव - पीएम मोदी
Tue, Apr 12, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टनई दिल्ली - गुजरात में कई सामाजिक गतिविधियों के लिये दानकर्ताओं की पुरानी परंपरा रही है और इस परंपरा को निभाने में पाटीदार समुदाय सबसे आगे रहा है। समृद्धि की देवी मां अन्नपूर्णा को सभी और विशेष रूप से पाटीदार समुदाय द्वारा अत्यधिक सम्मान दिया जाता है, जो रोजमर्रा की जिंदगी की वास्तविकताओं से गहराई से जुड़ा हुआ है। हमारी संस्कृति में भोजन, स्वास्थ्य और शिक्षा को हमेशा बहुत महत्व दिया जाता है और आज श्री अन्नपूर्णाधाम ने इन तत्वों का विस्तार किया है। जो नई सुविधायें तैयार की जा रही हैं, उससे गुजरात के आम लोगों को काफी फायदा होगा
उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज हीरामनी आरोग्यधाम का भूमिपूजन और अन्नपूर्णा धाम ट्रस्ट के छात्रावास और शिक्षा परिसर का बीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये उद्घाटन करने के बाद संबोधित करते हुये कही। उन्होंने कहा कि स्टैच्यू ऑफ इक्वलिटी के रूप में, भारत ने सरदार पटेल को एक अच्छी श्रद्धांजलि दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुजरात के अदालज में जनसहायक ट्रस्ट के हीरामनी आरोग्यधाम का भूमिपूजन किया। साथ ही उन्होंने श्री अन्नपूर्णाधाम ट्रस्ट के छात्रावास और शिक्षा परिसर का वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये उद्घाटन भी किया। पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम को हिंदी और गुजराती दोनों भाषाओं में संबोधित किया। पीएम ने कहा मां अन्नपूर्णा के इस पावन धाम में आस्था , आद्यात्म और सामाजिक दायित्वों से जुड़े बड़े अनुष्ठानों से जुड़ने का मुझे अवसर मिलता रहता है। मां के आशीर्वाद से मुझे हर बार किसी ना किसी तरह से आपके बीच रहने का मौका मिला है। समृद्धि और धनधान्य की देवी मां अन्नपूर्णा के प्रति हमारी अगाध आस्था रही है। पाटीदार समाज तो धरती माता से सीधे जुड़ा रहा है। मां के प्रति इस अगाध श्रद्धा के चलते ही कुछ महीने पहले मां अन्नपूर्णा की मूर्ति को हम कनाडा से काशी वापस ले आये हैं। उन्होंने कहा शिक्षा, पोषण और आरोग्य के क्षेत्र में गुजरात का स्वभाव रहा है कि जिसकी जितनी ताकत हर समाज कुछ ना कुछ सामाजिक दायित्व निभाता है उसमें पाटीदार समाज भी कभी पीछे नहीं रहता है। मां अन्नपूर्णा माता की इस मूर्ति को दशकों पहले काशी से चुराकर विदेशों में पहुंचा दिया गया था। अपनी संस्कृति के ऐसे दर्जनों प्रतीकों को बीते सात-आठ साल में विदेशों से वापस लाया जा चुका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मां अन्नपूर्णा की भूमि गुजरात में कुपोषण के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिये। उन्होंने कहा कि अक्सर कुपोषण अज्ञानता के कारण भी होता है। उन्होंने संतुलित आहार के बारे में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर बल दिया। भोजन को स्वास्थ्य की दिशा में पहला कदम बताते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि कुपोषण अक्सर भोजन की कमी के बजाय भोजन के बारे में ज्ञान की कमी का परिणाम होता है। गुजराती के बारे में चर्चा करते हुये प्रधानमंत्री ने अच्छे काम के लिए ट्रस्ट और उसके नेतृत्व की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इन गणमान्य व्यक्तियों की महान विशेषता रचनात्मक कार्यों के साथ आंदोलन (आंदोलन) का सम्मिश्रण रहा है। 'नरम लेकिन दृढ़ निश्चयी' मुख्यमंत्री के नेतृत्व और प्राकृतिक खेती पर जोर देने के प्रयासों की सराहना करते हुये प्रधानमंत्री ने उपस्थित लोगों का आह्वान किया कि जहां तक संभव हो वे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दें। प्रधानमंत्री ने गुजरात में विकास की समृद्ध परंपरा के बारे में चर्चा की जहां विकास के नये मानक रखे गये हैं। उन्होंने कहा कि विकास की इस परंपरा को मुख्यमंत्री द्वारा आगे बढ़ाया जा रहा है। पीएम ने कोरोना टीकाकरण और जन औषधि केन्द्र का जिक्र करते हुये कहा कि जो द्वारें हमें 100 रूपये में खरीदनी है , वह इन केन्द्रों पर महज दस से पंद्रह रूपये में मिल जाती है। उन्होंने जन आरोग्य धाम का उल्लेख कर उनके लाभों की गणना करते हुये कहा कि गुजरात के आम लोगों को इससे बहुत लाभ होगा। पीएम ने आगे कहा केंद्र सरकार ने जिला अस्पतालों में मुफ्त डायलिसिस की जो सुविधा शुरू की है , उस अभियान को आपके ये प्रयास और बल देने वाले हैं। इन सभी प्रयासों और सेवाभाव के लिये आप सभी प्रशंसा के पात्र हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, राज्यसभा सांसद और श्री अन्नपूर्णा धाम ट्रस्ट तथा जन सहायक ट्रस्ट के ट्रस्टी नरहरि अमीन, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सी.आर. पाटिल और कई गणमान्य व्यक्तियों ने भी समारोह को संबोधित किया। गौरतलब है कि छात्रावास और शिक्षा परिसर में 600 छात्रों के रहने व भोजन आदि की सुविधा के लिये 150 कमरे हैं। अन्य सुविधाओं में जीपीएससी, यूपीएससी परीक्षा के लिये प्रशिक्षण केंद्र, ई-लाइब्रेरी, सम्मेलन कक्ष, खेल कक्ष, टीवी कक्ष, छात्रों के लिये प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधायें आदि शामिल हैं।जनसहायक ट्रस्ट हीरामनी आरोग्य धाम को विकसित करेगा। इसमें एक बार में 14 व्यक्तियों के डायलिसिस की सुविधा, 24 घंटे रक्त-आपूर्ति की सुविधा के साथ ब्लड बैंक, चौबीसों घंटे संचालन में रहने वाला मेडिकल स्टोर, आधुनिक परीक्षण प्रयोगशाला और स्वास्थ्य जांच के लिये शीर्ष श्रेणी के उपकरण सहित नवीनतम चिकित्सा सुविधायें होंगी। यह आयुर्वेद, होम्योपैथी, एक्यूपंक्चर, योग चिकित्सा आदि के लिये आधुनिक सुविधाओं वाला एक डे-केयर सेंटर होगा। यहां प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण, तकनीशियन प्रशिक्षण और डॉक्टर प्रशिक्षण की सुविधायें भी उपलब्ध होंगी।
: नवरात्रि में शक्तिशाली है दुर्गाष्टमी - अरविन्द तिवारी
Sun, Apr 10, 2022
नई दिल्ली - या देवी सर्वभूतेषु माँ गौरीरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
नवरात्रि पर्व की सबसे शक्तिशाली महाष्टमी आज है , जिसे दुर्गाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। इस अष्टमी तिथि के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुये अरविन्द तिवारी ने बताया कि नवरात्रि के आठवें दिन आज महागौरी की आराधना , उपासना का विधान है। इनकी उपासना से भक्तों के सभी पाप विनष्ट हो जाते हैं और वह पवित्र एवं अक्षय पुण्य का अधिकारी हो जाता है। दुर्गाष्टमी देवी दुर्गा की उपासना करने के सर्वश्रेष्ठ दिनों में से एक माना जाता है। महागौरी की पूजा देवी के मूल भाव को दर्शाता है। मां के नौ रूप और दस महाविद्यायें सभी आदिशक्ति के अंश और स्वरूप हैं , लेकिन भगवान शिव के साथ उनकी अर्धांगिनी के रूप में महागौरी सदैव विराजमान रहती हैं। इनकी शक्ति अमोघ और सद्यः फलदायिनी है।इसलिये देवी दुर्गा के सभी भक्तों को इस दिन मांँ दुर्गा की उपासना करनी चाहिये। इनकी शक्ति अमोघ और फलदायी है। ज्योतिष में इनका सम्बन्ध शुक्र नामक ग्रह से माना जाता है , विवाह सम्बन्धी तमाम बाधाओं के निवारण में इनकी पूजा अचूक होती है। कहा जाता है कि मां महागौरी माता की पूजा करने से पापों से मुक्ति मिलती है और मन में विचारों की शुद्धता आती है। मां महागौरी हर प्रकार की नकारात्मकता को दूर करती हैं। जो व्यक्ति किन्हीं कारणों से नौ दिन तक उपवास नहीं रख पाते हैं उनके लिये नवरात्र में प्रतिपदा और अष्टमी तिथि को व्रत रखने का विधान है। इससे नौ दिन व्रत रखने के समान फल मिलता है। इनकी उपासना से भक्तों के सभी पाप विनष्ट हो जाते हैं और वह पवित्र एवं अक्षय पुण्य का अधिकारी हो जाता है। इनका ध्यान , पूजन , आराधना भक्तों के लिये सर्वविध कल्याणकारी है इनकी कृपा से अलौकिक सिद्धि की प्राप्ति होती है। अष्ट वर्षा भवेत् गौरी अर्थात इनकी आयु हमेशा आठ वर्ष की ही मानी गयी है। इनका वर्ण पूर्णतः गौर है इनके समस्त वस्त्र और आभूषण आदि भी श्वेत है। इनकी पूरी मुद्रा बहुत शांत है। इनकी अस्त्र त्रिशूल है। इनका वाहन वृषभ है इसलिये इन्हें वृषारूढ़ा और श्वेत वस्त्र धारण की हुई महागौरी को श्वेताम्बरा भी कहा जाता है। महाअष्टमी के दिन इन्हीं की पूजा का विधान है। मांँ महागौरी की उपासना सफेद वस्त्र धारण कर करना चाहिये। मांँ को सफेद फूल , सफेद मिठाई अर्पित करना चाहिये। करूणामयी , स्नेहमयी , शांत तथा मृदुल स्वभाव की मां महागौरी की चार भुजायें हैं। इनके ऊपर के दाहिने हाथ में अभय मुद्रा और नीचे वाले दाहिने हाथ में त्रिशूल है। ऊपरवाले बायें हाथ में शिव का प्रतीक डमरू है। डमरू धारण करने के कारण इन्हें शिवा भी कहा जाता है। मां के नीचे वाला बायां हाथ अपने भक्तों को अभय देता हुआ वर-मुद्रा में हैं। इनकी मुद्रा अत्यंत शांत है , इनकी आराधना से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं, समस्त पापों का नाश होता है, सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है और हर मनोकामना पूर्ण होती है। अष्टमी तिथि को मां को नारियल का भोग लगाने की पंरपरा है। कन्यायें माँ दुर्गा का साक्षात स्वरूप होती हैं , इसलिये आज अष्टमी के दिन आठ कुँवारी कन्याओं के पूजन , भोजन कराने का विशेष महत्व है लेकिन कहीं कहीं कुँवारी भोजन नवमी के दिन भी कराया जाता है। कन्याओं की पूजा करके काले चने , हलुआ और पुड़ी से भोग लगाया जाता है। इस दिन कई लोग नवरात्रि व्रत का समापन भी करते हैं। अष्टमी और नवमी पर कन्याओं को घर बुलाकर उन्हें भोजन कराया जाता है। कन्या पूजन के साथ ही ध्यान रखें कि कन्याओं को भोजन कराते समय उनके साथ एक बालक को जरूर बैठाकर भोजन करायें। बालक को बटुक भैरव का प्रतीक माना जाता है। देवी मांँ के साथ भैरव की पूजा जाने की बेहद अहम मानी जाती है। कन्या की पूजा करने के बाद कुछ दक्षिणा भी दी जाती है। इस दिन महिलायें अपने सुहाग के लिये देवी माँ को चुनरी भेंटकर विधिपूर्वक पूजन करती है। माना जाता है कि माता सीता ने श्रीराम की प्राप्ति के लिये महागौरी की पूजा की थी। दुर्गा महाष्टमी पर “महागौरीदेव्यै नम: या “महागौरी: श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम:।” मंत्र के साथ साथ “सर्व मंगल मांगल्ये , शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते।। मन्त्र का जाप करना लाभदायक होता है।महागौरी की कथाश्रुतिस्मृति कथा पुराणों के अनुसार मां महागौरी , देवी पार्वती का एक रूप है। देवी पार्वती का जन्म राजा हिमालय के घर हुआ था। इनको अपने पूर्वजन्म की घटनाओं का आभास हो गया था। तब मां ने पार्वती रूप में भगवान शंकर को पति रूप में प्राप्त करने के लिये कठोर तपस्या की थी तथा शिव जी को पति स्वरूप प्राप्त किया था। अपनी तपस्या के दौरान माता केवल कंदमूल , फल और पत्तों का आहार लेती थीं। बाद में माता ने केवल वायु पीकर तप करना आरंभ कर दिया। शिव जी की प्राप्ति के लिये कठोर तपस्या करते हुये मां गौरी का शरीर धूल मिट्टी से ढंककर मलिन यानि काला हो गया था। जब शिवजी ने गंगाजल से इनके शरीर को धोया तब गौरी जी का शरीर गौर व दैदीप्यमान हो गया तभी से ये देवी महागौरी के नाम से विख्यात हुईं। आज के दिन दुर्गा सप्तशती के मध्यम चरित्र का पाठ करना विशेष फलदायी होता है।
: वित्त प्रौद्योगिकी क्रांति से वित्तीय सशक्तिकरण में सहायता - पीएम मोदी
Fri, Dec 3, 2021
नई दिल्ली - अब लोगों को एक किफायती और विश्वसनीय भुगतान प्रणाली उपलब्ध कराने के लिये वित्त प्रौद्योगिकी पहल को वित्त प्रौद्योगिकी क्रांति में तब्दील करने की आवश्यकता है। एक क्रांति जो देश के हर एक नागरिक के वित्तीय सशक्तिकरण को प्राप्त करने में मदद करती है। फिनटेक की व्यापक पहुंच के साथ ऐसे विचार हैं जिन पर ध्यान देने की आवश्यकता है। फिनटेक उद्योग ने एक व्यापक स्तर हासिल किया है और इस स्तर का मतलब ऐसे उपभोक्ताओं का होना है जो जीवन के सभी क्षेत्रों से आते हैं। जनता में वित्तीय प्रौद्योगिकी की स्वीकार्यता की एक अनोखी विशेषता है और वह विशेषता विश्वास है।
उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज बीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये वित्तीय प्रौद्योगिकी पर इन्फिनिटी - फोरम का उद्घाटन करने के बाद कही। फोरम का मकसद दुनियां भर की बिजनेस और टेक्नोलॉजी की प्रतिभाओं को एक मंच पर लाना है। "इन्फिनिटी मंच" हितधारकों को पारंपरिक मानसिकता से परे सोचने और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी , हरित प्रौद्योगिकी , कृषि प्रौद्योगिकी , क्वांटम कंप्यूटिंग और अन्य से जुड़े नये रुझानों पर चर्चा करने के लिये प्रेरित करेगा। इस मंच के पहले संस्करण में इंडोनेशिया , दक्षिण अफ्रीका और ब्रिटेन भागीदार देश हैं। यह मंच नीति , व्यापार और प्रौद्योगिकी में दुनियां के अग्रणी लोगों को एक साथ लायेगा। इस फोरम में इस बात पर चर्चा होगी कि कैसे समावेशी वृद्धि और बड़े पैमाने पर मानवता की सेवा के लिये फिनटेक उद्योग द्वारा प्रौद्योगिकी और नवाचार का लाभ उठाया जा सकता है। पीएम मोदी ने भारत में डिजिटल क्रांति का उल्लेख करते हुये कहा कि पिछले सात वर्षों में भारत ने 430 मिलियन जन धन खाते दर्ज किये हैं जो दिखाते हैं कि हम कितनी मेहनत करते हैं और बदलते समय के साथ नई तकनीकों को अपनाते हैं। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे मनुष्य विकसित हुआ , वैसे-वैसे हमारे लेन-देन का तरीके में भी परिवर्तन आया। वस्तु विनिमय प्रणाली से धातुओं तक , सिक्कों से लेकर नोटों तक , चेक से लेकर कार्ड तक ,आज हम बहुत आगे आकर यहां तक पहुंच गये हैं। पिछले साल भारत में मोबाइल भुगतान से लेकर एटीएम नकद निकासी जैसी उपलब्धियां हासिल की। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने मोबाइल भुगतान में वृद्धि की सराहना करते हुये कहा कि पिछले साल भारत में मोबाइल भुगतान ने पहली बार एटीएम नकद निकासी को पार कर लिया। उन्होंने कहा कि पूरी तरह से डिजिटल बैंक , बिना किसी भौतिक शाखा के आज एक वास्तविकता है। यह एक दशक से भी कम समय में आम बात हो सकती है। भारत ने दुनियां को साबित कर दिया है कि जब तकनीक अपनाने या नवाचार की बात आती है तो भारत किसी से पीछे नहीं है। गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी के विषय में पीएम मोदी ने कहा कि गिफ्ट सिटी केवल एक आधार नहीं है , यह भारत का प्रतिनिधित्व करता है। यह भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों , मांग , जनसांख्यिकी और विविधता का प्रतिनिधित्व करता है , गिफ्ट सिटी वैश्विक फिनटेक दुनियां का प्रवेश द्वार है।
गौरतलब है कि इनफिनिटी फोरम का आयोजन भारत सरकार के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण कर रहा है। गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी और ब्लूमबर्ग आयोजन में सहयोग कर रहे हैं। इस बार इन्फिनिटी फोरम का एजेंडा "बियान्ड" विषय पर केन्द्रित है , दो दिन के इस आयोजन में 70 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शिरकत कर रहे हैं। इस फोरम के मुख्य वक्ताओं में मलेशिया के वित्तमंत्री तेंगकू ज़फरुल-अज़ीज , इंडोनेशिया की वित्तमंत्री मुल्यानी इंद्रावती , रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी , कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ उदय कोटक , सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉर्प के अध्यक्ष एवं सीईओ मासायोशी सून , भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के सीईओ सुभाष गर्ग और आईबीएम कॉरपोरेशन के अध्यक्ष अरविंद कृष्ण सहित कई बड़ी हस्तियां शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी) का मुख्यालय गिफ्ट-सिटी , गांधीनगर - गुजरात में स्थित है। इसकी स्थापना अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण अधिनियम, 2019 के तहत की गई थी। यह संस्था भारत में वित्तीय उत्पादों , वित्तीय सेवाओं और वित्तीय संस्थानों के नियमन तथा विकास के लिये एक एकीकृत प्राधिकार के रूप में काम करती है। इस समय गिफ्ट-आईएफएससी भारत में पहला अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र है।